जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सामान्य ज्ञान: परीक्षा तथ्य
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख पर परीक्षा नोट्स: 2019 का पुनर्गठन, अनुच्छेद 370 और 35A, नदियां-झीलें, दर्रे, राष्ट्रीय उद्यान और भौगोलिक संकेत वाले शिल्प।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 6 मिनट

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख वे दो केंद्र शासित प्रदेश हैं जो 2019 में पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर राज्य के पुनर्गठन से बने। परीक्षा के लिए यह राज्य सामान्य ज्ञान का सबसे समृद्ध विषय है, क्योंकि इसमें संवैधानिक विधि, भौतिक भूगोल, रामसर आर्द्रभूमियां, मठ, मुगल उद्यान और भौगोलिक संकेत वाले शिल्प सब मिलते हैं। एसएससी, रेलवे और राज्य प्रश्नपत्र लगभग हर वर्ष पुनर्गठन पर, वुलर झील पर, किसी दर्रे पर या केसर पर प्रश्न देते हैं, और यूपीएससी इसी भूमि से सिंधु जल के प्रश्न बनाता है। यह नोट दोनों केंद्र शासित प्रदेशों को साथ लेता है, जैसा परीक्षक लेता है।
2019 का पुनर्गठन
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 अगस्त 2019 में संसद से पारित हुआ और 31 अक्टूबर 2019 को प्रवृत्त हुआ, जिसे नियत दिवस कहा जाता है। इसने राज्य को दो भागों में बांटा — जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश, जिसमें विधानसभा है, और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश, जिसमें विधानसभा नहीं है। अतः लद्दाख का प्रशासन उपराज्यपाल करते हैं, जिनकी सहायता लेह की 1995 में बनी तथा कारगिल की 2003 में बनी लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदें करती हैं।
संवैधानिक पृष्ठभूमि सबसे अधिक पूछा जाने वाला भाग है। अनुच्छेद 370 राज्य को विशेष दर्जा देता था और अनुच्छेद 35A, जो 1954 के राष्ट्रपति आदेश से जोड़ा गया, राज्य को अपने स्थायी निवासी परिभाषित करने तथा उनके लिए अधिकार आरक्षित करने देता था। दोनों 5 अगस्त 2019 से प्रभावहीन हो गए, संसद की सहमति से जारी राष्ट्रपति आदेशों के द्वारा, और उच्चतम न्यायालय ने दिसंबर 2023 के अपने निर्णय में उस कार्रवाई को वैध ठहराया। जम्मू-कश्मीर का अपना उच्च न्यायालय बना रहा, जिसका नाम अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय है और जो दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के लिए श्रीनगर तथा जम्मू में बैठता है। श्रीनगर प्रशासन की ग्रीष्म और जम्मू शीत राजधानी है, तथा लेह लद्दाख का मुख्यालय है। जम्मू-कश्मीर राजभाषा अधिनियम, 2020 के अनुसार उस केंद्र शासित प्रदेश की राजभाषाएं कश्मीरी, डोगरी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी हैं।
भौतिक भूगोल: श्रेणियां, दर्रे और शिखर
दक्षिण से उत्तर की ओर पांच श्रेणियां इस क्षेत्र से गुजरती हैं — शिवालिक, पीर पंजाल, वृहत् हिमालय, जांस्कर और लद्दाख श्रेणी, और इनके पार काराकोरम। पीर पंजाल कश्मीर घाटी को जम्मू के मैदानों से अलग करती है और उसे बनिहाल दर्रा काटता है, जिसके नीचे से 1956 की जवाहर सुरंग सड़क ले जाती है। कश्मीर घाटी स्वयं झेलम की संरचनात्मक घाटी है; झेलम वेरीनाग से निकलती है और स्थानीय रूप से उसे व्यथ कहते हैं। नूब्रा घाटी का सियाचिन हिमनद काराकोरम का सबसे लंबा हिमनद है, और 1984 के ऑपरेशन मेघदूत ने भारतीय सेना को उस पर स्थापित किया।
| दर्रा | क्या जोड़ता है | विशेषता |
|---|---|---|
| जोजी ला | कश्मीर घाटी को लद्दाख से | श्रीनगर–लेह मार्ग पर; इसके नीचे जोजिला सुरंग बन रही है |
| बनिहाल | जम्मू को कश्मीर घाटी से | इसके नीचे 1956 की जवाहर सुरंग है |
| फोटु ला | लद्दाख के भीतर, श्रीनगर–लेह मार्ग पर | उस राजमार्ग का सबसे ऊंचा दर्रा |
| खारदुंग ला | लेह को नूब्रा घाटी से | सियाचिन के मार्ग पर |
| चांग ला | लेह को पैंगोंग त्सो से | चांगथांग पठार का द्वार |
| उमलिंग ला | पूर्वी लद्दाख में | विश्व की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क, सीमा सड़क संगठन द्वारा निर्मित |
| काराकोरम दर्रा | लद्दाख को शिनजियांग से | मध्य एशिया के ऐतिहासिक व्यापार मार्ग पर |
नदियां और झीलें
सिंधु भारत में लद्दाख से प्रवेश करती है और लेह के पास से उत्तर-पश्चिम बहती है, निम्मू में जांस्कर को तथा आगे श्योक को लेती है, और श्योक स्वयं नूब्रा को लेती है। जम्मू संभाग में चिनाब और रावी पश्चिम की ओर बहती हैं, तथा तवी जम्मू नगर से गुजरती है। 1960 की सिंधु जल संधि के अनुसार सिंधु, झेलम और चिनाब वे पश्चिमी नदियां हैं जो पाकिस्तान को दी गईं, जिन पर भारत को अनुपभोगी तथा सीमित भंडारण अधिकार हैं; इन पर बने नदी-प्रवाह आधारित परियोजनाओं में चिनाब पर सलाल, बगलिहार और दुलहस्ती, झेलम पर उरी, तथा लद्दाख में सिंधु पर निमू बाजगो हैं।
बांदीपोरा जिले में झेलम से पोषित वुलर झील भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील और रामसर स्थल है। श्रीनगर की डल झील अपने तैरते बागों और हाउसबोट के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध है; मानसबल कश्मीर घाटी की सबसे गहरी झील है। लद्दाख में पैंगोंग त्सो एक लंबी खारी झील है जो चीन के साथ साझा है, जबकि त्सो मोरीरी और त्सो कार चांगथांग पठार पर हैं और दोनों रामसर स्थल हैं, जैसे जम्मू-कश्मीर में होकरसर, सुरिनसर-मानसर, हाइगम और शालबुग भी हैं।
संरक्षित क्षेत्र और वन्यजीव
श्रीनगर के निकट दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान हंगुल अर्थात कश्मीरी हिरण का अंतिम आश्रय है, जो भारत का एकमात्र रेड डियर है। किश्तवाड़ उच्च तुंगता राष्ट्रीय उद्यान चिनाब बेसिन में है और बारामुला का काजीनाग राष्ट्रीय उद्यान मारखोर की रक्षा करता है। लद्दाख में हेमिस राष्ट्रीय उद्यान ऊंचाई पर बसा उद्यान है जो हिम तेंदुए के लिए प्रसिद्ध है और दक्षिण एशिया के सबसे बड़े राष्ट्रीय उद्यानों में गिना जाता है, तथा चांगथांग शीत मरुस्थल वन्यजीव अभयारण्य काली गर्दन वाले सारस, कियांग यानी तिब्बती जंगली गधे और उस चांगथांगी बकरी की रक्षा करता है जिसके ऊन से पश्मीना बनता है। दो कूबड़ वाला बैक्ट्रियन ऊंट नूब्रा घाटी के हुंदर में बचा है। पूर्वी लद्दाख के हानले में भारतीय तारा भौतिकी संस्थान की भारतीय खगोलीय वेधशाला है और भारत का पहला डार्क स्काई रिजर्व है, जो 2022 में अधिसूचित हुआ।
इतिहास, स्मारक और शिल्प
कल्हण की राजतरंगिणी, जो बारहवीं सदी में संस्कृत में लिखी गई, कश्मीर के राजाओं का इतिवृत्त है और भारत से मिला सबसे पहला क्रमबद्ध ऐतिहासिक वृत्तांत है। कर्कोट वंश के ललितादित्य मुक्तापीड, जिन्होंने अनंतनाग में मार्तंड सूर्य मंदिर बनवाया, और उत्पल वंश के अवंतिवर्मन, जिन्होंने अवंतिपोरा के मंदिर बनवाए, पूर्व मध्यकाल के हैं। शाहमीरी वंश के जैन-उल-आबिदीन, जो बुदशाह के नाम से स्मरण किए जाते हैं, कश्मीर में शाल बुनाई, पेपर माशे और कालीन बुनाई के शिल्पियों को लाने के लिए जाने जाते हैं। लल देद और शेख नूरुद्दीन नूरानी ऋषि परंपरा के संत-कवि हैं। गुलाब सिंह ने 1846 की अमृतसर संधि के बाद डोगरा राज्य की नींव रखी, और महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए।
श्रीनगर के मुगल उद्यान स्वयं प्रश्न बनते हैं: शालीमार बाग जहांगीर ने 1619 में, निशात बाग आसफ खान ने 1633 में और चश्मा शाही शाहजहां के काल में बनवाया, तथा परी महल नगर के ऊपर है। मंदिरों और दरगाहों में कटरा के निकट त्रिकूट पहाड़ियों की वैष्णो देवी, पहलगाम के ऊपर अमरनाथ गुफा, जम्मू के रघुनाथ तथा मुबारक मंडी परिसर, श्रीनगर की गोपाद्रि पहाड़ी का शंकराचार्य मंदिर और हजरतबल दरगाह हैं। लद्दाख में हेमिस, थिकसे, अलची, लामायुरु, डिस्किट और फुगताल के मठ पहचान हैं, तथा हेमिस त्सेचू, लोसर और लेह का सिंधु दर्शन उत्सव हैं; श्रीनगर के इंदिरा गांधी स्मृति ट्यूलिप उद्यान का ट्यूलिप महोत्सव और जम्मू का बाहु मेला पीर पंजाल के दूसरी ओर के हैं।
शिल्पों पर भौगोलिक संकेत के टैग हैं: कश्मीर पश्मीना, कानी शाल, कश्मीरी हस्त-गंठित कालीन, सोजनी कढ़ाई, पेपर माशे, अखरोट की लकड़ी की नक्काशी, खतमबंद काष्ठकला, कश्मीरी विलो के क्रिकेट बैट, जम्मू की बसोहली चित्रकला और भद्रवाह राजमाश। कश्मीर केसर, जो मुख्यतः पुलवामा जिले के पांपोर के आसपास उगता है, को 2020 में भौगोलिक संकेत का टैग मिला, और पांपोर भारत का केसर नगर कहा जाता है। रौफ और हाफिजा कश्मीर घाटी के लोकनृत्य हैं, दुमहाल वत्तल समुदाय के पुरुष करते हैं, कुद और हेरन जम्मू के हैं, तथा जाब्रो और शोंडोल लद्दाख के; भांड पाथर कश्मीर का लोक रंगमंच है और सूफियाना मौसिकी उसका शास्त्रीय संगीत। रियासी जिले का चिनाब रेल पुल, विश्व का सबसे ऊंचा रेल मेहराब पुल, उधमपुर–श्रीनगर–बारामुला रेल संपर्क को नदी के पार ले जाता है।
परीक्षा की दृष्टि से
इस विषय से प्रश्नों की चार धाराएं आती हैं। संवैधानिक धारा तिथियां पूछती है: विलय के लिए 26 अक्टूबर 1947, अनुच्छेद 370 तथा 35A के लिए 5 अगस्त 2019, पुनर्गठन के लिए 31 अक्टूबर 2019, और दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में किसमें विधानमंडल है। भूगोल धारा नदियां तथा सिंधु जल संधि का तीन पश्चिमी बनाम तीन पूर्वी नदियों का बंटवारा पूछती है, वुलर के साथ झेलम, और दर्रे, जिनमें जोजी ला, बनिहाल, खारदुंग ला, चांग ला तथा उमलिंग ला सामान्य समूह हैं। पारिस्थितिकी धारा दाचीगाम के साथ हंगुल, हेमिस के साथ हिम तेंदुआ, चांगथांग के साथ काली गर्दन वाला सारस तथा रामसर आर्द्रभूमियां पूछती है। संस्कृति धारा कल्हण, मुगल उद्यान और उनके निर्माता, पांपोर का केसर, पश्मीना, तथा रौफ, दुमहाल और भांड पाथर लोक रूप पूछती है। आम जाल हैं 5 अगस्त को पुनर्गठन की तिथि बता देना, वुलर को सिंधु से जोड़ देना, और सोपोर को पांपोर से मिला देना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पुनर्गठन अधिनियम प्रवृत्त | 31 अक्टूबर 2019, नियत दिवस |
|---|---|
| अनुच्छेद 370 और 35A | 5 अगस्त 2019 से प्रभावहीन |
| विधानमंडल वाला केंद्र शासित प्रदेश | जम्मू-कश्मीर; लद्दाख में नहीं |
| लद्दाख की पर्वतीय परिषदें | लेह, 1995 और कारगिल, 2003 |
| उच्च न्यायालय | जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय, श्रीनगर तथा जम्मू में |
| जम्मू-कश्मीर की राजभाषाएं | कश्मीरी, डोगरी, उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी, 2020 के अधिनियम से |
| भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील | वुलर, झेलम से पोषित, बांदीपोरा जिला |
| झेलम का उद्गम | अनंतनाग जिले का वेरीनाग; स्थानीय नाम व्यथ |
| काराकोरम का सबसे लंबा हिमनद | सियाचिन, नूब्रा घाटी के शीर्ष पर |
| 1960 की संधि की पश्चिमी नदियां | सिंधु, झेलम और चिनाब |
| हंगुल | कश्मीरी हिरण, भारत का एकमात्र रेड डियर; दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान |
| भारत का पहला डार्क स्काई रिजर्व | हानले, लद्दाख, 2022 में अधिसूचित |
| राजतरंगिणी | कल्हण द्वारा बारहवीं सदी में रचित |
| शालीमार बाग | जहांगीर द्वारा 1619 में डल झील के किनारे बनवाया |
| भारत का केसर नगर | पांपोर, पुलवामा जिला; 2020 में भौगोलिक संकेत टैग |
| विलय पत्र | महाराजा हरि सिंह द्वारा 26 अक्टूबर 1947 को हस्ताक्षरित |
| विश्व का सबसे ऊंचा रेल मेहराब पुल | चिनाब रेल पुल, रियासी जिला, उधमपुर–श्रीनगर–बारामुला संपर्क पर |
| लोक रूप | कश्मीर में रौफ और हाफिजा, वत्तल का दुमहाल, जम्मू में कुद, लद्दाख में जाब्रो |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 किस तिथि को प्रवृत्त हुआ?
- A.5 अगस्त 2019
- B.9 अगस्त 2019
- C.31 अक्टूबर 2019
- D.26 जनवरी 2020
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 31 अक्टूबर 2019 है। अधिनियम संसद से अगस्त 2019 में पारित हुआ, पर वह नियत दिवस जिस पर पूर्ववर्ती राज्य समाप्त हुआ और जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख के दो केंद्र शासित प्रदेश अस्तित्व में आए, 31 अक्टूबर 2019 था। विकल्प A गलत है क्योंकि 5 अगस्त 2019 उन राष्ट्रपति आदेशों की तिथि है जिनसे अनुच्छेद 370 और 35A प्रभावहीन हुए; पुनर्गठन उसके बाद हुआ। विकल्प B गलत है क्योंकि 9 अगस्त 2019 को अधिनियम को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली, जो प्रवर्तन से भिन्न बात है। विकल्प D गलत है क्योंकि 26 जनवरी 2020 को दादरा और नगर हवेली का दमन और दीव से विलय हुआ, जो असंबंधित पुनर्गठन है। 5 अगस्त, 9 अगस्त और 31 अक्टूबर को अलग-अलग याद रखें, क्योंकि प्रश्नपत्र तीनों को विकल्प बनाते हैं।
2019 में बने दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में किसमें विधानसभा नहीं है?
- A.जम्मू-कश्मीर
- B.लद्दाख
- C.दोनों में विधानसभा है
- D.किसी में भी विधानसभा नहीं है
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, लद्दाख है। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 ने जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश को विधानसभा दी, पर लद्दाख को विधानमंडल रहित केंद्र शासित प्रदेश बनाया, जिसका प्रशासन उपराज्यपाल करते हैं। लद्दाख में स्थानीय प्रतिनिधित्व इसके बदले लेह की 1995 में बनी तथा कारगिल की 2003 में बनी लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषदों से आता है। विकल्प A गलत है क्योंकि जम्मू-कश्मीर उन केंद्र शासित प्रदेशों में है जिनमें विधानसभा है, दिल्ली और पुडुचेरी के साथ। विकल्प C गलत है क्योंकि दोनों में से केवल एक में विधानसभा है। विकल्प D गलत है क्योंकि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा है। विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेशों की सूची याद रखें: दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर। दिल्ली को विधानसभा अनुच्छेद 239AA से और पुडुचेरी को अनुच्छेद 239A से मिलती है, जबकि जम्मू-कश्मीर की विधानसभा स्वयं 2019 के पुनर्गठन अधिनियम से आती है, अतः तीनों का आधार तीन भिन्न उपबंध हैं।
भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील वुलर किस नदी से पोषित होती है?
- A.चिनाब
- B.झेलम
- C.सिंधु
- D.रावी
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व्याख्या
सही उत्तर B, झेलम है। वुलर झील कश्मीर घाटी के बांदीपोरा जिले में है और झेलम ही उसे भरती तथा उससे निकलती है; झेलम वेरीनाग से निकलती है और स्थानीय रूप से व्यथ कहलाती है, और झील नदी के लिए प्राकृतिक बाढ़ बेसिन का काम करती है तथा रामसर स्थल है। विकल्प A गलत है क्योंकि चिनाब जम्मू संभाग से बहती है और उस पर सलाल, बगलिहार तथा दुलहस्ती परियोजनाएं हैं, पर वह ऐसी कोई झील नहीं भरती। विकल्प C गलत है क्योंकि सिंधु लद्दाख से बहती है और पैंगोंग त्सो के क्षेत्र से उसका संबंध केवल निकटता का है, अपवाह का नहीं, क्योंकि पैंगोंग बंद खारी झील है। विकल्प D गलत है क्योंकि रावी जम्मू संभाग के साथ पंजाब की ओर बहती है। याद रखने योग्य जोड़ी वुलर और झेलम है, क्योंकि परीक्षक सिंधु को भ्रमक विकल्प बनाते हैं।
श्रीनगर के निकट दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान किस पशु के संरक्षण के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध है?
- A.मारखोर
- B.हंगुल, कश्मीरी हिरण
- C.हिम तेंदुआ
- D.काली गर्दन वाला सारस
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व्याख्या
सही उत्तर B, हंगुल अर्थात कश्मीरी हिरण है। दाचीगाम, जो श्रीनगर के ठीक पूर्व में है और जिसके नाम का अर्थ दस गांव है, हंगुल का अंतिम गढ़ है; हंगुल भारत में पाया जाने वाला एकमात्र रेड डियर है। विकल्प A गलत है क्योंकि मारखोर, जो सर्पिल सींगों वाला जंगली बकरा है, मुख्यतः बारामुला जिले के काजीनाग राष्ट्रीय उद्यान और हीरापोरा अभयारण्य में संरक्षित है। विकल्प C गलत है क्योंकि हिम तेंदुआ लद्दाख के हेमिस राष्ट्रीय उद्यान तथा ऊंचे हिमालय से जुड़ा है, दाचीगाम से नहीं, यद्यपि वह ऊपरी भागों में मिलता है। विकल्प D गलत है क्योंकि काली गर्दन वाला सारस लद्दाख के चांगथांग पठार पर प्रजनन करता है और चांगथांग शीत मरुस्थल वन्यजीव अभयारण्य तथा त्सो मोरीरी और त्सो कार की रामसर आर्द्रभूमियों में संरक्षित है।
श्रीनगर–लेह राजमार्ग पर कौन सा दर्रा कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ता है?
- A.बनिहाल दर्रा
- B.जोजी ला
- C.खारदुंग ला
- D.चांग ला
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व्याख्या
सही उत्तर B, जोजी ला है। जोजी ला श्रीनगर–लेह राजमार्ग पर सोनमर्ग और द्रास के बीच है और कश्मीर घाटी से लद्दाख जाने का द्वार है; सड़क को शीतकाल में खुला रखने के लिए इसके नीचे जोजिला सुरंग बन रही है। विकल्प A गलत है क्योंकि बनिहाल दर्रा पीर पंजाल पर है और जम्मू को कश्मीर घाटी से जोड़ता है, और उसके नीचे 1956 की जवाहर सुरंग है। विकल्प C गलत है क्योंकि खारदुंग ला लेह के उत्तर में है और लेह को सियाचिन की ओर जाते नूब्रा घाटी से जोड़ता है, अतः वह लद्दाख के भीतर है। विकल्प D गलत है क्योंकि चांग ला लेह को पैंगोंग त्सो तथा चांगथांग पठार से जोड़ता है, वह भी लद्दाख के भीतर का दर्रा है, घाटी से प्रवेश का मार्ग नहीं।
2020 में भौगोलिक संकेत टैग पाने वाला कश्मीर केसर मुख्यतः किस नगर के आसपास उगाया जाता है?
- A.पांपोर
- B.सोपोर
- C.बारामुला
- D.अनंतनाग
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, पांपोर है। पुलवामा जिले का पांपोर, जो झेलम के किनारे करेवा ऊपरी भूमि पर है, कश्मीर का अधिकांश केसर उपजाता है और भारत का केसर नगर कहलाता है; इस फसल को 2020 में उसकी ऊंची क्रोसिन मात्रा और गहरे रंग के कारण भौगोलिक संकेत टैग मिला। विकल्प B गलत है क्योंकि बारामुला जिले का सोपोर कश्मीर का सेब नगर कहलाता है, केसर के लिए नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि बारामुला वह जिला है जहां से झेलम घाटी छोड़ती है और जो काजीनाग राष्ट्रीय उद्यान तथा मारखोर के लिए जाना जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनंतनाग वेरीनाग का जिला है, जहां झेलम निकलती है, तथा ललितादित्य मुक्तापीड के बनवाए मार्तंड सूर्य मंदिर का। जोड़ियां पक्की करें: केसर के लिए पांपोर, सेब के लिए सोपोर।
कश्मीर के राजाओं का इतिवृत्त राजतरंगिणी किसने लिखा?
- A.बिल्हण
- B.कल्हण
- C.क्षेमेंद्र
- D.सोमदेव
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, कल्हण है। कल्हण ने बारहवीं सदी में संस्कृत पद्य में राजतरंगिणी लिखी, जो पौराणिक काल से उनके समय तक कश्मीर के शासकों का इतिहास है, और इसे भारत में रचा गया सबसे पहला क्रमबद्ध ऐतिहासिक वृत्तांत माना जाता है; बाद के लेखकों ने इसे आगे बढ़ाया। विकल्प A गलत है क्योंकि बिल्हण वे कश्मीरी कवि थे जो चालुक्य दरबार गए और जिन्होंने विक्रमादित्य षष्ठ की प्रशंसा में विक्रमांकदेवचरित लिखा। विकल्प C गलत है क्योंकि क्षेमेंद्र पहले के कश्मीरी लेखक थे, जो बृहत्कथामंजरी तथा काव्यशास्त्र की रचनाओं के लिए जाने जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि सोमदेव ने कथासरित्सागर लिखा, जो बृहत्कथा परंपरा से ली गई कहानियों का विशाल संग्रह है, राजाओं का इतिवृत्त नहीं। यह भी ध्यान रखें कि राजतरंगिणी ही वह स्रोत है जहां से परीक्षक कर्कोट वंश के ललितादित्य मुक्तापीड और उत्पल वंश के अवंतिवर्मन के प्रश्न निकालते हैं।
श्रीनगर का शालीमार बाग किस मुगल शासक ने बनवाया?
- A.अकबर
- B.जहांगीर
- C.शाहजहां
- D.औरंगजेब
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, जहांगीर है। जहांगीर ने 1619 में डल झील के किनारे नूरजहां के लिए शालीमार बाग बनवाया, और वह श्रीनगर के मुगल उद्यानों में सबसे बड़ा है, जो सीढ़ीदार चबूतरों पर बीच में जलधारा के साथ बना है। विकल्प A गलत है क्योंकि अकबर ने 1586 में कश्मीर जीता और श्रीनगर में हरि पर्वत की किले-दीवार बनवाई, पर शालीमार उद्यान उनके बाद बना। विकल्प C गलत है क्योंकि चश्मा शाही शाहजहां के काल में बना और परी महल भी उनसे जुड़ा है; शालीमार उनके पिता की कृति है। विकल्प D गलत है क्योंकि औरंगजेब ने कश्मीर में इस प्रकार का कोई उद्यान नहीं बनवाया। तीनों को साथ याद करें: 1619 में जहांगीर का शालीमार, 1633 में आसफ खान का निशात और शाहजहां के काल का चश्मा शाही; तीनों डल झील के ऊपर ढलानों पर बने सीढ़ीदार चारबाग उद्यान हैं, और उसी कटक पर कुछ ऊपर परी महल है।
1960 की सिंधु जल संधि के अनुसार पश्चिमी नदियों के रूप में कौन तीन नदियां पाकिस्तान को दी गईं?
- A.रावी, व्यास और सतलुज
- B.सिंधु, झेलम और चिनाब
- C.झेलम, रावी और व्यास
- D.चिनाब, सतलुज और सिंधु
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, सिंधु, झेलम और चिनाब है। 1960 में विश्व बैंक की पक्षकारिता में हुई संधि ने तीन पश्चिमी नदियां पाकिस्तान को और तीन पूर्वी नदियां — रावी, व्यास तथा सतलुज — भारत को निर्बंध उपयोग के लिए दीं। पश्चिमी नदियों पर भारत को अनुपभोगी अधिकार, सीमित भंडारण और नदी-प्रवाह आधारित जल विद्युत का अधिकार है, इसीलिए चिनाब पर सलाल, बगलिहार और दुलहस्ती तथा झेलम पर उरी परियोजनाएं नदी-प्रवाह आधारित योजनाओं के रूप में बनी हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि वे तीन ठीक वही पूर्वी नदियां हैं जो भारत को मिलीं। विकल्प C और D गलत हैं क्योंकि दोनों में से प्रत्येक रावी, व्यास या सतलुज में से किसी पूर्वी नदी को पश्चिमी समूह में मिला देता है। तीन और तीन का विभाजन ही याद रखने योग्य तथ्य है।
2022 में अधिसूचित भारत का पहला डार्क स्काई रिजर्व लद्दाख में किस स्थान पर है?
- A.हुंदर
- B.हानले
- C.डिस्किट
- D.द्रास
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, हानले है। पूर्वी लद्दाख का हानले, जो चांगथांग शीत मरुस्थल वन्यजीव अभयारण्य के भीतर है, पहले से भारतीय तारा भौतिकी संस्थान की भारतीय खगोलीय वेधशाला का स्थान है, और आसपास का क्षेत्र 2022 में भारत के पहले डार्क स्काई रिजर्व के रूप में अधिसूचित हुआ, जिससे कृत्रिम प्रकाश खगोल विज्ञान तथा खगोल-पर्यटन के लिए रात्रि आकाश को बिगाड़ न सके। विकल्प A गलत है क्योंकि नूब्रा घाटी का हुंदर अपने बालू टिब्बों और दो कूबड़ वाले बैक्ट्रियन ऊंट के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि नूब्रा घाटी के डिस्किट में उस घाटी का सबसे पुराना और सबसे बड़ा मठ तथा मैत्रेय प्रतिमा है। विकल्प D गलत है क्योंकि जोजी ला के पार मार्ग पर बसा द्रास भारत के सबसे ठंडे आबाद स्थानों में गिना जाता है और निकट के कारगिल युद्ध स्मारक के लिए जाना जाता है।
महाराजा हरि सिंह ने जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय पत्र पर कब हस्ताक्षर किए?
- A.15 अगस्त 1947
- B.26 अक्टूबर 1947
- C.26 जनवरी 1950
- D.17 नवंबर 1956
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, 26 अक्टूबर 1947 है। रियासत के अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए, जब सीमा पार से समर्थित कबायली हमलावर राज्य में घुस आए, और अगले दिन भारतीय सेना को वायुमार्ग से श्रीनगर पहुंचाया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि 15 अगस्त 1947 को राज्य ने किसी अधिराज्य में विलय नहीं किया था और उसके बदले यथास्थिति समझौता चाहा था। विकल्प C गलत है क्योंकि 26 जनवरी 1950 भारत के संविधान के प्रवृत्त होने की तिथि है, जिस दिन राज्य के लिए अनुच्छेद 370 भी प्रभावी हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि 17 नवंबर 1956 को जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा ने राज्य का अपना संविधान अंगीकार किया, जो जनवरी 1957 में प्रवृत्त हुआ।
जिस सियाचिन हिमनद पर 1984 में ऑपरेशन मेघदूत चलाया गया, वह लद्दाख की किस घाटी में है?
- A.जांस्कर घाटी
- B.नूब्रा घाटी
- C.सुरु घाटी
- D.मारखा घाटी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, नूब्रा घाटी है। सियाचिन हिमनद पूर्वी काराकोरम में नूब्रा घाटी के शीर्ष पर है और उस श्रेणी का सबसे लंबा हिमनद है; नूब्रा नदी उसी से निकलकर श्योक में मिलती है, और श्योक सिंधु में। अप्रैल 1984 के ऑपरेशन मेघदूत ने भारतीय सेना को हिमनद तथा उसके पश्चिम की साल्टोरो कटक पर स्थापित किया। विकल्प A गलत है क्योंकि जांस्कर घाटी सिंधु के दक्षिण में है और उसकी नदी निम्मू में सिंधु से मिलती है। विकल्प C गलत है क्योंकि सुरु घाटी कारगिल जिले में है और उस पर चुटक परियोजना है। विकल्प D गलत है क्योंकि लेह के दक्षिण में हेमिस राष्ट्रीय उद्यान के भीतर की मारखा घाटी पैदल यात्रा का मार्ग है और उसमें इस आकार का कोई हिमनद नहीं। सियाचिन को नूब्रा, श्योक और काराकोरम के साथ याद रखें।
निम्नलिखित में से कौन कश्मीर घाटी का लोक रंगमंच रूप है?
- A.भांड पाथर
- B.नौटंकी
- C.जात्रा
- D.तमाशा
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व्याख्या
सही उत्तर A, भांड पाथर है। भांड पाथर कश्मीर घाटी का पारंपरिक व्यंग्यप्रधान लोक रंगमंच है, जिसे भांड समुदाय सुरनाई और ढोल के संगीत के साथ प्रस्तुत करता है, और जिसमें अभिनय, नृत्य तथा तीखी सामाजिक टिप्पणी मिली रहती है। विकल्प B गलत है क्योंकि नौटंकी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा का गीतप्रधान लोक रंगमंच है, जो अपने ऊंचे नगाड़े के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि जात्रा बंगाल, ओडिशा तथा पूर्वी भारत का खुले मंच का लोक रंगमंच है। विकल्प D गलत है क्योंकि तमाशा महाराष्ट्र का है और लावणी गीत परंपरा से विकसित हुआ। भांड पाथर के साथ कश्मीरी लोकनृत्य रौफ और हाफिजा, वत्तल समुदाय के पुरुषों का दुमहाल, तथा घाटी के शास्त्रीय संगीत सूफियाना मौसिकी को भी याद रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश कब बना?
31 अक्टूबर 2019 को, जब जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 प्रवृत्त हुआ और पूर्ववर्ती राज्य दो भागों में बंटा — विधानसभा वाला जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश और विधानसभा रहित लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश।
अनुच्छेद 35A क्या उपबंध करता था?
1954 के राष्ट्रपति आदेश से जोड़ा गया यह अनुच्छेद जम्मू-कश्मीर राज्य को यह तय करने देता था कि उसके स्थायी निवासी कौन हैं और उनके लिए संपत्ति, रोजगार तथा बसावट के अधिकार आरक्षित करने देता था। यह अनुच्छेद 370 के साथ 5 अगस्त 2019 से प्रभावहीन हो गया।
भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील कौन है?
कश्मीर घाटी के बांदीपोरा जिले की वुलर झील, जिसे झेलम भरती और जिससे झेलम निकलती है। यह रामसर स्थल है और नदी के लिए प्राकृतिक बाढ़ बेसिन का काम करती है। श्रीनगर की डल झील अधिक प्रसिद्ध है पर बहुत छोटी है।
कौन सा राष्ट्रीय उद्यान हंगुल की रक्षा करता है?
दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान, जो श्रीनगर के ठीक पूर्व में है। हंगुल अर्थात कश्मीरी हिरण भारत में पाया जाने वाला एकमात्र रेड डियर है और मुख्यतः इसी उद्यान में बचा है, जिसके ऊपरी भागों में भूरा भालू तथा कस्तूरी मृग भी हैं।
कश्मीर केसर कहां उगाया जाता है?
मुख्यतः पुलवामा जिले के पांपोर के आसपास करेवा ऊपरी भूमि पर, जिसे भारत का केसर नगर कहा जाता है। कश्मीर केसर को 2020 में उसकी ऊंची क्रोसिन मात्रा और गहरे रंग के कारण भौगोलिक संकेत टैग मिला।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए कौन उच्च न्यायालय है?
दोनों केंद्र शासित प्रदेशों के लिए साझा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय है, जो श्रीनगर तथा जम्मू में बैठता है। लद्दाख का अपना अलग उच्च न्यायालय नहीं है।
स्रोत
- जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 — भारत सरकार
- भारत में रामसर स्थल — पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- सिंधु जल संधि, 1960 — जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार





