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GK24

UPSC सिविल सेवा 2021 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC सिविल सेवा 2021 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q21.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021मध्यम

भारत में संपत्ति के अधिकार की क्या स्थिति है?

  1. A.केवल नागरिकों को उपलब्ध विधिक अधिकार
  2. B.किसी भी व्यक्ति को उपलब्ध विधिक अधिकार
  3. C.केवल नागरिकों को उपलब्ध मौलिक अधिकार
  4. D.न मौलिक अधिकार, न विधिक अधिकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. किसी भी व्यक्ति को उपलब्ध विधिक अधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है B, किसी भी व्यक्ति को उपलब्ध विधिक अधिकार। 1978 से संपत्ति अनुच्छेद 300A के तहत संवैधानिक अधिकार है, और यह हर व्यक्ति को सुरक्षा देता है, केवल नागरिकों को नहीं। 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 ने भाग III से अनुच्छेद 19(1)(f) और अनुच्छेद 31 हटाए और अनुच्छेद 300A जोड़ा, जिसके अनुसार किसी व्यक्ति को विधि के प्राधिकार के बिना उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। यानी राज्य केवल वैध कानून से ही संपत्ति ले सकता है, और कोई कंपनी या विदेशी भी यह सुरक्षा माँग सकता है। भाग III से बाहर होने के कारण इसके लिए अनुच्छेद 32 में सीधे सुप्रीम कोर्ट नहीं जा सकते; उपाय अनुच्छेद 226 में हाई कोर्ट या साधारण मुकदमा है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 300A का 'व्यक्ति' शब्द गैर-नागरिकों को भी शामिल करता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1978 में संपत्ति मौलिक अधिकार नहीं रही। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह अब भी संवैधानिक और विधिक अधिकार है। परीक्षा टिप: 44वाँ संशोधन, संपत्ति भाग III से निकलकर भाग XII के अनुच्छेद 300A में।

Q22.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

'निजता का अधिकार' भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत संरक्षित है?

  1. A.अनुच्छेद 15
  2. B.अनुच्छेद 19
  3. C.अनुच्छेद 21
  4. D.अनुच्छेद 29
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 21

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 21। सुप्रीम कोर्ट ने निजता को जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा माना है। न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) में नौ जजों की पीठ ने एकमत से कहा कि निजता मौलिक अधिकार है, जो मुख्य रूप से अनुच्छेद 21 से और भाग III की दूसरी स्वतंत्रताओं से सुरक्षित है। इसी पीठ ने एम.पी. शर्मा (1954) और खड़क सिंह (1962) के पुराने फैसले पलट दिए, जिनमें कहा गया था कि संविधान निजता का अधिकार नहीं देता। यह मामला आधार योजना की चुनौती से शुरू हुआ था, इसलिए याद रखना आसान है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव रोकता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 19 में बोलने और घूमने जैसी छह स्वतंत्रताएँ हैं, निजता उनमें नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 29 अल्पसंख्यकों की भाषा, लिपि और संस्कृति बचाता है। परीक्षा टिप: आश्रय, स्वास्थ्य और शीघ्र सुनवाई की तरह निजता भी अदालतों ने अनुच्छेद 21 में पढ़ी है।

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