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GK24

सामान्य विज्ञान पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 2

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए सामान्य विज्ञान के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

154 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q21.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 21 Jan 2024मध्यम

सूक्ष्म पोषक तत्वों (पौधों को कम मात्रा में आवश्यक पोषक तत्व) का समूह पहचानिए:

  1. A.जिंक, आयरन, मैंगनीज़
  2. B.पोटैशियम, मैग्नीशियम, कॉपर
  3. C.कॉपर, फॉस्फोरस, कैल्शियम
  4. D.सल्फर, एल्युमिनियम, क्लोरीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जिंक, आयरन, मैंगनीज़

व्याख्या

सही उत्तर है A, जिंक, आयरन, मैंगनीज़। पौधों को ये तीनों बहुत थोड़ी मात्रा में चाहिए, इसलिए ये सूक्ष्म पोषक तत्व हैं। पौधों को वृहद पोषक तत्व बड़ी मात्रा में चाहिए: नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम प्राथमिक पोषक तत्व हैं, और कैल्शियम, मैग्नीशियम तथा सल्फर द्वितीयक। आयरन, मैंगनीज़, जिंक, कॉपर, बोरॉन, मॉलिब्डेनम और क्लोरीन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व केवल अंश मात्रा में चाहिए, फिर भी इनमें से किसी एक की कमी भी पौधे को नुकसान पहुँचाती है। उदाहरण के लिए, जिंक की कमी से धान में खैरा रोग होता है, और आयरन की कमी से नई पत्तियाँ पीली पड़ जाती हैं। B गलत है क्योंकि पोटैशियम और मैग्नीशियम वृहद पोषक तत्व हैं, भले ही कॉपर सूक्ष्म पोषक तत्व है। C गलत है क्योंकि फॉस्फोरस और कैल्शियम वृहद पोषक तत्व हैं। D गलत है क्योंकि सल्फर वृहद पोषक तत्व है और एल्युमिनियम पौधे के लिए आवश्यक पोषक तत्व है ही नहीं। परीक्षा टिप: वृहद – नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर; सूक्ष्म – आयरन, मैंगनीज़, जिंक, कॉपर, बोरॉन, मॉलिब्डेनम, क्लोरीन।

Q22.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 21 Jan 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा/से पादप रोग जीवाणु से होता/होते है/हैं? (a) गेहूँ का किट्ट (रस्ट) (b) नींबू का कैंकर (c) भिंडी का पीत शिरा मोज़ेक

  1. A.केवल (c)
  2. B.(a) और (b)
  3. C.केवल (b)
  4. D.(b) और (c)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल (b)

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल (b)। इन तीनों में से केवल नींबू का कैंकर जीवाणु से होता है; गेहूँ का किट्ट कवक से और भिंडी का पीत शिरा मोज़ेक विषाणु से होता है। नींबू के कैंकर में नींबू, संतरा और दूसरे खट्टे फलों वाले पौधों की पत्तियों, टहनियों और फलों पर उभरे हुए, खुरदरे भूरे धब्बे बन जाते हैं, और यह रोग हवा से फैलता है। गेहूँ के किट्ट में पत्तियों और तनों पर जंग जैसे लाल-भूरे चूर्णी धब्बे बनते हैं, इसीलिए इसका यह नाम पड़ा। पीत शिरा मोज़ेक में भिंडी की पत्तियों की शिराएँ पीली पड़ जाती हैं, और कीट इस विषाणु को एक पौधे से दूसरे तक ले जाते हैं। NCERT की कक्षा 8 की विज्ञान की किताब जीवाणु, कवक और विषाणु से होने वाले पादप रोगों के उदाहरण के रूप में ठीक यही तीन रोग देती है। A गलत है क्योंकि पीत शिरा मोज़ेक विषाणु जनित रोग है। B गलत है क्योंकि इसमें गेहूँ का किट्ट जुड़ा है, जो कवक से होता है। D गलत है क्योंकि इसमें विषाणु से होने वाला पीत शिरा मोज़ेक जुड़ा है। परीक्षा टिप: नींबू का कैंकर – जीवाणु; गेहूँ का किट्ट – कवक; भिंडी का पीत शिरा मोज़ेक – विषाणु।

Q23.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 22 Dec 2024आसान

वह एकमात्र शिरा जो ऑक्सीजन युक्त रक्त वहन करती है, कहलाती है:

  1. A.सिस्टिक शिरा
  2. B.पल्मोनरी शिरा
  3. C.हिपेटिक पोर्टल शिरा
  4. D.कार्डियक शिरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पल्मोनरी शिरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, पल्मोनरी शिरा। आमतौर पर शिराएँ कम ऑक्सीजन वाला रक्त हृदय तक वापस लाती हैं, पर फुफ्फुसीय (पल्मोनरी) शिराएँ इसका अपवाद हैं। फेफड़ों में ऑक्सीजन लेने के बाद यह ऑक्सीजन युक्त रक्त चार पल्मोनरी शिराओं, हर फेफड़े से दो, के द्वारा हृदय के बाएँ आलिंद में पहुँचता है। वहाँ से यह बाएँ निलय में जाता है, जो इसे महाधमनी (एओर्टा) के ज़रिए पूरे शरीर में पंप करता है। इसका उल्टा तथ्य भी खूब पूछा जाता है: पल्मोनरी धमनी एकमात्र धमनी है जो ऑक्सीजन रहित रक्त ले जाती है, दाएँ निलय से फेफड़ों तक। यानी नियम यह है कि धमनी रक्त को हृदय से दूर और शिरा हृदय की ओर ले जाती है, रक्त में ऑक्सीजन कितनी भी हो। विकल्प A गलत है, क्योंकि सिस्टिक शिरा पित्ताशय से रक्त लाती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि हिपेटिक पोर्टल शिरा आँतों से पोषक तत्वों से भरपूर पर कम ऑक्सीजन वाला रक्त यकृत तक ले जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कार्डियक शिराएँ हृदय की मांसपेशियों का इस्तेमाल हो चुका रक्त दाएँ आलिंद में लाती हैं। परीक्षा टिप: पल्मोनरी शिरा – अकेली शिरा जिसमें ऑक्सीजन युक्त रक्त; पल्मोनरी धमनी – अकेली धमनी जिसमें ऑक्सीजन रहित रक्त।

Q24.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 27 Jun 2024, Shift 2आसान

1 एम्पियर का मान निर्धारित करने के लिए निम्नलिखित में से किसका उपयोग किया जाता है?

  1. A.A = 2C/s
  2. B.A = 1C/s
  3. C.C = A/2s
  4. D.C = A × 2s
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. A = 1C/s

व्याख्या

सही उत्तर है B, A = 1C/s। एक एम्पियर वह धारा है जो तब बहती है जब परिपथ के किसी बिंदु से एक सेकंड में एक कूलॉम आवेश गुज़रता है। यह सीधे सूत्र I = Q/t से आता है, जहाँ I एम्पियर में धारा, Q कूलॉम में आवेश और t सेकंड में समय है। एम्पियर सात SI मूल मात्रकों में से एक है और इसका नाम फ्रांसीसी भौतिकविद् आंद्रे-मैरी एम्पियर पर रखा गया है। एक कूलॉम लगभग 6.25 × 1018 इलेक्ट्रॉनों का आवेश है, यानी 1 एम्पियर धारा का अर्थ है हर सेकंड इतने इलेक्ट्रॉनों का एक बिंदु से गुज़रना। यही सूत्र पलटने पर Q = I × t देता है, इसीलिए कूलॉम को एम्पियर-सेकंड भी कहते हैं। A गलत है क्योंकि प्रति सेकंड 2 कूलॉम का अर्थ 2 एम्पियर धारा है, 1 नहीं। C गलत है क्योंकि आवेश धारा और समय का गुणनफल है, धारा को समय से भाग देने पर नहीं मिलता। D गलत है क्योंकि एक एम्पियर को 2 सेकंड से गुणा करने पर 2 कूलॉम मिलते हैं, जो 1 एम्पियर की परिभाषा नहीं। परीक्षा टिप: I = Q/t, इसलिए 1 A = 1 C/s और 1 C = 1 A × 1 s।

Q25.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (I) 2024, 21 Apr 2024आसान

मानव शरीर की किन कोशिकाओं में केंद्रक नहीं होता?

  1. A.पेशी कोशिकाएं
  2. B.भक्षक (फैगोसाइटिक) कोशिकाएं
  3. C.लाल रक्त कोशिकाएं
  4. D.पक्ष्माभी (सिलियेटेड) कोशिकाएं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाल रक्त कोशिकाएं

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाल रक्त कोशिकाएं। परिपक्व लाल रक्त कोशिकाएं यानी एरिथ्रोसाइट रक्त में आने से पहले अपना केंद्रक खो देती हैं। केंद्रक और माइटोकॉन्ड्रिया न होने से हीमोग्लोबिन के लिए ज्यादा जगह बचती है, जो ऑक्सीजन ढोने वाला लौह युक्त प्रोटीन है, और कोशिका को लचीला उभयावतल आकार मिलता है, जिससे वह पतली केशिकाओं से निकल पाती है। केंद्रक न होने से ये कोशिकाएं विभाजन या अपनी मरम्मत नहीं कर पातीं; ये लगभग 120 दिन जीवित रहती हैं, लाल अस्थि मज्जा में बनती हैं और मुख्यतः प्लीहा में नष्ट होती हैं, जिसे लाल रक्त कोशिकाओं का कब्रिस्तान कहते हैं। प्लेटलेट्स में भी केंद्रक नहीं होता, पर वे पूरी कोशिका नहीं, कोशिका के टुकड़े हैं। A गलत है, पेशी कोशिकाओं में केंद्रक होता है; कंकाल पेशी तंतुओं में तो कई केंद्रक होते हैं। B गलत है, न्यूट्रोफिल और मैक्रोफेज जैसी भक्षक कोशिकाओं में केंद्रक होता है। D गलत है, श्वासनली और अंडवाहिनी की पक्ष्माभी कोशिकाओं में सामान्य केंद्रक होता है। परीक्षा टिप: मानव लाल रक्त कोशिका, केंद्रक नहीं, 120 दिन जीवन, अस्थि मज्जा में जन्म, प्लीहा में अंत।

Q26.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (II) 2024, 1 Sep 2024आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा हॉर्मोन पौधों में वृद्धि क्रिया को रोकता है?

  1. A.ऑक्सिन
  2. B.साइटोकाइनिन
  3. C.एब्सिसिक अम्ल
  4. D.जिबरेलिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एब्सिसिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है C, एब्सिसिक अम्ल। यह पादप हॉर्मोनों में मुख्य वृद्धि रोधक है और वृद्धि बढ़ाने वाले हॉर्मोनों के उलट काम करता है। एब्सिसिक अम्ल (ABA) को तनाव हॉर्मोन कहते हैं, क्योंकि यह सूखे, ठंड और लवणता में पौधे को बचाता है: पानी बचाने के लिए रंध्र बंद कराता है, बीजों और कलियों को सुप्त रखता है ताकि वे खराब मौसम में न फूटें, और पत्तियों व फलों को पुराना होकर गिरने में मदद करता है। इसलिए जब पूछा जाए कि कौन-सा हॉर्मोन वृद्धि धीमी या बंद करता है, तो उत्तर ABA है; बुढ़ापे और फल पकने से जुड़ा दूसरा हॉर्मोन एथिलीन है। A गलत है, ऑक्सिन कोशिकाओं को लंबा करके वृद्धि बढ़ाते हैं और तने को प्रकाश की ओर मोड़ते हैं। B गलत है, साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन बढ़ाते हैं और पत्तियों के बुढ़ापे को टालते हैं। D गलत है, जिबरेलिन तने की लंबाई बढ़ाते हैं, बीज की सुप्तावस्था तोड़ते हैं और अंगूर का आकार बढ़ाने के लिए छिड़के जाते हैं। परीक्षा टिप: वृद्धि बढ़ाने वाले ऑक्सिन, जिबरेलिन और साइटोकाइनिन; रोकने वाला एब्सिसिक अम्ल, यानी तनाव हॉर्मोन।

Q27.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024मध्यम

मानव गुर्दे के नेफ्रॉन का कौन-सा भाग उत्सर्जन के लिए रक्त के निस्यंदन (filtration) का काम करता है?

  1. A.संग्रह नलिका (Collecting duct)
  2. B.वृक्क शिरा (Renal vein)
  3. C.मूत्रवाहिनी (Ureter)
  4. D.बोमन संपुट (Bowman's capsule)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बोमन संपुट (Bowman's capsule)

व्याख्या

सही उत्तर है D, बोमन संपुट (Bowman's capsule)। मनुष्य के हर गुर्दे में लगभग दस लाख नेफ्रॉन होते हैं और हर नेफ्रॉन की शुरुआत प्याले जैसे बोमन संपुट से होती है, जिसके भीतर केशिकाओं का गुच्छा, ग्लोमेरुलस, होता है। रक्त दबाव के साथ ग्लोमेरुलस में आता है और पानी, लवण, ग्लूकोज़, यूरिया जैसे छोटे अणु उसकी दीवार से छनकर संपुट में चले जाते हैं; इसे अति-निस्यंदन (ultrafiltration) कहते हैं, जो मूत्र बनने का पहला चरण है। प्रोटीन और रक्त कोशिकाएँ बड़ी होने से रक्त में ही रह जाती हैं। इसके बाद निस्यंद नलिका में बहता है, जहाँ ग्लूकोज़ और अधिकांश पानी वापस अवशोषित हो जाता है। A, संग्रह नलिका, केवल कई नेफ्रॉनों का मूत्र इकट्ठा कर गुर्दे की श्रोणि तक पहुँचाती है। B, वृक्क शिरा, छना हुआ रक्त गुर्दे से बाहर ले जाती है और नेफ्रॉन का भाग नहीं है। C, मूत्रवाहिनी, गुर्दे से मूत्राशय तक मूत्र ले जाने वाली नली है। परीक्षा टिप: बोमन संपुट + ग्लोमेरुलस = मैल्पीघी काय, नेफ्रॉन का छन्ना।

Q28.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024आसान

मनुष्यों में निम्नलिखित में से कौन-सा रोग विटामिन D की कमी से होता है?

  1. A.बेरीबेरी
  2. B.स्कर्वी
  3. C.रिकेट्स
  4. D.निमोनिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रिकेट्स

व्याख्या

सही उत्तर है C, रिकेट्स। विटामिन D आँत में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण में मदद करता है, इसलिए इसकी कमी में बढ़ते बच्चे की हड्डियाँ कोमल रह जाती हैं और मुड़ जाती हैं; टेढ़ी टाँगें, उभरी छाती और बड़ा माथा दिखता है। इसी रोग को रिकेट्स (सूखा रोग) कहते हैं। वयस्कों में यही कमी ऑस्टियोमलेशिया, यानी बनी हुई हड्डियों का नरम पड़ना, पैदा करती है। विटामिन D को धूप वाला विटामिन कहते हैं क्योंकि त्वचा पर धूप पड़ने से शरीर इसे स्वयं बनाता है; मछली के जिगर का तेल, अंडे की जर्दी और दूध इसके स्रोत हैं। इसका रासायनिक नाम कैल्सिफेरॉल है। A, बेरीबेरी, विटामिन B1 (थायमिन) की कमी से होता है और नसों व हृदय को प्रभावित करता है। B, स्कर्वी, विटामिन C (एस्कॉर्बिक अम्ल) की कमी से होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आता है। D, निमोनिया, फेफड़ों का संक्रमण है, जो जीवाणु या विषाणु से होता है, कमी का रोग नहीं। परीक्षा टिप: जोड़े याद रखें: A रतौंधी, B1 बेरीबेरी, C स्कर्वी, D रिकेट्स, K रक्त का देर से जमना।

Q29.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2024, 21 Apr 2024मध्यम

LIGO प्रयोग ने किस सिद्धांत की एक भविष्यवाणी की पुष्टि की?

  1. A.स्ट्रिंग सिद्धांत
  2. B.विशेष सापेक्षता सिद्धांत
  3. C.क्वांटम यांत्रिकी
  4. D.सामान्य सापेक्षता सिद्धांत
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सामान्य सापेक्षता सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है D, सामान्य सापेक्षता सिद्धांत। अमेरिका की LIGO (लेज़र इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल-वेव ऑब्ज़र्वेटरी) ने सितंबर 2015 में पहली बार गुरुत्वीय तरंगों का पता लगाया (घोषणा फरवरी 2016 में हुई), और इन तरंगों की भविष्यवाणी आइंस्टाइन ने 1916 में सामान्य सापेक्षता सिद्धांत में की थी। सामान्य सापेक्षता गुरुत्व को दिक्-काल (space-time) की वक्रता मानती है और कहती है कि विशाल त्वरित पिंड, जैसे आपस में टकराते दो ब्लैक होल, दिक्-काल में प्रकाश की गति से लहरें भेजते हैं। हैनफोर्ड और लिविंगस्टन के दो डिटेक्टरों ने भुजा की लंबाई में प्रोटॉन से भी छोटा परिवर्तन मापा। भारत महाराष्ट्र के हिंगोली में तीसरा डिटेक्टर LIGO-India बना रहा है। A, स्ट्रिंग सिद्धांत की कोई भविष्यवाणी अब तक किसी प्रयोग से सिद्ध नहीं हुई। B, विशेष सापेक्षता स्थिर चाल वाली गति से जुड़ी है, इसमें गुरुत्व शामिल नहीं। C, क्वांटम यांत्रिकी परमाणुओं और कणों का वर्णन करती है, गुरुत्वीय तरंगों का नहीं। परीक्षा टिप: LIGO = गुरुत्वीय तरंगें = सामान्य सापेक्षता; इसके लिए 2017 का भौतिकी नोबेल वाइस, बैरिश और थॉर्न को मिला।

Q30.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2024, 21 Apr 2024आसान

निम्नलिखित में से किसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया कहा जाता है?

  1. A.मैग्नीशियम बाइकार्बोनेट
  2. B.मैग्नीशियम कार्बोनेट
  3. C.मैग्नीशियम सल्फेट
  4. D.मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर है D, मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड। मिल्क ऑफ मैग्नीशिया पानी में मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, Mg(OH)2, का सफेद निलंबन है और इसके दूध जैसे रूप से ही यह नाम पड़ा। यह एक दुर्बल क्षारक है, इसलिए पेट के अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को उदासीन करने के लिए इसे एंटासिड के रूप में लिया जाता है; अधिक मात्रा में यह रेचक (laxative) का काम करता है। पानी में बहुत कम घुलने के कारण यह पेट को अधिक क्षारीय नहीं बनाता, इसीलिए दवा के रूप में सुरक्षित है। A, मैग्नीशियम बाइकार्बोनेट, केवल विलयन में रहता है, दवा नहीं है। B, मैग्नीशियम कार्बोनेट, चॉक और खिलाड़ियों के हाथ सुखाने वाले पाउडर में प्रयोग होता है, उसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया नहीं कहते। C, मैग्नीशियम सल्फेट, एप्सम साल्ट है, जो नहाने के नमक और विरेचक के रूप में काम आता है। परीक्षा टिप: सामान्य नाम याद रखें: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया = Mg(OH)2, एप्सम साल्ट = MgSO4.7H2O, मिल्क ऑफ लाइम = Ca(OH)2 का निलंबन।

Q31.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 09 Oct 2024, Shift 1आसान

'लाफिंग गैस' के नाम से प्रसिद्ध यौगिक का रासायनिक सूत्र क्या है?

  1. A.NO
  2. B.N2O3
  3. C.N2O
  4. D.NO2
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. N2O

व्याख्या

सही उत्तर है C, N2O। लाफिंग गैस यानी हंसाने वाली गैस नाइट्रस ऑक्साइड N2O है, एक रंगहीन और हल्की मीठी गंध वाली गैस, जिसे सूंघने पर लोग हंसने लगते हैं और हल्कापन महसूस करते हैं। इसे सबसे पहले 1772 में जोसेफ प्रीस्टली ने बनाया और हम्फ्री डेवी ने इसके असर का अध्ययन करके इसे यह लोकप्रिय नाम दिया। दंत चिकित्सक और सर्जन इसे ऑक्सीजन के साथ मिलाकर हल्के निश्चेतक और दर्द निवारक के रूप में इस्तेमाल करते हैं, और व्हिप्ड क्रीम के डिब्बों में भी यही गैस भरी होती है। प्रयोगशाला में इसे अमोनियम नाइट्रेट को धीरे-धीरे गर्म करके बनाया जाता है। यह ग्रीनहाउस गैस भी है और ओजोन परत को नुकसान पहुंचाती है। A गलत है क्योंकि NO नाइट्रिक ऑक्साइड है, रंगहीन गैस जो हवा में भूरी हो जाती है। B गलत है क्योंकि N2O3 डाइनाइट्रोजन ट्राइऑक्साइड है, जो कम तापमान पर नीला द्रव होता है। D गलत है क्योंकि NO2 नाइट्रोजन डाइऑक्साइड है, वाहनों के धुएं और अम्ल वर्षा में मिलने वाली लाल-भूरी जहरीली गैस। परीक्षा टिप: लाफिंग गैस = नाइट्रस ऑक्साइड = N2O, खोज प्रीस्टली ने की, दंत चिकित्सा में निश्चेतक।

Q32.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 23 Oct 2024, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा सल्फर हेक्साफ्लोराइड का रासायनिक सूत्र है?

  1. A.S2F6
  2. B.SF6
  3. C.SF2
  4. D.S6F
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. SF6

व्याख्या

सही उत्तर है B, SF6। नाम में ही सूत्र छिपा है: 'हेक्सा' का मतलब छह, इसलिए सल्फर हेक्साफ्लोराइड में एक सल्फर परमाणु छह फ्लोरीन परमाणुओं से जुड़ा होता है, यानी SF6। अणु का आकार अष्टफलकीय होता है, जिसमें छह फ्लोरीन परमाणु सल्फर के चारों ओर सममित रूप से लगे होते हैं। SF6 रंगहीन, गंधहीन, अज्वलनशील और बहुत कम अभिक्रियाशील गैस है, जो हवा से लगभग पांच गुना भारी है। यह बिजली नहीं चलाती, इसलिए इसे उच्च वोल्टेज सर्किट ब्रेकर और स्विचगियर के अंदर विद्युतरोधी गैस के रूप में भरा जाता है। यह ज्ञात सबसे ताकतवर ग्रीनहाउस गैसों में से एक है, जिसकी वैश्विक तापन क्षमता कार्बन डाइऑक्साइड से हजारों गुना है, और यह क्योटो प्रोटोकॉल में सूचीबद्ध है। A गलत है क्योंकि S2F6 में दो सल्फर परमाणु चाहिए, जो नाम में नहीं है। C गलत है क्योंकि SF2 सल्फर डाइफ्लोराइड है, जिसमें केवल दो फ्लोरीन परमाणु हैं। D गलत है क्योंकि S6F में संख्याएं उलटी हैं और यह कोई वास्तविक यौगिक नहीं है। परीक्षा टिप: मोनो 1, डाइ 2, ट्राइ 3, टेट्रा 4, पेंटा 5, हेक्सा 6; SF6 = एक सल्फर, छह फ्लोरीन, स्विचगियर में इस्तेमाल।

Q33.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 18th Jan 2023आसान

भारी बोझ ढोने के लिए चौड़ी पट्टियों वाले बैग पसंद किए जाते हैं। इसका कारण है :

  1. A.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब बढ़ जाता है
  2. B.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया बल बढ़ जाता है
  3. C.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब कम हो जाता है
  4. D.संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया बल कम हो जाता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब कम हो जाता है

व्याख्या

सही उत्तर है C, संपर्क क्षेत्रफल बढ़ने से लगाया गया दाब कम हो जाता है। दाब एकांक क्षेत्रफल पर लगने वाला बल है, यानी दाब = बल ÷ क्षेत्रफल, इसलिए समान बल के लिए संपर्क क्षेत्रफल बड़ा होने पर दाब कम हो जाता है। पट्टी पतली हो या चौड़ी, बैग का भार ठीक उतना ही रहता है, पर चौड़ी पट्टी उस भार को कंधे के अधिक हिस्से पर फैला देती है, जिससे कंधे पर दाब कम पड़ता है और पट्टी त्वचा में नहीं गड़ती। इसी विचार से स्कूल बैग की पट्टियाँ, सीट बेल्ट और ट्रैक्टर के टायर चौड़े बनाए जाते हैं। A गलत है क्योंकि यह संबंध को उलटा बताता है, क्षेत्रफल बढ़ने पर दाब घटता है। B और D गलत हैं क्योंकि बल तो बोझ का भार ही है और पट्टी की चौड़ाई उसे बदल नहीं सकती; बदलता केवल दाब है। परीक्षा टिप: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल, इसलिए चौड़ी पट्टी दाब घटाती है और तेज़ धार या पतली नोक दाब बढ़ाती है।

Q34.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 29th Jan 2023आसान

दाब के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प गलत है?

  1. A.समान बल के लिए क्षेत्रफल जितना छोटा होगा, सतह पर दाब उतना अधिक होगा
  2. B.द्रव पात्र की दीवारों पर दाब डालते हैं
  3. C.वायु हम पर वायुमंडलीय दाब डालती है
  4. D.हम वायुमंडलीय दाब महसूस नहीं करते क्योंकि उसकी मात्रा नगण्य होती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. हम वायुमंडलीय दाब महसूस नहीं करते क्योंकि उसकी मात्रा नगण्य होती है

व्याख्या

सही उत्तर है D, यानी यह कथन कि वायुमंडलीय दाब नगण्य होता है। समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब लगभग 1.013 गुणा 10 की घात 5 पास्कल होता है, जो हमारे शरीर के प्रत्येक वर्ग सेंटीमीटर पर करीब एक किलोग्राम भार के बराबर दबाव डालता है, इसलिए यह बहुत अधिक है, नगण्य नहीं। हम इसे महसूस नहीं करते क्योंकि शरीर के भीतर रक्त तथा अन्य तरलों का दाब उतने ही बल से बाहर की ओर धकेलता है और दोनों संतुलित हो जाते हैं। A सही कथन है क्योंकि दाब बल और क्षेत्रफल का अनुपात है, इसलिए छोटे क्षेत्रफल पर वही बल अधिक दाब देता है, इसी कारण चाकू की धार तेज़ और कील की नोक पतली बनाई जाती है। B सही है क्योंकि द्रव हर दिशा में दाब डालता है, तली पर भी और दीवारों पर भी, और गहराई बढ़ने पर यह दाब बढ़ता है। C सही है क्योंकि हमारे ऊपर की वायु के स्तंभ का भार हम पर दाब डालता है। परीक्षा टिप: दाब = बल ÷ क्षेत्रफल; समुद्र तल पर वायुमंडलीय दाब लगभग 1.013 गुणा 10 की घात 5 पास्कल।

Q35.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 4th Feb 2023आसान

एक वस्तु किसी द्रव में अपने आधे आयतन के डूबे रहने के साथ तैरती है। वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल कितना होगा?

  1. A.शून्य
  2. B.उसके भार से कम
  3. C.उसके भार से अधिक
  4. D.उसके भार के बराबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. उसके भार के बराबर

व्याख्या

सही उत्तर है D, उसके भार के बराबर। तैरती हुई वस्तु स्थिर अवस्था में होती है, इसलिए ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावन बल नीचे की ओर लगने वाले भार को ठीक-ठीक संतुलित करता है। आर्किमिडीज के सिद्धांत के अनुसार उत्प्लावन बल हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है, इसलिए तैरती वस्तु सदैव अपने ही भार के बराबर द्रव हटाती है। यहाँ वस्तु का आधा आयतन ही द्रव में है, जिसका अर्थ है कि उतने द्रव का भार पूरी वस्तु के भार के बराबर है, यानी वस्तु का घनत्व द्रव के घनत्व का आधा है। वस्तु का कितना भाग डूबा रहेगा, यह इसी घनत्व के अनुपात पर निर्भर करता है। A गलत है क्योंकि द्रव में डूबी वस्तु पर द्रव हमेशा ऊपर की ओर बल लगाता है। B गलत है क्योंकि कम बल होने पर वस्तु और नीचे धँस जाती। C गलत है क्योंकि अधिक बल होने पर वस्तु ऊपर उठ जाती और कम हिस्सा डूबा रहता। परीक्षा टिप: तैरना यानी उत्प्लावन बल = भार; डूबा भाग = वस्तु का घनत्व ÷ द्रव का घनत्व।

Q36.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस पादप वर्ग के पौधों को शैवाल (एल्गी) कहा जाता है?

  1. A.आवृतबीजी
  2. B.टेरिडोफाइटा
  3. C.ब्रायोफाइटा
  4. D.थैलोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. थैलोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है D, थैलोफाइटा। शैवाल थैलोफाइटा वर्ग में आते हैं, जो पादप जगत का सबसे सरल समूह है। इनका शरीर थैलस कहलाता है, अर्थात वह जड़, तना और पत्ती में विभाजित नहीं होता, और इनमें संवहन ऊतक भी नहीं होते। अधिकांश शैवाल जल में रहते हैं, प्रकाश संश्लेषण से अपना भोजन बनाते हैं और बीजाणुओं द्वारा प्रजनन करते हैं; स्पाइरोगायरा, यूलोथ्रिक्स, कारा और वॉल्वॉक्स इसके सामान्य उदाहरण हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आवृतबीजी पुष्पीय पौधे हैं, जिनके बीज फल के भीतर बंद रहते हैं और जो सबसे विकसित समूह हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि टेरिडोफाइटा, जैसे फर्न, पहले ऐसे पौधे हैं जिनमें संवहन ऊतक होते हैं, यद्यपि इनमें बीज नहीं बनते। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्रायोफाइटा, जैसे मॉस और मार्केंशिया, पादप जगत के उभयचर कहलाते हैं और थैलोफाइटा से एक पायदान ऊपर हैं। परीक्षा टिप: क्रम है - थैलोफाइटा, ब्रायोफाइटा, टेरिडोफाइटा, अनावृतबीजी और आवृतबीजी।

Q37.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 10 Jan 2023, Shift 1मध्यम

मॉस और मार्केंशिया निम्नलिखित में से किसके अंतर्गत आते हैं?

  1. A.शैवाल
  2. B.अनावृतबीजी
  3. C.टेरिडोफाइटा
  4. D.ब्रायोफाइटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. ब्रायोफाइटा

व्याख्या

सही उत्तर है D, ब्रायोफाइटा। मॉस यानी फ्यूनेरिया और लिवरवर्ट मार्केंशिया ब्रायोफाइटा वर्ग के पौधे हैं, जिन्हें पादप जगत के उभयचर कहा जाता है, क्योंकि ये जमीन पर रहते हैं पर प्रजनन के लिए जल की आवश्यकता होती है। ब्रायोफाइटा में सच्ची जड़, तना या पत्ती नहीं होती और संवहन ऊतक भी नहीं होता, इसलिए ये छोटे रह जाते हैं और नम, छायादार स्थानों पर उगते हैं; ये धागे जैसे मूलाभासों से मिट्टी पर टिके रहते हैं और इनके पुंयुग्मक जल की परत में तैरकर स्त्रीयुग्मक तक पहुँचते हैं। मॉस मिट्टी को बाँधकर कटाव रोकते हैं और स्फैग्नम मॉस से पीट मिलती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि शैवाल सरल, मुख्यतः जलीय थैलोफाइटा हैं, जैसे स्पाइरोगायरा और कारा। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनावृतबीजी नग्न बीज वाले बीजधारी पौधे हैं, जैसे चीड़, साइकस और देवदार। विकल्प C गलत है, क्योंकि फर्न और सिलैजिनेला जैसे टेरिडोफाइटा में संवहन ऊतक होता है पर बीज नहीं बनते। परीक्षा टिप: थैलोफाइटा यानी शैवाल, ब्रायोफाइटा यानी मॉस और लिवरवर्ट, टेरिडोफाइटा यानी फर्न, तथा बीजधारी पौधे अनावृतबीजी और आवृतबीजी।

Q38.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 24 Jul 2023, Shift 4कठिन

ल्यूकोप्लास्ट का कौन-सा रूप तेल के संश्लेषण और भंडारण में विशिष्ट होता है और मुख्यतः परागकणों को विकसित करने वाली कोशिकाओं की परत में पाया जाता है?

  1. A.जेरोंटोप्लास्ट
  2. B.प्रोटीनोप्लास्ट
  3. C.क्लोरोप्लास्ट
  4. D.इलियोप्लास्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इलियोप्लास्ट

व्याख्या

सही उत्तर है D, इलियोप्लास्ट। ल्यूकोप्लास्ट पादप कोशिकाओं के रंगहीन प्लास्टिड हैं और हर प्रकार का नाम उसमें संचित पदार्थ पर पड़ा है। इलियोप्लास्ट वे ल्यूकोप्लास्ट हैं जो तेल और वसा बनाते तथा संचित करते हैं। ये परागकोश की टेपीटम परत में अधिक मिलते हैं, जो विकसित हो रहे परागकणों को पोषण देती है और उन पर तेलीय आवरण छोड़ती है। अन्य ल्यूकोप्लास्ट हैं एमाइलोप्लास्ट, जो आलू के कंद और अनाज के दानों में मंड संचित करते हैं, तथा प्रोटीनोप्लास्ट, जो प्रोटीन रखते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि जेरोंटोप्लास्ट वे क्लोरोप्लास्ट हैं जो बूढ़े हो चुके हैं, जैसे पतझड़ में पीली पड़ती पत्ती में। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रोटीनोप्लास्ट, जिन्हें एल्यूरोप्लास्ट भी कहते हैं, प्रोटीन रखते हैं, तेल नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि क्लोरोप्लास्ट हरे वर्णक वाले प्लास्टिड हैं जो प्रकाश संश्लेषण करते हैं, इसलिए वे ल्यूकोप्लास्ट ही नहीं हैं। परीक्षा टिप: संचित पदार्थ से नाम जोड़ें — मंड के लिए एमाइलोप्लास्ट, तेल के लिए इलियोप्लास्ट, प्रोटीन के लिए प्रोटीनोप्लास्ट।

Q39.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 15 Nov 2023, S3मध्यम

हाइड्रोजन आयन अकेले नहीं रह सकते, बल्कि जल के अणुओं के साथ जुड़कर ही रहते हैं। हाइड्रोजन आयनों को दिखाने का सही तरीका निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  1. A.HO-
  2. B.H3O+
  3. C.H2
  4. D.H2SO4
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. H3O+

व्याख्या

सही उत्तर है B, H3O+। हाइड्रोजन आयन (H+) केवल एक नंगा प्रोटॉन होता है, इसलिए यह पानी में अकेला नहीं रह सकता। यह तुरंत पानी के एक अणु से जुड़कर हाइड्रोनियम आयन, H3O+, बना लेता है। इसलिए जब हाइड्रोक्लोरिक अम्ल जैसा कोई अम्ल पानी में घुलता है, तो वास्तव में H3O+ आयन बनते हैं, और यही घोल को अम्लीय बनाते हैं। पानी के बिना अम्ल अम्लीय गुण नहीं दिखाते, इसीलिए सूखी HCl गैस सूखे नीले लिटमस पत्र का रंग नहीं बदलती। विकल्प A गलत है, क्योंकि HO- (OH-) हाइड्रॉक्साइड आयन है, जो क्षारक पानी में देते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि H2 हाइड्रोजन गैस है, एक उदासीन अणु, कोई आयन नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि H2SO4 स्वयं सल्फ्यूरिक अम्ल है, एक यौगिक जो पानी में हाइड्रोजन आयन छोड़ता है। परीक्षा टिप: अम्ल पानी में H3O+ आयन देते हैं और क्षारक OH- आयन; pH 7 वाला घोल उदासीन, 7 से कम अम्लीय और 7 से अधिक क्षारीय होता है।

Q40.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

प्लास्मोडियम की प्रजाति जो घातक मलेरिया का कारण बनती है:

  1. A.विवैक्स
  2. B.फाल्सीपेरम
  3. C.ओवेल
  4. D.मलेरिये
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फाल्सीपेरम

व्याख्या

सही उत्तर है B, फाल्सीपेरम। प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम घातक या सेरेब्रल मलेरिया पैदा करता है, जो इस रोग का सबसे खतरनाक रूप है। इससे संक्रमित लाल रक्त कोशिकाएँ चिपचिपी होकर मस्तिष्क और दूसरे अंगों की छोटी रक्त वाहिकाओं को रोक देती हैं, जिससे इलाज में देर होने पर बेहोशी और मृत्यु तक हो सकती है। मलेरिया मादा एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है; परजीवी पहले यकृत में और फिर लाल रक्त कोशिकाओं में बढ़ता है, और इन कोशिकाओं के फटने से ठंड लगकर तेज़ बुखार के दौर आते हैं। रोनाल्ड रॉस ने भारत में काम करते हुए 1897 में मच्छर से संबंध सिद्ध किया और 1902 में नोबेल पुरस्कार पाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि पी. विवैक्स सौम्य तृतीयक मलेरिया करता है, जो यकृत में छिपी अवस्थाओं से दोबारा लौट सकता है, पर कम ही जानलेवा होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पी. ओवेल मुख्यतः अफ्रीका में मिलने वाला हल्का तृतीयक मलेरिया करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पी. मलेरिये चतुर्थक मलेरिया करता है, जिसमें हर चौथे दिन बुखार आता है। परीक्षा टिप: फाल्सीपेरम = घातक; विवैक्स = सौम्य पर लौटने वाला; मादा एनोफिलीज़ = वाहक।