प्रसिद्ध व्यक्तियों की समाधियां और प्रमुख मकबरे
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नोट्स: राजघाट तथा अन्य स्थानों पर भारतीय नेताओं की समाधियां, और सल्तनत तथा मुगल काल के प्रसिद्ध मकबरे अपने स्थानों के साथ।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

स्थिर सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्रों में प्रत्येक वर्ष दो-तीन प्रश्न उन स्थानों पर आते हैं जहां प्रसिद्ध भारतीय विश्राम करते हैं। ये प्रश्न दो स्पष्ट भागों में बंटे हैं। पहला भाग समाधियों का है, अर्थात स्वतंत्र भारत के नेताओं के स्मारक, जिनमें से अधिकांश दिल्ली में यमुना तट पर एक साथ खड़े हैं और जिस क्षेत्र को राजघाट परिसर कहा जाता है। दूसरा भाग मकबरों का है, अर्थात सल्तनत तथा मुगल शासकों के मकबरे, जिनमें से प्रत्येक के साथ एक निर्माता, एक नगर और प्रायः स्वयं प्रसिद्ध स्थापत्य कृति जुड़ी है। दोनों सूचियां समय के साथ नहीं बदलतीं, इसलिए एक बार याद कर लेने पर कभी नहीं छूटतीं, और इन पर आने वाला मिलान प्रश्न प्रश्नपत्र के सबसे सहज अंकों में है।
राष्ट्रीय नेताओं की समाधियां
| समाधि | नेता | स्थान |
|---|---|---|
| राजघाट | महात्मा गांधी | दिल्ली |
| शांति वन | जवाहरलाल नेहरू | दिल्ली |
| विजय घाट | लाल बहादुर शास्त्री | दिल्ली |
| शक्ति स्थल | इंदिरा गांधी | दिल्ली |
| वीर भूमि | राजीव गांधी | दिल्ली |
| किसान घाट | चौधरी चरण सिंह | दिल्ली |
| समता स्थल | बाबू जगजीवन राम | दिल्ली |
| एकता स्थल | ज्ञानी जैल सिंह | दिल्ली |
| कर्म भूमि | शंकर दयाल शर्मा | दिल्ली |
| नारायण घाट | गुलजारीलाल नंदा | दिल्ली |
| सदैव अटल | अटल बिहारी वाजपेयी | दिल्ली |
| चैत्य भूमि | डॉ. बी. आर. आंबेडकर | दादर, मुंबई |
| अभय घाट | मोरारजी देसाई | अहमदाबाद |
राजघाट स्वयं काले पत्थर का सपाट वर्गाकार चबूतरा है, जिस पर हे राम अंकित है और जिस पर अखंड ज्योति जलती है, तथा आने वाले राष्ट्राध्यक्ष वहां पुष्पांजलि अर्पित करते हैं। शांति वन, अर्थात शांति का उपवन, उसके ठीक उत्तर में है, और शेष स्मारकों के नाम इस प्रकार चुने गए कि वे प्रत्येक नेता की पहचान याद दिलाएं: 1965 की विजय के लिए विजय घाट, शक्ति के लिए शक्ति स्थल, किसान नेता के लिए किसान घाट, समानता के लिए समता स्थल और एकता के लिए एकता स्थल। बाद में सरकार के एक निर्णय से प्रत्येक महानुभाव के लिए अलग भूमि देने की प्रथा रोक दी गई, और उच्च पदों पर रहे व्यक्तियों के अंतिम संस्कार के लिए उसी क्षेत्र में साझा राष्ट्रीय स्मृति स्थल बनाया गया। दिल्ली के बाहर मुंबई के दादर में डॉ. बी. आर. आंबेडकर की चैत्य भूमि पर 6 दिसंबर को लाखों लोग एकत्र होते हैं, और स्वामी विवेकानंद की समाधि पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बेलूर मठ में है।
सल्तनत और मुगल काल के मकबरे
मकबरा भारतीय स्थापत्य में दिल्ली सल्तनत के साथ आया। कुतुब परिसर में इल्तुतमिश का मकबरा आरंभिक मकबरों में है, महरौली में बलबन का मकबरा भारत के पहले वास्तविक मेहराब के लिए याद किया जाता है, गयासुद्दीन तुगलक का मकबरा तुगलकाबाद की दीवारों के भीतर है, और फिरोजशाह तुगलक का मकबरा हौज खास में है। सिकंदर लोदी तथा मुहम्मद शाह सय्यद उन उद्यानों में हैं जो आज लोदी गार्डन कहलाते हैं। मुगलों के अधीन मकबरा उद्यान मकबरा बन गया, जो जल नालियों से विभाजित चारबाग के मध्य में स्थापित होता था।
| मकबरा | वहां दफन | स्थान |
|---|---|---|
| हुमायूं का मकबरा | हुमायूं, बेगा बेगम द्वारा निर्मित | दिल्ली |
| ताजमहल | मुमताज महल और शाहजहां | आगरा |
| सिकंदरा | अकबर | आगरा |
| इतमाद-उद-दौला का मकबरा | मिर्जा गयास बेग, नूरजहां द्वारा निर्मित | आगरा |
| जहांगीर का मकबरा | जहांगीर | शाहदरा, लाहौर |
| बीबी का मकबरा | दिलरस बानो बेगम, औरंगजेब की पत्नी | औरंगाबाद |
| औरंगजेब की कब्र | औरंगजेब | खुल्दाबाद, महाराष्ट्र |
| बाग-ए-बाबर | बाबर | काबुल, अफगानिस्तान |
| शेरशाह सूरी का मकबरा | शेरशाह सूरी | सासाराम, बिहार |
| गोल गुंबज | मुहम्मद आदिल शाह | बीजापुर, कर्नाटक |
| गुंबज | हैदर अली और टीपू सुल्तान | श्रीरंगपट्टन, कर्नाटक |
| सफदरजंग का मकबरा | सफदरजंग | दिल्ली |
इस सूची से परीक्षक जो बिंदु चुनते हैं
- हुमायूं का मकबरा उनकी विधवा बेगा बेगम ने बनवाया, जिन्हें हाजी बेगम भी कहा जाता है, और उसका वास्तुकार मीरक मिर्जा गयास था। यह भारतीय उपमहाद्वीप का पहला उद्यान मकबरा है और 1993 में यूनेस्को विश्व विरासत सूची में रखा गया।
- ताजमहल शाहजहां ने मुमताज महल के लिए बनवाया, जिनका मूल नाम अर्जुमंद बानो बेगम था, और उसके प्रधान वास्तुकार के रूप में उस्ताद अहमद लाहौरी का नाम आता है। वह 1983 में विश्व विरासत स्थल बना।
- इतमाद-उद-दौला का मकबरा, जो नूरजहां ने अपने पिता के लिए बनवाया, पहला मुगल भवन है जो पूरी तरह श्वेत संगमरमर से मढ़ा और पच्चीकारी से सजा है, और उसे बेबी ताज कहा जाता है।
- बीजापुर के गोल गुंबज का गुंबद विश्व के सबसे बड़े गुंबदों में है और उसमें वह प्रतिध्वनि दीर्घा है जहां एक ध्वनि कई बार सुनाई देती है।
- बीबी का मकबरा, जो राजकुमार आजम शाह ने अपनी माता के लिए बनवाया, ताजमहल की शैली पर है और इसीलिए उसे मिनी ताज या दक्खन का ताज कहा जाता है।
- औरंगजेब, जो भव्य मकबरों के विरुद्ध थे, औरंगाबाद के निकट खुल्दाबाद में अपने आध्यात्मिक गुरु की दरगाह के पास साधारण खुली कब्र में हैं, जबकि उनके पिता और परदादा संगमरमर के गुंबदों के नीचे विश्राम करते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से
यहां लगभग प्रत्येक प्रश्न मिलान का होता है: किसी स्मारक या मकबरे का नाम देकर व्यक्ति पूछा जाता है, या उसका उलटा। सर्वाधिक पूछी जाने वाली पांच समाधियां राजघाट, शांति वन, विजय घाट, शक्ति स्थल और वीर भूमि हैं, तथा कड़े प्रश्नपत्र में अंक तय करने वाली समाधियां किसान घाट, समता स्थल, एकता स्थल और कर्म भूमि हैं। मकबरों पर परीक्षक पूछते हैं कि हुमायूं का मकबरा किसने बनवाया, किस मकबरे को बेबी ताज कहा जाता है, औरंगजेब कहां दफन हैं, गोल गुंबज किस नगर में है, और कौन-से मकबरे भारत से बाहर हैं, अर्थात काबुल में बाबर का और लाहौर में जहांगीर का। सामान्य भूलें हैं औरंगजेब की कब्र के लिए दिल्ली लिख देना, शक्ति स्थल को वीर भूमि से भ्रमित कर देना, तथा शेरशाह सूरी के मकबरे को सासाराम के स्थान पर दिल्ली में बता देना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| राजघाट | महात्मा गांधी की समाधि, दिल्ली, जिस पर हे राम अंकित है |
|---|---|
| शांति वन | जवाहरलाल नेहरू की समाधि, दिल्ली |
| विजय घाट | लाल बहादुर शास्त्री की समाधि, दिल्ली |
| शक्ति स्थल | इंदिरा गांधी की समाधि, दिल्ली |
| वीर भूमि | राजीव गांधी की समाधि, दिल्ली |
| किसान घाट | चौधरी चरण सिंह की समाधि, दिल्ली |
| समता स्थल | बाबू जगजीवन राम की समाधि, दिल्ली |
| एकता स्थल | ज्ञानी जैल सिंह की समाधि, दिल्ली |
| सदैव अटल | अटल बिहारी वाजपेयी का स्मारक, दिल्ली |
| चैत्य भूमि | मुंबई के दादर में डॉ. बी. आर. आंबेडकर का स्मारक |
| हुमायूं का मकबरा | बेगा बेगम द्वारा निर्मित, वास्तुकार मीरक मिर्जा गयास; 1993 में विश्व विरासत स्थल |
| ताजमहल | आगरा में मुमताज महल का मकबरा, शाहजहां द्वारा निर्मित; 1983 में विश्व विरासत स्थल |
| बेबी ताज | आगरा में इतमाद-उद-दौला का मकबरा, नूरजहां ने अपने पिता के लिए बनवाया |
| औरंगजेब की कब्र | महाराष्ट्र में औरंगाबाद के निकट खुल्दाबाद |
| गोल गुंबज | बीजापुर में मुहम्मद आदिल शाह का मकबरा, प्रतिध्वनि दीर्घा सहित |
| शेरशाह सूरी का मकबरा | बिहार के सासाराम में, एक सरोवर के मध्य खड़ा |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
दिल्ली स्थित शांति वन किस नेता की समाधि है?
- A.महात्मा गांधी
- B.जवाहरलाल नेहरू
- C.लाल बहादुर शास्त्री
- D.इंदिरा गांधी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, जवाहरलाल नेहरू है। शांति वन, जिसका अर्थ शांति का उपवन है, दिल्ली में यमुना तट पर राजघाट से कुछ उत्तर में स्थित है और वह भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की समाधि है, जिनका अंतिम संस्कार वहां 1964 में हुआ था। विकल्प A गलत है क्योंकि महात्मा गांधी का स्मारक राजघाट है, काले पत्थर का वह सपाट चबूतरा जिस पर हे राम अंकित है और अखंड ज्योति जलती है। विकल्प C गलत है क्योंकि लाल बहादुर शास्त्री की समाधि विजय घाट है, जिसका नाम 1965 की विजय पर रखा गया। विकल्प D गलत है क्योंकि इंदिरा गांधी की समाधि शक्ति स्थल है, जिसे प्रायः उनके पुत्र राजीव गांधी के स्मारक वीर भूमि से भ्रमित कर दिया जाता है। स्मारकों का यह पूरा समूह नदी के किनारे एक पंक्ति में है, इसलिए राजघाट से उत्तर की ओर उनका क्रम याद रखने वाला परीक्षार्थी यह अंक कम ही खोता है।
दिल्ली स्थित शक्ति स्थल किसका स्मारक है?
- A.राजीव गांधी
- B.इंदिरा गांधी
- C.ज्ञानी जैल सिंह
- D.चौधरी चरण सिंह
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, इंदिरा गांधी है। शक्ति स्थल, अर्थात शक्ति का स्थान, भारत की प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी की समाधि है, जिनका अंतिम संस्कार वहां 1984 में हुआ, और उस स्थान पर हरियाणा से लाई गई एक बड़ी अनगढ़ शिला रखी है। विकल्प A गलत है क्योंकि राजीव गांधी का स्मारक वीर भूमि है, और इन दो नामों का युग्म इस प्रश्न में सबसे अधिक भ्रम पैदा करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि एकता स्थल, अर्थात एकता का स्थान, भारत के राष्ट्रपति रहे ज्ञानी जैल सिंह का स्मारक है। विकल्प D गलत है क्योंकि किसान घाट चौधरी चरण सिंह का है, जो किसानों के नेता के रूप में प्रसिद्ध प्रधानमंत्री थे, और इसीलिए उनके स्मारक के नाम में किसान शब्द है। इस प्रकार के प्रश्न में दिए चारों नाम वास्तविक नेताओं के वास्तविक स्मारक होते हैं, इसलिए उत्तर केवल सही युग्म से तय होता है।
दिल्ली स्थित विजय घाट किस प्रधानमंत्री की समाधि है?
- A.मोरारजी देसाई
- B.गुलजारीलाल नंदा
- C.लाल बहादुर शास्त्री
- D.अटल बिहारी वाजपेयी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, लाल बहादुर शास्त्री है। दिल्ली का विजय घाट भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की समाधि है, जिनका निधन जनवरी 1966 में ताशकंद में हुआ, और उस नाम से उनके कार्यकाल में लड़े गए 1965 के युद्ध में भारत की विजय याद आती है। विकल्प A गलत है क्योंकि मोरारजी देसाई का अंतिम संस्कार अहमदाबाद के अभय घाट पर हुआ, जो उस नगर में किसी प्रधानमंत्री का एकमात्र स्मारक है। विकल्प B गलत है क्योंकि नारायण घाट गुलजारीलाल नंदा का स्मारक है, जो दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे। विकल्प D गलत है क्योंकि अटल बिहारी वाजपेयी का स्मारक, जो राजघाट के पास बना और 2018 में खुला, सदैव अटल कहलाता है। इन नामों को पक्का करने का सरल उपाय है प्रत्येक को एक शब्द से जोड़ना, 1965 के युद्ध के लिए विजय, शांति के उपवन के लिए शांति और अहमदाबाद के स्मारक के लिए अभय।
दिल्ली स्थित किसान घाट किसकी समाधि है?
- A.बाबू जगजीवन राम
- B.चौधरी चरण सिंह
- C.शंकर दयाल शर्मा
- D.जयप्रकाश नारायण
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व्याख्या
सही उत्तर B, चौधरी चरण सिंह है। दिल्ली में यमुना तट पर स्थित किसान घाट चौधरी चरण सिंह की समाधि है, जो भारत के प्रधानमंत्री रहे और जिन्हें सबसे अधिक किसानों के नेता के रूप में याद किया जाता है, इसीलिए उनके स्मारक का नाम किसान पर रखा गया। विकल्प A गलत है क्योंकि बाबू जगजीवन राम का स्मारक समता स्थल है, अर्थात समानता का स्थान, जिसका नाम अस्पृश्यता के विरुद्ध उनके जीवन भर के कार्य पर रखा गया। विकल्प C गलत है क्योंकि कर्म भूमि भारत के राष्ट्रपति रहे शंकर दयाल शर्मा का स्मारक है। विकल्प D गलत है क्योंकि जयप्रकाश नारायण का अंतिम संस्कार बिहार के पटना में हुआ और राजघाट समूह में उनका कोई स्मारक नहीं है। ध्यान रहे कि किसान घाट, समता स्थल, कर्म भूमि और नारायण घाट सभी वास्तविक स्मारक हैं, इसलिए केवल सही जोड़ी ही उत्तर तय करती है।
मुंबई के दादर में स्थित चैत्य भूमि किसका स्मारक है?
- A.डॉ. बी. आर. आंबेडकर
- B.बाल गंगाधर तिलक
- C.सरदार वल्लभभाई पटेल
- D.ज्योतिबा फुले
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व्याख्या
सही उत्तर A, डॉ. बी. आर. आंबेडकर है। मुंबई के दादर में समुद्र तट पर स्थित चैत्य भूमि वह स्थान है जहां संविधान की प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर का अंतिम संस्कार दिसंबर 1956 में हुआ था, और प्रत्येक वर्ष 6 दिसंबर को वहां लाखों अनुयायी एकत्र होते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि बाल गंगाधर तिलक का अंतिम संस्कार मुंबई के चौपाटी में हुआ, जहां स्मारक है, पर उसे चैत्य भूमि नहीं कहा जाता। विकल्प C गलत है क्योंकि सरदार वल्लभभाई पटेल का अंतिम संस्कार 1950 में मुंबई के सोनापुर में हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि ज्योतिबा फुले पिछली शताब्दी के हैं और उनका स्मारक पुणे में है, दादर में नहीं। इस नाम का मूल बौद्ध चैत्य है, क्योंकि डॉ. आंबेडकर ने अपनी मृत्यु से कुछ सप्ताह पहले नागपुर में बौद्ध धर्म अपनाया था।
दिल्ली में राजघाट के निकट बना सदैव अटल नामक स्मारक किसका है?
- A.अटल बिहारी वाजपेयी
- B.पी. वी. नरसिंह राव
- C.प्रणब मुखर्जी
- D.ज्ञानी जैल सिंह
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, अटल बिहारी वाजपेयी है। सदैव अटल उन अटल बिहारी वाजपेयी का स्मारक है जो तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे और जिनका निधन अगस्त 2018 में हुआ; यह राजघाट के निकट है और उसके नाम में उनके ही नाम का अर्थ है, अर्थात सदा अडिग। विकल्प B गलत है क्योंकि पी. वी. नरसिंह राव का अंतिम संस्कार हैदराबाद में हुआ और उनके लिए स्मारक बाद में दिल्ली के स्मारक समूह में बनाया गया। विकल्प C गलत है क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का अंतिम संस्कार साझा राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि ज्ञानी जैल सिंह का स्मारक एकता स्थल है, जो इससे बहुत पहले बना और जिसका नाम एकता पर रखा गया। बाद में सरकार के निर्णय से प्रत्येक महानुभाव के लिए अलग भूमि देना रोक दिया गया और उसी क्षेत्र में साझा राष्ट्रीय स्मृति स्थल बना, इसलिए यह स्मारक कुछ अपवादों में से एक है।
मुगल सम्राट औरंगजेब कहां दफन हैं?
- A.आगरा
- B.दिल्ली
- C.महाराष्ट्र का खुल्दाबाद
- D.लाहौर
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व्याख्या
सही उत्तर C, महाराष्ट्र का खुल्दाबाद है। औरंगजेब का निधन 1707 में दक्खन में हुआ और उन्हें औरंगाबाद के निकट खुल्दाबाद नामक छोटे नगर में अपने आध्यात्मिक गुरु शेख जैनुद्दीन की दरगाह के पास दफनाया गया। उन्होंने निर्देश दिया था कि उनके ऊपर कोई महंगा स्मारक न बने, इसलिए उनकी कब्र साधारण खुला घेरा है। विकल्प A गलत है क्योंकि आगरा में ताजमहल है, जहां उनके पिता शाहजहां और माता मुमताज महल हैं, तथा सिकंदरा है, जहां अकबर हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि दिल्ली में हुमायूं तथा सल्तनत शासकों के मकबरे हैं, औरंगजेब का नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि लाहौर में वर्तमान पाकिस्तान के शाहदरा में जहांगीर का मकबरा है। कब्र की यही सादगी परीक्षा का बिंदु है, क्योंकि वह पाठ्यक्रम के प्रत्येक दूसरे मुगल मकबरे से विपरीत पड़ती है।
भारतीय उपमहाद्वीप का पहला उद्यान मकबरा, दिल्ली स्थित हुमायूं का मकबरा, किसने बनवाया था?
- A.अकबर
- B.उनकी विधवा बेगा बेगम
- C.नूरजहां
- D.शेरशाह सूरी
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व्याख्या
सही उत्तर B, उनकी विधवा बेगा बेगम है। हुमायूं का मकबरा दिल्ली में उनकी विधवा बेगा बेगम ने बनवाया, जिन्हें हाजी बेगम भी कहा जाता है, और उसका वास्तुकार मीरक मिर्जा गयास था; यह उपमहाद्वीप का पहला उद्यान मकबरा है, जो जल नालियों से बंटे चारदीवारी वाले चारबाग के मध्य में स्थित है। उसे 1993 में विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया और वही ताजमहल का आदर्श बना। विकल्प A गलत है क्योंकि उस समय अकबर बालक थे और उनका अपना मकबरा सिकंदरा में है। विकल्प C गलत है क्योंकि नूरजहां ने आगरा में अपने पिता इतमाद-उद-दौला का मकबरा बनवाया। विकल्प D गलत है क्योंकि हुमायूं के प्रतिद्वंद्वी शेरशाह सूरी का अपना मकबरा सासाराम में है। यह भवन इस बात के लिए भी याद किया जाता है कि 1857 में अंतिम मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को यहीं बंदी बनाया गया था।
अपने विशाल गुंबद और प्रतिध्वनि दीर्घा के लिए प्रसिद्ध गोल गुंबज, जो मुहम्मद आदिल शाह का मकबरा है, कहां स्थित है?
- A.बीजापुर, कर्नाटक
- B.गोलकुंडा, तेलंगाना
- C.बीदर, कर्नाटक
- D.अहमदनगर, महाराष्ट्र
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, बीजापुर, कर्नाटक है। बीजापुर, जिसे अब विजयपुरा भी कहा जाता है, का गोल गुंबज आदिल शाही वंश के मुहम्मद आदिल शाह का मकबरा है और उसका गुंबद विश्व के सबसे बड़े चिनाई गुंबदों में है, जो वर्गाकार कक्ष पर भीतर किसी स्तंभ के बिना टिका है। गुंबद के आधार की दीर्घा ध्वनि को कई बार दोहराती है, इसीलिए उसे प्रतिध्वनि दीर्घा कहा जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि तेलंगाना के गोलकुंडा में कुतुब शाही मकबरे और किला हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि बीदर में अष्टूर के बहमनी मकबरे और महमूद गवां का मदरसा है। विकल्प D गलत है क्योंकि अहमदनगर निजाम शाही शासकों की राजधानी था और वहां इस नाम का कोई स्मारक नहीं है। बीजापुर में इब्राहिम रौजा भी है, जो आदिल शाही वंश का दूसरा मकबरा है और अपनी बारीक नक्काशी के लिए प्रशंसित है।
एक बड़े सरोवर के मध्य बना शेरशाह सूरी का मकबरा कहां स्थित है?
- A.दिल्ली
- B.सासाराम, बिहार
- C.चुनार, उत्तर प्रदेश
- D.पटना, बिहार
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, सासाराम, बिहार है। हुमायूं को पराजित करके 1540 से 1545 तक शासन करने वाले शेरशाह सूरी को उनके गृह नगर बिहार के सासाराम में दफनाया गया, और उनका मकबरा एक बड़े कृत्रिम सरोवर के मध्य पत्थर के चबूतरे पर खड़ा अष्टकोणीय भवन है, जिसे सल्तनत और मुगल काल के बीच की श्रेष्ठ कृतियों में गिना जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि दिल्ली में उनका पुराना किला और किला-ए-कुहना मस्जिद है, कब्र नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश के चुनार में वह किला है जो उनके आरंभिक जीवन में उनके अधिकार में था। विकल्प D गलत है क्योंकि पटना, जिसे उन्होंने बसाया और किलेबंद किया, उनकी समाधि का स्थान नहीं है। यह मकबरा शेरशाह के जीवनकाल में आरंभ हुआ और उनकी मृत्यु के बाद उनके पुत्र इस्लाम शाह ने पूरा कराया, इसीलिए उसका काम इतना पूर्ण है।
औरंगाबाद स्थित बीबी का मकबरा, जिसे प्रायः मिनी ताज कहा जाता है, किसका मकबरा है?
- A.मुमताज महल
- B.नूरजहां
- C.दिलरस बानो बेगम, औरंगजेब की पत्नी
- D.जहांआरा बेगम
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, दिलरस बानो बेगम, औरंगजेब की पत्नी है। महाराष्ट्र के औरंगाबाद का बीबी का मकबरा राजकुमार आजम शाह ने अपनी माता दिलरस बानो बेगम की स्मृति में बनवाया, जिन्हें राबिया-उद-दौरानी की पदवी मिली थी और जो औरंगजेब की पत्नी थीं। वह ताजमहल की योजना पर छोटे आकार में और कम संगमरमर के साथ बना है, इसलिए उसे मिनी ताज या दक्खन का ताज कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि मुमताज महल आगरा के ताजमहल में हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि नूरजहां लाहौर में जहांगीर के मकबरे के पास दफन हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि शाहजहां की पुत्री जहांआरा बेगम दिल्ली में निजामुद्दीन औलिया की दरगाह में दफन हैं। इस प्रकार यह उत्तर भारत के बाहर बना किसी मुगल रानी का एकमात्र बड़ा मकबरा है, और दक्खन का स्थान ही इस प्रश्न की कुंजी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शांति वन किसकी समाधि है?
दिल्ली में यमुना तट पर स्थित शांति वन, अर्थात शांति का उपवन, भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की समाधि है, जिनका अंतिम संस्कार वहां 1964 में हुआ था। यह महात्मा गांधी के स्मारक राजघाट से कुछ उत्तर में है, और दोनों नदी के किनारे बने स्मारकों के उसी समूह का भाग हैं।
कौन-सी समाधि किस प्रधानमंत्री की है?
राजघाट महात्मा गांधी की समाधि है, जो प्रधानमंत्री नहीं थे। प्रधानमंत्रियों में शांति वन जवाहरलाल नेहरू का, विजय घाट लाल बहादुर शास्त्री का, शक्ति स्थल इंदिरा गांधी का, वीर भूमि राजीव गांधी का, किसान घाट चौधरी चरण सिंह का, नारायण घाट गुलजारीलाल नंदा का, अहमदाबाद का अभय घाट मोरारजी देसाई का और सदैव अटल अटल बिहारी वाजपेयी का स्मारक है।
हुमायूं का मकबरा किसने बनवाया और वह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दिल्ली में हुमायूं की विधवा बेगा बेगम ने बनवाया, जिन्हें हाजी बेगम भी कहते हैं, और उसका वास्तुकार मीरक मिर्जा गयास था। यह भारतीय उपमहाद्वीप का पहला उद्यान मकबरा है, जो जल नालियों से बंटे चारबाग के मध्य में स्थापित है, और वही आगे चलकर ताजमहल का आदर्श बना। उसे 1993 में विश्व विरासत स्थल घोषित किया गया।
औरंगजेब कहां दफन हैं?
औरंगजेब महाराष्ट्र में औरंगाबाद के निकट खुल्दाबाद नामक छोटे नगर में अपने आध्यात्मिक गुरु शेख जैनुद्दीन की दरगाह के पास दफन हैं। उन्होंने आदेश दिया था कि उनके ऊपर कोई महंगा स्मारक न बनाया जाए, इसलिए उनकी कब्र साधारण खुला घेरा है, जो उनके पिता शाहजहां और परदादा अकबर के संगमरमरी मकबरों से भिन्न है।
किस मकबरे को बेबी ताज कहा जाता है?
आगरा में इतमाद-उद-दौला के मकबरे को बेबी ताज कहा जाता है। नूरजहां ने उसे अपने पिता मिर्जा गयास बेग के लिए बनवाया, जिन्हें इतमाद-उद-दौला की पदवी मिली थी, और वह पहला मुगल भवन था जो पूरी तरह श्वेत संगमरमर से मढ़ा और रंगीन पत्थरों की पच्चीकारी से सजा था, जिस शैली की पराकाष्ठा कुछ वर्ष बाद ताजमहल में दिखी।
गोल गुंबज क्यों प्रसिद्ध है?
कर्नाटक के बीजापुर का गोल गुंबज आदिल शाही वंश के मुहम्मद आदिल शाह का मकबरा है, और उसका गुंबद विश्व के सबसे बड़े चिनाई गुंबदों में है, जो बिना किसी स्तंभ के वर्गाकार कक्ष पर टिका है। गुंबद के आधार के चारों ओर की दीर्घा प्रतिध्वनि दीर्घा कहलाती है, क्योंकि वहां की गई ध्वनि कई बार दोहराई जाती है।
स्रोत
- राजघाट क्षेत्र के स्मारक: सूची और रखरखाव — आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार
- भारत के विश्व विरासत स्थल: हुमायूं का मकबरा और ताजमहल — भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- केंद्रीय संरक्षित स्मारक: सल्तनत और मुगल काल के मकबरे — भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण





