मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

राज्य परीक्षाएं पिछले वर्ष के GK प्रश्न

राज्य परीक्षाएं की परीक्षाओं, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

साल के अनुसार प्रश्न देखने के लिए नीचे वर्ष चुनें, या किसी एक परीक्षा के प्रश्नों के लिए उसका पेज खोलें। एक परीक्षा के पुराने प्रश्न दूसरी परीक्षा में भी दोहराए जाते हैं, इसलिए पूरे राज्य परीक्षाएं परिवार के प्रश्न साथ में दोहराना तैयारी का तेज तरीका है।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q181.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 20 March 2022, shift 1आसान

खिलजी वंश के तुरंत बाद दिल्ली पर किस वंश ने शासन किया?

  1. A.तुगलक वंश
  2. B.राजपूत वंश
  3. C.सैयद वंश
  4. D.लोदी वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. तुगलक वंश

व्याख्या

सही उत्तर A, तुगलक वंश है। खिलजी वंश 1320 में समाप्त हुआ, जब मुबारक शाह खिलजी के बाद गद्दी हथियाने वाले खुसरो खान को दीपालपुर के सूबेदार गाजी मलिक ने हराया। गाजी मलिक ने गयासुद्दीन तुगलक की उपाधि ली और तुगलक वंश की स्थापना की, जो 1414 तक चला और पाँचों में सबसे लंबे समय तक रहा। विकल्प B गलत है क्योंकि 1192 के बाद दिल्ली पर किसी राजपूत वंश का शासन नहीं रहा; पृथ्वीराज तृतीय के अधीन चाहमान या चौहान शासन सल्तनत के आरंभ से पहले ही समाप्त हो गया था। विकल्प C गलत है क्योंकि सैयद वंश बाद में आया, जिसकी स्थापना खिज्र खान ने 1414 में तैमूर के आक्रमण से तुगलक शक्ति टूटने के बाद की। विकल्प D गलत है क्योंकि बहलोल खान लोदी द्वारा 1451 में स्थापित लोदी वंश पाँचों में अंतिम था और सैयदों के बाद आया, खिलजियों के बाद नहीं।

Q182.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2017 Official Papeमध्यम

दिल्ली सल्तनत के किस वंश ने सबसे कम समय तक शासन किया?

  1. A.खिलजी
  2. B.तुगलक
  3. C.सैयद
  4. D.लोदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. खिलजी

व्याख्या

सही उत्तर A, खिलजी है। खिलजी वंश ने दिल्ली की गद्दी 1290 में, जब जलालुद्दीन खिलजी ने सत्ता ली, से लेकर 1320 तक, जब गाजी मलिक ने खुसरो खान को हटाया, अपने पास रखी। यह लगभग तीस वर्ष होते हैं, जो दिल्ली सल्तनत के पाँच वंशों में सबसे कम अवधि है, भले ही इसी वंश ने अलाउद्दीन खिलजी जैसा सबसे शक्तिशाली शासक दिया। विकल्प B गलत है क्योंकि तुगलक वंश ने 1320 से 1414 तक, लगभग चौरानवे वर्ष शासन किया, जो पाँचों में सबसे लंबी अवधि है। विकल्प C गलत है क्योंकि 1414 में खिज्र खान द्वारा स्थापित सैयद वंश 1451 तक चला, अर्थात लगभग सैंतीस वर्ष, जो खिलजी काल से अधिक है। विकल्प D गलत है क्योंकि लोदी वंश 1451 से 1526 तक, लगभग पचहत्तर वर्ष रहा और पानीपत में इब्राहीम लोदी की पराजय के साथ समाप्त हुआ। तुलना के लिए, गुलाम वंश 1206 से 1290 तक लगभग चौरासी वर्ष चला।

Q183.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Service 2016 Official Paperमध्यम

राज्य वित्त आयोग किस प्रकार का निकाय है?

  1. A.विधिक निकाय
  2. B.गैर-वैधानिक निकाय
  3. C.संवैधानिक निकाय
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. संवैधानिक निकाय

व्याख्या

सही उत्तर C, संवैधानिक निकाय है। राज्य वित्त आयोग का अस्तित्व सीधे संविधान से निकलता है: तिहत्तरवें संशोधन से जोड़ा गया अनुच्छेद 243-I राज्यपाल से अपेक्षा करता है कि वह पंचायतों के लिए प्रत्येक पाँचवें वर्ष इसका गठन करे, और अनुच्छेद 243-Y यही व्यवस्था नगरपालिकाओं तक बढ़ाता है। जो निकाय स्वयं संविधान से बनता है, उसे संवैधानिक निकाय कहा जाता है, जो इन श्रेणियों में सर्वोच्च है। विकल्प A गलत है क्योंकि केवल विधिक या वैधानिक निकाय वह होता है जो विधानमंडल के सामान्य कानून से बनता है, जैसे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग। विकल्प B गलत है क्योंकि गैर-वैधानिक निकाय केवल कार्यपालिका के निर्णय पर टिका होता है, जैसे नीति आयोग और पूर्ववर्ती योजना आयोग। विकल्प D गलत है क्योंकि विकल्प C स्थिति सही बताता है। यहाँ एक सरल सीढ़ी काम आती है: संवैधानिक निकाय का नाम संविधान में होता है, वैधानिक निकाय सामान्य अधिनियम से बनता है, और गैर-वैधानिक निकाय केवल कार्यपालिका के आदेश पर टिका होता है; अनुच्छेद 243-I राज्य वित्त आयोग को पहली पायदान पर रखता है।

Q184.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 22 Dec, 2018, Shift 1मध्यम

भारत के संविधान के अनुच्छेद 243-I के अनुसार पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए वित्त आयोग का गठन कब किया जाता है?

  1. A.प्रत्येक छठे वर्ष की समाप्ति पर
  2. B.प्रत्येक पाँचवें वर्ष की समाप्ति पर
  3. C.प्रत्येक दूसरे वर्ष की समाप्ति पर
  4. D.प्रत्येक तीसरे वर्ष की समाप्ति पर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रत्येक पाँचवें वर्ष की समाप्ति पर

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रत्येक पाँचवें वर्ष की समाप्ति पर है। 1992 के तिहत्तरवें संविधान संशोधन से जोड़ा गया अनुच्छेद 243-I राज्य के राज्यपाल से अपेक्षा करता है कि वह प्रत्येक पाँचवें वर्ष की समाप्ति पर वित्त आयोग गठित करे, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करे और सिफारिश करे कि कर, शुल्क, पथकर तथा फीस राज्य और उसकी पंचायतों के बीच कैसे बाँटी जाएँ। अनुच्छेद 243-Y उसी निकाय से नगरपालिकाओं के वित्त की जाँच कराता है। विकल्प A, C और D केवल इसलिए गलत हैं कि संविधान यह अंतराल पाँच वर्ष नियत करता है, वही अंतराल जो अनुच्छेद 280 केंद्रीय वित्त आयोग के लिए रखता है, जिससे दोनों को साथ याद रखना सरल हो जाता है। यह भी ध्यान रखें कि राज्य वित्त आयोग भी केंद्रीय आयोग की तरह संवैधानिक निकाय है, वैधानिक नहीं।

Q185.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · 16 March 2022, shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? I. प्रतिभूति लेनदेन कर प्रत्यक्ष कर का एक प्रकार है। II. मूल्य वर्धित कर अप्रत्यक्ष कर का एक प्रकार है।

  1. A.I और II दोनों
  2. B.केवल II
  3. C.न तो I और न ही II
  4. D.केवल I
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. I और II दोनों

व्याख्या

सही उत्तर A, I और II दोनों है। पहला कथन सही है, क्योंकि प्रतिभूति लेनदेन कर मान्यता प्राप्त शेयर बाजार में प्रतिभूतियों की खरीद और बिक्री पर लगता है और उसे वही निवेशक वहन करता है जो लेनदेन करता है; यह भार किसी और पर नहीं डाला जा सकता, और यही प्रत्यक्ष कर की कसौटी है, तथा इसका प्रशासन केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड करता है। दूसरा कथन भी सही है, क्योंकि मूल्य वर्धित कर राज्यों द्वारा वस्तुओं की बिक्री पर हर चरण में लगाया जाता था, आगतों पर चुकाए गए कर का श्रेय मिलता था, और व्यापारी उसे कीमत में क्रेता से वसूल लेता था, जो अप्रत्यक्ष कर की कसौटी है; अधिकांश वस्तुओं पर वैट अब जीएसटी में समाहित हो चुका है।

विकल्प B पहले कथन को नकारता है, विकल्प D दूसरे को, और विकल्प C दोनों को, इसलिए तीनों इनमें से कोई न कोई वर्गीकरण चूक जाते हैं। सूची नहीं, नियम याद रखें: यदि देने वाला भार आगे डाल सकता है तो कर अप्रत्यक्ष है।

Q186.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · 23 Oct 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा कर वस्तुओं और सेवाओं पर नहीं लगाया जाता?

  1. A.बिक्री कर
  2. B.उपहार कर
  3. C.विलासिता कर
  4. D.पाप कर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. उपहार कर

व्याख्या

सही उत्तर B, उपहार कर है। उपहार कर बिना प्रतिफल के एक व्यक्ति से दूसरे को धन या संपत्ति के हस्तांतरण पर लगता है; यह व्यक्तियों के बीच हस्तांतरण पर कर है, किसी वस्तु की बिक्री या सेवा की आपूर्ति पर नहीं। भारत ने 1998 में उपहार कर समाप्त कर दिया और अब निर्धारित सीमा से अधिक उपहार पाने वाले की अन्य स्रोतों से आय मानकर कर लगाया जाता है।

विकल्प A, बिक्री कर, वह कर था जो मूल्य वर्धित कर और फिर जीएसटी से पहले राज्य वस्तुओं की बिक्री पर लगाते थे। विकल्प C, विलासिता कर, राज्यों द्वारा होटल में ठहरने और ऐसी ही सेवाओं पर लगाया जाता था और अब जीएसटी में समाहित है। विकल्प D, पाप कर, हानिकारक मानी जाने वाली वस्तुओं जैसे तंबाकू और मदिरा पर लगने वाले भारी कर का सामान्य नाम है, जो जीएसटी काल में अहितकर वस्तुओं पर क्षतिपूर्ति उपकर के रूप में दिखता है। ये तीनों वस्तुओं या सेवाओं के संदर्भ में लगते हैं, इसलिए केवल उपहार कर अलग खड़ा है।

Q187.भूगोलपूछा गया: दिल्ली · 20 April 2021, Shift 1आसान

लक्षद्वीप कहाँ स्थित है?

  1. A.बंगाल की खाड़ी
  2. B.प्रशांत महासागर
  3. C.अरब सागर
  4. D.अटलांटिक महासागर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अरब सागर

व्याख्या

सही उत्तर C, अरब सागर है। लक्षद्वीप केरल के मालाबार तट से दूर अरब सागर में स्थित छोटे प्रवाल द्वीपों, वलयद्वीपों और भित्तियों का समूह है, जो एक जलमग्न कटक पर बना है। क्षेत्रफल की दृष्टि से यह भारत का सबसे छोटा केंद्रशासित प्रदेश है और कवरत्ती इसका प्रशासनिक मुख्यालय है।

विकल्प A, बंगाल की खाड़ी, में भारत का दूसरा द्वीप समूह अर्थात अंडमान और निकोबार स्थित है, जो प्रवाल नहीं बल्कि ज्वालामुखीय और विवर्तनिक उत्पत्ति का है, इसलिए जल्दबाजी में दोनों बदल जाते हैं। विकल्प B, प्रशांत महासागर, एशिया से बहुत पूर्व में है और भारत का कोई भाग उसे नहीं छूता। विकल्प D, अटलांटिक महासागर, अफ्रीका के दूसरी ओर है और उसमें भारतीय भूभाग है ही नहीं। सरल जोड़ा याद रखें: पश्चिम में अरब सागर का प्रवाल लक्षद्वीप और पूर्व में बंगाल की खाड़ी का ज्वालामुखीय अंडमान-निकोबार।

Q188.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · 8 July 2017आसान

विद्युत बल्ब का तंतु बनाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु के पतले तार का उपयोग किया जाता है?

  1. A.टंगस्टन
  2. B.चाँदी
  3. C.नाइक्रोम
  4. D.ताँबा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. टंगस्टन

व्याख्या

सही उत्तर A, टंगस्टन है। सभी धातुओं में टंगस्टन का गलनांक सबसे ऊँचा है, तीन हजार डिग्री सेल्सियस से भी अधिक, इसलिए पतला टंगस्टन तार पिघले बिना श्वेत तप्त होकर चमक सकता है। इसकी प्रतिरोधकता भी अच्छी-खासी है और कार्य ताप पर वाष्पन की दर कम रहती है, इसीलिए निष्क्रिय गैस भरे बल्ब में तंतु सैकड़ों घंटे चलता है।

विकल्प B, चाँदी, सभी धातुओं में विद्युत की सर्वोत्तम चालक है, पर इसी कारण उससे ऊष्मा लगभग नहीं बनेगी, और उसका गलनांक तंतु के लिए बहुत कम है। विकल्प C, नाइक्रोम, ऊष्मक या टोस्टर के तत्व के लिए उपयुक्त है, जहाँ लाल तप्त अवस्था चाहिए, पर वह प्रकाश देने लायक श्वेत तप्त अवस्था तक नहीं पहुँच सकता। विकल्प D, ताँबा, संयोजक तारों में ठीक इसीलिए लगता है कि उसका प्रतिरोध कम है और वह धारा बहाते हुए ठंडा रहता है।

Q189.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Services General Studies Offमध्यम

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम किस वर्ष आरंभ किया?

  1. A.2018
  2. B.2017
  3. C.2020
  4. D.2019
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 2019

व्याख्या

सही उत्तर D, 2019 है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने जनवरी 2019 में आरंभ किया, ताकि उन शहरों में कणिकीय प्रदूषण घटाया जा सके जो राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरते। यह शहरवार काम करता है, जिसमें कार्ययोजनाएँ राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के साथ बनती हैं और निगरानी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करता है।

विकल्प A, 2018, वह वर्ष है जब कार्यक्रम का प्रारूप टिप्पणियों के लिए रखा गया था, इसीलिए यह सबसे लुभावना गलत विकल्प है। विकल्प B, 2017, प्रस्ताव से भी पहले का है। विकल्प C, 2020, आरंभ के बाद का वर्ष है और उसे कभी-कभी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए बने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से मिला दिया जाता है, जो बाद में आया। कार्यक्रम के लिए 2019 याद रखें, और यह भी कि उसका कानूनी आधार 1981 का वायु अधिनियम तथा 1986 का पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम है।

Q190.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 3 March 2019मध्यम

जैम बनाने के लिए कौन सा फल उपयुक्त है?

  1. A.केला
  2. B.अनानास
  3. C.अमरूद
  4. D.मीठा संतरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अमरूद

व्याख्या

सही उत्तर है C, अमरूद। जैम बनाने के लिए अमरूद सबसे उपयुक्त फल है, क्योंकि इसमें पेक्टिन और अम्ल दोनों भरपूर होते हैं, और जैम को कड़ा जेल बनकर जमने के लिए यही दो चीजें चाहिए। जैम फल के गूदे को चीनी के साथ तब तक उबालकर बनाया जाता है जब तक घुलनशील ठोस लगभग 68 प्रतिशत न हो जाएं; पेक्टिन कम होने पर मिश्रण चाशनी जैसा बहता रहता है और जमता नहीं। पके अमरूद में लगभग एक प्रतिशत पेक्टिन होता है, इसलिए अमरूद का जैम बाहर से कोई जमाने वाला पदार्थ मिलाए बिना जम जाता है और उबालने पर भी उसकी सुगंध बनी रहती है। विकल्प A, केला, में पेक्टिन बहुत कम है और पकाने पर उसका गूदा काला तथा लसदार हो जाता है, इसलिए उससे चिप्स, पाउडर और प्यूरी बनाई जाती है। विकल्प B, अनानास, में पेक्टिन कम और पानी अधिक होता है, इसलिए वह स्क्वैश, रस और चाशनी में डिब्बाबंद टुकड़ों के लिए चुना जाता है। विकल्प D, मीठा संतरा, में अम्ल कम होता है और उसकी फांकें टूट जाती हैं, इसलिए संतरे से स्क्वैश या मार्मलेड बनता है। परीक्षा टिप: जैम के लिए पेक्टिन और अम्ल चाहिए — अमरूद, सेब और आंवला पेक्टिन से भरपूर फल हैं।

Q191.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 26 Dec 2020मध्यम

स्थायी चुंबक प्रकार के यंत्र का उपयोग किया जा सकता है -

  1. A.केवल A.C. के लिए
  2. B.केवल D.C. के लिए
  3. C.आवेग राशियों के लिए
  4. D.A.C. और D.C. दोनों के लिए
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल D.C. के लिए

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल D.C. के लिए। स्थायी चुंबक चल कुंडली यंत्र में कुंडली स्थायी चुंबक के क्षेत्र में धुरी पर टिकी रहती है, इसलिए विक्षेपण बल आघूर्ण धारा के वर्ग के नहीं, बल्कि धारा के समानुपाती होता है। प्रत्यावर्ती धारा देने पर यह बल आघूर्ण हर अर्ध चक्र में दिशा बदल लेता है; सूचक एक सेकंड में पचास बार दिशा नहीं बदल सकता और शून्य पर ही ठहरा रहता है, क्योंकि पूरे चक्र में साइन तरंग का औसत मान शून्य होता है। इसी कारण ऐसा अमीटर या वोल्टमीटर केवल दिष्ट धारा मापता है, और प्रत्यावर्ती धारा मापनी हो तो उसके आगे दिष्टकारी लगाया जाता है। इसका स्केल समान विभाजन वाला होता है और यह बहुत कम शक्ति लेता है, इसलिए प्रयोगशाला का चल कुंडली धारामापी इसी प्रकार का होता है। विकल्प A और D इसी कारण गलत हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि आवेग कुछ माइक्रोसेकंड ही रहता है, जो कुंडली और सूचक के जड़त्व के लिए बहुत कम समय है। परीक्षा टिप: चल कुंडली केवल D.C. मापती है, चल लोह यंत्र A.C. और D.C. दोनों।

Q192.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 16 Dec, 2018मध्यम

किसी तैरती वस्तु के स्थायी संतुलन में होने के लिए उसका प्लव केंद्र (मेटासेंटर) होना चाहिए -

  1. A.गुरुत्व केंद्र के नीचे
  2. B.उत्प्लावन केंद्र के नीचे
  3. C.उत्प्लावन केंद्र के ऊपर
  4. D.गुरुत्व केंद्र के ऊपर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गुरुत्व केंद्र के ऊपर

व्याख्या

सही उत्तर है D, गुरुत्व केंद्र के ऊपर। तैरती वस्तु थोड़ा झुकती है तो उत्प्लावन केंद्र हटकर नए विस्थापित जल के केंद्र पर आ जाता है, और उससे खींची गई ऊर्ध्व रेखा वस्तु की मूल अक्ष को जिस बिंदु पर काटती है उसे प्लव केंद्र कहते हैं। यदि यह बिंदु गुरुत्व केंद्र के ऊपर हो, तो भार और उत्प्लावन बल मिलकर ऐसा बल युग्म बनाते हैं जो वस्तु को पुरानी स्थिति में लौटा देता है, अर्थात संतुलन स्थायी होता है; दोनों बिंदुओं की दूरी प्लव केंद्रीय ऊंचाई कहलाती है और यह अधिक होने पर वस्तु जल्दी-जल्दी हिलती है। विकल्प A ठीक उलटी स्थिति है: प्लव केंद्र गुरुत्व केंद्र से नीचे हो तो वही बल युग्म वस्तु को और झुका देता है, जो अस्थायी संतुलन है, और दोनों बिंदु एक ही जगह हों तो संतुलन उदासीन होता है। विकल्प B और C गलत हैं, क्योंकि उत्प्लावन केंद्र के सापेक्ष प्लव केंद्र की स्थिति से कुछ तय नहीं होता; स्थायित्व केवल गुरुत्व केंद्र के सापेक्ष स्थिति से तय होता है। परीक्षा टिप: प्लव केंद्र गुरुत्व केंद्र के ऊपर तो स्थायी, नीचे तो वस्तु पलट जाती है।

Q193.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSSB Informatics Assistant 2018 Officialआसान

ईंट-पत्थर की दुकानों को वही आंकड़े उपलब्ध कराने के लिए, जो ऑनलाइन दुकानों के पास होते हैं, इंटरनेट के माध्यम से अनेक प्रकार के उपकरणों, मशीनों और सेंसरों को जोड़ना निम्नलिखित में से किस तकनीक के अंतर्गत आता है?

  1. A.कृत्रिम बुद्धिमत्ता
  2. B.डीप लर्निंग
  3. C.मशीन लर्निंग
  4. D.इंटरनेट ऑफ थिंग्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इंटरनेट ऑफ थिंग्स

व्याख्या

सही उत्तर है D, इंटरनेट ऑफ थिंग्स। इंटरनेट ऑफ थिंग्स का अर्थ है रोजमर्रा की वस्तुओं — मशीनों, सेंसरों, मीटरों, दुकान की रैक, वाहनों — को इंटरनेट पर एक पता देना, ताकि वे जो महसूस करें उसकी सूचना भेज सकें और उन्हें दूर से नियंत्रित किया जा सके। किसी भौतिक दुकान की रैक, कैमरे और काउंटर इस तरह जोड़ देने पर दुकानदार को स्टॉक तथा ग्राहक व्यवहार का वही ताजा आंकड़ा मिल जाता है जो ऑनलाइन विक्रेता अपनी वेबसाइट से पढ़ता है, और प्रश्न में इसी सुविधा की बात है। विकल्प A, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीनों को सोचने, निर्णय लेने और पैटर्न पहचानने योग्य बनाने का व्यापक क्षेत्र है; वह इन सेंसरों के आंकड़ों का उपयोग कर सकती है, पर उन्हें जोड़ने की क्रिया नहीं है। विकल्प C, मशीन लर्निंग, उसी क्षेत्र की शाखा है, जिसमें प्रोग्राम नियम-नियम लिखे जाने के बजाय आंकड़ों से सीखता है। विकल्प B, डीप लर्निंग, मशीन लर्निंग की आगे की शाखा है, जो बहुस्तरीय तंत्रिका नेटवर्क पर बनी है। परीक्षा टिप: आंकड़े इंटरनेट ऑफ थिंग्स जुटाता है, अर्थ कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग निकालते हैं।

Q194.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RSSB Informatics Assistant 2018 Officialमध्यम

अनुप्रयोग स्तर पर संदेशों को छानकर नेटवर्क संसाधनों की रक्षा करने वाली नेटवर्क सुरक्षा प्रणाली है:

  1. A.पैकेट फ़िल्टर फ़ायरवॉल
  2. B.प्रॉक्सी फ़ायरवॉल
  3. C.स्टेटफुल इंस्पेक्शन फ़ायरवॉल
  4. D.नेक्स्ट-जेन फ़ायरवॉल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रॉक्सी फ़ायरवॉल

व्याख्या

सही उत्तर है B, प्रॉक्सी फ़ायरवॉल। प्रॉक्सी फ़ायरवॉल, जिसे अनुप्रयोग गेटवे भी कहा जाता है, क्लाइंट और सर्वर के बीच दोनों के प्रतिनिधि के रूप में बैठता है, हर संदेश को खोलकर अनुप्रयोग स्तर पर छानता है, और आगे भेजने से पहले यूआरएल, कमांड या संलग्न फाइल तक देख सकता है। चूंकि उसे उस प्रोटोकॉल को समझना पड़ता है जिसकी वह रक्षा करता है, इसलिए हर सेवा के लिए अलग प्रॉक्सी लिखी जाती है — एचटीटीपी, एफटीपी और एसएमटीपी प्रॉक्सी सबसे आम हैं। विकल्प A, पैकेट फ़िल्टर फ़ायरवॉल, केवल आईपी हेडर और पोर्ट संख्या पढ़ता है, यानी नेटवर्क और ट्रांसपोर्ट स्तर पर काम करता है, और संदेश के भीतर क्या है यह नहीं जान सकता। विकल्प C, स्टेटफुल इंस्पेक्शन फ़ायरवॉल, हर संबंध की स्थिति पर नजर रखकर एक कदम आगे जाता है, पर वह भी ट्रांसपोर्ट स्तर का ही है। विकल्प D, नेक्स्ट-जेन फ़ायरवॉल, कई तकनीकों को मिलाकर बना उत्पाद वर्ग है, अनुप्रयोग स्तर की छानबीन से परिभाषित शास्त्रीय फ़ायरवॉल नहीं। परीक्षा टिप: पैकेट फ़िल्टर हेडर पढ़ता है, प्रॉक्सी पूरा संदेश।

Q195.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: राजस्थान · 12 Aug 2018आसान

इनमें से कौन डेटाबेस प्रबंधन सॉफ्टवेयर नहीं है?

  1. A.ओरेकल
  2. B.ड्रुपल
  3. C.माय-एसक्यूएल
  4. D.एमएस एक्सेस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ड्रुपल

व्याख्या

सही उत्तर है B, ड्रुपल। ड्रुपल एक कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम है, यानी वेबसाइट बनाने और चलाने वाला निःशुल्क सॉफ्टवेयर; यह अपने पृष्ठ किसी डेटाबेस में रखता है, पर स्वयं डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली नहीं है। डीबीएमएस वह सॉफ्टवेयर परत है जो डेटा बनाती, संचित करती, उससे प्रश्न पूछती और उसकी सुरक्षा करती है, और शेष तीनों नाम डीबीएमएस उत्पाद ही हैं। विकल्प A, ओरेकल, बड़ा व्यावसायिक रिलेशनल डेटाबेस है, जिसका उपयोग बैंक और बड़ी कंपनियां करती हैं। विकल्प C, माय-एसक्यूएल, मुक्त स्रोत रिलेशनल डेटाबेस है जिस पर वेब का बड़ा हिस्सा चलता है; ड्रुपल और वर्डप्रेस भी अपनी सामग्री माय-एसक्यूएल डेटाबेस में ही रखते हैं, और इससे दोनों प्रकार के सॉफ्टवेयर का अंतर साफ हो जाता है। विकल्प D, एमएस एक्सेस, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के साथ आने वाला छोटा डेस्कटॉप डेटाबेस है, जो तालिका, क्वेरी, फॉर्म और रिपोर्ट एक ही फाइल में रखता है। परीक्षा टिप: ओरेकल, माय-एसक्यूएल, एमएस एक्सेस और एसक्यूएल सर्वर डेटाबेस हैं; ड्रुपल, जूमला और वर्डप्रेस कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम।

Q196.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · 16 Sept 2018मध्यम

राजस्थान में गैर-परंपरागत स्रोतों से ऊर्जा उत्पादन के लिए भारत सरकार के नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की राज्य नोडल एजेंसी कौन है?

  1. A.राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड
  2. B.राजस्थान राज्य विद्युत मंडल
  3. C.राजस्थान अक्षय ऊर्जा फाउंडेशन
  4. D.जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड

व्याख्या

सही उत्तर है A, राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड। जयपुर में कार्यालय वाला यह निगम राजस्थान में गैर-परंपरागत स्रोतों से बिजली विकसित करने के लिए नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की राज्य नोडल एजेंसी है। यह सौर, पवन, बायोमास और लघु जल परियोजनाओं को बढ़ावा देता है तथा राज्य के सोलर पार्क विकसित करता है। थार क्षेत्र में मिलने वाली तेज और लगातार धूप तथा जैसलमेर के आसपास का पवन क्षेत्र राजस्थान को देश के प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में रखते हैं। विकल्प B, राजस्थान राज्य विद्युत मंडल, पुराना एकीकृत निगम था, जिसे सन 2000 में उत्पादन, प्रसारण और वितरण की अलग कंपनियों में बांट दिया गया, इसलिए वह नोडल एजेंसी नहीं है। विकल्प C ऐसी कोई संस्था नहीं है। विकल्प D, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, राज्य की तीन डिस्कॉम में से एक है और अपने क्षेत्र में केवल बिजली वितरित करता है। परीक्षा टिप: हर राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के लिए मंत्रालय की एक नोडल एजेंसी होती है — राजस्थान में यही निगम।

Q197.भूगोलपूछा गया: राजस्थान · 16 Sept 2018मध्यम

भारत में सबसे अधिक विस्तृत रूप से फैला वन किस प्रकार का है?

  1. A.उष्णकटिबंधीय शुष्क सदाबहार वन
  2. B.उष्णकटिबंधीय अर्ध सदाबहार वन
  3. C.उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन
  4. D.हिमालयी आर्द्र शीतोष्ण वन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन

व्याख्या

सही उत्तर है C, उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन। भारत के वन क्षेत्र में सबसे बड़ा हिस्सा उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वनों का है। ये उस चौड़ी पट्टी में मिलते हैं जहां वर्षा लगभग 70 से 100 सेंटीमीटर होती है — प्रायद्वीपीय पठार का बड़ा भाग, मध्य भारत, पश्चिमी घाट की पूर्वी ढलानें और मैदानों के कुछ हिस्से। इनके वृक्ष सागौन, साल, चंदन, बांस, खैर और धौरा शुष्क महीनों में पत्ते गिराकर पानी बचाते हैं। इमारती लकड़ी के लिए सबसे अधिक उपयोग और खेती के लिए सबसे अधिक कटाई इन्हीं वनों की हुई है। विकल्प A, उष्णकटिबंधीय शुष्क सदाबहार वन, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कोरोमंडल तट की पतली पट्टी तक सीमित है। विकल्प B, उष्णकटिबंधीय अर्ध सदाबहार वन, पश्चिमी घाट के अधिक आर्द्र किनारों, पूर्वोत्तर और अंडमान में मिलता है। विकल्प D, हिमालयी आर्द्र शीतोष्ण वन, लगभग 1,500 से 3,000 मीटर ऊंचाई का पर्वतीय प्रकार है, जिसमें ओक, देवदार और चीड़ होते हैं। परीक्षा टिप: वर्षा से प्रकार तय होता है — 200 सेमी से ऊपर सदाबहार, 100 से 200 सेमी आर्द्र पर्णपाती, 70 से 100 सेमी शुष्क पर्णपाती।

Q198.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Prelims 2016 Official Paperमध्यम

भारत में बेरोजगारी और गरीबी के अनुमान किस पर आधारित हैं?

  1. A.एनएसएसओ का घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण
  2. B.सीएसओ का घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण
  3. C.योजना आयोग का घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण
  4. D.एनएसएसओ का पारिवारिक आय सर्वेक्षण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एनएसएसओ का घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण

व्याख्या

सही उत्तर है A, एनएसएसओ का घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण। भारत में गरीबी और बेरोजगारी के अनुमान राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय के बड़े नमूना सर्वेक्षणों पर आधारित हैं, जो 2019 से सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के हिस्से के रूप में काम करता है। गरीबी घरेलू उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण से मापी जाती है: कितने लोगों का मासिक प्रति व्यक्ति व्यय उस गरीबी रेखा से नीचे है जो कैलोरी और लागत के आधार पर तय होती है — लकड़वाला, तेंदुलकर और रंगराजन समितियों की यही पद्धति रही। यही कार्यालय रोजगार-बेरोजगारी सर्वेक्षण भी करता है, जो अब वार्षिक आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण है। विकल्प B गलत है, क्योंकि केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय राष्ट्रीय आय और जीडीपी के आंकड़े बनाता था, ये घरेलू सर्वेक्षण नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि योजना आयोग केवल गरीबी रेखा तय करके उसे सर्वेक्षण के आंकड़ों पर लागू करता था। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह सर्वेक्षण उपभोग व्यय मापता है, पारिवारिक आय नहीं। परीक्षा टिप: आंकड़े एनएसएसओ जुटाता है, गरीबी रेखा समितियां तय करती हैं।

Q199.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC 2nd Grade GK and Educational Psychoमध्यम

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार किसे बधिर कहा जाता है?

  1. A.दोनों कानों में 70 dB श्रवण हानि
  2. B.दोनों कानों में 80 dB श्रवण हानि
  3. C.दोनों कानों में 90 dB श्रवण हानि
  4. D.दोनों कानों में 60 dB श्रवण हानि
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दोनों कानों में 70 dB श्रवण हानि

व्याख्या

सही उत्तर है A, दोनों कानों में 70 dB श्रवण हानि। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की अनुसूची में बधिर उसे कहा गया है जिसे भाषण आवृत्तियों पर दोनों कानों में 70 dB श्रवण हानि हो। जिसे दोनों कानों में 60 से 70 dB तक हानि हो, उसे अलग श्रेणी श्रवण बाधित में रखा गया है, इसलिए दोनों परिभाषाएं साथ पढ़नी चाहिए। इस अधिनियम ने 1995 के निःशक्त व्यक्ति अधिनियम को बदला, मान्यता प्राप्त दिव्यांगताओं की संख्या सात से बढ़ाकर इक्कीस की, और बेंचमार्क दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए सरकारी पदों में चार प्रतिशत आरक्षण दिया। विकल्प B और C अनुसूची से ऊंची सीमा बताते हैं; 80 या 90 dB मान लेने पर बहुत से बधिर व्यक्ति परिभाषा से बाहर रह जाएंगे और अधिनियम के लाभ से वंचित हो जाएंगे। विकल्प D, 60 dB, श्रवण बाधित श्रेणी की निचली सीमा है, बधिरता की नहीं। परीक्षा टिप: 60 से 70 dB श्रवण बाधित, 70 dB और अधिक बधिर।

Q200.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC 2nd Grade GK and Educational Psychoमध्यम

मूल स्रोत से संविधान के उपबंधों को लेने के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित है?

  1. A.राज्य के नीति निदेशक तत्व – ऑस्ट्रेलिया का संविधान
  2. B.संघीय व्यवस्था – अमेरिकी संविधान
  3. C.अवशिष्ट शक्तियां केंद्र में – कनाडा का संविधान
  4. D.मौलिक कर्तव्य – जापान का संविधान
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अवशिष्ट शक्तियां केंद्र में – कनाडा का संविधान

व्याख्या

सही उत्तर है C, अवशिष्ट शक्तियां केंद्र में – कनाडा का संविधान। संविधान निर्माताओं ने मजबूत केंद्र वाले संघ की योजना कनाडा से ली, और उसके साथ यह नियम भी कि तीनों सूचियों में जो विषय नहीं लिखे हैं, वे संघ के पास रहेंगे; अनुच्छेद 248 तथा संघ सूची की प्रविष्टि 97 यही कहते हैं। राज्यपालों की नियुक्ति केंद्र द्वारा और उच्चतम न्यायालय का परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार भी इसी स्रोत से आए। विकल्प A गलत है, क्योंकि राज्य के नीति निदेशक तत्व आयरलैंड के संविधान से लिए गए; ऑस्ट्रेलिया से समवर्ती सूची, व्यापार और वाणिज्य की स्वतंत्रता तथा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक मिली। विकल्प B संघीय व्यवस्था को अमेरिकी संविधान से जोड़ता है, जबकि अमेरिका से मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और महाभियोग की प्रक्रिया ली गई। विकल्प D गलत है, क्योंकि मौलिक कर्तव्य तत्कालीन सोवियत संघ के संविधान से लिए गए थे। परीक्षा टिप: अवशिष्ट शक्तियां कनाडा से, नीति निदेशक तत्व आयरलैंड से, मौलिक कर्तव्य सोवियत संघ से।