उत्तराखंड सामान्य ज्ञान: गठन, नदियाँ, उद्यान और परीक्षा तथ्य
उत्तराखंड पर राज्य सामान्य ज्ञान नोट्स: 2000 में गठन, गढ़वाल और कुमाऊँ, पंच प्रयाग, नंदा देवी, कॉर्बेट, चिपको आंदोलन तथा राज्य प्रतीकों के तथ्य।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

उत्तराखंड को देव भूमि कहा जाता है, और यही वह हिमालयी राज्य है जिसे सन 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग करके बनाया गया। परीक्षक इसे बार बार पूछते हैं क्योंकि इसके तथ्य साफ और तिथिबद्ध हैं: एक स्थापना तिथि, एक नाम परिवर्तन, दो पर्वतीय मंडल, वे हिमनद जो गंगा और यमुना को जल देते हैं, देश का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान, और चिपको आंदोलन जो इसके एक गाँव से शुरू हुआ।
गठन, नाम और प्रशासन
राज्य का गठन 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 के अंतर्गत हुआ और यह भारतीय संघ का सत्ताईसवाँ राज्य बना। इस अधिनियम ने गढ़वाल और कुमाऊँ के पर्वतीय ज़िलों को उत्तर प्रदेश से अलग किया। जन्म के समय इसका नाम उत्तरांचल था और 1 जनवरी 2007 को इसे उत्तराखंड कर दिया गया, जो पुराणों में इसी भूभाग के लिए प्रयुक्त पुराना नाम है। नित्यानंद स्वामी इसके पहले मुख्यमंत्री थे। देहरादून कार्यकारी राजधानी है और चमोली ज़िले के गैरसैंण अर्थात भराड़ीसैंण को 2020 में ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया। उच्च न्यायालय राजधानी में नहीं, नैनीताल में बैठता है, और यही सबसे अधिक पूछा जाने वाला तथ्य है। राज्य में दो मंडल हैं, गढ़वाल और कुमाऊँ, तथा तेरह ज़िले। विधानसभा में 70 सीटें हैं, राज्य लोकसभा में 5 और राज्यसभा में 3 सदस्य भेजता है। हिंदी राजभाषा है और 2010 में उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया। गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी इसकी मुख्य बोलियाँ हैं, तथा भोटिया, जौनसारी, थारू, बुक्सा और राजी इसकी अनुसूचित जनजातियाँ हैं।
सीमाएँ और धरातल
उत्तराखंड के उत्तर में चीन का तिब्बत क्षेत्र और पूर्व में नेपाल है, उत्तर पश्चिम में हिमाचल प्रदेश और दक्षिण में उत्तर प्रदेश। दक्षिण से उत्तर की ओर यह तराई और भाबर पट्टी, दून घाटियों वाली शिवालिक श्रेणी, पर्यटन नगरों वाला लघु हिमालय और हिमशिखरों वाला वृहद हिमालय में बँटा है। नंदा देवी, 7,816 मीटर, राज्य की सबसे ऊँची चोटी है और पूर्ण रूप से भारत में स्थित सबसे ऊँचा पर्वत भी। कामेत, चौखंबा, त्रिशूल, दूनागिरी और पंचाचूली अन्य प्रमुख शिखर हैं। माना, नीति और लिपुलेख तिब्बत की ओर जाने वाले दर्रे हैं और लिपुलेख से कैलास मानसरोवर का मार्ग जाता है। नैनीताल, भीमताल, नौकुचियाताल और सातताल कुमाऊँ की झीलें हैं, और चमोली के ऊपर स्थित रूपकुंड को उसमें मिले मानव अवशेषों के कारण कंकाल झील कहा जाता है।
नदियाँ और पंच प्रयाग
मैदानों की दो बड़ी नदियाँ यहीं जन्म लेती हैं। भागीरथी गंगोत्री हिमनद के गोमुख से निकलती है और अलकनंदा सतोपंथ तथा भगीरथ खरक हिमनदों से, जबकि यमुना यमुनोत्री के पास से निकलती है। अलकनंदा के पाँच संगम एक समूह के रूप में पूछे जाते हैं।
| प्रयाग | मिलने वाली नदियाँ | ज़िला |
|---|---|---|
| विष्णुप्रयाग | अलकनंदा और धौलीगंगा | चमोली |
| नंदप्रयाग | अलकनंदा और नंदाकिनी | चमोली |
| कर्णप्रयाग | अलकनंदा और पिंडर | चमोली |
| रुद्रप्रयाग | अलकनंदा और मंदाकिनी | रुद्रप्रयाग |
| देवप्रयाग | अलकनंदा और भागीरथी, जहाँ नदी गंगा बनती है | टिहरी गढ़वाल |
भागीरथी पर बना टिहरी बाँध लगभग 260 मीटर ऊँचा है और भारत का सबसे ऊँचा बाँध है, तथा रामगंगा पर कालागढ़ में बाँध बना है जो कॉर्बेट उद्यान से लगा हुआ है।
वन, उद्यान और चिपको आंदोलन
जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान 1936 में हेली राष्ट्रीय उद्यान के नाम से अधिसूचित हुआ और भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है; प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत 1 अप्रैल 1973 को यहीं से हुई। नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान मिलकर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बनाते हैं, और फूलों की घाटी तक फ्रैंक स्माइथ 1931 में पहुँचे थे। राजाजी, गंगोत्री और गोविंद पशु विहार अन्य राष्ट्रीय उद्यान हैं, तथा देहरादून के निकट आसन संरक्षण रिज़र्व राज्य का रामसर आर्द्रभूमि स्थल है। सन 1973 का चिपको आंदोलन चमोली ज़िले से आरंभ हुआ और सबसे अधिक रैणी गाँव के लिए स्मरण किया जाता है, जहाँ गौरा देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने कुल्हाड़ी रोकने के लिए पेड़ों से चिपक कर उन्हें बचाया। सुंदरलाल बहुगुणा और चंडी प्रसाद भट्ट ने इस आंदोलन का नेतृत्व किया और बहुगुणा ने ही यह नारा दिया कि पारिस्थितिकी ही स्थायी अर्थव्यवस्था है।
इतिहास, मंदिर और संस्कृति
यमुना तट पर कालसी का अशोक शिलालेख इस क्षेत्र का प्राचीनतम तिथिबद्ध अभिलेख है। कत्यूरी वंश ने बैजनाथ से शासन किया; उसके बाद कुमाऊँ चंपावत और अल्मोड़ा के चंद शासकों के पास और गढ़वाल पंवार या परमार वंश के पास गया, जिसकी राजधानी चांदपुर गढ़ी से श्रीनगर और बाद में टिहरी गई। गोरखाओं ने 1790 से पहाड़ों पर अधिकार रखा, और आंग्ल नेपाल युद्ध 1816 की सुगौली संधि से समाप्त हुआ जिसने गढ़वाल तथा कुमाऊँ अंग्रेज़ों को दे दिए। उत्तराखंड के चार धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ हैं; केदारनाथ बारह ज्योतिर्लिंगों में एक है और अल्मोड़ा का जागेश्वर शिव मंदिरों का बड़ा समूह है। हेमकुंड साहिब ऊँचे पहाड़ों का सिख तीर्थ है, और हरिद्वार, जहाँ गंगा पर्वतों से बाहर निकलती है, कुंभ मेले के चार नगरों में एक है। हरेला, उत्तरायणी, घी संक्रांति, नंदा देवी राज जात और देवीधुरा का बग्वाल इसके पर्व हैं, तथा छोलिया, लांगवीर नृत्य, झोड़ा, छपेली और बरादा नाटी इसके नृत्य। ऐपण कुमाऊँ की पारंपरिक भित्ति और भूमि चित्रकला है।
अर्थव्यवस्था और संस्थान
जल विद्युत, पर्यटन, बागवानी और औषधि उद्योग अर्थव्यवस्था को संभालते हैं, और हरिद्वार, पंतनगर तथा सेलाकुई में औद्योगिक क्षेत्र हैं। पंतनगर में गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय है, जो 1960 में खुला और भारत का पहला कृषि विश्वविद्यालय है। देहरादून राष्ट्रीय संस्थानों का नगर है: 1906 का वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय सर्वेक्षण विभाग का मुख्यालय, 1932 की भारतीय सैन्य अकादमी, भारतीय वन्यजीव संस्थान और भारतीय पेट्रोलियम संस्थान। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी में है। औली स्कीइंग का केंद्र है, ऋषिकेश योग का, और अल्मोड़ा, रानीखेत, लैंसडाउन तथा कौसानी पुराने पर्वतीय नगर हैं। राज्य पशु कस्तूरी मृग है, राज्य पक्षी मोनाल, राज्य वृक्ष बुरांश और राज्य पुष्प ब्रह्म कमल।
परीक्षा की दृष्टि से
उत्तराखंड के प्रश्न सात बिंदुओं पर केंद्रित रहते हैं। 9 नवंबर 2000 को 1 नवंबर और 15 नवंबर 2000 के साथ पूछा जाता है, इसलिए छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, झारखंड का क्रम याद रखें और 1 जनवरी 2007 को केवल नाम परिवर्तन के रूप में अलग रखें। राजधानी और उच्च न्यायालय एक साथ पूछे जाते हैं क्योंकि देहरादून और नैनीताल अलग नगर हैं। पंच प्रयाग की तालिका पंक्ति दर पंक्ति पूछी जाती है, जिसमें मंदाकिनी के साथ रुद्रप्रयाग और भागीरथी के साथ देवप्रयाग सर्वाधिक प्रिय हैं। नंदा देवी कंचनजंगा के सामने पूर्णतः भारत की सर्वोच्च चोटी के रूप में पूछी जाती है। जिम कॉर्बेट सबसे पुराने राष्ट्रीय उद्यान, 1936 के हेली नाम और 1973 के प्रोजेक्ट टाइगर के साथ आता है; नंदा देवी और फूलों की घाटी विश्व धरोहर स्थल के रूप में। चिपको के साथ चमोली, रैणी, गौरा देवी, बहुगुणा और भट्ट आते हैं। टिहरी बाँध, द्वितीय राजभाषा संस्कृत, मोनाल और कस्तूरी मृग, लिपुलेख, रूपकुंड तथा चार धाम जैसी स्थिर पंक्तियाँ प्रश्नसमूह को पूरा करती हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| गठन | 9 नवंबर 2000, 27वाँ राज्य, उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 के अंतर्गत |
|---|---|
| पूर्व नाम | उत्तरांचल, 1 जनवरी 2007 को उत्तराखंड किया गया |
| राजधानियाँ | देहरादून कार्यकारी राजधानी; गैरसैंण अर्थात भराड़ीसैंण 2020 में घोषित ग्रीष्मकालीन राजधानी |
| उच्च न्यायालय | नैनीताल |
| मंडल और ज़िले | दो मंडल, गढ़वाल और कुमाऊँ; तेरह ज़िले |
| विधायिका | 70 सीटों की विधानसभा; लोकसभा 5 और राज्यसभा 3 सीटें |
| सर्वोच्च चोटी | नंदा देवी, 7,816 मीटर, पूर्णतः भारत में स्थित सबसे ऊँची चोटी |
| पंच प्रयाग | विष्णुप्रयाग, नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, देवप्रयाग |
| चार धाम | यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ |
| सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान | जिम कॉर्बेट, 1936 में हेली राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित; प्रोजेक्ट टाइगर 1973 में यहीं से आरंभ |
| विश्व धरोहर स्थल | नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के साथ फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान |
| भारत का सबसे ऊँचा बाँध | भागीरथी पर टिहरी बाँध, लगभग 260 मीटर |
| चिपको आंदोलन | 1973 में चमोली से आरंभ; रैणी में गौरा देवी, सुंदरलाल बहुगुणा और चंडी प्रसाद भट्ट |
| भाषाएँ | हिंदी राजभाषा; 2010 से संस्कृत द्वितीय राजभाषा, ऐसा करने वाला पहला राज्य |
| राज्य प्रतीक | पशु कस्तूरी मृग, पक्षी हिमालयी मोनाल, वृक्ष बुरांश, पुष्प ब्रह्म कमल |
| तिब्बत के दर्रे | माना, नीति और लिपुलेख, जिनमें अंतिम कैलास मानसरोवर मार्ग पर है |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारतीय संघ के पृथक राज्य के रूप में उत्तराखंड का गठन किस तिथि को हुआ?
- A.1 नवंबर 2000
- B.15 नवंबर 2000
- C.9 नवंबर 2000
- D.1 जनवरी 2007
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 9 नवंबर 2000
व्याख्या
सही उत्तर C, 9 नवंबर 2000 है। इस दिन उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 लागू हुआ और गढ़वाल तथा कुमाऊँ के पर्वतीय ज़िलों को उत्तर प्रदेश से अलग करके संघ का सत्ताईसवाँ राज्य बनाया गया, जिसका नाम तब उत्तरांचल था। विकल्प A गलत है क्योंकि 1 नवंबर 2000 छत्तीसगढ़ का स्थापना दिवस है, जो मध्य प्रदेश से बना। विकल्प B गलत है क्योंकि 15 नवंबर 2000 झारखंड का स्थापना दिवस है, जो बिहार से बना; सन 2000 के तीनों राज्य एक साथ पूछे जाते हैं और उनका क्रम छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, झारखंड है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1 जनवरी 2007 को राज्य का नाम बदलकर उत्तराखंड किया गया था, यह गठन की तिथि नहीं है। नित्यानंद स्वामी इसके पहले मुख्यमंत्री बने। राज्य का उच्च न्यायालय नैनीताल में स्थापित हुआ और देहरादून को कार्यकारी राजधानी बनाया गया, इसलिए गठन की तिथि के साथ ये दोनों तथ्य भी एक ही प्रश्नसमूह में पूछे जाते हैं।
उत्तराखंड का उच्च न्यायालय किस नगर में स्थित है?
- A.नैनीताल
- B.देहरादून
- C.हरिद्वार
- D.गैरसैंण
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नैनीताल
व्याख्या
सही उत्तर A, नैनीताल है। सन 2000 में राज्य बनने पर उच्च न्यायालय नैनीताल में स्थापित किया गया, जो पहाड़ों का पुराना ग्रीष्मकालीन मुख्यालय था, जबकि शासन का केंद्र दूसरी जगह रखा गया। विकल्प B गलत है क्योंकि देहरादून राज्य की कार्यकारी राजधानी है और सचिवालय तथा विधानसभा का स्थान है, उच्च न्यायालय का नहीं; उत्तराखंड उन राज्यों का मानक उदाहरण है जिनका उच्च न्यायालय राजधानी में नहीं है, जैसे केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश। विकल्प C गलत है क्योंकि हरिद्वार तीर्थ नगर है और कुंभ मेले के चार केंद्रों में एक है, वहाँ कोई उच्च न्यायालय नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि चमोली ज़िले के गैरसैंण अर्थात भराड़ीसैंण को 2020 में ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया, वहाँ न्यायालय नहीं है। ध्यान रखें कि उत्तराखंड की तरह केरल का उच्च न्यायालय एर्नाकुलम में, छत्तीसगढ़ का बिलासपुर में और उत्तर प्रदेश का प्रयागराज में है, अर्थात इन सबकी राजधानी अलग नगर है।
भागीरथी और अलकनंदा किस संगम पर मिलती हैं, जिसके बाद नदी गंगा कहलाती है?
- A.रुद्रप्रयाग
- B.देवप्रयाग
- C.कर्णप्रयाग
- D.विष्णुप्रयाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. देवप्रयाग
व्याख्या
सही उत्तर B, देवप्रयाग है। टिहरी गढ़वाल ज़िले का देवप्रयाग पंच प्रयाग में अंतिम है और इसके नीचे मिली हुई धारा गंगा कहलाती है; भागीरथी गंगोत्री हिमनद के गोमुख से आती है और अलकनंदा सतोपंथ तथा भगीरथ खरक हिमनदों से। विकल्प A गलत है क्योंकि रुद्रप्रयाग पर केदारनाथ घाटी से आने वाली मंदाकिनी अलकनंदा में मिलती है। विकल्प C गलत है क्योंकि कर्णप्रयाग अलकनंदा और पिंडर का संगम है, और पिंडर पिंडारी हिमनद से निकलती है। विकल्प D गलत है क्योंकि विष्णुप्रयाग पहला प्रयाग है, जहाँ जोशीमठ के निकट धौलीगंगा अलकनंदा से मिलती है। नंदाकिनी पर स्थित नंदप्रयाग इस समूह का पाँचवाँ संगम है। देवप्रयाग के अतिरिक्त शेष चारों प्रयाग चमोली और रुद्रप्रयाग ज़िलों में हैं, और परीक्षा में नदी का नाम नगर के नाम से मिलाना होता है, इसलिए धौलीगंगा के साथ विष्णुप्रयाग, नंदाकिनी के साथ नंदप्रयाग, पिंडर के साथ कर्णप्रयाग, मंदाकिनी के साथ रुद्रप्रयाग और भागीरथी के साथ देवप्रयाग याद रखें।
मंदाकिनी नदी अलकनंदा से इनमें से किस संगम पर मिलती है?
- A.नंदप्रयाग
- B.कर्णप्रयाग
- C.देवप्रयाग
- D.रुद्रप्रयाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. रुद्रप्रयाग
व्याख्या
सही उत्तर D, रुद्रप्रयाग है। मंदाकिनी केदारनाथ घाटी से बहकर आती है और रुद्रप्रयाग पर अलकनंदा से मिलती है, वही नगर जिसके नाम पर ज़िले का नाम है; मंदाकिनी और रुद्रप्रयाग की जोड़ी पंच प्रयाग तालिका की सबसे अधिक पूछी जाने वाली पंक्ति है। विकल्प A गलत है क्योंकि नंदप्रयाग अलकनंदा और नंदाकिनी का संगम है। विकल्प B गलत है क्योंकि कर्णप्रयाग पिंडर से संगम है, जो कुमाऊँ की पहाड़ियों के पिंडारी हिमनद से आती है। विकल्प C गलत है क्योंकि देवप्रयाग पर भागीरथी अलकनंदा से मिलती है और नदी गंगा नाम पाती है। धौलीगंगा पर स्थित विष्णुप्रयाग पाँचों को पूरा करता है। देवप्रयाग के अतिरिक्त सभी चमोली और रुद्रप्रयाग ज़िलों में अलकनंदा पर हैं। रुद्रप्रयाग इस बात के लिए भी स्मरण किया जाता है कि यहीं जिम कॉर्बेट ने नरभक्षी तेंदुए को मारा था, और केदारनाथ का तीर्थ मार्ग इसी नगर से उत्तर की ओर मुड़ता है।
भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान कौन सा है, जिसे 1936 में हेली राष्ट्रीय उद्यान के नाम से अधिसूचित किया गया?
- A.जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान
- B.कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
- C.राजाजी राष्ट्रीय उद्यान
- D.फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान
व्याख्या
सही उत्तर A, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान है। इसे 1936 में नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल की पहाड़ियों में तत्कालीन गवर्नर के नाम पर हेली राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित किया गया, बाद में रामगंगा राष्ट्रीय उद्यान कहा गया और अंत में 1957 में शिकारी तथा प्रकृतिविद जिम कॉर्बेट के नाम पर रखा गया; प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत 1 अप्रैल 1973 को यहीं हुई। विकल्प B गलत है क्योंकि मध्य प्रदेश का कान्हा 1955 में बना और कठोर भूमि के बारहसिंगा के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प C गलत है क्योंकि हरिद्वार और देहरादून के निकट राजाजी 1983 में तीन अभयारण्यों को जोड़कर बना और हाथियों के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि फूलों की घाटी, जहाँ 1931 में फ्रैंक स्माइथ पहुँचे, 1982 में ही राष्ट्रीय उद्यान बनी।
उत्तराखंड के किन दो राष्ट्रीय उद्यान मिलकर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बनाते हैं?
- A.राजाजी और जिम कॉर्बेट
- B.गंगोत्री और गोविंद पशु विहार
- C.नंदा देवी और फूलों की घाटी
- D.जिम कॉर्बेट और नंदा देवी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नंदा देवी और फूलों की घाटी
व्याख्या
सही उत्तर C, नंदा देवी और फूलों की घाटी है। नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान 1988 में विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान 2005 में इसके विस्तार के रूप में जोड़ा गया, इसलिए चमोली ज़िले के ये दोनों एक ही स्थल के रूप में सूचीबद्ध हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि राजाजी और जिम कॉर्बेट में किसी को विश्व धरोहर का दर्जा नहीं है, यद्यपि कॉर्बेट देश का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है। विकल्प B गलत है क्योंकि गंगोत्री और गोविंद पशु विहार ऊपरी भागीरथी तथा टोंस बेसिन के सामान्य राष्ट्रीय उद्यान हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि यह एक सूचीबद्ध उद्यान को असूचीबद्ध उद्यान के साथ जोड़ता है। हिमाचल प्रदेश का ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय उद्यान इस सूची का दूसरा हिमालयी स्थल है।
सन 1973 का चिपको आंदोलन वर्तमान उत्तराखंड के किस ज़िले से आरंभ हुआ?
- A.चमोली
- B.अल्मोड़ा
- C.टिहरी गढ़वाल
- D.पिथौरागढ़
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चमोली
व्याख्या
सही उत्तर A, चमोली है। आंदोलन 1973 में चमोली ज़िले के मंडल गाँव से आरंभ हुआ, जब ग्रामीणों ने एक खेल सामग्री कंपनी को अंगू के पेड़ काटने से रोका, और यह सबसे अधिक इसी ज़िले के रैणी गाँव के लिए स्मरण किया जाता है, जहाँ 1974 में गौरा देवी के नेतृत्व में महिलाओं ने पेड़ों से चिपककर उन्हें बचाया। दशोली ग्राम स्वराज्य संघ के चंडी प्रसाद भट्ट ने पहले विरोध संगठित किए। विकल्प B गलत है क्योंकि कुमाऊँ का अल्मोड़ा चंद शासकों और बाद के समाज सुधार का केंद्र था, चिपको का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि टिहरी गढ़वाल सुंदरलाल बहुगुणा और टिहरी बाँध विरोधी अभियान से जुड़ा है। विकल्प D गलत है क्योंकि सीमावर्ती ज़िले पिथौरागढ़ की पहले विरोध प्रदर्शनों में कोई भूमिका नहीं थी।
पूर्ण रूप से भारत की सीमा के भीतर स्थित सबसे ऊँची पर्वत चोटी कौन सी है?
- A.कामेत
- B.त्रिशूल
- C.कंचनजंगा
- D.नंदा देवी
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. नंदा देवी
व्याख्या
सही उत्तर D, नंदा देवी है। चमोली ज़िले की नंदा देवी 7,816 मीटर ऊँची है और उत्तराखंड की सर्वोच्च चोटी तथा पूर्णतः भारत में स्थित सबसे ऊँचा पर्वत भी है, क्योंकि यह किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा से दूर है; इसके चारों ओर का अभयारण्य विश्व धरोहर स्थल है। विकल्प A गलत है क्योंकि चमोली की ही कामेत लगभग 7,756 मीटर ऊँची है और राज्य में दूसरे स्थान पर है। विकल्प B गलत है क्योंकि 7,120 मीटर की त्रिशूल इससे नीची है और वही चोटी है जिस पर 1907 में टॉम लांगस्टाफ पहले चढ़े। विकल्प C गलत है क्योंकि 8,586 मीटर की कंचनजंगा भारत की सर्वोच्च चोटी है परंतु सिक्किम और नेपाल की सीमा पर है, इसलिए पूर्णतः भारत में नहीं। माउंट एवरेस्ट भारत में नहीं है, और भारतीय चोटियों का क्रम कंचनजंगा, नंदा देवी, कामेत याद रखना उपयोगी है। नंदा देवी अभयारण्य में प्रवेश 1983 से प्रतिबंधित है।
भारत का सबसे ऊँचा बाँध टिहरी बाँध किस नदी पर बना है?
- A.भागीरथी
- B.अलकनंदा
- C.यमुना
- D.रामगंगा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भागीरथी
व्याख्या
सही उत्तर A, भागीरथी है। टिहरी बाँध पुराने टिहरी नगर के निकट वहाँ बना है जहाँ भिलंगना भागीरथी में मिलती है, यह लगभग 260 मीटर ऊँचा है और भारत का सबसे ऊँचा बाँध तथा विश्व के सबसे ऊँचे मिट्टी और पत्थर भराव बाँधों में एक है; सुंदरलाल बहुगुणा ने इसके विरुद्ध लंबा अभियान चलाया। विकल्प B गलत है क्योंकि अलकनंदा पर विष्णुप्रयाग और श्रीनगर जैसी अन्य परियोजनाएँ हैं, टिहरी नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि इस राज्य में यमुना का उपयोग डाकपत्थर और इचारी में होता है, जो बहुत छोटे निर्माण हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि रामगंगा पर कॉर्बेट उद्यान से लगे कालागढ़ में बाँध है। स्मरण रखें कि सतलुज पर भाखड़ा सबसे ऊँचा कंक्रीट गुरुत्व बाँध है। टिहरी परियोजना में पुराना टिहरी नगर जलमग्न हो गया और जलाशय के ऊपर नया टिहरी बसाया गया; मुख्य बाँध के ठीक नीचे कोटेश्वर बाँध है।
भारत का कौन सा राज्य संस्कृत को द्वितीय राजभाषा का दर्जा देने वाला पहला राज्य था?
- A.हिमाचल प्रदेश
- B.उत्तराखंड
- C.उत्तर प्रदेश
- D.मध्य प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उत्तराखंड
व्याख्या
सही उत्तर B, उत्तराखंड है। उत्तराखंड ने 2010 में संस्कृत को द्वितीय राजभाषा बनाया और ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बना, जबकि हिंदी प्रथम राजभाषा बनी रही; यह निर्णय उस राज्य के अनुरूप है जिसके चार धाम और मंदिर नगर जीवित संस्कृत परंपरा संभालते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि हिमाचल प्रदेश ने यही कदम बाद में 2019 में उठाया और इसलिए वह दूसरा ऐसा राज्य है, इन दोनों को परीक्षक आपस में बदलकर पूछते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश में हिंदी के साथ उर्दू द्वितीय राजभाषा है। विकल्प D गलत है क्योंकि मध्य प्रदेश की राजभाषा केवल हिंदी है। गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी उत्तराखंड की बोलियाँ हैं परंतु उन्हें कोई राजभाषा का दर्जा नहीं है। राज्य में संस्कृत विद्यालयों का जाल है और हरिद्वार में संस्कृत विश्वविद्यालय भी, इसी कारण यह तथ्य राज्यों में प्रथम के रूप में पूछा जाता है।
उत्तराखंड का राज्य पक्षी इनमें से कौन है?
- A.पश्चिमी ट्रैगोपान
- B.हिमालयी मोनाल
- C.सारस क्रेन
- D.ग्रेट इंडियन बस्टर्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हिमालयी मोनाल
व्याख्या
सही उत्तर B, हिमालयी मोनाल है। मोनाल ऊँचे वनों का चमकीला तीतर वर्गीय पक्षी है, जिसे स्थानीय भाषा में मुनाल कहते हैं, और यही उत्तराखंड का राज्य पक्षी है; राज्य पशु कस्तूरी मृग है, राज्य वृक्ष बुरांश और राज्य पुष्प ब्रह्म कमल। विकल्प A गलत है क्योंकि पश्चिमी ट्रैगोपान अर्थात जुजुराना हिमाचल प्रदेश का राज्य पक्षी है, और इन दोनों हिमालयी पक्षियों में ही सबसे अधिक भ्रम होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि सारस क्रेन उत्तर प्रदेश का राज्य पक्षी है, जो उत्तराखंड का मूल राज्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्रेट इंडियन बस्टर्ड राजस्थान का राज्य पक्षी है, जो मरुस्थलीय प्रजाति है और हिमालय में नहीं पाई जाती। मोनाल नेपाल का राष्ट्रीय पक्षी भी है, जहाँ इसे डाँफे कहते हैं, और परीक्षक कभी कभी इसी कड़ी का उपयोग सुमेलित करने वाले प्रश्न में करते हैं। हिमाचल का राज्य पशु हिम तेंदुआ है।
उत्तराखंड का कौन सा दर्रा कैलास मानसरोवर यात्रा के पारंपरिक मार्ग पर पड़ता है?
- A.रोहतांग दर्रा
- B.शिपकी ला
- C.लिपुलेख दर्रा
- D.नाथू ला
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लिपुलेख दर्रा
व्याख्या
सही उत्तर C, लिपुलेख दर्रा है। लिपुलेख पिथौरागढ़ ज़िले में उत्तराखंड, नेपाल और तिब्बत के मिलन बिंदु पर है, और कैलास मानसरोवर यात्रा का सबसे पुराना सरकारी मार्ग काली घाटी से होकर इसे पार करता है; चमोली के माना और नीति राज्य के अन्य तिब्बत मार्गी दर्रे हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि रोहतांग दर्रा हिमाचल प्रदेश में है और कुल्लू को लाहौल स्पीति से जोड़ता है। विकल्प B गलत है क्योंकि शिपकी ला हिमाचल का वह दर्रा है जहाँ से सतलुज भारत में प्रवेश करती है, और वह व्यापार मार्ग है, यह यात्रा मार्ग नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि नाथू ला सिक्किम में प्राचीन रेशम मार्ग पर है और उससे जुड़ा कैलास मार्ग बहुत बाद में खोला गया। लिपुलेख तिब्बत जाने वाले पुराने नमक और ऊन व्यापार मार्ग पर भी है, जिसका उपयोग पिथौरागढ़ के भोटिया व्यापारी करते थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तराखंड का गठन कब हुआ और इसका पहला नाम क्या था?
उत्तराखंड का गठन 9 नवंबर 2000 को उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 के अंतर्गत भारत के सत्ताईसवें राज्य के रूप में हुआ, जिसने गढ़वाल और कुमाऊँ के पर्वतीय ज़िलों को उत्तर प्रदेश से अलग किया। इसका नाम जन्म के समय उत्तरांचल था और 1 जनवरी 2007 को इसे उत्तराखंड कर दिया गया, जो पुराणों में इसी भूभाग का नाम है। नित्यानंद स्वामी इसके पहले मुख्यमंत्री थे।
गंगा नदी को उसका नाम कहाँ मिलता है?
टिहरी गढ़वाल ज़िले के देवप्रयाग पर, जहाँ भागीरथी अलकनंदा से मिलती है। भागीरथी गंगोत्री हिमनद के गोमुख से निकलती है और अलकनंदा सतोपंथ तथा भगीरथ खरक हिमनदों से। देवप्रयाग पंच प्रयाग में अंतिम है; पहले चार धौलीगंगा पर विष्णुप्रयाग, नंदाकिनी पर नंदप्रयाग, पिंडर पर कर्णप्रयाग और मंदाकिनी पर रुद्रप्रयाग हैं।
जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान परीक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है, जो 1936 में नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल की पहाड़ियों में हेली राष्ट्रीय उद्यान के नाम से अधिसूचित हुआ, बाद में रामगंगा राष्ट्रीय उद्यान कहा गया और 1957 में जिम कॉर्बेट के नाम पर रखा गया। प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत 1 अप्रैल 1973 को इसी उद्यान से हुई, इसलिए यह वन्यजीव संरक्षण के प्रथम तथ्य और उत्तराखंड के बाघ अभयारण्य दोनों रूपों में पूछा जाता है।
उत्तराखंड के चार धाम कौन से हैं?
यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ, जिनकी यात्रा इसी क्रम में होती है। यमुनोत्री और गंगोत्री यमुना तथा भागीरथी के उद्गम के निकट हैं, मंदाकिनी घाटी का केदारनाथ बारह ज्योतिर्लिंगों में एक है, और अलकनंदा पर स्थित बद्रीनाथ आदि शंकराचार्य द्वारा बताए भारत के चार धामों में एक है।
उत्तराखंड का कौन सा आंदोलन पेड़ बचाने के लिए स्मरण किया जाता है?
चिपको आंदोलन, जो 1973 में चमोली ज़िले के मंडल गाँव से आरंभ हुआ और गढ़वाल की पहाड़ियों में फैला। ग्रामीणों ने, और सबसे बढ़कर 1974 में गौरा देवी के नेतृत्व में रैणी गाँव की महिलाओं ने, ठेकेदारों को पेड़ काटने से रोकने के लिए उन्हें गले लगा लिया। चंडी प्रसाद भट्ट और सुंदरलाल बहुगुणा ने आंदोलन का नेतृत्व किया और इसी से ऊँचे हिमालय में हरे पेड़ों की कटाई पर रोक लगी।
स्रोत
- उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 — इंडिया कोड, भारत सरकार
- कॉर्बेट बाघ अभयारण्य: इतिहास और अधिसूचना — राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण
- नंदा देवी और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान, विश्व धरोहर सूची — यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र
- रामसर स्थल सूचना सेवा: आसन संरक्षण रिज़र्व — रामसर अभिसमय सचिवालय





