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GK24

UPSC सिविल सेवा 2021 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

UPSC सिविल सेवा 2021 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

'R2 कोड ऑफ प्रैक्टिसेज़' किसे अपनाने को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध एक साधन है?

  1. A.इलेक्ट्रॉनिक्स पुनर्चक्रण उद्योग में पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी प्रथाएँ
  2. B.रामसर अभिसमय के तहत 'अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों' का पारिस्थितिक प्रबंधन
  3. C.निम्नीकृत भूमि पर कृषि फसलों की खेती में संधारणीय प्रथाएँ
  4. D.प्राकृतिक संसाधनों के दोहन में 'पर्यावरणीय प्रभाव आकलन'
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. इलेक्ट्रॉनिक्स पुनर्चक्रण उद्योग में पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी प्रथाएँ

व्याख्या

सही उत्तर है A, इलेक्ट्रॉनिक्स पुनर्चक्रण उद्योग में पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी प्रथाएँ। R2, यानी रिस्पॉन्सिबल रीसाइक्लिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स के पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी पुनर्चक्रण का मानक है।

R2 मानक अमेरिका की पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के सहयोग से बना और अब गैर-लाभकारी संस्था SERI (सस्टेनेबल इलेक्ट्रॉनिक्स रीसाइक्लिंग इंटरनेशनल) इसका प्रबंधन करती है। R2 प्रमाणित पुनर्चक्रण और मरम्मत करने वाली फर्मों को पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को सुरक्षित ढंग से संभालना, कामगारों के स्वास्थ्य की रक्षा करना, पुराने उपकरणों का डेटा सुरक्षित रखना, और सीसा, पारा तथा कैडमियम जैसे खतरनाक भागों पर नज़र रखनी होती है, ताकि उन्हें गैर-ज़िम्मेदारी से फेंका या निर्यात न किया जाए। यह इसलिए अहम है कि ई-कचरा विश्व में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला कचरा है। भारत में ई-कचरा ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियमों से नियंत्रित होता है।

B गलत है: रामसर आर्द्रभूमियों का प्रबंधन रामसर अभिसमय के अपने दिशानिर्देशों और मॉन्ट्रो रिकॉर्ड से होता है, R2 से नहीं।

C गलत है: R2 का निम्नीकृत भूमि पर खेती से कोई संबंध नहीं है।

D गलत है: पर्यावरणीय प्रभाव आकलन राष्ट्रीय EIA नियमों के अनुसार होता है, R2 कोड से नहीं।

परीक्षा टिप: R2 = इलेक्ट्रॉनिक्स का रिस्पॉन्सिबल रीसाइक्लिंग (SERI); e-Stewards भी ऐसा ही ई-कचरा मानक है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iआसान

भारत में केंद्रीय बैंक का 'अंतिम ऋणदाता' (लेंडर ऑफ लास्ट रिज़ॉर्ट) का कार्य सामान्यतः निम्नलिखित में से किसे संदर्भित करता है?

1. व्यापार और उद्योग निकायों को उधार देना जब वे अन्य स्रोतों से उधार लेने में विफल रहें

2. अस्थायी संकट से जूझ रहे बैंकों को तरलता उपलब्ध कराना

3. बजटीय घाटे के वित्तपोषण के लिए सरकारों को उधार देना

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.1 और 2
  2. B.केवल 2
  3. C.2 और 3
  4. D.केवल 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2। अंतिम ऋणदाता के रूप में RBI अस्थायी संकट में फँसे बैंकों को तरलता देता है, इसलिए केवल कथन 2 सही बैठता है।

अच्छी स्थिति वाला बैंक भी नकदी की कमी में फँस सकता है, अगर बहुत से जमाकर्ता एक साथ पैसा निकालें। जब उसे बाज़ार से धन नहीं मिलता, तब केंद्रीय बैंक उसे, सामान्यतः अच्छी ज़मानत पर, उधार देता है ताकि घबराहट पूरी बैंकिंग व्यवस्था में न फैले। भारत में RBI यह काम सीमांत स्थायी सुविधा (MSF) और विशेष तरलता खिड़कियों जैसे साधनों से करता है। यह विचार वॉल्टर बैजहॉट के सिद्धांत से आया है: संकट में सक्षम बैंकों को अच्छी ज़मानत पर खुलकर उधार दो।

A गलत है: RBI व्यापार और उद्योग को उधार नहीं देता; यह वाणिज्यिक बैंकों का काम है।

C गलत है: अर्थोपाय अग्रिमों द्वारा सरकारों को उधार देना सरकार के बैंकर की भूमिका है, अंतिम ऋणदाता की नहीं।

D गलत है: इसमें केवल सरकार को उधार देना है, जो अलग कार्य है।

परीक्षा टिप: अंतिम ऋणदाता = संकट में फँसे बैंकों के लिए; सरकार का बैंकर = अर्थोपाय अग्रिम।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

'वॉटरक्रेडिट' (WaterCredit) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. यह जल और स्वच्छता क्षेत्र में सूक्ष्म वित्त (माइक्रोफाइनेंस) के साधनों का उपयोग करता है।

2. यह विश्व स्वास्थ्य संगठन और विश्व बैंक के तत्वावधान में शुरू की गई एक वैश्विक पहल है।

3. इसका उद्देश्य गरीब लोगों को सब्सिडी पर निर्भर हुए बिना अपनी जल आवश्यकताएँ पूरी करने में सक्षम बनाना है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। कथन 1 और 3 सही हैं; वॉटरक्रेडिट WHO या विश्व बैंक की पहल नहीं है।

वॉटरक्रेडिट को Water.org नामक गैर-लाभकारी संस्था ने बनाया, जिसकी सह-स्थापना गैरी व्हाइट और मैट डेमन ने की। यह स्थानीय सूक्ष्म वित्त संस्थाओं के माध्यम से काम करता है, जो गरीब परिवारों को शौचालय बनाने या घर में पानी का कनेक्शन लेने के लिए छोटे ऋण देती हैं। परिवार ऋण चुकाते हैं, इसलिए वही पैसा नए ऋणों में लगता रहता है और गरीब लोग सब्सिडी या दान की प्रतीक्षा किए बिना अपनी जल और स्वच्छता ज़रूरतें पूरी कर पाते हैं। भारत में यह कई माइक्रोफाइनेंस साझेदारों के साथ काम करता है।

A गलत है: कथन 2 गलत है, क्योंकि यह पहल WHO और विश्व बैंक की नहीं, Water.org की है।

B गलत है: इसमें गलत कथन 2 शामिल है और सही कथन 1 छूट गया है।

D गलत है: कथन 2 गलत होने से तीनों सही नहीं हो सकते।

परीक्षा टिप: वॉटरक्रेडिट = Water.org + पानी और शौचालय के लिए माइक्रोफाइनेंस ऋण, सब्सिडी की ज़रूरत नहीं।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iकठिन

भारत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. खुदरा निवेशक डीमैट खाते के माध्यम से प्राथमिक बाज़ार में 'ट्रेज़री बिल' और 'भारत सरकार के ऋण बॉन्ड' में निवेश कर सकते हैं। 2. 'नेगोशिएटेड डीलिंग सिस्टम-ऑर्डर मैचिंग' भारतीय रिज़र्व बैंक का सरकारी प्रतिभूति व्यापार मंच है। 3. 'सेंट्रल डिपॉज़िटरी सर्विसेज़ लिमिटेड' को भारतीय रिज़र्व बैंक और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने संयुक्त रूप से प्रवर्तित किया है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.1 और 2
  3. C.केवल 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1 और 2। खुदरा निवेशक प्राथमिक नीलामी में सरकारी प्रतिभूतियों के लिए बोली लगा सकते हैं और NDS-OM इनके व्यापार का आरबीआई का मंच है, पर CDSL को आरबीआई ने प्रवर्तित नहीं किया।

कथन 1 सही है: गैर-प्रतिस्पर्धी बोली योजना के तहत खुदरा निवेशक स्टॉक एक्सचेंजों और ब्रोकरों के माध्यम से प्राथमिक नीलामी में ट्रेज़री बिल और भारत सरकार की दिनांकित प्रतिभूतियाँ खरीदकर डीमैट खाते में रख सकते हैं। 2021 की आरबीआई रिटेल डायरेक्ट योजना उन्हें सीधे आरबीआई में गिल्ट खाता खोलने की सुविधा भी देती है।

कथन 2 सही है: नेगोशिएटेड डीलिंग सिस्टम-ऑर्डर मैचिंग (NDS-OM) आरबीआई के स्वामित्व वाला गुमनाम, स्क्रीन-आधारित इलेक्ट्रॉनिक मंच है, जिस पर द्वितीयक बाज़ार में सरकारी प्रतिभूतियों का व्यापार होता है और जिसे क्लियरिंग कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया के साथ चलाया जाता है।

कथन 3 गलत है: सेंट्रल डिपॉज़िटरी सर्विसेज़ (इंडिया) लिमिटेड को BSE ने भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ़ इंडिया, बैंक ऑफ़ बड़ौदा और HDFC बैंक जैसे बैंकों के साथ प्रवर्तित किया। आरबीआई इसका प्रवर्तक नहीं है।

इसलिए A में कथन 2 छूट जाता है, जबकि C और D में गलत कथन 3 शामिल है।

परीक्षा टिप: भारत की दो डिपॉज़िटरी हैं NSDL (NSE, IDBI और UTI द्वारा प्रवर्तित) और CDSL (BSE और बैंकों द्वारा प्रवर्तित)।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, मांग-जनित (डिमांड-पुल) मुद्रास्फीति निम्नलिखित में से किसके कारण उत्पन्न हो सकती है/बढ़ सकती है? 1. विस्तारवादी नीतियाँ 2. राजकोषीय प्रोत्साहन 3. मुद्रास्फीति-सूचकांकित मज़दूरी 4. उच्च क्रय-शक्ति 5. बढ़ती ब्याज दरें नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1, 2 और 4
  2. B.केवल 3, 4 और 5
  3. C.केवल 1, 2, 3 और 5
  4. D.1, 2, 3, 4 और 5
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1, 2 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1, 2 और 4। विस्तारवादी नीतियाँ, राजकोषीय प्रोत्साहन और उच्च क्रय-शक्ति, तीनों कुल मांग बढ़ाते हैं, और यही मांग-जनित मुद्रास्फीति का कारण है।

मांग-जनित मुद्रास्फीति तब होती है जब वस्तुओं और सेवाओं की कुल मांग अर्थव्यवस्था की आपूर्ति क्षमता से आगे निकल जाती है, यानी कम वस्तुओं के पीछे अधिक पैसा। विस्तारवादी मौद्रिक नीति (सस्ता और आसान ऋण) और राजकोषीय प्रोत्साहन (कर में कटौती, अधिक सरकारी खर्च) लोगों के हाथ में अधिक पैसा देते हैं। बढ़ती आय या आसान ऋण से आई उच्च क्रय-शक्ति का भी यही असर होता है। इसके विपरीत लागत-जनित मुद्रास्फीति आपूर्ति पक्ष से शुरू होती है, जब मज़दूरी, कच्चा माल या ईंधन जैसी उत्पादन लागतें बढ़ती हैं।

मज़दूरी को मुद्रास्फीति से जोड़ना (3) उत्पादन लागत बढ़ाता है और मज़दूरी-कीमत चक्र चलाता है, इसलिए इसे लागत-जनित कारक माना जाता है। बढ़ती ब्याज दरें (5) उधार महँगा कर मांग घटाती हैं, इसलिए वे मुद्रास्फीति कम करती हैं।

इसलिए B, C और D गलत हैं, क्योंकि हर एक में कथन 3 या 5 या दोनों शामिल हैं।

परीक्षा टिप: मांग-जनित = अधिक खर्च करने की शक्ति; लागत-जनित = महँगी इनपुट लागत; ब्याज दर बढ़ाना मांग रोकने का आरबीआई का उपाय है।

Q6.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iआसान

निम्नलिखित में से किसका प्रभाव सबसे अधिक मुद्रास्फीतिकारी होने की संभावना है?

  1. A.सार्वजनिक ऋण का पुनर्भुगतान
  2. B.बजट घाटे को पूरा करने के लिए जनता से उधार लेना
  3. C.बजट घाटे को पूरा करने के लिए बैंकों से उधार लेना
  4. D.बजट घाटे को पूरा करने के लिए नई मुद्रा का सृजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. बजट घाटे को पूरा करने के लिए नई मुद्रा का सृजन

व्याख्या

सही उत्तर है D, बजट घाटे को पूरा करने के लिए नई मुद्रा का सृजन। नई मुद्रा छापने से अर्थव्यवस्था में वस्तुओं की उतनी ही वृद्धि के बिना नई क्रय-शक्ति आ जाती है, इसलिए कीमतें सबसे अधिक बढ़ती हैं।

जब सरकार अपना घाटा केंद्रीय बैंक से उधार लेकर पूरा करती है और केंद्रीय बैंक नई मुद्रा बनाता है, तो मुद्रा आपूर्ति सीधे बढ़ जाती है। इसे घाटे की वित्त व्यवस्था या घाटे का मौद्रीकरण कहते हैं। भारत में तदर्थ ट्रेज़री बिलों द्वारा स्वचालित मौद्रीकरण 1997 में सरकार और आरबीआई के समझौते से समाप्त हुआ, और बाद में FRBM अधिनियम ने विशेष परिस्थितियों को छोड़कर आरबीआई के प्राथमिक बाज़ार में सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदने पर रोक लगा दी।

A गलत है: सार्वजनिक ऋण चुकाने से पैसा व्यवस्था में लौटता है, जिसका प्रभाव तटस्थ या मुद्रास्फीति घटाने वाला होता है।

B गलत है: जनता से उधार लेने में केवल मौजूदा बचत सरकार के पास जाती है, कुल मुद्रा आपूर्ति नहीं बढ़ती।

C गलत है: वाणिज्यिक बैंकों से उधार लेने से ऋण कुछ बढ़ सकता है, पर नई मुद्रा छापने से बहुत कम।

परीक्षा टिप: घाटे की वित्त व्यवस्था का मुद्रास्फीतिकारी प्रभाव, अधिक से कम: नई मुद्रा सृजन, बैंकों से उधार, जनता से उधार।

Q7.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iआसान

भारत में काले धन के सृजन के निम्नलिखित प्रभावों में से कौन-सा भारत सरकार की चिंता का मुख्य कारण रहा है?

  1. A.संसाधनों का अचल संपत्ति की खरीद और विलासितापूर्ण आवास में निवेश की ओर मुड़ना
  2. B.अनुत्पादक गतिविधियों में निवेश और कीमती पत्थरों, आभूषणों, सोने आदि की खरीद
  3. C.राजनीतिक दलों को बड़े दान और क्षेत्रवाद का विकास
  4. D.कर चोरी के कारण राजकोष को राजस्व की हानि
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कर चोरी के कारण राजकोष को राजस्व की हानि

व्याख्या

सही उत्तर है D, कर चोरी के कारण राजकोष को राजस्व की हानि। काला धन परिभाषा से ही कर अधिकारियों से छिपाई गई आय है, इसलिए इसका सबसे सीधा और गंभीर प्रभाव वह कर है जो सरकार को कभी मिलता ही नहीं।

काला धन वह आय है जिस पर देय कर नहीं चुकाया गया, चाहे वह कानूनी रूप से कमाकर छिपाई गई हो या अवैध गतिविधियों से कमाई गई हो। खातों से बाहर रखा हर रुपया कर की हानि है, जिससे बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य और कल्याण पर सरकार का खर्च घटता है, राजकोषीय घाटा बढ़ता है और ईमानदार करदाताओं पर बोझ बढ़ता है। इसीलिए काला धन (अघोषित विदेशी आय और परिसंपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 तथा बेनामी लेन-देन (निषेध) संशोधन अधिनियम, 2016 जैसे कदम छिपी आय पर कर और दंड लगाने पर केंद्रित हैं।

A गलत है: अचल संपत्ति में निवेश काले धन के उपयोग का एक तरीका है, पर यह परिणाम है, मुख्य चिंता नहीं।

B गलत है: सोना और आभूषण खरीदना भी काले धन का उपयोग है, जो राजस्व हानि की तुलना में गौण है।

C गलत है: राजनीतिक चंदा चिंता का विषय है, पर क्षेत्रवाद काले धन का मान्य प्रभाव नहीं है।

परीक्षा टिप: काला धन = कर न चुकाई गई आय; मूल हानि राजकोष के राजस्व की है।

Q8.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

किसी मुद्रा के अवमूल्यन का प्रभाव यह होता है कि वह अनिवार्य रूप से

1. विदेशी बाज़ारों में घरेलू निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार करता है

2. घरेलू मुद्रा के विदेशी मूल्य को बढ़ाता है

3. व्यापार संतुलन में सुधार करता है

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.1 और 2
  3. C.केवल 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। अवमूल्यन से घरेलू वस्तुएँ विदेश में सस्ती हो जाती हैं, जिससे निर्यात की प्रतिस्पर्धा बढ़ती है, पर इससे मुद्रा का बाहरी मूल्य घटता है और व्यापार संतुलन अनिवार्य रूप से नहीं सुधरता।

अवमूल्यन स्थिर या प्रबंधित विनिमय दर व्यवस्था में मुद्रा के आधिकारिक विनिमय मूल्य में जानबूझकर की गई कटौती है; भारत ने 1966 और 1991 में रुपये का अवमूल्यन किया था। इसके बाद विदेशी मुद्रा की एक इकाई से अधिक घरेलू मुद्रा मिलती है, इसलिए निर्यात की विदेशी कीमत घटती है और आयात की घरेलू कीमत बढ़ती है। व्यापार संतुलन सुधरेगा या नहीं, यह इस पर निर्भर है कि निर्यात और आयात की मात्रा कितनी प्रतिक्रिया देती है (मार्शल-लर्नर शर्त); अल्पकाल में यह अक्सर पहले बिगड़ता है, जिसे जे-वक्र कहते हैं।

B गलत है: कथन 2 उलटा है, अवमूल्यन से घरेलू मुद्रा का विदेशी मूल्य घटता है।

C गलत है: व्यापार संतुलन में सुधार निश्चित नहीं है।

D गलत है: कथन 2 और 3 दोनों गलत हैं।

परीक्षा टिप: अवमूल्यन = सस्ता निर्यात, महँगा आयात; व्यापार संतुलन तभी सुधरे जब माँग लोचदार हो (मार्शल-लर्नर), अल्पकाल में जे-वक्र।

Q9.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

भारतीय सरकारी बॉन्ड प्रतिफल निम्नलिखित में से किससे/किनसे प्रभावित होते हैं?

1. संयुक्त राज्य अमेरिका के फेडरल रिज़र्व की कार्रवाइयाँ

2. भारतीय रिज़र्व बैंक की कार्रवाइयाँ

3. मुद्रास्फीति और अल्पकालिक ब्याज दरें

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1, 2 और 3। भारतीय बॉन्ड प्रतिफल RBI की नीति, घरेलू मुद्रास्फीति और अल्पकालिक दरों से तथा वैश्विक पूँजी प्रवाह के ज़रिए अमेरिकी फेडरल रिज़र्व से भी प्रभावित होते हैं।

बॉन्ड प्रतिफल वह रिटर्न है जो निवेशक को उस पर मिलता है, और यह बॉन्ड की कीमत के उलटी दिशा में चलता है। जब RBI रेपो दर घटाता है या खुले बाज़ार परिचालन से सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदता है, तो प्रतिफल घटते हैं; सख़्ती करने पर बढ़ते हैं। अधिक मुद्रास्फीति होने पर निवेशक अधिक रिटर्न माँगते हैं, और अल्पकालिक दरें वह आधार बनाती हैं जिस पर लंबी अवधि के प्रतिफल तय होते हैं। जब अमेरिकी फेडरल रिज़र्व दरें बढ़ाता है, तो विदेशी निवेशक सुरक्षित अमेरिकी परिसंपत्तियों के लिए भारतीय बॉन्ड से पैसा निकाल सकते हैं, जिससे भारत में बॉन्ड की कीमत घटती है और प्रतिफल बढ़ता है।

A गलत है, क्योंकि मुद्रास्फीति और अल्पकालिक दरें भी असर डालती हैं।

B गलत है, क्योंकि RBI कई प्रभावों में से केवल एक है।

C गलत है, क्योंकि दोनों केंद्रीय बैंक भी प्रतिफल बदलते हैं।

परीक्षा टिप: बॉन्ड की कीमत और प्रतिफल उलटी दिशा में चलते हैं; मुद्रास्फीति बढ़े तो प्रतिफल बढ़े।

Q10.बैंकिंग और वित्तीय जागरूकतापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iकठिन

भारत में 'शहरी सहकारी बैंकों' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. उनका पर्यवेक्षण और विनियमन राज्य सरकारों द्वारा स्थापित स्थानीय बोर्डों द्वारा किया जाता है।

2. वे इक्विटी शेयर और अधिमानी शेयर जारी कर सकते हैं।

3. उन्हें 1966 में एक संशोधन के माध्यम से बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 के दायरे में लाया गया।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। शहरी सहकारी बैंकों का विनियमन RBI करता है, स्थानीय बोर्ड नहीं, और ये इक्विटी तथा अधिमानी शेयरों से पूँजी जुटा सकते हैं।

कथन 1 गलत है: शहरी सहकारी बैंक राज्य या बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियमों के तहत पंजीकृत होते हैं, पर उनके बैंकिंग कार्यों का विनियमन और पर्यवेक्षण भारतीय रिज़र्व बैंक करता है; राज्य सरकारों के कोई स्थानीय बोर्ड यह काम नहीं करते। कथन 2 सही है: बैंककारी विनियमन (संशोधन) अधिनियम, 2020 के बाद सहकारी बैंक RBI की अनुमति से इक्विटी शेयर, अधिमानी शेयर और अन्य प्रतिभूतियाँ जारी करके पूँजी जुटा सकते हैं। कथन 3 सही है: सहकारी बैंकों को 1 मार्च 1966 से एक संशोधन के द्वारा बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 के दायरे में लाया गया।

A गलत है, क्योंकि कथन 1 असत्य है।

C गलत है, क्योंकि इसमें असत्य कथन 1 है और सत्य कथन 2 छूट गया है।

D गलत है, क्योंकि कथन 1 सही नहीं है।

परीक्षा टिप: सहकारी बैंक 1966 में BR अधिनियम के दायरे में आए; 2020 के संशोधन ने उन पर RBI का नियंत्रण मज़बूत किया।

Q11.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2021, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

अन्य बातें समान रहने पर, किसी वस्तु की बाज़ार माँग बढ़ सकती है यदि

1. उसकी स्थानापन्न वस्तु का मूल्य बढ़ जाए

2. उसकी पूरक वस्तु का मूल्य बढ़ जाए

3. वस्तु एक घटिया वस्तु हो और उपभोक्ताओं की आय बढ़ जाए

4. उसका मूल्य घट जाए

उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

  1. A.केवल 1 और 4
  2. B.2, 3 और 4
  3. C.1, 3 और 4
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1 और 4

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1 और 4। स्थानापन्न वस्तु महँगी होने पर लोग इस वस्तु की ओर आते हैं, और इसकी अपनी कीमत घटने पर लोग इसे अधिक खरीदते हैं।

कथन 1 सही है: चाय महँगी होने पर लोग कॉफ़ी अधिक खरीदते हैं, इसलिए कॉफ़ी की माँग बढ़ती है। कथन 4 सही है: माँग के नियम के अनुसार कीमत घटने पर खरीदी जाने वाली मात्रा बढ़ती है। कथन 2 गलत है: पूरक वस्तु (जैसे कार के लिए पेट्रोल) महँगी होने पर मूल वस्तु की माँग घटती है। कथन 3 गलत है: घटिया वस्तु की माँग आय बढ़ने पर घटती है, क्योंकि उपभोक्ता बेहतर वस्तुओं की ओर चले जाते हैं।

B गलत है, क्योंकि इसमें कथन 2 और 3 हैं, जो दोनों माँग घटाते हैं।

C गलत है, क्योंकि कथन 3 घटिया वस्तु की माँग में कमी बताता है, वृद्धि नहीं।

D गलत है, क्योंकि इसमें 2 और 3 हैं और माँग के नियम वाला कथन 4 छूट गया है।

परीक्षा टिप: स्थानापन्न महँगा तो माँग बढ़े; पूरक महँगा तो माँग घटे; घटिया वस्तु में आय बढ़े तो माँग घटे।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 10 Oct 2021मध्यम

भारत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यहाँ केवल एक नागरिकता और एक अधिवास है। 2. केवल जन्म से नागरिक ही राज्याध्यक्ष बन सकता है। 3. विदेशी को एक बार नागरिकता मिल जाने पर किसी भी परिस्थिति में उससे वह नहीं छीनी जा सकती। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। केवल पहला कथन सही है, इसलिए बाकी संयोजन कट जाते हैं। भारत में एकल नागरिकता और एक ही अधिवास की व्यवस्था है, यानी व्यक्ति केवल भारत का नागरिक होता है, अलग से किसी राज्य का नहीं, जबकि अमेरिका में नागरिक राज्य का भी नागरिक होता है। नागरिकता का विषय अनुच्छेद 5 से 11 तथा नागरिकता अधिनियम, 1955 में रखा गया है, जिसके अनुसार यह जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण या किसी क्षेत्र के भारत में मिलने से प्राप्त की जा सकती है। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 58 केवल यह चाहता है कि राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार भारत का नागरिक हो; देशीयकरण से बना नागरिक भी समान रूप से पात्र है। कथन 3 गलत है क्योंकि अधिनियम में परित्याग, पर्यवसान और वंचन से नागरिकता जाने की व्यवस्था है, और देशीयकृत नागरिक से धोखाधड़ी या राजद्रोह के कारण नागरिकता छीनी जा सकती है। B, C और D गलत हैं क्योंकि इनमें से हर एक में यही दो ग़लत कथन शामिल हैं। परीक्षा टिप: एकल नागरिकता, एक अधिवास - और अनुच्छेद 5 से 11 नागरिकता के अनुच्छेद हैं।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 10 Oct 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन हिंदू फीमेल स्कूल के सचिव के रूप में जुड़े थे, जो बाद में बेथ्यून फीमेल स्कूल के नाम से जाना गया?

  1. A.एनी बेसेंट
  2. B.देवेंद्रनाथ टैगोर
  3. C.ईश्वर चंद्र विद्यासागर
  4. D.सरोजिनी नायडू
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ईश्वर चंद्र विद्यासागर

व्याख्या

सही उत्तर है C, ईश्वर चंद्र विद्यासागर। विद्यासागर हिंदू फीमेल स्कूल के सचिव थे, और इस विद्यालय का नाम आगे चलकर जॉन इलियट ड्रिंकवाटर बेथ्यून के नाम पर रखा गया, जिन्होंने 1849 में कलकत्ता में इसकी स्थापना की थी। उन्नीसवीं सदी के बंगाल में लड़कियों की पढ़ाई के सबसे मज़बूत पैरोकार विद्यासागर ही थे; विद्यालय निरीक्षक के पद पर रहते हुए उन्होंने ज़िलों में दर्जनों बालिका विद्यालय खोले, और विधवाओं की दुर्दशा के विरुद्ध उनके अभियान से 1856 का हिंदू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम बना। उन्होंने बाल विवाह और बहुविवाह को रोकने के लिए भी लगातार दबाव बनाया। A गलत है क्योंकि एनी बेसेंट भारत में लगभग आधी सदी बाद सक्रिय हुईं और उनका नाम बनारस के सेंट्रल हिंदू कॉलेज तथा होम रूल लीग से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि देवेंद्रनाथ टैगोर ने ब्रह्म समाज का नेतृत्व किया और तत्वबोधिनी सभा की स्थापना की। D गलत है क्योंकि सरोजिनी नायडू बीसवीं सदी के स्वतंत्रता संग्राम की नेता थीं। परीक्षा टिप: बेथ्यून स्कूल, 1849 और सचिव विद्यासागर - यह जोड़ी याद रखें।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021कठिन

प्रेशर कुकर में जिस तापमान पर भोजन पकता है, वह मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करता है?

1. ढक्कन के छेद का क्षेत्रफल

2. लौ का तापमान

3. ढक्कन का भार

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। पकाने का तापमान कुकर के अंदर के दाब से तय होता है, और यह दाब वेंट पर रखे भार और उसके नीचे के छेद के क्षेत्रफल से तय होता है। दाब बढ़ने पर पानी का क्वथनांक बढ़ता है। खुले बर्तन में पानी 100°C पर उबलता है, लेकिन जब भाप बंद रहती है, तो दाब तब तक बढ़ता है जब तक वह भार, यानी सीटी, को वेंट से उठा न दे। दाब बल को क्षेत्रफल से भाग देने पर मिलता है, इसलिए भारी वजन या छोटा छेद हो तो भाप निकलने से पहले दाब अधिक होता है, और पानी लगभग 120°C पर उबलता है, इसी से खाना जल्दी पकता है। कथन 2 गलत है, क्योंकि तेज लौ केवल पानी को जल्दी उबालती और सीटी जल्दी बजाती है; भाप निकलने के बाद तापमान उस दाब के क्वथनांक पर ही रहता है, और अतिरिक्त ऊष्मा बस अधिक भाप बनाती है। कथन 1 और 3 ऊपर बताए कारण से सही हैं। इसलिए कथन 2 वाले विकल्प A, B और D गलत हैं। परीक्षा टिप: अधिक दाब तो अधिक क्वथनांक; लौ गति बदलती है, तापमान नहीं।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

जल किसी भी अन्य द्रव की तुलना में अधिक पदार्थों को घोल सकता है, क्योंकि

  1. A.यह प्रकृति में द्विध्रुवीय है
  2. B.यह ऊष्मा का सुचालक है
  3. C.इसकी विशिष्ट ऊष्मा का मान उच्च है
  4. D.यह हाइड्रोजन का ऑक्साइड है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. यह प्रकृति में द्विध्रुवीय है

व्याख्या

सही उत्तर है A, यह प्रकृति में द्विध्रुवीय है। पानी को सार्वत्रिक विलायक इसलिए कहते हैं क्योंकि इसका अणु ध्रुवीय है: ऑक्सीजन वाले सिरे पर आंशिक ऋण आवेश और दोनों हाइड्रोजन सिरों पर आंशिक धन आवेश होता है। अणु लगभग 104.5° के कोण पर मुड़ा होता है, इसलिए ये आवेश एक-दूसरे को खत्म नहीं करते। जब सोडियम क्लोराइड जैसा लवण पानी में डाला जाता है, तो ऑक्सीजन के ऋण सिरे सोडियम आयनों को और हाइड्रोजन के धन सिरे क्लोराइड आयनों को घेर लेते हैं और क्रिस्टल को तोड़ देते हैं; इसे जलयोजन कहते हैं। पानी चीनी और अल्कोहल जैसे ध्रुवीय पदार्थों से हाइड्रोजन बंध भी बनाता है, इसलिए वे आसानी से घुलते हैं, जबकि अध्रुवीय तेल नहीं घुलता। विकल्प B गलत है, क्योंकि पानी असल में ऊष्मा का कुचालक है, और ऊष्मा चालन का घुलने से कोई संबंध नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऊँची विशिष्ट ऊष्मा बताती है कि पानी धीरे गर्म क्यों होता है, यह नहीं कि वह घोलता क्यों है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केवल हाइड्रोजन का ऑक्साइड होना किसी द्रव को अच्छा विलायक नहीं बनाता। परीक्षा टिप: ध्रुवीय पानी ध्रुवीय और आयनिक पदार्थ घोलता है, यानी समान समान को घोलता है।

Q16.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-से अपरदाहारी (detritivores) हैं?

1. केंचुए

2. जेलीफ़िश

3. मिलीपीड

4. समुद्री घोड़े

5. वुडलाइस

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1, 2 और 4
  2. B.केवल 2, 3, 4 और 5
  3. C.केवल 1, 3 और 5
  4. D.1, 2, 3, 4 और 5
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1, 3 और 5

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1, 3 और 5। केंचुए, मिलीपीड और वुडलाइस मृत पौधों और जीवों के अवशेष, यानी अपरद, खाते हैं, इसलिए ये अपरदाहारी हैं। अपरदाहारी मृत पत्तियों और शरीरों को छोटे टुकड़ों में तोड़ते हैं, जिससे बैक्टीरिया और कवक जैसे अपघटकों का काम तेज होता है, जो अपघटन पूरा कर पोषक तत्व मिट्टी में लौटाते हैं। केंचुए सड़ती पत्तियाँ और मिट्टी खाते हैं, मिलीपीड जंगल की जमीन पर पड़ी पत्तियाँ चबाते हैं, और वुडलाइस लकड़ियों के नीचे रहने वाले छोटे स्थलीय क्रस्टेशियन हैं जो सड़ी लकड़ी खाते हैं। मुख्य अंतर यह है कि अपरदाहारी अपरद निगलते हैं, जबकि अपघटक उसे शरीर के बाहर पचाते हैं। जेलीफ़िश (2) गलत है, क्योंकि यह डंक मारकर प्लवक और छोटी मछलियाँ खाने वाली मांसाहारी है। समुद्री घोड़े (4) गलत हैं, क्योंकि वे छोटे जीवित क्रस्टेशियन चूसकर खाते हैं। इसलिए जेलीफ़िश या समुद्री घोड़े वाले विकल्प A, B और D गलत हैं। परीक्षा टिप: केंचुआ, मिलीपीड, वुडलाइस और गोबर भृंग अपरदाहारी; बैक्टीरिया और कवक अपघटक।

Q17.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

नीला कार्बन (ब्लू कार्बन) क्या है?

  1. A.महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन
  2. B.वन जैवभार और कृषि मृदाओं में संचित कार्बन
  3. C.पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में निहित कार्बन
  4. D.वायुमंडल में उपस्थित कार्बन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन

व्याख्या

सही उत्तर है A, महासागरों और तटीय पारिस्थितिक तंत्रों द्वारा ग्रहण किया गया कार्बन। नीला कार्बन वह कार्बन है जो समुद्री और तटीय पारिस्थितिक तंत्र, खासकर मैंग्रोव, लवणीय दलदल और समुद्री घास के मैदान, जमा करते हैं। ये पौधे कार्बन डाइऑक्साइड सोखते हैं, और पानी से भरी मिट्टी में ऑक्सीजन कम होने से मृत पदार्थ धीरे सड़ता है, इसलिए कार्बन सैकड़ों या हजारों साल तक तलछट में बंद रहता है। समान क्षेत्रफल में ये उष्णकटिबंधीय वनों से कई गुना अधिक कार्बन जमा कर सकते हैं, इसीलिए सुंदरबन और भारत की समुद्री घास की रक्षा जलवायु कार्रवाई मानी जाती है। इन आवासों के नष्ट होने पर जमा कार्बन फिर हवा में चला जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वन जैवभार और खेतों की मिट्टी का कार्बन हरा कार्बन कहलाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पेट्रोलियम और गैस का कार्बन जीवाश्म कार्बन है, जो जलने पर कार्बन डाइऑक्साइड बनता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हवा में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड केवल वायुमंडलीय कार्बन है, संचित नहीं। परीक्षा टिप: नीला कार्बन यानी तट और महासागर, हरा कार्बन यानी वन और मिट्टी।

Q18.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021मध्यम

किसी अर्थव्यवस्था में मुद्रा गुणक निम्नलिखित में से किसके साथ बढ़ता है?

  1. A.बैंकों में नकद आरक्षित अनुपात में वृद्धि
  2. B.बैंकों में सांविधिक तरलता अनुपात में वृद्धि
  3. C.लोगों की बैंकिंग आदत में वृद्धि
  4. D.देश की जनसंख्या में वृद्धि
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लोगों की बैंकिंग आदत में वृद्धि

व्याख्या

सही उत्तर है C, लोगों की बैंकिंग आदत में वृद्धि। जब लोग नकदी रखने के बजाय ज्यादा पैसा बैंकों में रखते हैं, तो बैंक ज्यादा कर्ज दे पाते हैं, और आरक्षित मुद्रा का हर रुपया अर्थव्यवस्था में ज्यादा मुद्रा बनाता है। मुद्रा गुणक व्यापक मुद्रा (M3) और आरक्षित मुद्रा (M0) का अनुपात है। यह दो रिसावों पर निर्भर करता है: लोगों के पास रखी नकदी, यानी मुद्रा–जमा अनुपात, और बैंकों को रखना पड़ने वाला आरक्षित धन, यानी आरक्षित अनुपात। रिसाव जितना कम, गुणक उतना बड़ा। बैंकिंग आदत बढ़ने से मुद्रा–जमा अनुपात घटता है, इसलिए हर रुपये का ज्यादा हिस्सा बैंकों में लौटकर फिर कर्ज बनता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऊँचा नकद आरक्षित अनुपात बैंकों से ज्यादा पैसा RBI के पास रखवाता है, जिससे गुणक घटता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ऊँचा सांविधिक तरलता अनुपात भी बैंकों का ज्यादा धन बाँधकर कर्ज घटाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केवल जनसंख्या बढ़ने से यह नहीं बदलता कि हर जमा का कितना हिस्सा बैंक उधार दे सकते हैं। परीक्षा टिप: बैंकों में ज्यादा पैसा तो बड़ा गुणक; ऊँचा CRR या SLR तो छोटा गुणक।

Q19.भूगोलपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

भारत की काली कपास मिट्टी किसके अपक्षय से बनी है?

  1. A.भूरी वन मिट्टी
  2. B.दरारी ज्वालामुखी चट्टान
  3. C.ग्रेनाइट और शिस्ट
  4. D.शेल और चूना पत्थर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दरारी ज्वालामुखी चट्टान

व्याख्या

सही उत्तर है B, दरारी ज्वालामुखी चट्टान। काली कपास मिट्टी, यानी रेगुर, दक्कन ट्रैप के बेसाल्ट के अपक्षय से बनी है, जो लगभग 6.5 करोड़ साल पहले भूपर्पटी की लंबी दरारों से निकला लावा था। इस दरारी उद्गार ने महाराष्ट्र, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक, तेलंगाना व आंध्र प्रदेश के कुछ भागों पर बेसाल्ट की परत पर परत बिछा दी, और यह मिट्टी मुख्य रूप से इसी पठार पर मिलती है। इसमें लोहा, चूना, मैग्नीशियम और पोटाश भरपूर होते हैं, पर नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और जैविक पदार्थ कम; इसका काला रंग टाइटेनियम युक्त मैग्नेटाइट और ह्यूमस से आता है। यह नमी अच्छी तरह रोकती है, गीली होने पर फूलती है और सूखने पर गहरी दरारें बनाती है, इसलिए इसे 'स्वयं जुतने वाली' कहते हैं, और यह कपास के लिए उपयुक्त है। विकल्प A गलत है, क्योंकि भूरी वन मिट्टी स्वयं एक मिट्टी है, रेगुर की मूल चट्टान नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि ग्रेनाइट और शिस्ट से मुख्यतः लाल मिट्टी बनती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि शेल और चूना पत्थर अवसादी चट्टानें हैं, दक्कन की मिट्टी का स्रोत नहीं। परीक्षा टिप: रेगुर यानी दक्कन बेसाल्ट, कपास और खुद जुतने वाली दरारें।

Q20.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021आसान

निम्नलिखित प्राचीन नगरों में से कौन-सा बाँधों की श्रृंखला बनाकर और पानी को आपस में जुड़े जलाशयों में ले जाकर जल संचयन और प्रबंधन की विस्तृत प्रणाली के लिए प्रसिद्ध है?

  1. A.धोलावीरा
  2. B.कालीबंगा
  3. C.राखीगढ़ी
  4. D.रोपड़
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. धोलावीरा

व्याख्या

सही उत्तर है A, धोलावीरा। गुजरात के कच्छ के रण में स्थित यह हड़प्पाई नगर अपने बाँधों, नालियों और पत्थर के जलाशयों की श्रृंखला के लिए प्रसिद्ध है। धोलावीरा खदीर बेट द्वीप पर दो मौसमी नालों, मनहर और मनसर, के बीच बसा है। यहाँ के लोगों ने नालों पर छोटे बाँध बनाए, पानी को नालियों से मोड़ा और नगर के चारों ओर चट्टान काटकर बने बड़े जलाशयों में जमा किया, जो सूखे मौसम का समझदार हल था। आर.एस. बिष्ट द्वारा खोदे गए इस स्थल पर दस बड़े हड़प्पाई अक्षरों वाला एक सूचना-पट्ट भी मिला, और यह 2021 में यूनेस्को विश्व धरोहर बना। विकल्प B गलत है, क्योंकि राजस्थान का कालीबंगा जुते हुए खेत और अग्नि वेदिकाओं के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि हरियाणा का राखीगढ़ी सबसे बड़े हड़प्पाई स्थलों में गिना जाता है, जल प्रबंधन के लिए नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि पंजाब का रोपड़ मालिक के साथ दफनाए गए कुत्ते के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: धोलावीरा यानी जलाशय और सूचना-पट्ट; लोथल यानी गोदीवाड़ा।

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