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GK24

NDA 2020 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

NDA 2020 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान

प्रोकैरियोटिक जीवों में केंद्रक क्षेत्र झिल्ली से घिरा नहीं होता। इस अपरिभाषित केंद्रक क्षेत्र को क्या कहा जाता है?

  1. A.न्यूक्लिक अम्ल
  2. B.न्यूक्लिऑयड
  3. C.न्यूक्लिओलस
  4. D.न्यूक्लिओसोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. न्यूक्लिऑयड

व्याख्या

सही उत्तर है B, न्यूक्लिऑयड। प्रोकैरियोटिक कोशिका में आनुवंशिक पदार्थ कोशिकाद्रव्य में खुला पड़ा रहता है और उसके चारों ओर कोई केंद्रक झिल्ली नहीं होती, इस अस्पष्ट केंद्रक क्षेत्र को न्यूक्लिऑयड कहते हैं। बैक्टीरिया और नीले-हरे शैवाल प्रोकैरियोट हैं, और सच्चे केंद्रक के अभाव के साथ-साथ उनमें माइटोकॉन्ड्रिया, लवक या अंतर्द्रव्यी जालिका जैसे झिल्लीयुक्त कोशिकांग भी नहीं होते; उनके राइबोसोम 70S प्रकार के होते हैं और कोशिका भित्ति में पेप्टिडोग्लाइकेन रहता है। कवक, पादप तथा जंतु जैसे यूकैरियोट अपने डीएनए को केंद्रक आवरण नामक दोहरी झिल्ली के भीतर रखते हैं। A गलत है क्योंकि न्यूक्लिक अम्ल डीएनए और आरएनए का रासायनिक नाम है, कोशिका के किसी क्षेत्र का नहीं। C गलत है क्योंकि न्यूक्लिओलस सच्चे केंद्रक के भीतर का घना पिंड है जहाँ राइबोसोम जोड़े जाते हैं। D गलत है क्योंकि न्यूक्लिओसोम हिस्टोन प्रोटीन पर लिपटे डीएनए का मनका है, जो यूकैरियोट में मिलता है। परीक्षा टिप: प्रोकैरियोट का अर्थ न्यूक्लिऑयड और झिल्लीयुक्त कोशिकांगों का अभाव।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020मध्यम

कॉपर सल्फेट, सोडियम कार्बोनेट और जिप्सम में क्रिस्टलन जल के अणुओं की संख्या क्रमशः कितनी होती है?

  1. A.क्रमशः 5, 10 और 2
  2. B.क्रमशः 10, 2 और 5
  3. C.क्रमशः 5, 2 और 10
  4. D.क्रमशः 2, 5 और 10
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्रमशः 5, 10 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्रमशः 5, 10 और 2। कॉपर सल्फेट में जल के पाँच अणु, सोडियम कार्बोनेट में दस और जिप्सम में दो होते हैं, इसलिए पूछा गया क्रम 5, 10 और 2 है। क्रिस्टलन जल किसी लवण के एक सूत्र मात्रक के साथ जुड़े जल अणुओं की निश्चित संख्या है और इसे सूत्र में एक बिंदु के बाद लिखा जाता है। कॉपर सल्फेट CuSO4.5H2O है, यही नीला थोथा है जो गर्म करने पर सफ़ेद हो जाता है और जल डालने पर फिर नीला हो जाता है। सोडियम कार्बोनेट Na2CO3.10H2O है, जिसे रोज़ के काम में धोने का सोडा कहा जाता है, और जिप्सम CaSO4.2H2O है, जिसे आंशिक रूप से गर्म करने पर प्लास्टर ऑफ़ पेरिस बनता है। B गलत है क्योंकि इसमें कॉपर सल्फेट और सोडियम कार्बोनेट के अंक आपस में बदल गए हैं। C गलत है क्योंकि यह सोडियम कार्बोनेट को दो और जिप्सम को दस देता है। D गलत है क्योंकि इसमें कॉपर सल्फेट के पास केवल दो जल अणु बचते हैं। परीक्षा टिप: तीनों एक साथ याद रखें, नीला थोथा 5, धोने का सोडा 10 और जिप्सम 2।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान

निम्नलिखित में से किसने 1904 में अभिनव भारत नामक क्रांतिकारियों की गुप्त संस्था बनाई थी?

  1. A.खुदीराम बोस
  2. B.श्यामजी कृष्ण वर्मा
  3. C.हर दयाल
  4. D.वी. डी. सावरकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वी. डी. सावरकर

व्याख्या

सही उत्तर है D, वी. डी. सावरकर। विनायक दामोदर सावरकर ने अपने भाई गणेश के साथ मिलकर 1904 में नासिक में अभिनव भारत की स्थापना की। यह संस्था पहले की मित्र मेला नामक टोली से बनी थी और इसका नाम मैजिनी के यंग इटली से लिया गया, जिनकी जीवनी का सावरकर ने मराठी में अनुवाद किया था। संस्था नौजवानों को हथियार चलाना सिखाती थी, क्रांतिकारी साहित्य बाँटती थी और महाराष्ट्र के अलावा बाद में लंदन में भी इसकी शाखा बनी, जहाँ सावरकर छात्रवृत्ति पर गए और उन्होंने 1857 का भारतीय स्वातंत्र्य समर लिखा। यह संस्था अंततः 1952 में भंग की गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि खुदीराम बोस अनुशीलन समिति के युवा क्रांतिकारी थे, जिन्हें मुजफ्फरपुर बम कांड में 1908 में फाँसी हुई। विकल्प B गलत है, क्योंकि श्यामजी कृष्ण वर्मा ने 1905 में लंदन में इंडिया हाउस और इंडियन होम रूल सोसाइटी शुरू की थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाला हरदयाल ने 1913 में सैन फ्रांसिस्को में गदर पार्टी बनाई। परीक्षा टिप: अभिनव भारत 1904, इंडिया हाउस 1905, गदर पार्टी 1913।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान

न्यूट्रॉन की खोज किसने की थी?

  1. A.जेम्स चैडविक
  2. B.अर्नेस्ट रदरफोर्ड
  3. C.जे. जे. थॉमसन
  4. D.जॉन डाल्टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जेम्स चैडविक

व्याख्या

सही उत्तर है A, जेम्स चैडविक। चैडविक ने 1932 में न्यूट्रॉन की खोज की और इसी कार्य के लिए उन्हें 1935 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। उन्होंने बेरिलियम पर अल्फा कणों की बौछार की और पाया कि निकलने वाला विकिरण विद्युत या चुंबकीय क्षेत्र से मुड़ता नहीं, फिर भी पैराफिन से प्रोटॉन बाहर निकाल देता है। इसका एक ही अर्थ था कि यह आवेशरहित कण है जिसका द्रव्यमान प्रोटॉन के बराबर है, और उन्होंने इसे न्यूट्रॉन नाम दिया। इस खोज ने परमाणु का चित्र पूरा किया, क्योंकि नाभिक का द्रव्यमान पहले कम पड़ रहा था, और आगे चलकर नाभिकीय विखंडन संभव हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि रदरफोर्ड ने स्वर्ण पत्र प्रयोग से नाभिक खोजा और प्रोटॉन का श्रेय उन्हें दिया जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जे. जे. थॉमसन ने 1897 में कैथोड किरण नली से इलेक्ट्रॉन खोजा था। विकल्प D गलत है, क्योंकि जॉन डाल्टन ने 1803 में परमाणु सिद्धांत दिया, तब उपपरमाणु कण ज्ञात ही नहीं थे। परीक्षा टिप: इलेक्ट्रॉन थॉमसन, प्रोटॉन और नाभिक रदरफोर्ड, न्यूट्रॉन चैडविक।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान

सूर्य के प्रकाश का स्पेक्ट्रम प्राप्त करने के लिए सबसे पहले काँच के प्रिज्म का प्रयोग करने वाले वैज्ञानिक का नाम बताइए।

  1. A.सी. वी. रामन
  2. B.लॉर्ड रैले
  3. C.आइजक न्यूटन
  4. D.एस. चंद्रशेखर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आइजक न्यूटन

व्याख्या

सही उत्तर C, आइजक न्यूटन है। न्यूटन ने अंधेरे कमरे में सूर्य के प्रकाश की पतली किरण को काँच के प्रिज्म से गुजारकर दीवार पर सात रंगों की पट्टी प्राप्त की, जिसे उन्होंने स्पेक्ट्रम नाम दिया। इसके बाद दूसरे प्रिज्म से उन्होंने दिखाया कि वही रंग फिर से मिलकर श्वेत प्रकाश बना देते हैं, जिससे सिद्ध हुआ कि प्रिज्म प्रकाश को रंग देता नहीं, केवल उसमें पहले से मौजूद रंगों को अलग करता है। प्रिज्म के आधार की ओर से रंगों का क्रम बैनीआहपीनाला के रूप में याद रखा जाता है।

विकल्प A सी. वी. रामन ने अपने नाम से जाना जाने वाला प्रकीर्णन प्रभाव खोजा और 1930 में नोबेल पुरस्कार पाया। विकल्प B लॉर्ड रैले ने आकाश के नीले रंग वाला प्रकीर्णन समझाया। विकल्प D एस. चंद्रशेखर ने तारों की संरचना और विकास पर काम किया।

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