अशोक मेहता समिति का गठन निम्नलिखित में से किस विषय पर सिफारिशें करने के लिए किया गया था?
- A.केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व का बँटवारा
- B.पंचायती राज व्यवस्था
- C.राज्यपालों की नियुक्ति
- D.राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, पंचायती राज व्यवस्था। जनता सरकार ने दिसंबर 1977 में कमजोर पड़ती पंचायती राज संस्थाओं को फिर से सशक्त बनाने के उपाय सुझाने के लिए अशोक मेहता समिति बनाई।
समिति ने अगस्त 1978 में अपनी रिपोर्ट दी। उसका मुख्य सुझाव द्विस्तरीय व्यवस्था थी: जिला स्तर पर जिला परिषद और गाँवों के समूह के लिए मंडल पंचायत, जो 1957 की बलवंत राय मेहता समिति के त्रिस्तरीय ढाँचे की जगह ले। समिति ने पंचायत चुनावों में राजनीतिक दलों की खुली भागीदारी, पंचायतों को कर लगाने की अनिवार्य शक्ति, संवैधानिक दर्जा और अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए आरक्षण की भी सिफारिश की। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल ने इसके कुछ सुझाव अपनाए।
A गलत है क्योंकि करों का बँटवारा वित्त आयोग का काम है। C गलत है क्योंकि राज्यपालों की नियुक्ति की जाँच सरकारिया आयोग आदि ने की। D गलत है क्योंकि राष्ट्रपति चुनाव अनुच्छेद 54 से 59 से चलते हैं और उनके लिए ऐसी कोई समिति नहीं बनी।
Exam tip: बलवंत राय मेहता 1957 — त्रिस्तरीय; अशोक मेहता 1977–78 — द्विस्तरीय; एल. एम. सिंघवी 1986 — संवैधानिक दर्जा।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत की संसद मुख्य रूप से किसके प्रतिमान पर आधारित है?
- A.जर्मन संसद
- B.ब्रिटिश संसद
- C.अमेरिकी कांग्रेस
- D.फ्रांसीसी संसद
उत्तर देखें
भारत ने संसदीय शासन प्रणाली ब्रिटेन से ली, जिसे अक्सर वेस्टमिंस्टर मॉडल कहा जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. किसी भी व्यक्ति के पंचायत का सदस्य बनने के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु 25 वर्ष है।
2. समय से पहले भंग होने के बाद पुनर्गठित पंचायत केवल शेष अवधि के लिए बनी रहती है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
समय से पहले भंग होने के बाद बनी पंचायत मूल कार्यकाल की शेष अवधि तक ही रहती है, पर सदस्य बनने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है, 25 वर्ष नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. भारत का निर्वाचन आयोग पांच सदस्यों वाला निकाय है।
2. संघ का गृह मंत्रालय आम चुनाव और उपचुनाव, दोनों के संचालन के लिए चुनाव कार्यक्रम तय करता है।
3. निर्वाचन आयोग मान्यताप्राप्त राजनीतिक दलों के विभाजन/विलय से संबंधित विवादों का निपटारा करता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2
- C.केवल 2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
केवल कथन 3 सही है: मान्यताप्राप्त दलों के विभाजन और विलय के विवाद निर्वाचन आयोग ही तय करता है। अनुच्छेद 324 के तहत आयोग संसद, राज्य विधानमंडलों तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में, न्यायिक पुनर्विलोकन का अर्थ है
- A.विधियों और कार्यपालिका आदेशों की सांविधानिकता के विषय में न्यायपालिका द्वारा विचार करने की शक्ति।
- B.विधायिकाओं द्वारा बनाई गई विधियों के विवेक पर प्रश्न करने की न्यायपालिका की शक्ति।
- C.सभी विधायी अधिनियमों के राष्ट्रपति द्वारा अनुमति दिए जाने से पहले उनका पुनर्विलोकन करने की न्यायपालिका की शक्ति।
- D.समान या भिन्न मामलों में पहले दिए गए अपने निर्णयों का पुनर्विलोकन करने की न्यायपालिका की शक्ति।
उत्तर देखें
न्यायिक पुनर्विलोकन से सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय संविधान का उल्लंघन करने वाले किसी भी कानून या कार्यपालिका के कदम को रद्द कर सकते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निजता का अधिकार, जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार के आंतरिक भाग के रूप में संरक्षित है। भारत के संविधान में निम्नलिखित में से कौन-सा उपर्युक्त कथन को सही और समुचित रूप से दर्शाता है?
- A.अनुच्छेद 14 और संविधान के 42वें संशोधन के अधीन उपबंध
- B.अनुच्छेद 17 और भाग IV में दिए गए राज्य की नीति के निदेशक तत्त्व
- C.अनुच्छेद 21 और भाग III में गारंटीकृत स्वतंत्रताएं
- D.अनुच्छेद 24 और संविधान के 44वें संशोधन के अधीन उपबंध
उत्तर देखें
सर्वोच्च न्यायालय ने निजता को अनुच्छेद 21 के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार तथा भाग III की अन्य स्वतंत्रताओं का हिस्सा माना है।
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