कार्बन के अपररूपों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.ग्रेफाइट विद्युत का अच्छा चालक है।
- B.हीरा ज्ञात सबसे कठोर पदार्थ है।
- C.फुलरीन कार्बन के अपररूपों में से एक है।
- D.हीरे के बाद ग्रेफाइट ज्ञात दूसरा सबसे कठोर पदार्थ है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. हीरे के बाद ग्रेफाइट ज्ञात दूसरा सबसे कठोर पदार्थ है।
व्याख्या
सही उत्तर है D, हीरे के बाद ग्रेफाइट ज्ञात दूसरा सबसे कठोर पदार्थ है। ग्रेफाइट कठोर नहीं, बल्कि मृदु और चिकना होता है, इसलिए यही कथन सही नहीं है। अपररूपों में यह अंतर कार्बन परमाणुओं के जुड़ने के ढंग से आता है। हीरे में प्रत्येक कार्बन चार अन्य कार्बन से जुड़कर दृढ़ त्रिविमीय जाल बनाता है, जिससे वह सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ बन जाता है। ग्रेफाइट में प्रत्येक कार्बन केवल तीन अन्य से जुड़कर चपटी परतें बनाता है, और ये परतें एक-दूसरे पर सरक जाती हैं, इसलिए ग्रेफाइट इतना मृदु होता है कि उसे स्नेहक तथा पेंसिल की लीड के रूप में काम में लिया जाता है। A सही है क्योंकि ग्रेफाइट के प्रत्येक कार्बन परमाणु का चौथा इलेक्ट्रॉन मुक्त रहता है, जिससे ग्रेफाइट विद्युत का चालन करता है। B सही है क्योंकि हीरा वास्तव में ज्ञात सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है। C सही है क्योंकि साठ परमाणुओं वाले बकीबॉल जैसा फुलरीन कार्बन का तीसरा अपररूप है। परीक्षा टिप: तत्व एक ही पर संरचना भिन्न, इसलिए हीरा कठोर और ग्रेफाइट मृदु तथा चालक है।