भारत का कौन सा शास्त्रीय नृत्य उत्तर प्रदेश क्षेत्र के मंदिरों और दरबारों में विकसित हुआ?
- A.ओडिसी
- B.कथक
- C.मोहिनीअट्टम
- D.सत्रिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कथक
व्याख्या
सही उत्तर है B, कथक। इसका नाम कथा शब्द से आया है, जिसे उत्तर भारत के घुमंतू कथावाचक हाव भाव से सुनाते थे, और इस नृत्य ने अपना वर्तमान रूप ब्रज के मंदिरों तथा लखनऊ और जयपुर के दरबारों में पाया। इसकी पहचान तेज चक्कर, घुंघरुओं पर गिनी जाने वाली जटिल पदचाप और नर्तक तथा तबला वादक के बीच चलने वाला संवाद है।
विकल्प A, ओडिसी, ओडिशा का नृत्य है और वह अपने मंदिरों की मूर्तिकला की मुद्राओं पर टिका है। विकल्प C, मोहिनीअट्टम, केरल का कोमल एकल नृत्य रूप है। विकल्प D, सत्रिया, असम के उन सत्रों से आया है जिनकी स्थापना शंकरदेव ने की थी। कथक के साथ उत्तर प्रदेश की लोक परंपराओं में नौटंकी, रासलीला और ब्रज का चरकुला नृत्य भी आते हैं।