भारतीय राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा: राज्यवार सूची
परीक्षा के लिए भारतीय राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा: मेखला चादर, फनेक, फिरन, पुआनचेई और पानो भाजू सहित प्रसिद्ध बुनाइयां तथा राज्यवार जोड़ियां।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

भारतीय राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा सामान्य ज्ञान का सबसे सुरक्षित अंक है, क्योंकि प्रश्न लगभग सदैव एक जोड़ी बनाने का होता है: एक ओर वस्त्र, शॉल या पगड़ी का नाम और दूसरी ओर राज्य। एसएससी, रेलवे और राज्य परीक्षाएं इसे कला एवं संस्कृति तथा भारतीय राज्य और केंद्रशासित प्रदेश, दोनों खंडों से पूछती हैं, और वही बीस-पच्चीस नाम हर वर्ष लौटकर आते हैं। इन नोट्स में प्रत्येक बड़े राज्य की पुरुष और महिला वेशभूषा क्षेत्र के अनुसार दी गई है, और अंत में वे नाम एक जगह रखे गए हैं जिन पर उत्तर टिकता है।
प्रश्न किस रूप में आता है
तीन रूप दोहराए जाते हैं। पहला रूप वस्त्र का नाम देकर राज्य पूछता है, जैसे मेखला चादर किस राज्य की वेशभूषा है। दूसरा रूप राज्य देकर चार वस्त्रों में से सही चुनवाता है। तीसरा रूप सुमेलित कीजिए के भीतर चार वस्त्र और चार राज्य रखता है। एक चौथा, कम आने वाला रूप वस्त्र के स्थान पर प्रसिद्ध बुनाई पूछता है, जैसे पटोला साड़ी किस राज्य की है। हर रूप में काम एक ही है: नाम को राज्य से जोड़कर याद रखना, क्योंकि पेपर कपड़े का वर्णन कभी नहीं पूछता।
उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत
राजस्थान में पुरुष धोती के साथ अंगरखा या बंदगला और सिर पर पगड़ी या साफा पहनते हैं, तथा महिलाएं घाघरा, चोली और ओढ़नी। पंजाब में पुरुष कुर्ते के साथ तहमत या लुंगी और पगड़ी पहनते हैं, और महिलाएं सलवार-कमीज के साथ दुपट्टा, जिसमें फुलकारी दुपट्टा सबसे प्रसिद्ध है। हरियाणा में महिलाओं की वेशभूषा दामन, कुर्ती और चूंदड़ है। हिमाचल प्रदेश में हिमाचली टोपी और चूड़ीदार पजामा पुरुषों की पहचान है, जबकि महिलाएं रेशता और सिर पर धाटू ओढ़ती हैं। उत्तराखंड की पहचान पिछौड़ा है, कुमाऊं की पीली-लाल मांगलिक ओढ़नी। जम्मू-कश्मीर में फिरन है, लंबा ढीला वस्त्र जो स्त्री और पुरुष दोनों पहनते हैं, और कश्मीरी महिलाओं के सिर पर तरंगा या कसाबा। उत्तर प्रदेश और बिहार में धोती-कुर्ता तथा साड़ी चलती है, बिहार में साड़ी सीधा आंचल शैली में, और इनके प्रसिद्ध वस्त्र लखनऊ की चिकनकारी तथा भागलपुरी तसर हैं।
पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत
गुजरात में पुरुष केडियु और चोरनो के साथ फेंटो बांधते हैं, और महिलाएं चनिया-चोली पहनती हैं, विवाह में पानेतर तथा पाटण का पटोला। महाराष्ट्र की नौवारी या कास्ता साड़ी नौ गज की होती है और पुरुष फेटा पहनते हैं, जबकि पैठणी उसकी उत्सव-साड़ी है। गोवा में हिंदू महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा पानो भाजू है और कुनबी समुदाय की कुनबी साड़ी। मध्य प्रदेश में लहंगा-चोली के साथ चंदेरी और माहेश्वरी बुनाई प्रसिद्ध है, छत्तीसगढ़ में लुगड़ा और पोलखा, तथा झारखंड में पांची और परहन। दक्षिण में तमिलनाडु के पुरुष वेष्टि के साथ अंगवस्त्रम पहनते हैं और महिलाएं कांचीपुरम रेशमी साड़ी, बालिकाएं पट्टू पावाडाई। केरल की पहचान मुंडुम नेरियथुम और सुनहरे किनारे वाली कसावु साड़ी है। कर्नाटक में पुरुष पंचे और मैसूर पेटा धारण करते हैं, महिलाएं इलकल तथा मैसूर सिल्क साड़ी। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना लंगा वोनी यानी आधी साड़ी के लिए, तथा पोचमपल्ली इकत और कलमकारी के लिए जाने जाते हैं।
पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर
पश्चिम बंगाल में धोती-पंजाबी तथा आटपौरे ढंग से पहनी जाने वाली तांत साड़ी चलती है, और बालूचरी तथा जामदानी उसकी प्रसिद्ध बुनाई हैं; ओडिशा में संबलपुरी और कटकी साड़ी। पूर्वोत्तर अपने आकार से कहीं अधिक प्रश्न देता है। असम में मेखला चादर और गमोसा के साथ सुनहरा मूंगा रेशम है; मणिपुर में फनेक और इनाफी, दुल्हन के लिए पोटलोई; मिजोरम में पुआनचेई, जो चेरॉ नृत्य में पहनी जाती है; मेघालय में खासी की जैनसेम और धारा तथा गारो की दकमंदा; त्रिपुरा में रिगनाई और रिसा; नगालैंड में जनजातीय शॉल, जिनमें आओ पुरुषों का चुंगकोटेपसू प्रमुख है; अरुणाचल प्रदेश में अपातानी का गाले; और सिक्किम में बाखू या खो के साथ होंजू, तथा नेपाली समुदाय का चौबंदी चोलो।
एक दृष्टि में राज्य और वेशभूषा
| राज्य | महिलाएं | पुरुष |
|---|---|---|
| राजस्थान | घाघरा, चोली, ओढ़नी | धोती, अंगरखा, साफा |
| पंजाब | सलवार-कमीज, फुलकारी दुपट्टा | कुर्ता-तहमत, पगड़ी |
| जम्मू-कश्मीर | फिरन और तरंगा | फिरन |
| महाराष्ट्र | नौवारी साड़ी, पैठणी | धोतर और फेटा |
| गुजरात | चनिया-चोली, पानेतर | केडियु और चोरनो |
| केरल | मुंडुम नेरियथुम | मुंडु |
| तमिलनाडु | कांचीपुरम साड़ी | वेष्टि और अंगवस्त्रम |
| असम | मेखला चादर | धोती और गमोसा |
| मणिपुर | फनेक और इनाफी | फेइजोम |
| मिजोरम | पुआनचेई | मिजो शॉल |
| मेघालय | जैनसेम, धारा, दकमंदा | जिम्फोंग |
| गोवा | पानो भाजू, कुनबी साड़ी | कश्ती और कमीज |
वेशभूषा के साथ याद रखने योग्य बुनाई
- पाटण का पटोला और बंधेज गुजरात के हैं; पैठणी और हिमरू महाराष्ट्र के।
- कांचीपुरम रेशम तमिलनाडु, कसावु केरल, तथा इलकल और मैसूर सिल्क कर्नाटक के हैं।
- पोचमपल्ली इकत, गडवाल और कलमकारी तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश की पहचान हैं।
- जामदानी, बालूचरी, तांत और कांथा कढ़ाई पश्चिम बंगाल की हैं; बंधा इकत ओडिशा की।
- मूंगा, एरी और पाट रेशम असम के हैं; फुलकारी पंजाब की; चिकनकारी उत्तर प्रदेश के लखनऊ की।
- चंदेरी और माहेश्वरी मध्य प्रदेश की हैं; कोटा डोरिया और लहरिया राजस्थान की।
परीक्षा की दृष्टि से
पेपर इस विषय को सीधी जोड़ी के रूप में पूछता है, अतः इसे सूची की तरह तैयार करें। चार नाम सर्वाधिक अंक देते हैं: मेखला चादर, फिरन, पुआनचेई और पानो भाजू। सुमेलित प्रश्नों में पूर्वोत्तर की वेशभूषाएं मिलाकर दी जाती हैं, क्योंकि बिना तैयारी वाले छात्र को वे एक जैसी लगती हैं; कई बार वस्त्र के स्थान पर बुनाई पूछी जाती है, जैसे पटोला, पैठणी या पोचमपल्ली किस राज्य की है। जाल मिलती-जुलती जोड़ियों में है: फनेक और पुआनचेई, जैनसेम और दकमंदा, रिगनाई और पांची-परहन, तथा फिरन और लद्दाखी गोंचा। पुरुषों की वेशभूषा भी पढ़ें, क्योंकि वेष्टि, मुंडु, केडियु, फेइजोम और धोतर पर प्रश्न आते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| असम | मेखला चादर, गमोसा तथा मूंगा रेशम |
|---|---|
| मणिपुर | फनेक और इनाफी; दुल्हन के लिए पोटलोई |
| मिजोरम | पुआनचेई, चेरॉ नृत्य में पहनी जाती है |
| मेघालय | जैनसेम और धारा (खासी), दकमंदा (गारो) |
| त्रिपुरा | रिगनाई और रिसा |
| जम्मू-कश्मीर | फिरन के साथ तरंगा या कसाबा |
| गोवा | पानो भाजू; कुनबी साड़ी |
| केरल | मुंडुम नेरियथुम; कसावु साड़ी |
| महाराष्ट्र | नौवारी या कास्ता साड़ी; फेटा और पैठणी |
| राजस्थान | घाघरा, चोली और ओढ़नी; साफा और पगड़ी |
| झारखंड | पांची और परहन |
| कर्नाटक | इलकल और मैसूर सिल्क साड़ी; मैसूर पेटा |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
मेखला चादर किस भारतीय राज्य की महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा है?
- A.मणिपुर
- B.असम
- C.त्रिपुरा
- D.नगालैंड
उत्तर देखें
मेखला चादर असमिया महिलाओं की दो भागों वाली वेशभूषा है: मेखला नीचे लपेटा जाने वाला वस्त्र है जिसकी चुन्नट सामने बनाई जाती है, और चादर ऊपर का कपड़ा जो कंधे पर डालकर मेखला में दबा लिया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महिलाओं द्वारा पहने जाने वाले फनेक और इनाफी किस राज्य की वेशभूषा हैं?
- A.मिजोरम
- B.मेघालय
- C.मणिपुर
- D.सिक्किम
उत्तर देखें
फनेक मणिपुरी महिलाओं का लपेटा जाने वाला अधोवस्त्र है, जो आड़ी धारियों में बुना जाता है, और इनाफी उसके ऊपर ओढ़ी जाने वाली हल्की चादर है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →फिरन किस राज्य या केंद्रशासित प्रदेश की पारंपरिक वेशभूषा है?
- A.हिमाचल प्रदेश
- B.जम्मू-कश्मीर
- C.उत्तराखंड
- D.लद्दाख
उत्तर देखें
फिरन घुटनों से नीचे तक आने वाला लंबा, ढीला ऊनी वस्त्र है, जिसे कश्मीर घाटी में सर्दियों में स्त्री और पुरुष दोनों पहनते हैं, और उसके भीतर मिट्टी की अंगीठी कांगड़ी रखी जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पानो भाजू किस भारतीय राज्य की महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा है?
- A.गोवा
- B.केरल
- C.महाराष्ट्र
- D.कर्नाटक
उत्तर देखें
पानो भाजू गोवा की हिंदू महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा है, जिसमें पानो लपेटा जाने वाला कपड़ा है और भाजू उसके साथ पहना जाने वाला चोली जैसा वस्त्र, तथा गले और केशों के आभूषण इसे पूरा करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दो भागों वाली पारंपरिक वेशभूषा मुंडुम नेरियथुम किस राज्य की है?
- A.तमिलनाडु
- B.आंध्र प्रदेश
- C.कर्नाटक
- D.केरल
उत्तर देखें
मुंडुम नेरियथुम केरल की महिलाओं की सबसे प्राचीन बची हुई वेशभूषा है: मुंडु नीचे का वस्त्र है और नेरियथु ऊपर का कपड़ा, दोनों सामान्यतः हल्के सफेद सूती कपड़े के, जिनमें सुनहरा या रंगीन किनारा कर कहलाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नौ गज में लपेटी जाने वाली नौवारी या कास्ता साड़ी किस राज्य की महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा है?
- A.गुजरात
- B.महाराष्ट्र
- C.मध्य प्रदेश
- D.ओडिशा
उत्तर देखें
नौवारी साड़ी का नाम उसमें लगने वाले नौ वार यानी नौ गज कपड़े से पड़ा, और इसे पेटीकोट के बिना इस प्रकार पहना जाता है कि चुन्नट पैरों के बीच से निकाली जाती है, जिसे कास्ता या सकच्छ शैली कहते हैं और जो चलने-फिरने में पूरी छूट देती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जैनसेम और धारा किस भारतीय राज्य की महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा हैं?
- A.मेघालय
- B.मिजोरम
- C.अरुणाचल प्रदेश
- D.त्रिपुरा
उत्तर देखें
जैनसेम खासी महिलाओं की वेशभूषा है, जो कई कपड़ों को कंधों पर बांधकर बनाई जाती है जिससे वह बेलन के आकार में ढीली गिरती है, और धारा उसके ऊपर ओढ़ा जाने वाला कपड़ा है; इसी राज्य की गारो महिलाएं दकमंदा पहनती हैं और जयंतिया महिलाएं थोह ख्यरवांग।
पूरी व्याख्या पढ़ें →चेरॉ नृत्य में महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली पुआनचेई किस राज्य की पारंपरिक वेशभूषा है?
- A.नगालैंड
- B.मणिपुर
- C.मिजोरम
- D.सिक्किम
उत्तर देखें
पुआनचेई मिजो महिलाओं का उत्सव-वस्त्र है, जो काली, लाल, सफेद और हरी पट्टियों में बुना जाता है, और यही वस्त्र चेरॉ अर्थात बांस नृत्य तथा चापचार कुट उत्सव में कावरचेई चोली के साथ पहना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रिगनाई और रिसा किस भारतीय राज्य के पारंपरिक वस्त्र हैं?
- A.त्रिपुरा
- B.असम
- C.ओडिशा
- D.झारखंड
उत्तर देखें
रिगनाई त्रिपुरा की जनजातीय महिलाओं द्वारा कमर-करघे पर बुना जाने वाला अधोवस्त्र है, और रिसा ऊपरी शरीर पर पहना जाने वाला संकरा कपड़ा, जिसे किशोरी को रिसा सोरमानी संस्कार में पहली बार पहनाया जाता है; बड़ा लपेटा जाने वाला कपड़ा रिकुतु कहलाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रसिद्ध पारंपरिक सिरोभूषण मैसूर पेटा किस राज्य से संबंधित है?
- A.केरल
- B.तेलंगाना
- C.कर्नाटक
- D.तमिलनाडु
उत्तर देखें
मैसूर पेटा मैसूर दरबार की पगड़ी है, जिसे वाडियार शासक धारण करते थे और जो आज कर्नाटक में विशिष्ट अतिथियों को सम्मान के रूप में पहनाई जाती है; राज्य के पुरुषों का रोजमर्रा का वस्त्र पंचे या लुंगी के साथ कमीज है, और महिलाएं बागलकोट की इलकल साड़ी या मैसूर…
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मेखला चादर किस राज्य की वेशभूषा है?
असम की। मेखला चुन्नट वाला अधोवस्त्र है और चादर ऊपरी कपड़ा, जो मूंगा, एरी या पाट रेशम से बुने जाते हैं और गमोसा के साथ पहने जाते हैं।
गोवा की पारंपरिक वेशभूषा क्या है?
हिंदू महिलाओं की पानो भाजू, तथा कुनबी समुदाय की कुनबी साड़ी; पुरुष परंपरागत रूप से कश्ती के साथ कमीज पहनते थे।
मिजोरम के चेरॉ नृत्य में कौन सी वेशभूषा पहनी जाती है?
पुआनचेई, मिजो महिलाओं का धारीदार उत्सव-वस्त्र, जो चापचार कुट तथा चेरॉ नृत्य में कावरचेई चोली के साथ पहना जाता है।
फिरन केवल महिलाएं पहनती हैं?
नहीं। कश्मीर घाटी में फिरन स्त्री और पुरुष दोनों पहनते हैं; केवल सिरोभूषण तरंगा या कसाबा महिलाओं का है।
कौन सी पारंपरिक साड़ी नौ गज में लपेटी जाती है?
महाराष्ट्र की नौवारी या कास्ता साड़ी, जिसे पेटीकोट के बिना इस तरह पहना जाता है कि चुन्नट पैरों के बीच से निकलती है।
स्रोत
- राज्यों के हथकरघा और हस्तशिल्प: बुनाई तथा पारंपरिक वेशभूषा — वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार
- नो इंडिया: राज्य और केंद्रशासित प्रदेश, कला एवं संस्कृति — भारत का राष्ट्रीय पोर्टल
- क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र: क्षेत्रों की वेशभूषा और लोक परंपराएं — संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार





