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GK24

रक्षा पिछले वर्ष के GK प्रश्न

रक्षा की परीक्षाओं, NDA और CDS, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

साल के अनुसार प्रश्न देखने के लिए नीचे वर्ष चुनें, या किसी एक परीक्षा के प्रश्नों के लिए उसका पेज खोलें। एक परीक्षा के पुराने प्रश्न दूसरी परीक्षा में भी दोहराए जाते हैं, इसलिए पूरे रक्षा परिवार के प्रश्न साथ में दोहराना तैयारी का तेज तरीका है।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 04 Sep 2022मध्यम

निम्नलिखित में से किन राज्यों में द्विसदनीय विधानमंडल है? 1. आंध्र प्रदेश 2. तेलंगाना 3. बिहार 4. उत्तर प्रदेश। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1, 2 और 3
  3. C.केवल 3 और 4
  4. D.1, 2, 3 और 4
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1, 2, 3 और 4

व्याख्या

सही उत्तर D, चारों है। द्विसदनीय राज्य विधानमंडल में विधानसभा और विधान परिषद दोनों होते हैं, और आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार तथा उत्तर प्रदेश में दोनों सदन हैं। विकल्प A, B और C इसलिए गलत हैं कि इनमें से हर एक किसी ऐसे राज्य को छोड़ देता है जिसमें परिषद विद्यमान है। बिहार में परिषद स्वतंत्रता से पहले से है और उत्तर प्रदेश द्विसदनीय राज्यों में सबसे बड़ा है; आंध्र प्रदेश ने संसद के अधिनियम द्वारा अपनी परिषद पुनर्जीवित की, और तेलंगाना को 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग होने पर परिषद मिली। इस व्यवस्था में राज्यपाल केंद्रीय है: अनुच्छेद 168 के अनुसार वह विधानमंडल का अंग है, अनुच्छेद 171 के अनुसार परिषद के एक-छठे सदस्य मनोनीत करता है, और अनुच्छेद 169 के अनुसार विधानसभा के विशेष बहुमत संकल्प तथा संसद की विधि के बिना कोई परिषद न बन सकती है, न समाप्त हो सकती है।

Q2.भूगोलपूछा गया: CDS · 7 Feb 2021मध्यम

कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई प्रणाली किस राज्य में बनाई गई है?

  1. A.केरल
  2. B.गुजरात
  3. C.तेलंगाना
  4. D.महाराष्ट्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. तेलंगाना

व्याख्या

सही उत्तर C, तेलंगाना है। कालेश्वरम परियोजना गोदावरी और प्राणहिता के संगम के पास गोदावरी से जल उठाती है और बैराजों, पंप गृहों, सुरंगों तथा नहरों की शृंखला से उसे तेलंगाना के अपेक्षाकृत सूखे जिलों तक पहुँचाती है; इसे एकल भंडारण बांध के स्थान पर बहुस्तरीय उद्वहन सिंचाई योजना कहा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि केरल की सबसे बड़ी सिंचाई और विद्युत परियोजनाएँ पेरियार पर हैं, जैसे इडुक्की चाप बांध। विकल्प B गलत है, क्योंकि गुजरात की प्रमुख परियोजना नर्मदा पर सरदार सरोवर है। विकल्प D गलत है, क्योंकि महाराष्ट्र की सबसे प्रसिद्ध परियोजना कोयना नदी पर कोयना बांध है, जबकि उकाई गुजरात में ताप्ती पर है। इस विषय में राज्य, नदी और संरचना के प्रकार की जोड़ी याद रखें, क्योंकि प्रश्न यही जाँचता है।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 03 Sept, 2023मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी प्रकाशिक परिघटना यह सिद्ध करती है कि प्रकाश एक अनुप्रस्थ तरंग है?

  1. A.अपवर्तन
  2. B.विवर्तन
  3. C.व्यतिकरण
  4. D.ध्रुवण
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ध्रुवण

व्याख्या

सही उत्तर है D, ध्रुवण। केवल अनुप्रस्थ तरंग का ही ध्रुवण हो सकता है, इसलिए प्रकाश का ध्रुवण यह सिद्ध करता है कि उसके कंपन गति की दिशा के लंबवत होते हैं। साधारण प्रकाश में विद्युत क्षेत्र किरण के चारों ओर हर तल में कंपन करता है। पोलेरॉइड शीट केवल एक तल के कंपन आगे जाने देती है, और नब्बे डिग्री घुमाई गई दूसरी पोलेरॉइड उस प्रकाश को पूरी तरह रोक देती है। ध्वनि जैसी अनुदैर्ध्य तरंग में कण गति की दिशा में ही कंपन करते हैं, इसलिए उसका कोई ऐसा तल नहीं होता और उसका ध्रुवण कभी नहीं हो सकता। धूप के चश्मे, कैमरे के फिल्टर और एलसीडी स्क्रीन इसी गुण का उपयोग करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सघन माध्यम में प्रवेश करते समय होने वाला अपवर्तन ध्वनि तरंगों में भी होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि किनारे पर तरंग का फैलना यानी विवर्तन सभी तरंगें दिखाती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि व्यतिकरण केवल इतना बताता है कि प्रकाश तरंग है, यह नहीं कि कैसी तरंग है। परीक्षा टिप: व्यतिकरण और विवर्तन से प्रकाश तरंग सिद्ध होता है, ध्रुवण से अनुप्रस्थ तरंग।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 21 April 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा भाग नाभिकीय रिएक्टर का नहीं होता?

  1. A.टरबाइन
  2. B.ऊष्मा विनिमयक
  3. C.CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था
  4. D.अभिक्रिया कक्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है C, CO2 उत्सर्जन घटाने की व्यवस्था। नाभिकीय रिएक्टर भारी परमाणुओं का विखंडन करता है; इसमें कोई ईंधन जलता नहीं, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती ही नहीं और उसे घटाने की कोई व्यवस्था लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती। विखंडन से मिली ऊष्मा रिएक्टर के क्रोड में बनती है, शीतलक उसे बाहर लाता है, ऊष्मा विनिमयक या भाप जनित्र में वह पानी को दी जाती है और बनी भाप जनित्र से जुड़ी टरबाइन घुमाती है। कैडमियम या बोरॉन की नियंत्रक छड़ें अतिरिक्त न्यूट्रॉन सोख लेती हैं और भारी जल जैसा मंदक उन्हें धीमा करता है, जिससे विखंडन एक समान चलता रहे। विकल्प A सही भाग है, क्योंकि टरबाइन ही भाप की ऊर्जा को बिजली में बदलती है। विकल्प B सही भाग है, क्योंकि ऊष्मा विनिमयक रेडियोधर्मी शीतलक की ऊष्मा साफ पानी वाले चक्र तक पहुँचाता है। विकल्प D सही भाग है, क्योंकि अभिक्रिया कक्ष यानी ईंधन छड़ों वाला क्रोड ही वह जगह है जहाँ विखंडन होता है। परीक्षा टिप: नाभिकीय संयंत्र कार्बन डाइऑक्साइड नहीं छोड़ता, उसकी समस्या खर्चा हुआ रेडियोधर्मी ईंधन है।

Q5.भूगोलपूछा गया: NDA · 17 Nov 2019मध्यम

स्वेज नहर के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.स्वेज नहर का निर्माण 1869 में हुआ था
  2. B.यह भूमध्य सागर और लाल सागर को जोड़ती है
  3. C.इसमें छह लॉक की प्रणाली है और जहाज इन लॉकों से होकर अलग-अलग स्तरों को पार करते हैं
  4. D.इसने यूरोप को हिंद महासागर तक पहुँचने का नया रास्ता दिया है
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. इसमें छह लॉक की प्रणाली है और जहाज इन लॉकों से होकर अलग-अलग स्तरों को पार करते हैं

व्याख्या

सही उत्तर है C, क्योंकि स्वेज नहर में कोई लॉक है ही नहीं। यह समुद्र तल की नहर है, अर्थात भूमध्य सागर और लाल सागर लगभग एक ही ऊँचाई पर हैं, इसलिए जहाजों को ऊपर या नीचे किए बिना सीधे निकाला जाता है। लगभग 193 किलोमीटर लंबी यह नहर फर्डिनेंड डी लेसेप्स के निर्देशन में बनी और नवंबर 1869 में मिस्र के स्वेज स्थलडमरूमध्य पर खोली गई, जो अफ्रीका को एशिया से अलग करता है। मिस्र ने 1956 में इसका राष्ट्रीयकरण किया। विकल्प A, B और D तीनों सही तथ्य बताते हैं, इसलिए उत्तर नहीं हो सकते: नहर सचमुच 1869 में खुली, यह स्वेज की खाड़ी से होकर भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है, और इसने यूरोप से भारत की यात्रा हजारों किलोमीटर छोटी कर दी, जिससे उत्तमाशा अंतरीप का लंबा रास्ता समाप्त हुआ। परीक्षा टिप: स्वेज बिना लॉक की नहर है; लॉक वाली नहर पनामा है, क्योंकि गाटुन झील समुद्र तल से काफी ऊपर है।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 18 Sept 2016मध्यम

जीवाणु की आनुवंशिक सामग्री कहाँ पाई जाती है?

  1. A.केंद्रक
  2. B.कोशिकाद्रव्य
  3. C.कोशिका झिल्ली
  4. D.राइबोसोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोशिकाद्रव्य

व्याख्या

सही उत्तर है B, कोशिकाद्रव्य। जीवाणु प्रोकैरियोट होते हैं, इसलिए उनका डीएनए किसी केंद्रक में बंद रहने के बजाय कोशिकाद्रव्य में खुला पड़ा रहता है। उनका एक ही गोलाकार गुणसूत्र कोशिकाद्रव्य के जिस भाग में रहता है उसे न्यूक्लिऑयड कहते हैं, जिसके चारों ओर कोई केंद्रक झिल्ली नहीं होती। कई जीवाणुओं में डीएनए के छोटे अतिरिक्त छल्ले भी होते हैं, जिन्हें प्लाज्मिड कहते हैं; इनमें अक्सर प्रतिजैविक प्रतिरोध के जीन रहते हैं और जैव प्रौद्योगिकी में जीन स्थानांतरण के लिए इन्हीं का उपयोग होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि झिल्ली वाला असली केंद्रक केवल यूकैरियोट जैसे पौधों, जंतुओं और कवकों में मिलता है, जीवाणुओं में ऐसा कोई अंगक नहीं होता। विकल्प C गलत है, क्योंकि कोशिका झिल्ली केवल यह तय करती है कि कोशिका में क्या आए और क्या जाए, यद्यपि गुणसूत्र एक जगह उससे हल्का जुड़ा रहता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जीवाणुओं के 70S राइबोसोम डीएनए के निर्देश से प्रोटीन बनाते हैं, आनुवंशिक सामग्री नहीं रखते। परीक्षा टिप: प्रोकैरियोट में न्यूक्लिऑयड और 70S राइबोसोम, यूकैरियोट में असली केंद्रक और 80S राइबोसोम।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · 10 Sept 2017मध्यम

इल्बर्ट बिल के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

  1. A.इसमें प्रस्ताव था कि भारतीय मजिस्ट्रेट आपराधिक मामलों में यूरोपीयों पर मुकदमा चला सकेंगे।
  2. B.इसने भारतीयों को यूरोपीयों के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दायर करने की अनुमति दी।
  3. C.इसने भारतीय आई.सी.एस. अधिकारियों को अदालतों में यूरोपीयों पर मुकदमा चलाने का अधिकार दिया।
  4. D.यह इल्बर्ट द्वारा राष्ट्रवादियों के समर्थन में चलाया गया आंदोलन था।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. इसमें प्रस्ताव था कि भारतीय मजिस्ट्रेट आपराधिक मामलों में यूरोपीयों पर मुकदमा चला सकेंगे।

व्याख्या

सही उत्तर है A, इसमें प्रस्ताव था कि भारतीय मजिस्ट्रेट आपराधिक मामलों में यूरोपीयों पर मुकदमा चला सकेंगे। 1883 का इल्बर्ट बिल उस नियम को हटाना चाहता था जिसके अनुसार यूरोपीय ब्रिटिश नागरिकों का मुकदमा केवल यूरोपीय न्यायाधीश ही सुन सकते थे। इसे लॉर्ड रिपन की परिषद के विधि सदस्य सर कोर्टनी इल्बर्ट ने तैयार किया था और इससे भारतीय जिला मजिस्ट्रेट तथा सेशन जज यूरोपीयों के आपराधिक मामले सुन सकते। भारत में रह रहे यूरोपीय समुदाय ने इतना तीखा विरोध किया कि 1884 में बिल को कमजोर कर दिया गया और यूरोपीय को ऐसी जूरी से सुनवाई का अधिकार मिला जिसके आधे सदस्य यूरोपीय हों। इस प्रकरण ने शिक्षित भारतीयों को संगठन का महत्व सिखाया और इसे 1885 में कांग्रेस की स्थापना के तात्कालिक कारणों में गिना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ऐसे मुकदमे भारतीय पहले से दायर कर सकते थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि बिल आम तौर पर भारतीय न्यायाधीशों और मजिस्ट्रेटों की बात करता था, केवल आई.सी.एस. अधिकारियों की नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि इल्बर्ट ने बिल लिखा था; आंदोलन तो इसके विरुद्ध हुआ। परीक्षा टिप: इल्बर्ट बिल 1883, लॉर्ड रिपन, कांग्रेस 1885।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान

निम्नलिखित में से किसने 1904 में अभिनव भारत नामक क्रांतिकारियों की गुप्त संस्था बनाई थी?

  1. A.खुदीराम बोस
  2. B.श्यामजी कृष्ण वर्मा
  3. C.हर दयाल
  4. D.वी. डी. सावरकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वी. डी. सावरकर

व्याख्या

सही उत्तर है D, वी. डी. सावरकर। विनायक दामोदर सावरकर ने अपने भाई गणेश के साथ मिलकर 1904 में नासिक में अभिनव भारत की स्थापना की। यह संस्था पहले की मित्र मेला नामक टोली से बनी थी और इसका नाम मैजिनी के यंग इटली से लिया गया, जिनकी जीवनी का सावरकर ने मराठी में अनुवाद किया था। संस्था नौजवानों को हथियार चलाना सिखाती थी, क्रांतिकारी साहित्य बाँटती थी और महाराष्ट्र के अलावा बाद में लंदन में भी इसकी शाखा बनी, जहाँ सावरकर छात्रवृत्ति पर गए और उन्होंने 1857 का भारतीय स्वातंत्र्य समर लिखा। यह संस्था अंततः 1952 में भंग की गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि खुदीराम बोस अनुशीलन समिति के युवा क्रांतिकारी थे, जिन्हें मुजफ्फरपुर बम कांड में 1908 में फाँसी हुई। विकल्प B गलत है, क्योंकि श्यामजी कृष्ण वर्मा ने 1905 में लंदन में इंडिया हाउस और इंडियन होम रूल सोसाइटी शुरू की थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाला हरदयाल ने 1913 में सैन फ्रांसिस्को में गदर पार्टी बनाई। परीक्षा टिप: अभिनव भारत 1904, इंडिया हाउस 1905, गदर पार्टी 1913।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 17 Apr 2016आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा बेकिंग सोडा का रासायनिक नाम है?

  1. A.सोडियम बाइकार्बोनेट (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)
  2. B.सोडियम कार्बोनेट
  3. C.पोटैशियम बाइकार्बोनेट (पोटैशियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)
  4. D.पोटैशियम कार्बोनेट
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सोडियम बाइकार्बोनेट (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)

व्याख्या

सही उत्तर है A, सोडियम बाइकार्बोनेट (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)। बेकिंग सोडा सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट यानी NaHCO3 है, जो एक हल्का क्षार है और सॉल्वे विधि से नमकीन पानी, अमोनिया तथा कार्बन डाइऑक्साइड से बनाया जाता है। गरम करने पर या बेकिंग पाउडर में मिले टार्टरिक अम्ल जैसे किसी अम्ल के संपर्क में आने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है, और इन्हीं बुलबुलों से ब्रेड तथा केक फूलते हैं। यही अभिक्रिया इसे सोडा अम्ल अग्निशामक में और पेट के अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को उदासीन करने वाली एंटासिड दवा में उपयोगी बनाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सोडियम कार्बोनेट यानी Na2CO3 धोने का सोडा है, जो अधिक प्रबल क्षार है और सफाई तथा काँच बनाने में काम आता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पोटैशियम बाइकार्बोनेट अलग लवण है, जो कुछ अग्निशामकों और उर्वरकों में प्रयोग होता है, रसोई में नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पोटैशियम कार्बोनेट पोटाश है, जो साबुन और काँच में काम आता है। परीक्षा टिप: बेकिंग सोडा NaHCO3, धोने का सोडा Na2CO3.10H2O, कास्टिक सोडा NaOH।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 17 Apr 2016मध्यम

वायुमंडलीय दाब पर जिस तापमान पर ठोस पिघलकर द्रव बनता है, उसे उसका गलनांक कहते हैं। किसी ठोस का गलनांक किसका संकेत देता है?

  1. A.अंतराअणुक आकर्षण बलों की प्रबलता
  2. B.अंतराअणुक प्रतिकर्षण बलों की प्रबलता
  3. C.आणविक द्रव्यमान
  4. D.अणु का आकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अंतराअणुक आकर्षण बलों की प्रबलता

व्याख्या

सही उत्तर है A, अंतराअणुक आकर्षण बलों की प्रबलता। पिघलने का अर्थ है कणों को उन बलों से मुक्त करना जो उन्हें एक निश्चित जालक में बाँधे रखते हैं, इसलिए ऊँचा गलनांक मजबूत आकर्षण बल दिखाता है। गलनांक पर दी गई ऊष्मा तापमान नहीं बढ़ाती; वह गलन की गुप्त ऊष्मा के रूप में इन्हीं आकर्षण बलों को तोड़ने में लगती है। यही कारण है कि साधारण नमक जैसे आयनिक ठोस लगभग 800 डिग्री सेल्सियस पर पिघलते हैं, जबकि कमजोर बलों से बँधा मोम हाथ की गर्मी से ही पिघल जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रतिकर्षण बल तभी काम करते हैं जब कण बहुत पास धकेले जाएँ, वे ठोस को जोड़कर नहीं रखते। विकल्प C गलत है, क्योंकि आणविक द्रव्यमान भरोसेमंद संकेत नहीं है, भारी आयोडीन हल्के सिलिका से बहुत पहले पिघल जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आकार का असर केवल इतना है कि वह बलों की प्रबलता बदलता है। परीक्षा टिप: अंतराअणुक बल जितने मजबूत, गलनांक और क्वथनांक दोनों उतने ही ऊँचे।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: NDA · 16 Dec 2015मध्यम

निम्नलिखित में से किस महाद्वीप का भारत के निर्यात में सबसे बड़ा हिस्सा है?

  1. A.एशिया
  2. B.यूरोप
  3. C.अफ्रीका
  4. D.उत्तरी अमेरिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एशिया

व्याख्या

सही उत्तर है A, एशिया। भारत के कुल निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा, लगभग आधा, एशिया को जाता है और कोई दूसरा महाद्वीप इसके पास भी नहीं है। इसका कारण भूगोल और व्यापार नीति दोनों हैं। भारत के सबसे बड़े क्षेत्रीय बाजार उसका अपना पड़ोस और पश्चिम एशिया हैं, जहाँ संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, बांग्लादेश, चीन और सऊदी अरब पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, रत्न-आभूषण, चावल और दवाइयाँ खरीदते हैं। छोटे समुद्री मार्ग, आसियान के साथ मुक्त व्यापार समझौता और खाड़ी देशों में बसा बड़ा भारतीय समुदाय भी इस व्यापार को बढ़ाते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि यूरोप दूसरा बड़ा क्षेत्र जरूर है, पर एशिया से काफी पीछे है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अफ्रीका भारतीय दवाओं और वाहनों का बढ़ता बाजार होते हुए भी छोटा हिस्सा ही लेता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उत्तरी अमेरिका में मुख्य रूप से अमेरिका है, जो भारत का सबसे बड़ा एकल निर्यात साझेदार है, फिर भी एक देश पूरे महाद्वीप से बड़ा नहीं हो सकता। परीक्षा टिप: महाद्वीप में एशिया, देश में अमेरिका।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान

न्यूट्रॉन की खोज किसने की थी?

  1. A.जेम्स चैडविक
  2. B.अर्नेस्ट रदरफोर्ड
  3. C.जे. जे. थॉमसन
  4. D.जॉन डाल्टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जेम्स चैडविक

व्याख्या

सही उत्तर है A, जेम्स चैडविक। चैडविक ने 1932 में न्यूट्रॉन की खोज की और इसी कार्य के लिए उन्हें 1935 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। उन्होंने बेरिलियम पर अल्फा कणों की बौछार की और पाया कि निकलने वाला विकिरण विद्युत या चुंबकीय क्षेत्र से मुड़ता नहीं, फिर भी पैराफिन से प्रोटॉन बाहर निकाल देता है। इसका एक ही अर्थ था कि यह आवेशरहित कण है जिसका द्रव्यमान प्रोटॉन के बराबर है, और उन्होंने इसे न्यूट्रॉन नाम दिया। इस खोज ने परमाणु का चित्र पूरा किया, क्योंकि नाभिक का द्रव्यमान पहले कम पड़ रहा था, और आगे चलकर नाभिकीय विखंडन संभव हुआ। विकल्प B गलत है, क्योंकि रदरफोर्ड ने स्वर्ण पत्र प्रयोग से नाभिक खोजा और प्रोटॉन का श्रेय उन्हें दिया जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि जे. जे. थॉमसन ने 1897 में कैथोड किरण नली से इलेक्ट्रॉन खोजा था। विकल्प D गलत है, क्योंकि जॉन डाल्टन ने 1803 में परमाणु सिद्धांत दिया, तब उपपरमाणु कण ज्ञात ही नहीं थे। परीक्षा टिप: इलेक्ट्रॉन थॉमसन, प्रोटॉन और नाभिक रदरफोर्ड, न्यूट्रॉन चैडविक।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम

निम्नलिखित में से किस समूह को 'पादप जगत के उभयचर' कहा जाता है?

  1. A.ब्रायोफाइटा
  2. B.थैलोफाइटा
  3. C.टेरिडोफाइटा
  4. D.जिम्नोस्पर्म
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ब्रायोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है A, ब्रायोफाइटा। ब्रायोफाइट पौधे जमीन पर उगते हैं, पर उनके प्रजनन के लिए पानी जरूरी रहता है, इसीलिए इन्हें पादप जगत का उभयचर कहते हैं। मॉस, लिवरवर्ट और हॉर्नवर्ट इसी समूह में आते हैं। ये नम और छायादार जगहों पर उगते हैं, इनमें असली जड़, तना और पत्ती नहीं होती तथा संवहन ऊतक भी नहीं होता, इसलिए पानी साधारण अवशोषण से ही भीतर जाता है। इनके नर युग्मक पानी की पतली परत में तैरकर अंडाणु तक पहुँचते हैं, जैसे मेंढक तालाब से बँधा रहता है वैसे ही ये नमी से बँधे रहते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि थैलोफाइटा शैवाल हैं, जो अधिकतर पानी में ही रहते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा यानी फर्न पहले पौधे हैं जिनमें असली संवहन ऊतक, जाइलम और फ्लोएम मिलते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि चीड़ और साइकस जैसे जिम्नोस्पर्म नग्न बीज बनाते हैं और परागकण का प्रयोग करते हैं। परीक्षा टिप: ब्रायोफाइटा उभयचर, टेरिडोफाइटा पहले संवहनी पौधे और जिम्नोस्पर्म पहले बीजधारी पौधे हैं।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 Sept 2017आसान

अधिक ऊँचाई पर जल कम तापमान पर उबलता है, क्योंकि

  1. A.वायुदाब कम होता है
  2. B.बाहरी तापमान कम होता है
  3. C.गुप्त ऊष्मा कम होती है
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वायुदाब कम होता है

व्याख्या

सही उत्तर है A, वायुदाब कम होता है। कोई द्रव तब उबलता है जब उसका वाष्प दाब सतह पर पड़ रहे वायुदाब के बराबर हो जाता है, इसलिए कम वायुदाब का अर्थ है कम क्वथनांक। समुद्र तल पर वायुमंडल लगभग 101 किलोपास्कल का दाब डालता है और जल 100 डिग्री सेल्सियस पर उबलता है। पहाड़ों पर ऊपर की हवा का स्तंभ छोटा होता है, दाब घट जाता है और जल 90 डिग्री या उससे भी कम पर उबलने लगता है। यही कारण है कि पहाड़ों पर चावल और दाल देर से पकते हैं तथा प्रेशर कुकर, जो भीतर दाब बढ़ा देता है, उन्हें जल्दी पकाने के लिए काम आता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि आसपास का तापमान केवल यह तय करता है कि गरम होने में कितना समय लगेगा, उबलने का तापमान नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि वाष्पन की गुप्त ऊष्मा जल का गुण है और ऊँचाई से घटती नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सही कारण विकल्प A में दिया ही गया है। परीक्षा टिप: दाब बढ़ने पर क्वथनांक बढ़ता है और ऊँचाई बढ़ने पर घटता है।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 23 Apr 2017आसान

मानव आँख में रंगों की दृष्टि किन प्रकाशग्राही कोशिकाओं का कार्य है?

  1. A.रॉड्स (शलाका कोशिकाएँ)
  2. B.कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)
  3. C.अंध बिंदु
  4. D.फोविया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)

व्याख्या

सही उत्तर है B, कोन्स (शंकु कोशिकाएँ)। रेटिना की शंकु कोशिकाएँ तेज़ प्रकाश में रंगों की पहचान कराती हैं। मानव रेटिना में दो तरह की प्रकाशग्राही कोशिकाएँ होती हैं। शंकु कोशिकाएँ लगभग साठ से सत्तर लाख होती हैं और रेटिना के मध्य भाग में घनी रूप से बैठी रहती हैं। ये तीन प्रकार की होती हैं, जो लाल, हरे और नीले प्रकाश के प्रति संवेदनशील हैं; मस्तिष्क इन्हीं संकेतों को मिलाकर हर रंग बनाता है। इन्हें काम करने के लिए अच्छा प्रकाश चाहिए, इसीलिए शाम ढलते ही रंग फीके लगने लगते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि शलाका कोशिकाएँ संख्या में बहुत अधिक हैं, पर वे मंद प्रकाश में काम करती हैं और केवल काले-सफेद रंग दिखाती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि अंध बिंदु वह जगह है जहाँ से दृक तंत्रिका आँख से बाहर निकलती है और वहाँ कोई प्रकाशग्राही कोशिका नहीं होती। विकल्प D गलत है, क्योंकि फोविया रेटिना का एक छोटा गड्ढा है, कोशिका का प्रकार नहीं, यद्यपि वहाँ शंकु कोशिकाएँ सबसे अधिक होती हैं। परीक्षा टिप: रात और धूसर रंग के लिए रॉड्स, रंग और दिन के प्रकाश के लिए कोन्स; वर्णांधता शंकु कोशिकाओं का दोष है।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: NDA · 3 सितंबर 2023मध्यम

नए संसद भवन में स्थापित 'सेंगोल' को अतीत के किस साम्राज्य में सेवा, कर्तव्य और राष्ट्र के मार्ग का प्रतीक माना जाता था?

  1. A.गुप्त साम्राज्य
  2. B.शुंग साम्राज्य
  3. C.पांड्य साम्राज्य
  4. D.चोल साम्राज्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चोल साम्राज्य

व्याख्या

सही उत्तर चोल साम्राज्य है। सेंगोल सोने की परत वाला चांदी का राजदंड है, जिसके ऊपर नंदी की आकृति है। चोल परंपरा में नया राजा सत्ता हस्तांतरण और न्यायपूर्ण शासन के कर्तव्य के प्रतीक के रूप में एक प्रधान पुरोहित से ऐसा राजदंड ग्रहण करता था। 14 अगस्त 1947 को तमिलनाडु के तिरुवावडुतुरै अधीनम के पुरोहितों ने जवाहरलाल नेहरू को एक सेंगोल भेंट किया, जिसे बाद में इलाहाबाद के एक संग्रहालय में रखा गया। 28 मई 2023 को नए संसद भवन के उद्घाटन पर इसे लोकसभा में अध्यक्ष के आसन के पास स्थापित किया गया।

पांड्य विकल्प सबसे चतुर भ्रामक विकल्प है, क्योंकि पांड्य भी एक महान तमिल राजवंश थे, लेकिन 2023 में जिस सेंगोल परंपरा का उल्लेख हुआ, वह चोलों की थी। गुप्त और शुंग साम्राज्यों ने उत्तर भारत में शासन किया और उनका इससे कोई संबंध नहीं है। नए संसद भवन पर प्रश्नों में इसके उद्घाटन की तिथि (28 मई 2023) और इसमें पारित पहला विधेयक, यानी 2023 का महिला आरक्षण विधेयक, भी पूछा जाता है।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 03 Sept, 2023आसान

बिजली की चमक गर्जन सुनाई देने से पहले दिखाई देती है। यह किस बात की पुष्टि करता है?

  1. A.ध्वनि प्रकाश से कहीं तेज चलती है
  2. B.प्रकाश ध्वनि से कहीं तेज चलता है
  3. C.प्रकाश और ध्वनि दोनों समान चाल से चलते हैं
  4. D.तूफान के समय बिजली की चमक की तीव्रता बहुत अधिक होती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रकाश ध्वनि से कहीं तेज चलता है

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रकाश ध्वनि से कहीं तेज चलता है है। चमक और गर्जन दोनों एक ही विद्युत विसर्जन से एक ही क्षण उत्पन्न होते हैं। प्रकाश एक सेकंड में लगभग तीन लाख किलोमीटर चलता है, इसलिए वह देखने वाले तक लगभग तुरंत पहुँच जाता है, जबकि वायु में ध्वनि एक सेकंड में केवल लगभग 340 मीटर चलती है और प्रत्येक किलोमीटर के लिए लगभग तीन सेकंड लेती है। देखने और सुनने के बीच का अंतराल इसीलिए दूरी का सीधा माप है।

विकल्प A क्रम को उलट देता है और उससे गर्जन पहले पहुँचना चाहिए, जो कभी नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि समान चाल होने पर चमक और गर्जन एक साथ पहुँचते और कोई अंतराल ही न होता। विकल्प D चमक की तीव्रता को चाल से मिला देता है; चमक वास्तव में बहुत तेज होती है, पर तीव्रता का पहले पहुँचने से कोई संबंध नहीं, और मंद चमक भी ध्वनि से पहले ही दिखेगी।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 17 Nov 2019आसान

ध्वनि की प्रबलता किस पर निर्भर करती है?

  1. A.माध्यम में ध्वनि तरंगों के वेग पर
  2. B.ध्वनि तरंगों के आयाम पर
  3. C.ध्वनि तरंगों की आवृत्ति पर
  4. D.ध्वनि तरंगों की आवृत्ति और वेग दोनों पर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ध्वनि तरंगों के आयाम पर

व्याख्या

सही उत्तर B, ध्वनि तरंगों के आयाम पर है। आयाम माध्यम के कण का उसकी विराम स्थिति से अधिकतम विस्थापन है, और तरंग द्वारा वहन की गई ऊर्जा आयाम के वर्ग के अनुपात में बढ़ती है। इसलिए अधिक आयाम कान तक अधिक ऊर्जा पहुँचाता है और वह अधिक प्रबल ध्वनि के रूप में सुनाई देता है। प्रबलता का मात्रक डेसिबल है।

विकल्प A, तरंग का वेग, माध्यम और उसके ताप से तय होता है; एक ही कमरे में तेज और धीमी ध्वनि ठीक समान चाल से चलती हैं। विकल्प C, आवृत्ति, तारत्व तय करती है, अर्थात ध्वनि तीखी है या भारी, यह नहीं कि वह कितनी तेज है; रिंगटोन की आवाज बढ़ाने से उसकी आवृत्ति नहीं बदलती। विकल्प D दो ऐसी राशियों को जोड़ता है जो प्रबलता के अलावा अन्य गुण तय करती हैं, इसलिए वह भी इन्हीं कारणों से गलत है।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 10 April 2022मध्यम

किसी ध्वनि तरंग की आवृत्ति 1 किलोहर्ट्ज और तरंगदैर्घ्य 50 सेंटीमीटर है। इसे 1 किलोमीटर चलने में कितना समय लगेगा?

  1. A.5 सेकंड
  2. B.4 सेकंड
  3. C.3 सेकंड
  4. D.2 सेकंड
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 2 सेकंड

व्याख्या

सही उत्तर D, 2 सेकंड है। पहले मात्रक बदलें: 1 किलोहर्ट्ज अर्थात 1000 हर्ट्ज और 50 सेंटीमीटर अर्थात 0.5 मीटर। चाल आवृत्ति गुणा तरंगदैर्घ्य है, अर्थात 1000 गुणा 0.5, जो 500 मीटर प्रति सेकंड देता है। समय बराबर दूरी भाग चाल, इसलिए 1000 मीटर भाग 500 मीटर प्रति सेकंड अर्थात 2 सेकंड।

विकल्प A, 5 सेकंड, तब आता जब चाल 200 मीटर प्रति सेकंड ली जाती। विकल्प B, 4 सेकंड, 250 मीटर प्रति सेकंड की चाल से मेल खाता है, जो तरंगदैर्घ्य को भूल से आधा कर देने पर मिलती है। विकल्प C, 3 सेकंड, वह समय है जो ध्वनि साधारण हवा में लगभग 340 मीटर प्रति सेकंड की चाल से एक किलोमीटर चलने में लेती है, और यह उन विद्यार्थियों के लिए जाल है जो दिए गए आँकड़ों से निकली चाल के बजाय याद की हुई चाल लगा देते हैं।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · 6 Sep 2020आसान

सूर्य के प्रकाश का स्पेक्ट्रम प्राप्त करने के लिए सबसे पहले काँच के प्रिज्म का प्रयोग करने वाले वैज्ञानिक का नाम बताइए।

  1. A.सी. वी. रामन
  2. B.लॉर्ड रैले
  3. C.आइजक न्यूटन
  4. D.एस. चंद्रशेखर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आइजक न्यूटन

व्याख्या

सही उत्तर C, आइजक न्यूटन है। न्यूटन ने अंधेरे कमरे में सूर्य के प्रकाश की पतली किरण को काँच के प्रिज्म से गुजारकर दीवार पर सात रंगों की पट्टी प्राप्त की, जिसे उन्होंने स्पेक्ट्रम नाम दिया। इसके बाद दूसरे प्रिज्म से उन्होंने दिखाया कि वही रंग फिर से मिलकर श्वेत प्रकाश बना देते हैं, जिससे सिद्ध हुआ कि प्रिज्म प्रकाश को रंग देता नहीं, केवल उसमें पहले से मौजूद रंगों को अलग करता है। प्रिज्म के आधार की ओर से रंगों का क्रम बैनीआहपीनाला के रूप में याद रखा जाता है।

विकल्प A सी. वी. रामन ने अपने नाम से जाना जाने वाला प्रकीर्णन प्रभाव खोजा और 1930 में नोबेल पुरस्कार पाया। विकल्प B लॉर्ड रैले ने आकाश के नीले रंग वाला प्रकीर्णन समझाया। विकल्प D एस. चंद्रशेखर ने तारों की संरचना और विकास पर काम किया।