निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए : रासायनिक अभिक्रिया — रासायनिक अभिक्रिया का प्रकार I. Fe(s) + CuSO₄(aq.) → FeSO₄(aq.) + Cu(s) — विस्थापन अभिक्रिया II. Na₂SO₄(aq.) + BaCl₂(aq.) → BaSO₄(s) + 2NaCl(aq.) — द्वि-विस्थापन अभिक्रिया III. Fe₂O₃(s) + 3CO(g) → 2Fe(s) + 3CO₂(g) — रेडॉक्स अभिक्रिया IV. 2KClO₃(s) → 2KCl(s) + 3O₂(g) — ऊष्मीय अपघटन अभिक्रिया ऊपर दिए गए युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
- A.एक
- B.दो
- C.तीन
- D.चारों
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, चारों। हर अभिक्रिया के सामने उसका सही प्रकार लिखा है, इसलिए चारों युग्म सही सुमेलित हैं।
I में आयरन, कॉपर से अधिक क्रियाशील है और उसे कॉपर सल्फेट से बाहर निकाल देता है, यह विस्थापन अभिक्रिया है। II में सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड आपस में आयन बदलते हैं और बेरियम सल्फेट का सफेद अवक्षेप बनता है, यह द्वि-विस्थापन अभिक्रिया है। III में आयरन ऑक्साइड ऑक्सीजन खोकर अपचयित होता है और कार्बन मोनोऑक्साइड ऑक्सीजन लेकर ऑक्सीकृत होती है, इसलिए यह रेडॉक्स अभिक्रिया है; वात्या भट्टी में लोहा इसी तरह निकाला जाता है। IV में पोटैशियम क्लोरेट गर्म करने पर पोटैशियम क्लोराइड और ऑक्सीजन में टूट जाता है, यह ऊष्मीय अपघटन है।
A गलत है, क्योंकि एक से अधिक युग्म सही हैं।
B गलत है, क्योंकि केवल दो नहीं, चारों युग्म सही हैं।
C गलत है, क्योंकि चारों में से कोई भी युग्म गलत नहीं है।
Exam tip: एक तत्व दूसरे को हटाए = विस्थापन; दो यौगिक आयन बदलें = द्वि-विस्थापन; ऑक्सीकरण और अपचयन साथ हों = रेडॉक्स; ऊष्मा से यौगिक टूटे = ऊष्मीय अपघटन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकार्बन ब्लैक कैसे प्राप्त किया जाता है?
- A.वायु की अनुपस्थिति में लकड़ी को उच्च ताप पर गर्म करके
- B.वायु की अनुपस्थिति में कोयले को उच्च ताप पर गर्म करके
- C.हाइड्रोकार्बनों को वायु की सीमित आपूर्ति में जलाकर
- D.वायु की उपस्थिति में कोयले को उच्च ताप पर गर्म करके
उत्तर देखें
प्राकृतिक गैस या भारी तेल कम हवा में जलते हैं तो सारा कार्बन कार्बन डाइऑक्साइड नहीं बन पाता और बहुत महीन काली कालिख के रूप में अलग हो जाता है, जिसे कार्बन ब्लैक के रूप में इकट्ठा किया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →C₂H₂O₄·2H₂O में ऑक्सैलिक अम्ल का तुल्यांकी भार है
- A.45
- B.63
- C.90
- D.126
उत्तर देखें
जलयोजित ऑक्सैलिक अम्ल का मोलर द्रव्यमान 126 है और यह द्विक्षारकीय अम्ल है, इसलिए इसका तुल्यांकी भार 126 ÷ 2 = 63 है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एकपरमाणुक तत्व नहीं है?
- A.कॉपर
- B.हीलियम
- C.आयोडीन
- D.बेरियम
उत्तर देखें
आयोडीन द्विपरमाणुक अणुओं, I₂, के रूप में रहता है, जिनमें दो आयोडीन परमाणु एक इलेक्ट्रॉन युग्म साझा करते हैं; इसलिए इसकी परमाणुकता दो है, एक नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में हाइड्रोजन गैस नहीं निकलती?
- A.जिंक धातु की तनु सल्फ्यूरिक अम्ल विलयन से अभिक्रिया
- B.प्लास्टर ऑफ पेरिस में जल मिलाना
- C.जिंक धातु को सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन के साथ गर्म करना
- D.पोटैशियम धातु की जल से अभिक्रिया
उत्तर देखें
इसमें जल केवल कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट से जुड़कर जिप्सम बनाता है; कोई गैस नहीं निकलती और लेप बस सख्त होकर जम जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अधिकांश कार्बन यौगिक विद्युत के सुचालक होते हैं।
- B.कार्बनिक यौगिकों में आबंधन सहसंयोजक होता है।
- C.ग्रेफाइट का उपयोग स्नेहक के रूप में होता है।
- D.हीरा कार्बन का एक अपररूप है।
उत्तर देखें
अधिकांश कार्बन यौगिक विद्युत के कुचालक होते हैं, क्योंकि उनके परमाणु सहसंयोजक बंधों से जुड़े होते हैं और उनमें धारा ले जाने वाले आयन या मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बनते।
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