किसी परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति का पता लगाने के लिए प्रयुक्त उपकरण है
- A.रिफ्रैक्टोमीटर (अपवर्तनांकमापी)
- B.गैल्वेनोमीटर (धारामापी)
- C.विस्कोमीटर (श्यानतामापी)
- D.डिफ्रैक्टोमीटर (विवर्तनमापी)
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, गैल्वेनोमीटर। गैल्वेनोमीटर बताता है कि परिपथ में कोई छोटी विद्युत धारा बह रही है या नहीं, और उसकी दिशा भी दिखाता है।
चल कुंडली गैल्वेनोमीटर में एक कुंडली चुंबक के ध्रुवों के बीच रखी होती है। कुंडली में धारा बहने पर उस पर बल-आघूर्ण लगता है और वह घूम जाती है, जिससे सूचक ऐसे पैमाने पर चलता है जिसका शून्य बीच में होता है; धारा की दिशा के अनुसार सुई एक या दूसरी ओर झुकती है। यह बहुत संवेदनशील होता है और व्हीटस्टोन सेतु में संतुलन बिंदु ढूँढने में काम आता है। गैल्वेनोमीटर के समानांतर कम प्रतिरोध (शंट) जोड़कर इसे अमीटर और श्रेणी में उच्च प्रतिरोध जोड़कर वोल्टमीटर बनाया जा सकता है। इसका नाम लुइगी गैल्वानी के नाम पर है।
A गलत है, क्योंकि रिफ्रैक्टोमीटर किसी पदार्थ का अपवर्तनांक मापता है। C गलत है, क्योंकि विस्कोमीटर द्रवों की श्यानता मापता है। D गलत है, क्योंकि डिफ्रैक्टोमीटर एक्स-किरणों आदि के विवर्तन से पदार्थों की संरचना का अध्ययन करता है।
Exam tip: गैल्वेनोमीटर धारा का पता लगाता है; शंट जोड़ने पर अमीटर, श्रेणी में उच्च प्रतिरोध जोड़ने पर वोल्टमीटर।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअनुरणन (रिवर्बरेशन) किससे संबंधित परिघटना है?
- A.ध्वनि का बहु-अपवर्तन
- B.ध्वनि का बहु-परावर्तन
- C.ध्वनि का एकल अपवर्तन
- D.ध्वनि का एकल परावर्तन
उत्तर देखें
स्रोत के बंद हो जाने के बाद भी किसी हॉल में ध्वनि का बने रहना अनुरणन है, जो दीवारों, छत और फर्श से बार-बार होने वाले परावर्तन के कारण होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत आवेश का मूल गुण नहीं है?
- A.आवेशों को जोड़ा जा सकता है
- B.आवेश संरक्षित रहता है
- C.किसी वस्तु पर आवेश सदैव इलेक्ट्रॉन या प्रोटॉन के आवेश का पूर्णांक गुणज होता है
- D.किसी विलगित निकाय में आवेश उत्पन्न और नष्ट किए जा सकते हैं
उत्तर देखें
यह आवेश संरक्षण के विरुद्ध है: किसी विलगित निकाय का कुल आवेश सदा समान रहता है। विद्युत आवेश के तीन मूल गुण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किन कोशिकांगों का अपना DNA और राइबोसोम होता है?
- A.अंतर्द्रव्यी जालिका और गॉल्जी काय
- B.माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक
- C.अंतर्द्रव्यी जालिका और कोशिका-कंकाल
- D.कोशिका भित्ति और केंद्रिका
उत्तर देखें
इन दोनों कोशिकांगों में अपना वृत्ताकार DNA और अपने छोटे (70S) राइबोसोम होते हैं, इसलिए वे अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बना लेते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.सभी प्रोटीन एंजाइम होते हैं
- B.अधिकांश एंजाइम प्रोटीन होते हैं
- C.सभी वसाएँ ऊर्जा से भरपूर यौगिक होती हैं
- D.ग्लूकोज एक सामान्य कार्बोहाइड्रेट है
उत्तर देखें
यह कथन गलत है: एंजाइम प्रायः प्रोटीन होते हैं, पर अधिकतर प्रोटीन एंजाइम नहीं होते। शरीर में प्रोटीन अनेक काम करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस प्रकार के विकिरण की तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है?
- A.सूक्ष्म तरंगें (माइक्रोवेव)
- B.अवरक्त
- C.दृश्य प्रकाश
- D.एक्स-किरणें
उत्तर देखें
दिए गए चारों में एक्स-किरणें विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के कम तरंगदैर्ध्य और अधिक ऊर्जा वाले सिरे के सबसे पास हैं।
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