नारियल तेल का पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड के साथ जल-अपघटन करने पर प्राप्त होता है :
- A.मुक्त वसीय अम्ल और सोडियम हाइड्रॉक्साइड
- B.ग्लिसरॉल और वसीय अम्लों के सोडियम लवण
- C.ग्लाइकॉल और वसीय अम्लों के पोटैशियम लवण
- D.ग्लिसरॉल और वसीय अम्लों के पोटैशियम लवण
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, ग्लिसरॉल और वसीय अम्लों के पोटैशियम लवण। तेल या वसा को क्षार के साथ उबालने पर वह ग्लिसरॉल और वसीय अम्लों के लवणों में टूट जाता है; पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड लेने पर ये लवण पोटैशियम लवण होते हैं।
नारियल तेल, दूसरे वनस्पति तेलों की तरह, एक ट्राइग्लिसराइड है, यानी ग्लिसरॉल और तीन वसीय अम्लों का एस्टर। क्षार से होने वाले इस जल-अपघटन को साबुनीकरण कहते हैं, क्योंकि बनने वाले पोटैशियम लवण ही साबुन हैं। पोटैशियम साबुन मुलायम होते हैं और शेविंग क्रीम व तरल साबुन में काम आते हैं, जबकि सोडियम हाइड्रॉक्साइड से नहाने की कठोर टिकिया वाला साबुन बनता है।
A गलत है, क्योंकि क्षार के साथ मुक्त वसीय अम्ल नहीं बचते और अभिक्रिया में सोडियम है ही नहीं।
B गलत है, क्योंकि पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड से पोटैशियम लवण बनते हैं, सोडियम लवण नहीं।
C गलत है, क्योंकि वसा से निकलने वाला ऐल्कोहॉल ग्लिसरॉल है, ग्लाइकॉल नहीं।
Exam tip: वसा + क्षार = ग्लिसरॉल + साबुन; NaOH से कठोर साबुन, KOH से मुलायम साबुन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकार्बन ब्लैक कैसे प्राप्त किया जाता है?
- A.वायु की अनुपस्थिति में लकड़ी को उच्च ताप पर गर्म करके
- B.वायु की अनुपस्थिति में कोयले को उच्च ताप पर गर्म करके
- C.हाइड्रोकार्बनों को वायु की सीमित आपूर्ति में जलाकर
- D.वायु की उपस्थिति में कोयले को उच्च ताप पर गर्म करके
उत्तर देखें
प्राकृतिक गैस या भारी तेल कम हवा में जलते हैं तो सारा कार्बन कार्बन डाइऑक्साइड नहीं बन पाता और बहुत महीन काली कालिख के रूप में अलग हो जाता है, जिसे कार्बन ब्लैक के रूप में इकट्ठा किया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →C₂H₂O₄·2H₂O में ऑक्सैलिक अम्ल का तुल्यांकी भार है
- A.45
- B.63
- C.90
- D.126
उत्तर देखें
जलयोजित ऑक्सैलिक अम्ल का मोलर द्रव्यमान 126 है और यह द्विक्षारकीय अम्ल है, इसलिए इसका तुल्यांकी भार 126 ÷ 2 = 63 है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एकपरमाणुक तत्व नहीं है?
- A.कॉपर
- B.हीलियम
- C.आयोडीन
- D.बेरियम
उत्तर देखें
आयोडीन द्विपरमाणुक अणुओं, I₂, के रूप में रहता है, जिनमें दो आयोडीन परमाणु एक इलेक्ट्रॉन युग्म साझा करते हैं; इसलिए इसकी परमाणुकता दो है, एक नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में हाइड्रोजन गैस नहीं निकलती?
- A.जिंक धातु की तनु सल्फ्यूरिक अम्ल विलयन से अभिक्रिया
- B.प्लास्टर ऑफ पेरिस में जल मिलाना
- C.जिंक धातु को सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन के साथ गर्म करना
- D.पोटैशियम धातु की जल से अभिक्रिया
उत्तर देखें
इसमें जल केवल कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट से जुड़कर जिप्सम बनाता है; कोई गैस नहीं निकलती और लेप बस सख्त होकर जम जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अधिकांश कार्बन यौगिक विद्युत के सुचालक होते हैं।
- B.कार्बनिक यौगिकों में आबंधन सहसंयोजक होता है।
- C.ग्रेफाइट का उपयोग स्नेहक के रूप में होता है।
- D.हीरा कार्बन का एक अपररूप है।
उत्तर देखें
अधिकांश कार्बन यौगिक विद्युत के कुचालक होते हैं, क्योंकि उनके परमाणु सहसंयोजक बंधों से जुड़े होते हैं और उनमें धारा ले जाने वाले आयन या मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बनते।
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