'R2 कोड ऑफ प्रैक्टिसेज़' किसे अपनाने को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध एक साधन है?
- A.इलेक्ट्रॉनिक्स पुनर्चक्रण उद्योग में पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी प्रथाएँ
- B.रामसर अभिसमय के तहत 'अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों' का पारिस्थितिक प्रबंधन
- C.निम्नीकृत भूमि पर कृषि फसलों की खेती में संधारणीय प्रथाएँ
- D.प्राकृतिक संसाधनों के दोहन में 'पर्यावरणीय प्रभाव आकलन'
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है A, इलेक्ट्रॉनिक्स पुनर्चक्रण उद्योग में पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी प्रथाएँ। R2, यानी रिस्पॉन्सिबल रीसाइक्लिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स के पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी पुनर्चक्रण का मानक है।
R2 मानक अमेरिका की पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के सहयोग से बना और अब गैर-लाभकारी संस्था SERI (सस्टेनेबल इलेक्ट्रॉनिक्स रीसाइक्लिंग इंटरनेशनल) इसका प्रबंधन करती है। R2 प्रमाणित पुनर्चक्रण और मरम्मत करने वाली फर्मों को पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को सुरक्षित ढंग से संभालना, कामगारों के स्वास्थ्य की रक्षा करना, पुराने उपकरणों का डेटा सुरक्षित रखना, और सीसा, पारा तथा कैडमियम जैसे खतरनाक भागों पर नज़र रखनी होती है, ताकि उन्हें गैर-ज़िम्मेदारी से फेंका या निर्यात न किया जाए। यह इसलिए अहम है कि ई-कचरा विश्व में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला कचरा है। भारत में ई-कचरा ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियमों से नियंत्रित होता है।
B गलत है: रामसर आर्द्रभूमियों का प्रबंधन रामसर अभिसमय के अपने दिशानिर्देशों और मॉन्ट्रो रिकॉर्ड से होता है, R2 से नहीं।
C गलत है: R2 का निम्नीकृत भूमि पर खेती से कोई संबंध नहीं है।
D गलत है: पर्यावरणीय प्रभाव आकलन राष्ट्रीय EIA नियमों के अनुसार होता है, R2 कोड से नहीं।
परीक्षा टिप: R2 = इलेक्ट्रॉनिक्स का रिस्पॉन्सिबल रीसाइक्लिंग (SERI); e-Stewards भी ऐसा ही ई-कचरा मानक है।