जब लघुपथन (शॉर्ट सर्किट) की स्थिति बनती है, तो परिपथ में धारा
- A.शून्य हो जाती है
- B.स्थिर रहती है
- C.काफ़ी बढ़ जाती है
- D.लगातार अनियमित रूप से बदलती रहती है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, काफ़ी बढ़ जाती है। लघुपथन में मार्ग का प्रतिरोध लगभग शून्य हो जाता है, इसलिए ओम के नियम के अनुसार धारा तेज़ी से बढ़ती है।
लघुपथन तब होता है जब जीवित तार और उदासीन तार सीधे एक-दूसरे को छू जाते हैं, अक्सर विद्युतरोधन खराब होने या किसी उपकरण में खराबी के कारण। तब धारा उपकरण को छोड़कर बहुत कम प्रतिरोध वाले रास्ते से बहने लगती है। धारा वोल्टता को प्रतिरोध से भाग देने पर मिलती है (I = V/R), इसलिए उसी मेन्स वोल्टता पर बहुत कम प्रतिरोध से बहुत बड़ी धारा बनती है। इससे तार गर्म होते हैं और चिंगारी या आग लग सकती है, इसीलिए परिपथ में फ्यूज़ या MCB लगाया जाता है जो धारा अधिक होते ही परिपथ तोड़ देता है।
A गलत है, क्योंकि शून्य धारा खुले परिपथ में होती है, जब मार्ग टूटा हो। B गलत है, क्योंकि प्रतिरोध अचानक घटने पर धारा स्थिर नहीं रह सकती। D गलत है, क्योंकि बदलाव अचानक तेज़ वृद्धि है, अनियमित उतार-चढ़ाव नहीं।
Exam tip: लघुपथन में प्रतिरोध लगभग शून्य और धारा बहुत अधिक; खुले परिपथ में धारा शून्य।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंवस्तु दूरी 'u', प्रतिबिंब दूरी 'v' और दर्पण की फोकस दूरी 'f' को जोड़ने वाला गोलीय दर्पण सूत्र समतल दर्पण पर कब लागू किया जा सकता है?
- A.जब फोकस दूरी अनंत की ओर जाए।
- B.जब फोकस दूरी शून्य की ओर जाए।
- C.जब प्रतिबिंब दूरी शून्य की ओर जाए।
- D.जब प्रतिबिंब दूरी अनंत की ओर जाए।
उत्तर देखें
समतल दर्पण अनंत वक्रता त्रिज्या वाला गोलीय दर्पण है, इसलिए इसकी फोकस दूरी f = R/2 भी अनंत होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महिलाओं में मासिक चक्र उन हार्मोनों द्वारा नियंत्रित होता है जो किसके द्वारा स्रावित होते हैं?
- A.अंडाशय और अश्रु ग्रंथि
- B.अंडाशय और तैल ग्रंथि
- C.अंडाशय और पीयूष ग्रंथि
- D.प्रोस्टेट और पीयूष ग्रंथि
उत्तर देखें
पीयूष ग्रंथि FSH और LH छोड़ती है और उसके उत्तर में अंडाशय एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन बनाता है; ये हार्मोन मिलकर चक्र चलाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी तत्व की संयोजकता किस पर निर्भर करती है?
- A.परमाणु में प्रोटॉनों की कुल संख्या
- B.परमाणु की द्रव्यमान संख्या
- C.परमाणु में न्यूट्रॉनों की कुल संख्या
- D.परमाणु के सबसे बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या
उत्तर देखें
संयोजकता परमाणु की संयोग क्षमता है, और यह उन संयोजी इलेक्ट्रॉनों से तय होती है जिन्हें परमाणु अपना बाहरी कोश पूरा करने के लिए ग्रहण करता है, खोता है या साझा करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा हार्मोन स्त्री लैंगिक लक्षणों के विकास के लिए उत्तरदायी है?
- A.प्रोलैक्टिन
- B.एस्ट्रोजन
- C.ऑक्सीटोसिन
- D.प्रोजेस्टेरोन
उत्तर देखें
मुख्यतः अंडाशय द्वारा बनने वाला एस्ट्रोजन यौवनारंभ पर स्त्रियों के द्वितीयक लैंगिक लक्षण विकसित करता है। यौवनारंभ पर पीयूष ग्रंथि FSH और LH छोड़ती है, जो अंडाशय को एस्ट्रोजन स्रावित करने के लिए प्रेरित करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक G का मात्रक है
- A.N
- B.m/s
- C.जूल
- D.N-m²/kg²
उत्तर देखें
न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम को पुनर्व्यवस्थित करने पर G = F r² / (m₁ m₂) मिलता है, इसलिए इसका मात्रक न्यूटन × मीटर² ÷ किलोग्राम² है।
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