निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : I. ज़िंक धातु को HCl (जलीय) और NaOH (जलीय) दोनों के साथ अलग-अलग अभिकृत करने पर आण्विक हाइड्रोजन बनती है। II. कॉपर सल्फ़ेट के जलीय विलयन को ज़िंक के पात्र में नहीं रखा जा सकता। III. नींबू, इमली और टमाटर क्रमशः सिट्रिक अम्ल, ऑक्सैलिक अम्ल और टार्टरिक अम्ल के प्राकृतिक स्रोत हैं। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- A.केवल I और II
- B.केवल II और III
- C.केवल I और III
- D.I, II और III
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, केवल I और II। ज़िंक अम्ल और क्षार दोनों के साथ हाइड्रोजन देता है और कॉपर सल्फ़ेट से कॉपर को विस्थापित करता है, पर कथन III में इमली और टमाटर के अम्ल आपस में बदल दिए गए हैं।
ज़िंक उभयधर्मी व्यवहार दिखाता है। तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ यह ज़िंक क्लोराइड और हाइड्रोजन गैस बनाता है, और सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन के साथ सोडियम ज़िंकेट और हाइड्रोजन गैस बनाता है, अतः कथन I सही है। सक्रियता श्रेणी में ज़िंक कॉपर से अधिक सक्रिय है, इसलिए वह कॉपर सल्फ़ेट विलयन से कॉपर को बाहर कर देता है (Zn + CuSO4 → ZnSO4 + Cu)। ज़िंक का पात्र गल जाएगा, अतः कथन II सही है। नींबू में सिट्रिक अम्ल होता है, पर इमली टार्टरिक अम्ल का और टमाटर ऑक्सैलिक अम्ल का स्रोत है, इसलिए कथन III गलत है।
B गलत है, क्योंकि कथन III गलत है।
C गलत है, क्योंकि कथन III गलत है और कथन II सही है।
D गलत है, क्योंकि कथन III गलत है।
Exam tip: नींबू में सिट्रिक, इमली में टार्टरिक, टमाटर में ऑक्सैलिक, दही में लैक्टिक और सिरके में ऐसीटिक अम्ल।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयह तथ्य कि ग्रह सूर्य के चारों ओर वृत्तों में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तों में घूमते हैं, सबसे पहले किसने प्रदर्शित किया?
- A.गैलीलियो
- B.मार्टिन लूथर
- C.योहानेस केप्लर
- D.कॉपरनिकस
उत्तर देखें
1609 में केप्लर ने दिखाया कि ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं और सूर्य उस दीर्घवृत्त की एक नाभि पर होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.यूरिया यकृत में बनता है।
- B.यूरिया रक्त में बनता है।
- C.यूरिया स्टार्च के पाचन से बनता है।
- D.यूरिया फेफड़े और वृक्क में बनता है।
उत्तर देखें
यकृत की कोशिकाएँ अमीनो अम्लों के टूटने से निकले विषैले अमोनिया को ऑर्निथीन चक्र, जिसे यूरिया चक्र भी कहते हैं, के द्वारा यूरिया में बदलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश के गमन का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-नेत्रिका-देह नलिका
- B.अभिदृश्यक लेंस-संघनित्र-देह नलिका-नेत्रिका
- C.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-नेत्रिका
- D.नेत्रिका-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-दर्पण
उत्तर देखें
प्रकाश संघनित्र से होकर नमूने तक जाता है, अभिदृश्यक लेंस उसे ग्रहण करता है, फिर वह देह नलिका से ऊपर जाकर नेत्रिका के रास्ते आँख तक पहुँचता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीमोग्लोबिन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.आरबीसी में उपस्थित हीमोग्लोबिन केवल ऑक्सीजन ले जा सकता है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं।
- B.आरबीसी का हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों ले जा सकता है।
- C.आरबीसी का हीमोग्लोबिन केवल कार्बन डाइऑक्साइड ले जा सकता है।
- D.हीमोग्लोबिन का उपयोग केवल रक्त के थक्का बनने में होता है, गैसों को ले जाने में नहीं।
उत्तर देखें
यह अपने लौह-युक्त हीम समूहों पर ऑक्सीजन बाँधता है और अपनी प्रोटीन शृंखलाओं पर कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ले जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिस्टोन प्रोटीनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली में पाए जाते हैं।
- B.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो केंद्रक में डीएनए के साथ जुड़े हुए पाए जाते हैं।
- C.हिस्टोन साइटोसोल में लिपिडों से जुड़े प्रोटीन हैं।
- D.हिस्टोन साइटोसोल में कार्बोहाइड्रेटों से जुड़े प्रोटीन हैं।
उत्तर देखें
यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में डीएनए इन्हीं प्रोटीनों के चारों ओर लिपटकर क्रोमैटिन बनाता है। हिस्टोन छोटे क्षारीय प्रोटीन हैं जिनमें धनावेशित अमीनो अम्ल लाइसिन और आर्जिनिन अधिक होते हैं, जो डीएनए के ऋणावेशित फॉस्फेट समूहों को आकर्षित करते हैं।
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