भारत के हवाई अड्डे, बंदरगाह और मेट्रो शहर: स्थैतिक सामान्य ज्ञान
परीक्षा के लिए स्थैतिक सामान्य ज्ञान नोट्स: भारत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और उनके नाम, दोनों तटों के प्रमुख बंदरगाह तथा उनकी विशेषताएं, और मेट्रो शहर क्रम में।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

परिवहन अवसंरचना स्थैतिक सामान्य ज्ञान का स्थायी पसंदीदा विषय है, क्योंकि इसके उत्तर ऐसे नाम और स्थान होते हैं जो बदलते नहीं: कौन सा हवाई अड्डा किस शहर की सेवा करता है, कौन सा बंदरगाह किस तट पर है, और देश की पहली मेट्रो किस शहर में चली। एसएससी, रेलवे और राज्य परीक्षाओं के पेपर इस क्षेत्र से एक-दो प्रश्न अवश्य उठाते हैं, प्रायः जोड़ी मिलान के रूप में। इस नोट में राष्ट्रीय विभूतियों के नाम पर रखे गए हवाई अड्डे, दोनों तटों के प्रमुख बंदरगाह अपनी-अपनी विशेषता के साथ, तथा भारत की मेट्रो रेल प्रणालियां उनके आरंभ के क्रम में दी गई हैं।
हवाई अड्डे और नागरिक उड्डयन ढांचा
भारत में नागरिक हवाई अड्डों का संचालन मुख्यतः भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण करता है, जो 1995 में अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण के विलय से बना एक सांविधिक निकाय है। सुरक्षा और लाइसेंस का नियामक नागर विमानन महानिदेशालय है, जबकि हवाई अड्डों की सुरक्षा का दायित्व नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो पर है। क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान, जिसका पूरा नाम उड़े देश का आम नागरिक है, 2016 की राष्ट्रीय नागर विमानन नीति के अंतर्गत छोटे और असेवित हवाई पट्टियों को जोड़ने के लिए घोषित हुई, और इसकी पहली उड़ान अप्रैल 2017 में शिमला को दिल्ली से जोड़ने वाली थी।
| हवाई अड्डा | शहर | याद रखने की बात |
|---|---|---|
| इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय | दिल्ली | भारत का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा |
| छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय | मुंबई | पूर्व में सहार हवाई अड्डा |
| नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय | कोलकाता | स्थानीय रूप से दमदम कहा जाता है |
| केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय | बेंगलुरु | नगर के संस्थापक के नाम पर |
| राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय | हैदराबाद | शमशाबाद में स्थित |
| कोचीन अंतरराष्ट्रीय | कोच्चि | सार्वजनिक निजी भागीदारी से निर्मित; सौर ऊर्जा पर संचालित |
| सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय | अहमदाबाद | गुजरात का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय द्वार |
| वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय | पोर्ट ब्लेयर | अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की सेवा |
| लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय | गुवाहाटी | पूर्वोत्तर का मुख्य प्रवेश द्वार |
कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बारे में सबसे अधिक पूछा जाता है: यह सार्वजनिक निजी भागीदारी से बनने वाला भारत का पहला हवाई अड्डा था और पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाला विश्व का पहला हवाई अड्डा बना, जिसके लिए इसे 2018 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम का चैंपियन ऑफ द अर्थ पुरस्कार मिला।
भारत के प्रमुख बंदरगाह
बंदरगाह दो वर्गों में बंटे हैं: प्रमुख बंदरगाह, जो प्रमुख पत्तन प्राधिकरण अधिनियम 2021 के माध्यम से केंद्र सरकार के अधीन आते हैं, और इनसे कहीं अधिक संख्या वाले गैर प्रमुख या छोटे बंदरगाह, जिनका प्रशासन तटीय राज्य अपने समुद्री बोर्डों के जरिए करते हैं। सागरमाला कार्यक्रम, जो 2015 में शुरू हुआ, बंदरगाह आधारित विकास, आधुनिकीकरण और तटीय नौवहन की केंद्रीय योजना है।
| बंदरगाह | राज्य | विशेषता |
|---|---|---|
| श्यामा प्रसाद मुखर्जी पत्तन, कोलकाता | पश्चिम बंगाल | सबसे पुराना प्रमुख बंदरगाह और एकमात्र नदीय बंदरगाह, हल्दिया डॉक सहित |
| पारादीप | ओडिशा | पूर्वी तट का प्राकृतिक बंदरगाह |
| विशाखापत्तनम | आंध्र प्रदेश | सबसे गहरा स्थलबद्ध बंदरगाह, भीतरी तथा बाहरी दोनों पोताश्रय |
| कामराजर, एन्नोर | तमिलनाडु | कंपनी के रूप में स्थापित पहला प्रमुख बंदरगाह |
| चेन्नई | तमिलनाडु | कृत्रिम पोताश्रय, पूर्वी तट का सबसे पुराना |
| वी. ओ. चिदंबरनार, तूतीकोरिन | तमिलनाडु | कृत्रिम गहरे समुद्र का पोताश्रय |
| कोचीन | केरल | विलिंगडन द्वीप पर प्राकृतिक पोताश्रय |
| न्यू मंगलुरु | कर्नाटक | लौह अयस्क और पेट्रोलियम उत्पादों का संचालन |
| मोरमुगाओ | गोवा | लौह अयस्क निर्यात से लंबे समय से जुड़ा |
| जवाहरलाल नेहरू, न्हावा शेवा | महाराष्ट्र | भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह |
| मुंबई | महाराष्ट्र | पश्चिमी तट का प्राकृतिक पोताश्रय |
| दीनदयाल, कांडला | गुजरात | ज्वारीय बंदरगाह, स्वतंत्रता के बाद विकसित पहला; 2017 में नाम बदला |
इनके साथ दो निजी बंदरगाह भी जानने योग्य हैं। गुजरात का मुंद्रा देश का सबसे बड़ा निजी बंदरगाह है, और केरल के विझिंजम को गहरे पानी के ट्रांसशिपमेंट बंदरगाह के रूप में विकसित किया गया है, वह भूमिका जिसके लिए भारतीय माल लंबे समय तक विदेशी पोताश्रयों पर निर्भर रहा।
मेट्रो रेल और महानगर
भारत की सबसे पुरानी मेट्रो कोलकाता में है: इसका पहला खंड एस्प्लेनेड और भवानीपुर के बीच 24 अक्टूबर 1984 को खुला, और यह प्रणाली इस मायने में असामान्य है कि इसे किसी अलग निगम के बजाय भारतीय रेल के एक मंडल के रूप में चलाया जाता है। दिल्ली मेट्रो, जिसे दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने बनाया, ने अपना पहला खंड शाहदरा से तीस हजारी तक 24 दिसंबर 2002 को खोला और यह देश का सबसे बड़ा नेटवर्क है। बेंगलुरु की नम्मा मेट्रो, जो अक्टूबर 2011 में शुरू हुई, दक्षिण भारत की पहली मेट्रो थी। इसके बाद गुरुग्राम, मुंबई, जयपुर, चेन्नई, कोच्चि, लखनऊ, हैदराबाद, अहमदाबाद, नागपुर, नोएडा, पुणे और कानपुर में प्रणालियां आईं। हैदराबाद मेट्रो सार्वजनिक निजी भागीदारी पर बनी भारत की सबसे बड़ी मेट्रो परियोजना है। मेट्रो रेल नीति 2017 ने वे शर्तें तय कीं जो किसी शहर को केंद्रीय अनुदान से पहले पूरी करनी होती हैं। मेट्रो से आगे, नमो भारत नाम से क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणाली दिल्ली से मेरठ गलियारे पर चलने लगी, जिसका पहला खंड साहिबाबाद और दुहाई के बीच अक्टूबर 2023 में खुला।
महानगर शब्द का एक जनगणना अर्थ भी है। जिस शहर की जनसंख्या दस लाख पार कर जाती है उसे दस लाख से अधिक वाला शहर गिना जाता है, और परंपरागत रूप से भारत के चार महानगर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई माने जाते हैं, वही चार प्रेसीडेंसी और राजधानी केंद्र जिनके आसपास औपनिवेशिक तथा आधुनिक परिवहन नेटवर्क बने।
परीक्षा की दृष्टि से
यहां तीन समूह बार-बार आते हैं। पहला, हवाई अड्डों के नाम: हवाई अड्डे को शहर से मिलाने वाला प्रश्न, जिसमें सुरक्षित आधार हैं दिल्ली के लिए इंदिरा गांधी, मुंबई के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज, कोलकाता के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस, बेंगलुरु के लिए केम्पेगौड़ा और हैदराबाद के लिए राजीव गांधी, तथा सबसे पसंदीदा एकल तथ्य कोचीन और उसकी सौर ऊर्जा। दूसरा, बंदरगाह नाम से नहीं बल्कि विशेषण से: सबसे गहरा स्थलबद्ध विशाखापत्तनम, एकमात्र नदीय और सबसे पुराना कोलकाता, सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह न्हावा शेवा, स्वतंत्रता के बाद विकसित पहला और ज्वारीय कांडला, कंपनी के रूप में पहला एन्नोर का कामराजर। परीक्षक कथन आधारित प्रश्न में इनमें से दो विशेषण आपस में बदल देते हैं। तीसरा, मेट्रो की पहली घटनाएं: 1984 में कोलकाता, 2002 में दिल्ली, 2011 में दक्षिण की पहली बेंगलुरु, और 2017 की मेट्रो रेल नीति। चौथा जाल योजनाओं के नाम हैं, जिसमें बंदरगाह के लिए सागरमाला, राजमार्ग के लिए भारतमाला और अंतर्देशीय जलमार्ग के लिए जल मार्ग विकास साथ रखे जाते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण | 1995 में अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण के विलय से गठित |
|---|---|
| विमानन नियामक | नागर विमानन महानिदेशालय; हवाई अड्डा सुरक्षा नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो के पास |
| सबसे व्यस्त भारतीय हवाई अड्डा | इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली |
| कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा | सार्वजनिक निजी भागीदारी से बना पहला भारतीय हवाई अड्डा; पूरी तरह सौर ऊर्जा पर चलने वाला विश्व का पहला; चैंपियन ऑफ द अर्थ पुरस्कार, 2018 |
| उड़ान | उड़े देश का आम नागरिक, राष्ट्रीय नागर विमानन नीति 2016 के अंतर्गत; पहली उड़ान शिमला से दिल्ली, अप्रैल 2017 |
| प्रमुख बंदरगाहों का कानून | प्रमुख पत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 2021, जिसने प्रमुख पत्तन न्यास अधिनियम, 1963 का स्थान लिया |
| सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह | जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह, न्हावा शेवा, महाराष्ट्र |
| सबसे पुराना और एकमात्र नदीय प्रमुख बंदरगाह | श्यामा प्रसाद मुखर्जी पत्तन, कोलकाता, नीचे की ओर हल्दिया डॉक परिसर के साथ |
| सबसे गहरा स्थलबद्ध बंदरगाह | विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश, भीतरी और बाहरी पोताश्रय के साथ |
| कांडला | गुजरात का ज्वारीय बंदरगाह, स्वतंत्रता के बाद विकसित पहला; 2017 में नाम दीनदयाल पत्तन |
| भारत की पहली मेट्रो | कोलकाता मेट्रो, पहला खंड एस्प्लेनेड से भवानीपुर, 24 अक्टूबर 1984; भारतीय रेल के मंडल के रूप में संचालित |
| दिल्ली मेट्रो | पहला खंड शाहदरा से तीस हजारी, 24 दिसंबर 2002, दिल्ली मेट्रो रेल निगम द्वारा निर्मित |
| सागरमाला | 2015 में बंदरगाह आधारित विकास, बंदरगाह संपर्क और तटीय नौवहन के लिए शुरू |
| चार परंपरागत महानगर | दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारत की सबसे पुरानी मेट्रो रेल प्रणाली किस शहर में है?
- A.दिल्ली
- B.कोलकाता
- C.मुंबई
- D.चेन्नई
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कोलकाता
व्याख्या
सही उत्तर B, कोलकाता है। कोलकाता मेट्रो का पहला खंड एस्प्लेनेड और भवानीपुर के बीच 24 अक्टूबर 1984 को खोला गया था, जो किसी भी अन्य भारतीय शहर में मेट्रो आने से लगभग दो दशक पहले की बात है। यह प्रणाली इसलिए भी असामान्य है कि इसे किसी अलग मेट्रो निगम के बजाय भारतीय रेल के एक मंडल के रूप में चलाया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि दिल्ली मेट्रो, भले ही आगे चलकर देश का सबसे बड़ा नेटवर्क बनी, उसका पहला खंड शाहदरा से तीस हजारी तक 24 दिसंबर 2002 को ही खुला। विकल्प C गलत है क्योंकि मुंबई मेट्रो की व्यावसायिक सेवा 2014 में शुरू हुई। विकल्प D गलत है क्योंकि चेन्नई मेट्रो उससे भी बाद की है। आरंभिक प्रणालियों का क्रम याद रखें: 1984 में कोलकाता, 2002 में दिल्ली और 2011 में बेंगलुरु।
जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह, जिसे न्हावा शेवा भी कहते हैं, किस राज्य में स्थित है?
- A.गुजरात
- B.महाराष्ट्र
- C.गोवा
- D.कर्नाटक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. महाराष्ट्र
व्याख्या
सही उत्तर B, महाराष्ट्र है। जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह मुंबई के पोताश्रय के पार नवी मुंबई क्षेत्र में न्हावा शेवा पर स्थित है और यह भारत के किसी भी बंदरगाह से अधिक कंटेनर यातायात संभालता है। इसे पुराने मुंबई बंदरगाह की भीड़ कम करने के लिए विकसित किया गया था। विकल्प A गलत है क्योंकि गुजरात में कांडला का दीनदयाल बंदरगाह है, जो स्वतंत्रता के बाद विकसित पहला ज्वारीय बंदरगाह है, तथा निजी मुंद्रा बंदरगाह है, न्हावा शेवा नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि गोवा का प्रमुख बंदरगाह मोरमुगाओ है, जो लौह अयस्क निर्यात से जुड़ा रहा है। विकल्प D गलत है क्योंकि कर्नाटक का प्रमुख बंदरगाह न्यू मंगलुरु है। याद रखने की जोड़ी: कंटेनर के लिए न्हावा शेवा, ज्वारीय माल के लिए कांडला और लौह अयस्क के लिए मोरमुगाओ।
भारत का एकमात्र नदीय प्रमुख बंदरगाह, जो सबसे पुराना कार्यरत प्रमुख बंदरगाह भी है, कौन सा है?
- A.पारादीप बंदरगाह
- B.श्यामा प्रसाद मुखर्जी पत्तन, कोलकाता
- C.विशाखापत्तनम बंदरगाह
- D.चेन्नई बंदरगाह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पत्तन, कोलकाता
व्याख्या
सही उत्तर B, कोलकाता का श्यामा प्रसाद मुखर्जी पत्तन है। यह खुले समुद्र के बजाय हुगली नदी पर काफी भीतर स्थित है, जिससे यह देश का एकमात्र नदीय प्रमुख बंदरगाह बनता है, और कार्यरत प्रमुख बंदरगाहों में सबसे पुराना है; नीचे की ओर हल्दिया डॉक परिसर उन बड़े जहाजों के लिए जोड़ा गया जो कोलकाता तक नहीं पहुंच सकते। विकल्प A गलत है क्योंकि ओडिशा का पारादीप खुले तट पर प्राकृतिक पोताश्रय है। विकल्प C गलत है क्योंकि विशाखापत्तनम, भले ही भीतरी और बाहरी दोनों पोताश्रय वाले सबसे गहरे स्थलबद्ध बंदरगाह के रूप में प्रसिद्ध है, तटीय बंदरगाह है, नदी बंदरगाह नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि चेन्नई समुद्र में बाहर की ओर बनाया गया कृत्रिम पोताश्रय है। हुगली से गाद निकालना वह बार-बार आने वाली समस्या है जो कोलकाता को अलग पहचान देती है।
सामान्य ज्ञान के पेपरों में कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा किस उपलब्धि के लिए याद किया जाता है?
- A.यह पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाला विश्व का पहला हवाई अड्डा था
- B.यह यात्री यातायात के हिसाब से भारत का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है
- C.यह भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा बनाया गया पहला हवाई अड्डा था
- D.इसका रनवे एशिया में सबसे लंबा है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. यह पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाला विश्व का पहला हवाई अड्डा था
व्याख्या
सही उत्तर A, यह पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलने वाला विश्व का पहला हवाई अड्डा था है। कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने अपनी खपत पूरी करने लायक बड़ा सौर संयंत्र लगाया और इसी के लिए उसे 2018 में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम का चैंपियन ऑफ द अर्थ पुरस्कार मिला। यह सार्वजनिक निजी भागीदारी से बनने वाला भारत का पहला हवाई अड्डा भी था। विकल्प B गलत है क्योंकि यात्री यातायात के हिसाब से भारत का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। विकल्प C गलत है क्योंकि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण 1995 में दो पुराने प्राधिकरणों के विलय से बना था, और कोचीन उस ढांचे से बाहर एक कंपनी के रूप में बना। विकल्प D गलत है क्योंकि एशिया के सबसे लंबे रनवे का कीर्तिमान किसी भारतीय हवाई अड्डे के पास नहीं है। कोच्चि और सौर ऊर्जा की जोड़ी याद रखें।
केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा किस भारतीय शहर की सेवा करता है?
- A.हैदराबाद
- B.चेन्नई
- C.बेंगलुरु
- D.पुणे
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बेंगलुरु
व्याख्या
सही उत्तर C, बेंगलुरु है। इस हवाई अड्डे का नाम सोलहवीं शताब्दी के सरदार केम्पेगौड़ा के नाम पर है, जिन्हें नगर का संस्थापक माना जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि हैदराबाद की सेवा शमशाबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा करता है, जिसने पुराने बेगमपेट हवाई अड्डे की जगह ली। विकल्प B गलत है क्योंकि चेन्नई की सेवा मीनंबक्कम स्थित चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि पुणे का अपना हवाई अड्डा लोहगांव में है और उसका केम्पेगौड़ा नाम से कोई संबंध नहीं। हवाई अड्डों के नाम जोड़ी मिलान प्रश्नों का स्थायी स्रोत हैं, इसलिए बड़े नामों को साथ याद रखें: दिल्ली के लिए इंदिरा गांधी, मुंबई के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज, कोलकाता के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस, बेंगलुरु के लिए केम्पेगौड़ा, हैदराबाद के लिए राजीव गांधी और अहमदाबाद के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल।
नागर विमानन की क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान का पूरा नाम क्या है?
- A.यूनियन डेवलपमेंट ऑफ एयर नेविगेशन
- B.उड़े देश का आम नागरिक
- C.अर्बन डेवलपमेंट ऑफ एयरपोर्ट नेटवर्क्स
- D.उड़ान डेवलपमेंट एंड एविएशन नेटवर्क
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उड़े देश का आम नागरिक
व्याख्या
सही उत्तर B, उड़े देश का आम नागरिक है। यह योजना 2016 की राष्ट्रीय नागर विमानन नीति के अंतर्गत घोषित हुई ताकि असेवित और कम सेवित हवाई पट्टियों को सीमित किराये पर मुख्य नेटवर्क से जोड़ा जा सके, और इसका अंतर व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण तंत्र से पूरा किया जाता है। इसकी पहली उड़ान अप्रैल 2017 में शिमला को दिल्ली से जोड़ने वाली थी। विकल्प A गलत है क्योंकि वायु नौवहन सेवाएं भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण देता है और इस नाम की कोई योजना नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि यह योजना शहरी हवाई अड्डा नेटवर्क के बजाय छोटे कस्बों और क्षेत्रीय हवाई पट्टियों के लिए है। विकल्प D गलत है क्योंकि यह केवल शब्दों को ऐसे विस्तार में बदलता है जो कभी प्रयोग नहीं हुआ। योजना, नीति वर्ष 2016 और पहला मार्ग शिमला से दिल्ली, तीनों साथ याद रखें।
भारत का कौन सा प्रमुख बंदरगाह सबसे गहरा स्थलबद्ध बंदरगाह कहलाता है, जिसमें भीतरी और बाहरी दोनों पोताश्रय हैं?
- A.विशाखापत्तनम
- B.पारादीप
- C.तूतीकोरिन
- D.न्यू मंगलुरु
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विशाखापत्तनम
व्याख्या
सही उत्तर A, विशाखापत्तनम है। आंध्र प्रदेश का यह बंदरगाह डॉल्फिन्स नोज अंतरीप से सुरक्षित एक प्राकृतिक खाड़ी में स्थित है, जिससे इसे सुरक्षा के साथ बड़ी गहराई मिलती है, और यह भारत का एकमात्र प्रमुख बंदरगाह है जो अलग भीतरी तथा बाहरी पोताश्रय के साथ काम करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि ओडिशा का पारादीप खुले तट का प्राकृतिक पोताश्रय है और उसमें ऐसी दो भागों वाली बनावट नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि तमिलनाडु में तूतीकोरिन का वी. ओ. चिदंबरनार बंदरगाह तरंगरोधक बनाकर तैयार किया गया कृत्रिम गहरे समुद्र का पोताश्रय है, स्थलबद्ध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि कर्नाटक का न्यू मंगलुरु लौह अयस्क और पेट्रोलियम संभालने वाला सर्वऋतु बंदरगाह है, पर असाधारण गहराई के लिए प्रसिद्ध नहीं। विशेषण अलग रखें: विशाखापत्तनम सबसे गहरा, कांडला ज्वारीय, कोलकाता नदीय।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण का गठन दो पुराने प्राधिकरणों के विलय से किस वर्ष हुआ?
- A.1972
- B.1986
- C.1995
- D.2004
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1995
व्याख्या
सही उत्तर C, 1995 है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण उसी वर्ष अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण, जो अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार चलाता था, और राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण, जो घरेलू हवाई पट्टियां तथा वायु नौवहन सेवाएं संभालता था, के विलय से अस्तित्व में आया। यह विलीन सांविधिक निकाय देश के अधिकांश नागरिक हवाई अड्डों का प्रबंधन करता है और भारतीय वायु क्षेत्र में वायु यातायात सेवाएं देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि 1972 में केवल अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण स्थापित हुआ था। विकल्प B गलत है क्योंकि 1986 में राष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण का गठन हुआ, जो विलय में शामिल दूसरा निकाय था। विकल्प D गलत है क्योंकि 2004 का प्राधिकरण के गठन से कोई संबंध नहीं। क्रम याद रखें: 1972, फिर 1986, फिर 1995 में विलय। यह भी ध्यान रखें कि प्राधिकरण हवाई अड्डों का प्रबंधन तो करता है, पर उड़ान सुरक्षा और लाइसेंस का नियामक नागर विमानन महानिदेशालय ही रहता है, और दोनों को अलग-अलग पहचानना परीक्षा में काम आता है।
2015 में शुरू हुई कौन सी केंद्रीय योजना भारत में बंदरगाह आधारित विकास और तटीय नौवहन के लिए है?
- A.भारतमाला
- B.सागरमाला
- C.सेतु भारतम
- D.जल मार्ग विकास
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सागरमाला
व्याख्या
सही उत्तर B, सागरमाला है। यह कार्यक्रम बंदरगाहों के आधुनिकीकरण और नए बंदरगाहों के विकास, बंदरगाह संपर्क, बंदरगाह आधारित औद्योगीकरण तथा तटीय समुदाय विकास को शामिल करता है और इसे पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय चलाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि भारतमाला सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का राजमार्ग विकास का व्यापक कार्यक्रम है, जिसमें आर्थिक गलियारे और सीमा सड़कें आती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सेतु भारतम राष्ट्रीय राजमार्गों पर समपार फाटकों की जगह पुल बनाने और पुराने पुलों की मरम्मत की योजना है। विकल्प D गलत है क्योंकि जल मार्ग विकास वाराणसी से हल्दिया के बीच गंगा पर राष्ट्रीय जलमार्ग एक को विकसित करने की विशिष्ट परियोजना है, जिसका दायरा सागरमाला से छोटा है। भ्रम से बचने के लिए हर नाम को उसके मंत्रालय के साथ याद रखें।
गुजरात का कौन सा बंदरगाह स्वतंत्रता के बाद विकसित होने वाला पहला बंदरगाह था और 2017 में जिसका नाम दीनदयाल पत्तन कर दिया गया?
- A.मुंद्रा
- B.कांडला
- C.पोरबंदर
- D.ओखा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कांडला
व्याख्या
सही उत्तर B, कांडला है। विभाजन के बाद कराची का बंदरगाह भारत से बाहर चले जाने पर कच्छ की खाड़ी में कांडला को उत्तरी तथा पश्चिमी भीतरी क्षेत्र के मुख्य प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया गया, इसी से यह स्वतंत्रता के बाद विकसित पहला प्रमुख बंदरगाह बनता है। यह ज्वारीय बंदरगाह है, अर्थात जहाज खाड़ी में ज्वार के उतार-चढ़ाव के अनुसार काम करते हैं, और 2017 में इसका नाम दीनदयाल पत्तन कर दिया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि गुजरात में ही स्थित मुंद्रा भारत का सबसे बड़ा निजी संचालित बंदरगाह है और वैधानिक अर्थ में प्रमुख बंदरगाह नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि पोरबंदर एक छोटा राज्य बंदरगाह है, जो महात्मा गांधी की जन्मस्थली के रूप में अधिक जाना जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि ओखा गुजरात तट का छोटा बंदरगाह है। गुजरात के इन तीनों नामों को अलग-अलग याद रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में मेट्रो रेल पाने वाला पहला शहर कौन सा था?
कोलकाता। इसका पहला खंड एस्प्लेनेड और भवानीपुर के बीच 24 अक्टूबर 1984 को खुला, जो दिल्ली से लगभग दो दशक पहले था। कोलकाता मेट्रो इस मायने में भी अनूठी है कि इसे अलग मेट्रो निगम के बजाय भारतीय रेल के मंडल के रूप में चलाया जाता है।
भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह कौन सा है?
महाराष्ट्र में न्हावा शेवा का जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह, जो मुंबई के पोताश्रय के पार स्थित है। इसे पुराने मुंबई बंदरगाह की भीड़ कम करने के लिए विकसित किया गया था और अब यह देश में सबसे अधिक कंटेनर संभालता है।
विशाखापत्तनम बंदरगाह विशेष क्यों है?
इसे भारत का सबसे गहरा स्थलबद्ध बंदरगाह कहा जाता है। यह डॉल्फिन्स नोज अंतरीप से सुरक्षित प्राकृतिक खाड़ी में स्थित है और यह भारत का एकमात्र प्रमुख बंदरगाह है जो अलग भीतरी तथा बाहरी पोताश्रय के साथ काम करता है।
उड़ान का पूरा नाम क्या है और यह कब शुरू हुई?
उड़ान का पूरा नाम उड़े देश का आम नागरिक है। यह 2016 की राष्ट्रीय नागर विमानन नीति के अंतर्गत असेवित और कम सेवित हवाई पट्टियों को सीमित किराये पर जोड़ने के लिए घोषित हुई, और इसकी पहली उड़ान अप्रैल 2017 में शिमला को दिल्ली से जोड़ने वाली थी।
किस बंदरगाह का नाम बदलकर दीनदयाल पत्तन किया गया?
गुजरात में कच्छ की खाड़ी स्थित कांडला का नाम 2017 में दीनदयाल पत्तन कर दिया गया। यह ज्वारीय बंदरगाह है और स्वतंत्रता के बाद विकसित पहला प्रमुख बंदरगाह था, जिसने विभाजन से पहले कराची की भूमिका संभाली।
भारत के चार परंपरागत महानगर कौन से हैं?
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई। ये वही चार प्रेसीडेंसी तथा राजधानी केंद्र हैं जिनके आसपास औपनिवेशिक और आधुनिक परिवहन नेटवर्क बने, और यह शब्द जनगणना की दस लाख से अधिक वाले शहरों की श्रेणी से अलग है।
स्रोत
- प्रमुख पत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 2021 — विधि और न्याय मंत्रालय, भारत सरकार
- पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय: सागरमाला कार्यक्रम — भारत सरकार
- भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण: प्राधिकरण के बारे में — भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण
- मेट्रो रेल नीति, 2017 — आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार





