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UPSC पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC की परीक्षाओं, UPSC सिविल सेवा और UPSC CAPF, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

साल के अनुसार प्रश्न देखने के लिए नीचे वर्ष चुनें, या किसी एक परीक्षा के प्रश्नों के लिए उसका पेज खोलें। एक परीक्षा के पुराने प्रश्न दूसरी परीक्षा में भी दोहराए जाते हैं, इसलिए पूरे UPSC परिवार के प्रश्न साथ में दोहराना तैयारी का तेज तरीका है।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q141.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 2020मध्यम

निम्नलिखित में से किस एक समूह के चारों देश G20 के सदस्य हैं?

  1. A.अर्जेंटीना, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की
  2. B.ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया और न्यूज़ीलैंड
  3. C.ब्राज़ील, ईरान, सऊदी अरब और वियतनाम
  4. D.इंडोनेशिया, जापान, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अर्जेंटीना, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की

व्याख्या

सही उत्तर है A, अर्जेंटीना, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और तुर्की। ये चारों देश G20 में शामिल हैं, इसलिए यही एक समूह है जिसमें कोई भी नाम इस मंच से बाहर का नहीं है। G20 की शुरुआत 1999 में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक के रूप में हुई थी, और वैश्विक वित्तीय संकट के बाद 2008 में इसे शासनाध्यक्षों के शिखर सम्मेलन का दर्जा दिया गया। इसमें उन्नीस देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं, तथा नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में अफ्रीकी संघ को भी सदस्य बनाया गया। इसके एशियाई सदस्यों में भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और तुर्की आते हैं। B गलत है क्योंकि मलेशिया और न्यूज़ीलैंड सदस्य नहीं हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा सदस्य हैं। C गलत है क्योंकि ईरान और वियतनाम इस समूह से बाहर हैं, पर ब्राज़ील और सऊदी अरब इसमें हैं। D गलत है क्योंकि सिंगापुर सदस्य नहीं है, हालाँकि उसे अक्सर अतिथि के रूप में बुलाया जाता है। परीक्षा टिप: दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में केवल इंडोनेशिया G20 का सदस्य है।

Q142.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 24 Aug 2014आसान

भारत के संविधान की निम्नलिखित में से कौन-सी अनुसूची में दल-बदल विरोधी प्रावधान हैं?

  1. A.दूसरी अनुसूची
  2. B.पाँचवीं अनुसूची
  3. C.आठवीं अनुसूची
  4. D.दसवीं अनुसूची
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है D, दसवीं अनुसूची। दल-बदल विरोधी प्रावधान दसवीं अनुसूची में रखे गए हैं, इसलिए जो विधायक या सांसद उस दल को छोड़ देता है जिसके टिकट पर वह चुना गया था, उसे इसी अनुसूची के अंतर्गत अयोग्य ठहराया जा सकता है। यह अनुसूची 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई थी और यह संसद तथा राज्य विधानमंडलों के सदस्यों पर समान रूप से लागू होती है। सदस्य की सदस्यता स्वेच्छा से दल छोड़ने पर या दल के व्हिप के विरुद्ध मत देने पर जाती है, और ऐसे मामले का निर्णय सदन का पीठासीन अधिकारी करता है। विलय की स्थिति में छूट तभी मिलती है जब उस विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य विलय पर सहमत हों। A गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, न्यायाधीशों तथा अन्य उच्च पदों के वेतन-भत्ते तय करती है। B गलत है क्योंकि पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन से जुड़ी है। C गलत है क्योंकि आठवीं अनुसूची में भारत की मान्यता प्राप्त भाषाएँ दी गई हैं। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - दसवीं अनुसूची और 1985 का 52वाँ संशोधन।

Q143.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 24 Aug 2014कठिन

आर्द्रभूमियों और उन नदियों के संगम के निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए जिन पर वे स्थित बताई गई हैं:

  1. हरिके आर्द्रभूमि – ब्यास और सतलुज का संगम
  2. केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान – बनास और चंबल का संगम
  3. कोलेरू झील – मूसी और कृष्णा का संगम

उपर्युक्त में से कौन सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर A, केवल 1 है। पंजाब की हरिके आर्द्रभूमि उस स्थान से ठीक नीचे बैराज बनाकर बनाई गई जहां ब्यास सतलुज में मिलती है, इसलिए पहला युग्म सही है और वही अकेला सही है। विकल्प B गलत है क्योंकि वह दूसरे युग्म को सही मानता है, जबकि भरतपुर का केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान मानव निर्मित आर्द्रभूमि है, जिसे अजान बांध के द्वारा गंभीर और बाणगंगा से जल मिलता है; वह बनास और चंबल के संगम पर नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि वह तीसरे युग्म को सही मानता है, जबकि आंध्र प्रदेश की कोलेरू झील कृष्णा और गोदावरी के डेल्टाओं के बीच है, जिसका जल उप्पुटेरु से निकलता है, किसी मूसी और कृष्णा के संगम पर वह नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि वह दोनों गलत युग्मों को स्वीकार करता है। ऐसे सुमेलन प्रश्नों में एक निश्चित युग्म ही प्रायः विकल्प छांटकर उत्तर तक पहुंचा देता है।

Q144.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · UPSC Civil Services Prelims 2022कठिन

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की कठोर मौद्रिक नीति से पूँजी पलायन हो सकता है। 2. पूँजी पलायन से उन कंपनियों की ब्याज लागत बढ़ सकती है जिन पर पहले से बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) है। 3. घरेलू मुद्रा का अवमूल्यन ईसीबी से जुड़े मुद्रा जोखिम को घटा देता है। उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर A, केवल 1 और 2 है। कथन 1 सही है क्योंकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त होने पर वहाँ प्रतिफल आकर्षक हो जाता है और पोर्टफोलियो धन उभरते बाजारों से बाहर निकलने लगता है, जिसे पूँजी पलायन कहते हैं। कथन 2 सही है क्योंकि ऐसा बहिर्वाह रुपये को कमजोर करता है और जोखिम प्रीमियम बढ़ाता है, इसलिए बाह्य वाणिज्यिक उधारी चुका रही कंपनी को रुपये में अधिक देना पड़ता है और पुनर्वित्त महँगा मिलता है। कथन 3 गलत है और इसी से शेष विकल्प तय हो जाते हैं: घरेलू मुद्रा का मूल्य गिरने पर डॉलर में चुकाए जाने वाले ऋण का मुद्रा जोखिम घटता नहीं, बढ़ता है, क्योंकि हर डॉलर की अदायगी अब अधिक रुपये माँगती है। विकल्प B गलत है क्योंकि वह दोषपूर्ण तीसरा कथन लेता है और सही पहला छोड़ता है, विकल्प C गलत है क्योंकि वह कथन 3 लेकर कथन 2 छोड़ देता है, और विकल्प D गलत है क्योंकि वह तीनों को सही मानता है।

Q145.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · UPSC Civil Services Prelims 2022कठिन

भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सांकेतिक प्रभावी विनिमय दर (नीर) में वृद्धि रुपये की मूल्यवृद्धि दर्शाती है। 2. वास्तविक प्रभावी विनिमय दर (रीर) में वृद्धि व्यापार प्रतिस्पर्धा में सुधार दर्शाती है। 3. अन्य देशों की तुलना में घरेलू महँगाई की बढ़ती प्रवृत्ति से नीर और रीर के बीच अंतर बढ़ने की संभावना रहती है। उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर C, केवल 1 और 3 है। कथन 1 सही है क्योंकि नीर साझेदार देशों की मुद्राओं की टोकरी के मुकाबले रुपये का व्यापार भारित सूचकांक है, इसलिए सूचकांक बढ़ने का अर्थ है कि रुपया सांकेतिक रूप से मजबूत हुआ। कथन 3 सही है क्योंकि रीर नीर को सापेक्ष कीमतों के लिए समायोजित करती है, इसलिए जब घरेलू महँगाई विदेशी महँगाई से तेज चलती है तो दोनों सूचकांक अलग होने लगते हैं। कथन 2 गलत है और इसी कारण विकल्प A, B और D असफल होते हैं: रीर का बढ़ना बताता है कि रुपया वास्तविक रूप में महँगा हुआ, जिससे भारतीय वस्तुएँ विदेश में महँगी पड़ती हैं और व्यापार प्रतिस्पर्धा सुधरती नहीं, घटती है। विकल्प A गलत है क्योंकि वह कथन 2 को स्वीकार करता है और सही कथन 3 को छोड़ देता है, विकल्प B गलत है क्योंकि वह कथन 2 लेता है और सही कथन 1 छोड़ता है, तथा विकल्प D गलत है क्योंकि वह तीनों को, दोषपूर्ण दूसरे कथन सहित, सही मान लेता है।

Q146.स्टैटिक GKपूछा गया: UPSC CAPF · UPSC CAPF AC 2023 Official Paper-Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक भाषा नहीं है? 1. अरबी 2. जर्मन 3. स्पेनिश 4. चीनी। नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनें।

  1. A.केवल 1 और 3
  2. B.केवल 1 और 4
  3. C.केवल 1 और 2
  4. D.केवल 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. केवल 2

व्याख्या

सही उत्तर D, केवल 2 है। संयुक्त राष्ट्र छह आधिकारिक भाषाओं में काम करता है, अरबी, चीनी, अंग्रेजी, फ्रेंच, रूसी और स्पेनिश। सूची में दिए चार नामों में अरबी, स्पेनिश और चीनी तीनों आधिकारिक हैं, इसलिए केवल दूसरा नाम जर्मन आधिकारिक नहीं है। छह में अरबी सबसे बाद में, 1973 में जोड़ी गई। इनमें अंग्रेजी और फ्रेंच सचिवालय की कार्यकारी भाषाएँ भी हैं।

विकल्प A गलत है क्योंकि अरबी 1973 से आधिकारिक भाषा है। विकल्प B भी इसी कारण गलत है और इसलिए भी कि चीनी आरंभ से ही आधिकारिक रही, क्योंकि वह संस्थापक सदस्यों की भाषा थी। विकल्प C में भी अरबी को गलत ढंग से गैर आधिकारिक गिना गया है। केवल विकल्प D में अकेला जर्मन है, और जर्मनी संयुक्त राष्ट्र के बजट में बड़ा योगदान देने पर भी जर्मन उसकी भाषा नहीं है।

Q147.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 7 Aug 2022मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी पुस्तक हर्षवर्धन द्वारा लिखी गई थी?

  1. A.हर्षचरित
  2. B.कादंबरी
  3. C.रत्नावली
  4. D.गीतगोविंद
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. रत्नावली

व्याख्या

सही उत्तर C, रत्नावली है। हर्षवर्धन राजा के साथ-साथ नाटककार भी था और संस्कृत के तीन नाटक उसके नाम से जुड़े हैं: रत्नावली, प्रियदर्शिका और नागानंद। रत्नावली राजा उदयन और रत्नावली की प्रेमकथा पर आधारित दरबारी नाटिका है और प्रश्नपत्रों में यही रचना सबसे अधिक पूछी जाती है।

विकल्प A, हर्षचरित, हर्ष के बारे में अवश्य है किंतु उसकी लिखी हुई नहीं; यह उसके दरबारी कवि बाणभट्ट की रचना है। विकल्प B, कादंबरी, भी बाणभट्ट की ही रचना है, जो उसकी मृत्यु के कारण अधूरी रह गई और उसके पुत्र ने पूरी की। विकल्प D, गीतगोविंद, बहुत बाद की रचना है: इसे बारहवीं शताब्दी में बंगाल के सेन राजा लक्ष्मणसेन के दरबार में जयदेव ने लिखा और इसमें राधा-कृष्ण का वर्णन है। अतः केवल रत्नावली ही राजा की अपनी कृति है।

Q148.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · UPSC Civil Services (Prelims) General Stमध्यम

बोधिसत्व पद्मपाणि का चित्र किस स्थल के सर्वाधिक प्रसिद्ध और बार बार प्रकाशित चित्रों में से एक है?

  1. A.अजंता
  2. B.बादामी
  3. C.बाघ
  4. D.एलोरा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अजंता

व्याख्या

सही उत्तर A, अजंता है। नीला कमल धारण किए बोधिसत्व पद्मपाणि महाराष्ट्र के अजंता की गुफा संख्या एक के अंतराल की बाईं दीवार पर चित्रित हैं, और उनके सामने बोधिसत्व वज्रपाणि हैं। यह आकृति पाँचवीं शताब्दी के वाकाटक काल की है, और इसकी झुकी पलकें तथा शिथिल देह भारतीय भित्ति चित्रकला का श्रेष्ठतम उदाहरण मानी जाती हैं। अजंता के चित्र मिट्टी, गोबर और धान की भूसी की सतह पर टेम्पेरा विधि से बने हैं, और ये गुफाएँ वाघोरा नदी के ऊपर स्थित हैं।

विकल्प B, कर्नाटक का बादामी, अपनी गुफा तीन में चालुक्य राजकीय चित्रों के लिए जाना जाता है। विकल्प C, मध्य प्रदेश का बाघ, शैली में अजंता के अत्यंत निकट बौद्ध भित्ति चित्रों का स्थल है, इसलिए यही सबसे प्रबल भ्रामक विकल्प है, परंतु यह चित्र वहाँ नहीं है। विकल्प D, एलोरा, मुख्यतः शैलकृत मूर्तिकला और स्थापत्य का स्थल है, जहाँ चित्रकारी मुख्यतः कैलाश मंदिर में बची है।

Q149.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Official UPSC Civil Services Exam 2018 Pमध्यम

सुप्रसिद्ध चित्र बणी ठणी किस शैली से संबंधित है?

  1. A.बूँदी शैली
  2. B.जयपुर शैली
  3. C.कांगड़ा शैली
  4. D.किशनगढ़ शैली
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. किशनगढ़ शैली

व्याख्या

सही उत्तर D, किशनगढ़ शैली है। बणी ठणी को अठारहवीं शताब्दी में राजस्थान के किशनगढ़ में निहालचंद ने राजा सावंत सिंह के संरक्षण में बनाया, जो नागरी दास के नाम से भक्ति काव्य रचते थे। इस आकृति का मुख लंबा, गर्दन लंबी, भौंह तीव्र धनुषाकार और आँख खिंची हुई है, और यही शैलीबद्ध नायिका रूप इस शैली की पहचान बन गया। इस चित्र को प्रायः भारत की मोनालिसा कहा जाता है, और किशनगढ़ के चित्रों में नायक नायिका अक्सर कमल भरे सरोवरों के किनारे दिखाए जाते हैं।

विकल्प A, बूँदी शैली, घनी नीली हरी वनस्पति, जल और पशु जीवन से पहचानी जाती है, इस नायिका रूप से नहीं। विकल्प B, जयपुर या आम्बेर शैली, प्रबल मुगल प्रभाव में बड़े व्यक्तिचित्र बनाती थी। विकल्प C, कांगड़ा शैली, पर्वतीय पहाड़ी शैली है, कोमल और भावप्रधान, जो गीत गोविंद श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध है और राजस्थान से भौगोलिक रूप से दूर है।

Q150.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 5 June 2022कठिन

निम्नलिखित में से कौन सा कथन 'पोलर कोड' का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

  1. A.यह ध्रुवीय जल में चलने वाले जहाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संहिता है।
  2. B.यह उत्तरी ध्रुव के आसपास के देशों का ध्रुवीय क्षेत्र में अपने क्षेत्रों के सीमांकन संबंधी समझौता है।
  3. C.यह उन देशों के लिए मानकों का समूह है जिनके वैज्ञानिक उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर शोध करते हैं।
  4. D.यह आर्कटिक परिषद के सदस्य देशों का व्यापार और सुरक्षा समझौता है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. यह ध्रुवीय जल में चलने वाले जहाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संहिता है।

व्याख्या

सही उत्तर A है। पोलर कोड का पूरा नाम ध्रुवीय जल में चलने वाले जहाजों के लिए अंतरराष्ट्रीय संहिता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने अपनाया और जो 2017 के आरंभ से लागू है। यह समुद्र में जीवन की सुरक्षा तथा जहाजों से प्रदूषण रोकने संबंधी अभिसमयों के अंतर्गत अनिवार्य है और इसमें जहाज की बनावट, उपकरण, चालक दल के प्रशिक्षण तथा बर्फीले जल में संचालन के साथ-साथ आर्कटिक और अंटार्कटिक में तेल, मलजल और कूड़े के निस्सरण पर भी नियम हैं।

विकल्प B गलत है क्योंकि आर्कटिक में क्षेत्रीय दावे समुद्री विधि और महाद्वीपीय मग्नतट की प्रक्रिया से तय होते हैं, इस संहिता से नहीं। विकल्प C उस काम का वर्णन करता है जो अंटार्कटिक संधि प्रणाली और उसका पर्यावरण प्रोटोकॉल वैज्ञानिक गतिविधि के लिए करते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि आर्कटिक परिषद पर्यावरण और सतत विकास पर सहयोग का मंच है और व्यापार या सुरक्षा समझौते नहीं करती।

Q151.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 20 दिसंबर 2020कठिन

भारत के संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.मौलिक कर्तव्य मूल रूप से संविधान का हिस्सा नहीं थे
  2. B.सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखना और हिंसा से दूर रहना मौलिक कर्तव्य हैं
  3. C.इन्हें रिट के ज़रिए लागू नहीं कराया जा सकता
  4. D.इनका उपयोग कानूनों की संवैधानिकता तय करने में नहीं किया जा सकता
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. इनका उपयोग कानूनों की संवैधानिकता तय करने में नहीं किया जा सकता

व्याख्या

सही उत्तर इनका उपयोग कानूनों की संवैधानिकता तय करने में नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह कथन गलत है। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि जब कोई न्यायालय किसी कानून की संवैधानिकता जांचता है और पाता है कि वह कानून किसी मौलिक कर्तव्य को लागू करता है, तो वह उसे अनुच्छेद 14 या अनुच्छेद 19 के तहत "युक्तियुक्त" मानकर सही ठहरा सकता है। इसलिए कर्तव्य खुद लागू न कराए जा सकें, फिर भी कानूनों की संवैधानिकता तय करने में मदद कर सकते हैं।

बाकी तीनों कथन सही हैं, और यही प्रश्न को कठिन बनाता है। मौलिक कर्तव्य 1950 के मूल संविधान का हिस्सा नहीं थे; इन्हें 1976 में 42वें संशोधन ने जोड़ा। सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखना और हिंसा से दूर रहना एक मौलिक कर्तव्य, अनुच्छेद 51A का खंड (झ), है। और कर्तव्य रिट के ज़रिए लागू नहीं कराए जा सकते, क्योंकि ये न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं हैं: कोई न्यायालय किसी नागरिक को इनका पालन करने का आदेश नहीं दे सकता, हालांकि संसद सामान्य कानूनों से इन्हें लागू कर सकती है। "सही नहीं है" वाले प्रश्न में उत्तर चुनने से पहले हर कथन को अलग-अलग जांचें।

Q152.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

मथुरा कला शैली में, निम्नलिखित में से भगवान बुद्ध की मूर्तियाँ (इमेज) मुख्यतः किस मुद्रा में बनायी गयी हैं?

  1. A.ध्यान मुद्रा
  2. B.अभय मुद्रा
  3. C.धर्मचक्र मुद्रा
  4. D.वरद मुद्रा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अभय मुद्रा

व्याख्या

सही उत्तर है B, अभय मुद्रा। मथुरा की आरंभिक बुद्ध मूर्तियों में दायाँ हाथ ऊपर उठा और हथेली बाहर की ओर होती है, जिसका अर्थ है "डरो मत"। मथुरा शैली ईसा की आरंभिक सदियों में कुषाणों के समय फली-फूली, उसी दौर में उत्तर-पश्चिम में गांधार शैली भी थी। मथुरा के शिल्पियों ने स्थानीय चित्तीदार लाल बलुआ पत्थर का प्रयोग किया और बुद्ध को गोल मुस्कुराता चेहरा, सर्पिल जूड़े वाला मुंडित सिर और भरा-पूरा मज़बूत शरीर दिया, जो पूरी तरह भारतीय शैली थी। कटरा टीले से मिली बैठी बुद्ध मूर्ति, जो अब मथुरा संग्रहालय में है, अभय मुद्रा का प्रसिद्ध उदाहरण है। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोद में हाथ रखे ध्यान मुद्रा गांधार की मूर्तियों की पहचान है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उपदेश की धर्मचक्र मुद्रा बाद में प्रसिद्ध हुई, जैसे गुप्तकालीन सारनाथ बुद्ध में। विकल्प D गलत है, क्योंकि नीचे की ओर हथेली वाली दान की वरद मुद्रा बाद की मूर्तियों में अधिक दिखती है। परीक्षा टिप: मथुरा यानी लाल बलुआ पत्थर और अभय मुद्रा; गांधार यानी स्लेटी शिस्ट और ध्यान मुद्रा।

Q153.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित में से किस संगीतज्ञ ने राजा मान सिंह तोमर और गुजरात के बहादुरशाह के राजदरबार में सेवा दी?

  1. A.बैजू बावरा
  2. B.तानसेन
  3. C.लाल कलावंत
  4. D.रंग खाँ कलावंत
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बैजू बावरा

व्याख्या

सही उत्तर है A, बैजू बावरा। बैजू, जिन्हें बैजू नायक भी कहा जाता है, ग्वालियर में राजा मान सिंह तोमर के दरबार के प्रमुख गायक थे और बाद में उन्होंने गुजरात के सुल्तान बहादुरशाह के दरबार में सेवा दी। राजा मान सिंह तोमर ने 1486 से 1516 तक ग्वालियर पर राज किया और हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की सबसे पुरानी जीवित शैली ध्रुपद को सँवारने का श्रेय उन्हें दिया जाता है। बैजू ध्रुपद के उस्ताद थे और किंवदंतियाँ उन्हें तानसेन का प्रतिद्वंद्वी बताती हैं, यही कहानी 1952 की फ़िल्म "बैजू बावरा" में दिखाई गई। ग्वालियर का संगीत से यह नाता आज भी हर साल होने वाले तानसेन समारोह में दिखता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तानसेन पहले रीवा के राजा रामचंद्र के दरबार में थे और फिर अकबर के नवरत्नों में शामिल हुए। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाल कलावंत तानसेन के शिष्य थे, जिन्होंने मुगल दरबार में सेवा दी। विकल्प D गलत है, क्योंकि रंग खाँ कलावंत का नाम मान सिंह तोमर या बहादुरशाह के दरबार से नहीं जुड़ता। परीक्षा टिप: ग्वालियर के मान सिंह तोमर ने ध्रुपद को प्रसिद्ध किया; वहाँ बैजू गाते थे और बाद में तानसेन अकबर के दरबार में चमके।

Q154.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

निम्नलिखित में से कौन से वन अधिनियम ने भारत के वनों को आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण वनों में विभाजित किया?

  1. A.वन अधिनियम 1864
  2. B.वन अधिनियम 1865
  3. C.वन अधिनियम 1866
  4. D.वन अधिनियम 1878
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वन अधिनियम 1878

व्याख्या

सही उत्तर है D, वन अधिनियम 1878। 1878 के भारतीय वन अधिनियम ने आरक्षित, संरक्षित और ग्रामीण, ये तीन श्रेणियाँ बनाईं। रेलवे और जहाज़ निर्माण के लिए भारी मात्रा में लकड़ी चाहिए थी, इसलिए अंग्रेज़ों की भारतीय वनों में रुचि बढ़ी। 1864 में इंपीरियल वन विभाग बना और डिट्रिच ब्रैंडिस पहले वन महानिरीक्षक बने; इसके बाद 1865 में पहला भारतीय वन अधिनियम आया। वह अधिनियम जल्द ही कमज़ोर माना गया, इसलिए 1878 के अधिनियम ने उसकी जगह ली, जिससे वन भूमि पर राज्य का पक्का नियंत्रण हुआ और खासकर आरक्षित वनों में ग्रामीणों के पारंपरिक अधिकार बहुत घट गए। इसके बाद आए भारतीय वन अधिनियम, 1927 ने यही तीन श्रेणियाँ बनाए रखीं और यह आज भी मुख्य वन कानून है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1864 वन विभाग बनने का वर्ष है, वर्गीकरण वाला कानून नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1865 के अधिनियम ने केवल राज्य नियंत्रण शुरू किया, तीन श्रेणियाँ नहीं बनाईं। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1866 का इस वर्गीकरण से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: 1864 विभाग, 1865 पहला अधिनियम, 1878 तीन श्रेणियाँ, 1927 का अधिनियम आज भी लागू।

Q155.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

वियना सम्मेलन और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित में से कौन सा है?

  1. A.मरुस्थलीकरण का सामना करना
  2. B.धारणीय (टिकाऊ) विकासात्मक लक्ष्यों को प्रतिपादित करना
  3. C.ओज़ोन परत का रक्षण
  4. D.जलवायु परिवर्तन का सामना करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ओज़ोन परत का रक्षण

व्याख्या

सही उत्तर है C, ओज़ोन परत का रक्षण। दोनों संधियाँ समतापमंडल की उस ओज़ोन परत को बचाने के लिए बनीं, जो हानिकारक पराबैंगनी किरणों को रोकती है। ओज़ोन परत के संरक्षण के लिए वियना सम्मेलन 1985 में एक ढाँचागत समझौते के रूप में अपनाया गया। 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ने इसे अमल में लाते हुए क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) और हैलोन जैसे ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थों को खत्म करने की समय-सीमाएँ तय कीं। 2009 में ये हर देश द्वारा अनुमोदित पहली संयुक्त राष्ट्र संधियाँ बनीं, और प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर का दिन 16 सितंबर विश्व ओज़ोन दिवस के रूप में मनाया जाता है। 2016 के किगाली संशोधन ने इसमें हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFC) भी जोड़े। विकल्प A गलत है, क्योंकि मरुस्थलीकरण के लिए 1994 का संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सतत विकास लक्ष्य 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एजेंडा 2030 के तहत अपनाए। विकल्प D गलत है, क्योंकि जलवायु परिवर्तन 1992 के UNFCCC और उसके क्योटो प्रोटोकॉल व पेरिस समझौते का विषय है। परीक्षा टिप: ओज़ोन के लिए वियना 1985 और मॉन्ट्रियल 1987; किगाली 2016 से HFC जुड़े।

Q156.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा जीव मोनेरा जगत् (किंगडम मोनेरा) से संबंधित है?

  1. A.डायटम
  2. B.यूग्लीना
  3. C.एनाबीना
  4. D.यूलोथ्रिक्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. एनाबीना

व्याख्या

सही उत्तर है C, एनाबीना। एनाबीना एक सायनोबैक्टीरिया है, यानी ऐसा प्रोकैरियोट जिसमें असली केंद्रक नहीं होता, और सभी प्रोकैरियोट मोनेरा जगत में रखे जाते हैं। आर.एच. व्हिटेकर के पाँच जगत वर्गीकरण (1969) में मोनेरा में जीवाणु और सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) आते हैं, जिनकी कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली और झिल्ली से घिरे कोशिकांग नहीं होते। एनाबीना कोशिकाओं की शृंखला के रूप में बढ़ता है और इसमें मोटी दीवार वाली विशेष कोशिकाएँ, हेटरोसिस्ट, हवा की नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करती हैं। यह छोटे जलीय फर्न एज़ोला के भीतर रहता है, इसीलिए धान के खेतों में एज़ोला जैव उर्वरक के रूप में प्रयोग होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि डायटम काँच जैसी सिलिका भित्ति वाले एककोशिकीय यूकैरियोट हैं, जो प्रोटिस्टा में आते हैं; इनके जमाव से डायटमी मृदा बनती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि यूग्लीना प्रोटिस्ट है, जो प्रकाश में अपना भोजन बनाता है और अँधेरे में जंतुओं की तरह भोजन लेता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यूलोथ्रिक्स असली केंद्रक वाला तंतुमय हरा शैवाल है, जिसे पादप जगत में रखा जाता है। परीक्षा टिप: असली केंद्रक नहीं तो मोनेरा; नाइट्रोजन स्थिर करने वाले सायनोबैक्टीरिया एनाबीना और नॉस्टॉक याद रखें।

Q157.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021आसान

आलू-चिप्स के पैकेटों को निम्नलिखित में से किस गैस से सामान्यतया प्रक्षालित किया जाता है ताकि विकृत-गंध पनप न सके?

  1. A.कार्बन डाइऑक्साइड
  2. B.हाइड्रोजन
  3. C.नाइट्रोजन
  4. D.ऑक्सीजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नाइट्रोजन

व्याख्या

सही उत्तर है C, नाइट्रोजन। नाइट्रोजन क्रिया न करने वाली गैस है, इसलिए यह पैकेट से ऑक्सीजन बाहर कर देती है और चिप्स का तेल ऑक्सीकृत नहीं हो पाता। विकृतगंधिता (रैंसिडिटी) भोजन में मौजूद वसा और तेल का ऑक्सीकरण है, जिससे उनकी गंध और स्वाद बिगड़ जाते हैं। चिप्स तेल में तले जाते हैं, इसलिए हवा के संपर्क में आते ही जल्दी खराब होते हैं। पैकेट में नाइट्रोजन भरने से ऑक्सीजन बाहर रहती है और यह गद्दी का काम भी करती है, जिससे ढुलाई में चिप्स टूटते नहीं। विकृतगंधिता रोकने के दूसरे तरीके हैं प्रतिऑक्सीकारक (एंटीऑक्सीडेंट) मिलाना, भोजन को वायुरोधी डिब्बों में रखना और फ्रिज में रखना। विकल्प A गलत है, क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड कोल्ड ड्रिंक और कुछ दूसरे खाद्यों में इस्तेमाल होती है, पर चिप्स के लिए मानक गैस नाइट्रोजन है, जो सस्ती और बहुत कम क्रियाशील है। विकल्प B गलत है, क्योंकि हाइड्रोजन अत्यंत ज्वलनशील है और खाद्य पैकेट में असुरक्षित है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऑक्सीजन ही वह गैस है जो विकृतगंधिता पैदा करती है। परीक्षा टिप: विकृतगंधिता वसा का ऑक्सीकरण है; नाइट्रोजन भरना और प्रतिऑक्सीकारक इसे रोकते हैं।

Q158.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

जब किसी प्रिज्म पर श्वेत प्रकाश के एक किरण पुंज को आपतित होने दिया जाता है, तब निर्गत होने वाले किस प्रकाश के लिए अधिकतम विचलन होता है?

  1. A.लाल प्रकाश
  2. B.बैंगनी प्रकाश
  3. C.पीला प्रकाश
  4. D.नीला प्रकाश
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैंगनी प्रकाश

व्याख्या

सही उत्तर है B, बैंगनी प्रकाश। दृश्य प्रकाश में बैंगनी रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे छोटी होती है, इसलिए काँच उसे सबसे ज़्यादा धीमा करता है और सबसे ज़्यादा मोड़ता है। श्वेत प्रकाश सात रंगों का मिश्रण है, जिन्हें VIBGYOR (बैनीआहपीनाला) से याद रखते हैं। काँच का अपवर्तनांक हर रंग के लिए थोड़ा अलग होता है, बैंगनी के लिए सबसे अधिक और लाल के लिए सबसे कम। इसलिए प्रिज्म से गुज़रते समय हर रंग अलग कोण पर मुड़ता है और प्रकाश एक रंगीन पट्टी में फैल जाता है, जिसे स्पेक्ट्रम कहते हैं। इस बिखराव को विक्षेपण कहते हैं, जिसे आइज़क न्यूटन ने 1666 के अपने प्रयोगों में काँच के प्रिज्म से दिखाया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि लाल की तरंगदैर्ध्य सबसे लंबी है और वह सबसे कम मुड़ता है, इसलिए वह स्पेक्ट्रम में बैंगनी के दूसरे छोर पर होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पीला स्पेक्ट्रम के बीच में है और बैंगनी से कम मुड़ता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि नीला पीले से अधिक पर बैंगनी से थोड़ा कम मुड़ता है। परीक्षा टिप: लाल का विचलन सबसे कम, बैंगनी का सबसे अधिक; तरंगदैर्ध्य जितनी छोटी, मोड़ उतना बड़ा।

Q159.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019मध्यम

एल्युमिनियम, लोह, ताम्र और जस्ता किससे निष्कर्षित किए जाते हैं?

  1. A.क्रमशः बाक्साइट, मैग्नेटाइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से
  2. B.क्रमशः मैग्नेटाइट, बाक्साइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से
  3. C.क्रमशः कैलेमाइन, मैलाकाइट, मैग्नेटाइट और बाक्साइट से
  4. D.क्रमशः मैलाकाइट, मैग्नेटाइट, बाक्साइट और कैलेमाइन से
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. क्रमशः बाक्साइट, मैग्नेटाइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से

व्याख्या

सही उत्तर है A, क्रमशः बाक्साइट, मैग्नेटाइट, मैलाकाइट और कैलेमाइन से। यहाँ हर धातु अपने सबसे जाने-माने अयस्क के साथ है। बाक्साइट जलयुक्त एल्युमिनियम ऑक्साइड है; इससे एल्युमिना शुद्ध करके हॉल-हेरॉल्ट प्रक्रिया में विद्युत अपघटन से एल्युमिनियम निकाला जाता है। मैग्नेटाइट (Fe3O4) लोहे का चुंबकीय अयस्क है, जबकि हेमेटाइट (Fe2O3) भारत का मुख्य लौह अयस्क है। मैलाकाइट हरे रंग का क्षारीय कॉपर कार्बोनेट है, हालाँकि ताँबे का मुख्य व्यावसायिक अयस्क कॉपर पाइराइट है। कैलेमाइन ज़िंक कार्बोनेट (ZnCO3) है और ज़िंक ब्लेंड (ZnS) जस्ते का दूसरा मुख्य अयस्क है; राजस्थान की ज़ावर खदानें इसके लिए प्रसिद्ध हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें एल्युमिनियम को मैग्नेटाइट से और लोहे को बाक्साइट से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें सूची उलटी है और एल्युमिनियम को कैलेमाइन से, जस्ते को बाक्साइट से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मैलाकाइट ताँबे का अयस्क है, एल्युमिनियम का नहीं, और बाक्साइट ताँबे का अयस्क नहीं है। परीक्षा टिप: क्रम से "बा-मै-मै-कै": बाक्साइट-Al, मैग्नेटाइट-Fe, मैलाकाइट-Cu, कैलेमाइन-Zn।

Q160.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

तत्व यूरेनियम-235 के नाभिक में न्यूट्रानों की संख्या कितनी होती है?

  1. A.235
  2. B.92
  3. C.143
  4. D.51
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 143

व्याख्या

सही उत्तर है C, 143। 235 द्रव्यमान संख्या है और यूरेनियम की परमाणु संख्या 92 है, इसलिए नाभिक में 235 में से 92 घटाकर 143 न्यूट्रॉन होते हैं। द्रव्यमान संख्या (A) प्रोटॉन और न्यूट्रॉन दोनों को गिनती है, जबकि परमाणु संख्या (Z) केवल प्रोटॉन को, इसलिए न्यूट्रॉन = A − Z। यूरेनियम के हर परमाणु में 92 प्रोटॉन होते हैं; उसके समस्थानिक केवल न्यूट्रॉन की संख्या में अलग होते हैं। प्राकृतिक यूरेनियम में यूरेनियम-235 केवल लगभग 0.7% होता है, बाकी ज़्यादातर U-238 है जिसमें 146 न्यूट्रॉन होते हैं। फिर भी धीमे न्यूट्रॉन के टकराने पर आसानी से टूटने वाला समस्थानिक U-235 ही है, इसलिए रिएक्टर के ईंधन में इसे "संवर्धित" किया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 235 प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का कुल योग है, केवल न्यूट्रॉन नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 92 प्रोटॉन की संख्या यानी परमाणु संख्या है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 51 का इस नाभिक से कोई संबंध नहीं, यह केवल भ्रम पैदा करने वाला विकल्प है। परीक्षा टिप: न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या − परमाणु संख्या; U-235 में 143 और U-238 में 146।