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GK24

सामान्य विज्ञान पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित – पेज 3

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए सामान्य विज्ञान के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

154 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q41.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group D, 22 Oct 2023, Shift 1आसान

एनोडीकरण निम्नलिखित में से किसके ऑक्साइड की मोटी परत बनाने की प्रक्रिया है?

  1. A.चाँदी
  2. B.एल्युमिनियम
  3. C.स्वर्ण
  4. D.ताँबा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एल्युमिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है B, एल्युमिनियम। हवा के संपर्क में आने पर एल्युमिनियम पर अपने आप एल्युमिनियम ऑक्साइड की एक पतली परत बन जाती है, जो उसे आगे संक्षारण से बचाती है। एनोडीकरण में इसी परत को जानबूझकर मोटा किया जाता है। साफ़ एल्युमिनियम की वस्तु को तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के विद्युत अपघटनी घोल में ऐनोड, यानी धन इलेक्ट्रोड, बनाया जाता है, और ऐनोड पर निकलने वाली ऑक्सीजन गैस धातु से क्रिया करके ऑक्साइड की मोटी परत बना देती है। यह परत संक्षारण और खरोंच से बचाती है और इसे आसानी से आकर्षक रंगों में रंगा जा सकता है, इसीलिए प्रेशर कुकर, खिड़कियों के फ्रेम और कई घरेलू सामानों में एनोडीकृत एल्युमिनियम का उपयोग होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि चाँदी पर सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत नहीं बनती; वह सिल्वर सल्फ़ाइड बनने से काली पड़ती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सोना हवा से लगभग कोई क्रिया नहीं करता, इसलिए उसे ऐसी परत की ज़रूरत नहीं होती। विकल्प D गलत है, क्योंकि नम हवा में ताँबे पर क्षारीय कॉपर कार्बोनेट की हरी परत जमती है, एनोडीकरण वाली ऑक्साइड परत नहीं। परीक्षा टिप: एनोडीकरण यानी एल्युमिनियम पर मोटी ऑक्साइड परत; यशदलेपन (गैल्वनीकरण) यानी लोहे पर जस्ते की परत।

Q42.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group D, 21 Oct 2023, Shift 1आसान

यदि किसी व्यक्ति का वृक्क काम करना बंद कर दे, तो उसके रक्त को कृत्रिम वृक्क द्वारा फिल्टर किया जाता है, अन्यथा वह जीवित नहीं रह सकता। यह प्रक्रिया कहलाती है:

  1. A.उत्सर्जन
  2. B.डायलिसिस
  3. C.प्रस्वेदन
  4. D.निष्कासन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डायलिसिस

व्याख्या

सही उत्तर है B, डायलिसिस। हीमोडायलिसिस में कृत्रिम वृक्क नाम की मशीन से उस मरीज़ का खून साफ़ किया जाता है, जिसके गुर्दे काम करना बंद कर चुके हों। मरीज़ के खून में हेपेरिन जैसा थक्का-रोधी मिलाकर उसे अर्धपारगम्य परत वाली पतली नलियों से गुज़ारा जाता है, जो डायलिसिस द्रव में डूबी रहती हैं। यूरिया जैसे अपशिष्ट पदार्थ इस परत से होकर द्रव में चले जाते हैं, और साफ़ खून शिरा के ज़रिए वापस शरीर में भेज दिया जाता है। गुर्दे पूरी तरह खराब होने पर मरीज़ को यह उपचार नियमित रूप से, अक्सर हफ़्ते में दो-तीन बार, लेना पड़ता है, जब तक गुर्दा प्रत्यारोपण न हो। डच डॉक्टर विलेम कोल्फ़ ने 1943 में पहला कारगर कृत्रिम वृक्क बनाया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि उत्सर्जन शरीर द्वारा अपशिष्ट निकालने की प्राकृतिक क्रिया है, जिसे स्वस्थ गुर्दे करते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रस्वेदन का अर्थ त्वचा से पसीना निकलना है। विकल्प D गलत है, क्योंकि निष्कासन का अर्थ केवल बाहर निकालना है; यह इस उपचार का नाम नहीं है। परीक्षा टिप: गुर्दे की कार्यात्मक इकाई नेफ़्रॉन है, और कृत्रिम वृक्क की प्रक्रिया हीमोडायलिसिस है, जिससे मुख्य रूप से यूरिया निकाला जाता है।

Q43.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper I, 20 Aug 2023आसान

काँसा (ब्रॉन्ज़) किन्हें पिघलाकर बनाई जाने वाली मिश्रधातु है?

  1. A.टिन और ताँबा
  2. B.ताँबा और जस्ता
  3. C.एल्युमिनियम और जस्ता
  4. D.जस्ता और टिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. टिन और ताँबा

व्याख्या

सही उत्तर है A, टिन और ताँबा। काँसा ताँबे और टिन को साथ पिघलाकर बनाया जाता है, जिसमें मुख्य धातु ताँबा होता है। यह शुद्ध ताँबे से कठोर होता है और आसानी से नहीं गलता, इसलिए हज़ारों वर्षों से इससे मूर्तियाँ, घंटियाँ, पदक और बर्तन बनाए जाते रहे हैं। हड़प्पा के लोगों ने काँसे की प्रसिद्ध 'नर्तकी' की मूर्ति ढाली थी, और दक्षिण भारत के चोल शासक नटराज जैसी काँसे की मूर्तियों के लिए जाने जाते हैं। मिश्रधातु किसी धातु का दूसरी धातुओं या किसी अधातु के साथ मिश्रण है, जो कठोरता, मज़बूती और जंग से बचाव जैसे गुण बढ़ाने के लिए बनाया जाता है। B गलत है क्योंकि ताँबा और जस्ता मिलकर पीतल बनाते हैं, काँसा नहीं। C गलत है क्योंकि एल्युमिनियम और जस्ता से काँसा नहीं बनता; ड्यूरेलुमिन जैसी एल्युमिनियम की मिश्रधातुएँ विमानों में काम आती हैं। D गलत है क्योंकि ताँबे के बिना जस्ता और टिन से काँसा नहीं बनता। परीक्षा टिप: काँसा – ताँबा + टिन; पीतल – ताँबा + जस्ता; स्टील – लोहा + कार्बन; स्टेनलेस स्टील में क्रोमियम और निकल भी।

Q44.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 20 Aug 2023मध्यम

A और B अपने हार्मोन तब स्रावित करती हैं जब उन्हें ग्रंथि C से आदेश मिलता है। A, B और C क्रमशः क्या हो सकती हैं?

  1. A.अग्न्याशय, अधिवृक्क ग्रंथियाँ, थायरॉइड
  2. B.थायरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथियाँ, पीयूष ग्रंथि
  3. C.वृषण, अंडाशय, थायरॉइड
  4. D.पीयूष ग्रंथि, अग्न्याशय, थायरॉइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. थायरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथियाँ, पीयूष ग्रंथि

व्याख्या

सही उत्तर है B, थायरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथियाँ, पीयूष ग्रंथि। पीयूष ग्रंथि ऐसे हार्मोन छोड़ती है जो थायरॉइड और अधिवृक्क ग्रंथियों को अपने हार्मोन छोड़ने का आदेश देते हैं। पीयूष ग्रंथि मटर के दाने जितनी होती है और मस्तिष्क के निचले हिस्से से जुड़ी रहती है; कई दूसरी अंतःस्रावी ग्रंथियों को नियंत्रित करने के कारण इसे मास्टर ग्रंथि कहते हैं। उदाहरण के लिए, यह थायरॉइड-उत्तेजक हार्मोन छोड़ती है जिससे थायरॉइड थायरॉक्सिन बनाती है, और एक दूसरा हार्मोन छोड़ती है जिससे अधिवृक्क ग्रंथियाँ अपने हार्मोन छोड़ती हैं। NCERT की कक्षा 8 की विज्ञान की किताब बताती है कि थायरॉइड और अधिवृक्क जैसी ग्रंथियाँ पीयूष ग्रंथि का संदेश मिलने पर हार्मोन स्रावित करती हैं। A गलत है क्योंकि अग्न्याशय रक्त में शर्करा के अनुसार इंसुलिन छोड़ता है, और थायरॉइड बाकी दोनों को आदेश नहीं देती। C गलत है क्योंकि वृषण और अंडाशय भी पीयूष ग्रंथि से आदेश लेते हैं, थायरॉइड से नहीं। D गलत है क्योंकि पीयूष ग्रंथि आदेश देती है, थायरॉइड से आदेश नहीं लेती। परीक्षा टिप: पीयूष – मास्टर ग्रंथि; थायरॉइड – थायरॉक्सिन; अधिवृक्क – एड्रेनालिन; अग्न्याशय – इंसुलिन।

Q45.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 20 Aug 2023मध्यम

माचिस की डिब्बी की रगड़ने वाली सतह पर निम्नलिखित में से कौन-से पदार्थ होते हैं?

  1. A.काँच का चूर्ण और लाल फॉस्फोरस
  2. B.श्वेत फॉस्फोरस और काँच का चूर्ण
  3. C.लाल फॉस्फोरस और मैग्नीशियम
  4. D.पोटैशियम और श्वेत फॉस्फोरस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. काँच का चूर्ण और लाल फॉस्फोरस

व्याख्या

सही उत्तर है A, काँच का चूर्ण और लाल फॉस्फोरस। सेफ्टी माचिस की डिब्बी की खुरदरी पट्टी पर काँच का चूर्ण और थोड़ा-सा लाल फॉस्फोरस लगा होता है, जबकि तीली के सिरे पर ऐन्टिमनी ट्राइसल्फाइड और पोटैशियम क्लोरेट होते हैं। तीली रगड़ने पर घर्षण से कुछ लाल फॉस्फोरस श्वेत फॉस्फोरस में बदल जाता है। यह तुरंत तीली के सिरे के पोटैशियम क्लोरेट से क्रिया करके इतनी ऊष्मा बनाता है कि ऐन्टिमनी ट्राइसल्फाइड जलने लगता है। फॉस्फोरस को डिब्बी पर और बाकी रसायनों को तीली पर रखना ही माचिस को सुरक्षित बनाता है। NCERT की कक्षा 8 की विज्ञान की किताब बताती है कि पहले की माचिसों में श्वेत फॉस्फोरस होता था, जो बनाने वाले मज़दूरों और इस्तेमाल करने वालों दोनों के लिए खतरनाक साबित हुआ। B गलत है क्योंकि सेफ्टी माचिस की रगड़ने वाली सतह पर श्वेत फॉस्फोरस नहीं होता। C गलत है क्योंकि मैग्नीशियम इस पट्टी का हिस्सा नहीं है। D गलत है क्योंकि पट्टी पर न पोटैशियम होता है, न श्वेत फॉस्फोरस। परीक्षा टिप: डिब्बी की पट्टी – लाल फॉस्फोरस और काँच का चूर्ण; तीली का सिरा – ऐन्टिमनी ट्राइसल्फाइड और पोटैशियम क्लोरेट।

Q46.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 14 May 2023आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा हार्मोन अग्नाशय के लैंगरहैंस के आइलेट की बीटा कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है?

  1. A.एड्रेनालिन
  2. B.ग्लूकागॉन
  3. C.इंसुलिन
  4. D.एल्डोस्टीरोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. इंसुलिन

व्याख्या

सही उत्तर है C, इंसुलिन। अग्नाशय एक साथ बहिःस्रावी ग्रंथि भी है, जो आँत में पाचक एंज़ाइम भेजती है, और अंतःस्रावी ग्रंथि भी। इसका अंतःस्रावी भाग कोशिकाओं के छोटे-छोटे समूहों से बना है, जिन्हें लैंगरहैंस के आइलेट (द्वीप) कहते हैं। इनकी बीटा कोशिकाएँ इंसुलिन छोड़ती हैं, जो शरीर की कोशिकाओं में ग्लूकोज़ पहुँचाकर और यकृत में अतिरिक्त ग्लूकोज़ को ग्लाइकोजन के रूप में जमा कराकर रक्त शर्करा घटाता है। जब शरीर में इंसुलिन कम बनता है या ठीक से काम नहीं करता, तो रक्त शर्करा बढ़ी रहती है; इसी को मधुमेह (डायबिटीज़ मेलिटस) कहते हैं। इंसुलिन की खोज 1921 में फ्रेडरिक बैंटिंग और चार्ल्स बेस्ट ने की थी। विकल्प A गलत है, क्योंकि ‘लड़ो या भागो’ हार्मोन एड्रेनालिन अधिवृक्क (एड्रिनल) ग्रंथि के मेड्यूला से निकलता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ग्लूकागॉन इन्हीं आइलेट की अल्फा कोशिकाएँ बनाती हैं और यह रक्त शर्करा बढ़ाता है, यानी इंसुलिन का उल्टा काम करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि एल्डोस्टीरोन अधिवृक्क के कॉर्टेक्स से निकलता है और गुर्दों में सोडियम व पानी रोकने में मदद करता है। परीक्षा टिप: अल्फा कोशिका – ग्लूकागॉन, शर्करा बढ़ाए; बीटा कोशिका – इंसुलिन, शर्करा घटाए।

Q47.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

रंध्र (स्टोमेटा) किसमें परिवर्तन के कारण खुलते या बंद होते हैं?

  1. A.कोशिकाओं में केंद्रक की स्थिति
  2. B.कोशिकाओं की प्रोटीन संरचना
  3. C.कोशिकाओं में जल की मात्रा
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कोशिकाओं में जल की मात्रा

व्याख्या

सही उत्तर है C, कोशिकाओं में जल की मात्रा। हर रंध्र के चारों ओर दो द्वार कोशिकाएँ होती हैं, और इन कोशिकाओं में पानी आने-जाने से ही छिद्र खुलता या बंद होता है। जब द्वार कोशिकाओं में पानी भरता है, तो वे फूलकर स्फीत हो जाती हैं; उनकी भीतरी दीवार बाहरी दीवार से मोटी होती है, इसलिए वे बाहर की ओर मुड़ती हैं और बीच का छिद्र खुल जाता है। पानी निकलने पर वे ढीली (श्लथ) होकर सीधी हो जाती हैं और छिद्र बंद हो जाता है। द्वार कोशिकाओं में पोटैशियम आयनों का आना-जाना इस पानी के बहाव को चलाता है। रंध्र पत्तियों पर, ज़्यादातर निचली सतह पर, बने छोटे छिद्र हैं, जिनसे पौधे कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं, ऑक्सीजन छोड़ते हैं और वाष्पोत्सर्जन में जलवाष्प खोते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि केंद्रक की स्थिति छिद्र को नियंत्रित नहीं करती। विकल्प B गलत है, क्योंकि रंध्र खोलने या बंद करने के लिए कोशिकाओं की प्रोटीन संरचना नहीं बदलती। विकल्प D गलत है, क्योंकि यहाँ कारण केवल एक है, पानी की मात्रा। परीक्षा टिप: स्फीत द्वार कोशिका रंध्र खोलती है, श्लथ द्वार कोशिका उसे बंद करती है।

Q48.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

कुछ धातु ऑक्साइड अम्ल और क्षार, दोनों से अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं। इन्हें उभयधर्मी ऑक्साइड कहते हैं। उभयधर्मी ऑक्साइड के उदाहरण हैं

  1. A.CuO और ZnO
  2. B.Al₂O₃ और ZnO
  3. C.Al₂O₃ और CuO
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. Al₂O₃ और ZnO

व्याख्या

सही उत्तर है B, Al₂O₃ और ZnO। एल्युमिनियम ऑक्साइड और ज़िंक ऑक्साइड अम्ल के साथ क्षार जैसा और क्षार के साथ अम्ल जैसा व्यवहार करते हैं, इसलिए दोनों उभयधर्मी हैं। हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के साथ एल्युमिनियम ऑक्साइड एल्युमिनियम क्लोराइड और पानी बनाता है। सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ ज़िंक ऑक्साइड सोडियम ज़िंकेट और पानी बनाता है। 'उभय' का अर्थ ही है दोनों, और यही इसे याद रखने का सबसे आसान तरीका है। ज़्यादातर धातु ऑक्साइड क्षारीय होते हैं, जबकि कार्बन डाइऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसे अधातु ऑक्साइड अम्लीय होते हैं। सीसे और टिन के ऑक्साइड भी उभयधर्मी होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि कॉपर (II) ऑक्साइड क्षारीय ऑक्साइड है; यह अम्ल से तो अभिक्रिया करता है, क्षार से नहीं। विकल्प C भी इसी कारण गलत है, क्योंकि उसमें भी एल्युमिनियम ऑक्साइड के साथ क्षारीय कॉपर ऑक्साइड जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केवल एक जोड़ी, B, में दोनों ऑक्साइड उभयधर्मी हैं। परीक्षा टिप: उभयधर्मी चार याद रखें, Al, Zn, Pb और Sn, यानी एल्युमिनियम, ज़िंक, सीसा और टिन।

Q49.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Jan 2023, Shift 1आसान

थायमिन को किस विटामिन के नाम से भी जाना जाता है?

  1. A.विटामिन B2
  2. B.विटामिन B3
  3. C.विटामिन B1
  4. D.विटामिन B12
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विटामिन B1

व्याख्या

सही उत्तर है C, विटामिन B1। थायमिन ही विटामिन B1 है, जो पानी में घुलनशील विटामिन है और शरीर को कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा बनाने में मदद करता है तथा नसों और हृदय को ठीक से काम करने में सहायता देता है। इसकी कमी से बेरी-बेरी रोग होता है, जिसमें मांसपेशियां और नसें कमजोर हो जाती हैं। यह रोग पहले उन लोगों में आम था जो ज्यादातर पॉलिश किया चावल खाते थे, क्योंकि पॉलिश करने से दाने की थायमिन वाली बाहरी परत निकल जाती है। साबुत अनाज, दालें, मेवे और खमीर इसके अच्छे स्रोत हैं। पानी में घुलनशील होने के कारण यह शरीर में लंबे समय तक जमा नहीं रहता, इसलिए रोज के भोजन से मिलना चाहिए। A गलत है क्योंकि विटामिन B2 राइबोफ्लेविन है, जिसकी कमी से मुंह के कोनों पर दरारें पड़ती हैं। B गलत है क्योंकि विटामिन B3 नियासिन है, जिसकी कमी से पेलाग्रा होता है। D गलत है क्योंकि विटामिन B12 कोबालामिन है, जिसमें कोबाल्ट होता है और जिसकी कमी से घातक रक्ताल्पता होती है। परीक्षा टिप: B1 थायमिन और बेरी-बेरी; B2 राइबोफ्लेविन; B3 नियासिन और पेलाग्रा; B12 कोबालामिन और घातक रक्ताल्पता।

Q50.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

निम्नलिखित में से किस दूरदर्शी (telescope) में केवल दर्पण होते हैं?

  1. A.गैलीलियन दूरदर्शी
  2. B.केप्लेरियन दूरदर्शी
  3. C.न्यूटोनियन दूरदर्शी
  4. D.श्मिट दूरदर्शी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. न्यूटोनियन दूरदर्शी

व्याख्या

सही उत्तर है C, न्यूटोनियन दूरदर्शी। आइज़क न्यूटन ने 1668 में पहला व्यावहारिक परावर्तक दूरदर्शी बनाया। इसमें तारे का प्रकाश नली के नीचे लगे बड़े अवतल दर्पण पर पड़ता है और ऊपर 45 डिग्री पर लगा छोटा समतल दर्पण उसे बगल में लगी नेत्रिका (eyepiece) की ओर मोड़ देता है। अभिदृश्यक लेंस नहीं बल्कि दर्पण होने से इसमें वर्ण विपथन (chromatic aberration), यानी लेंस से बनने वाली रंगीन किनारी, नहीं होती, और दर्पण को लेंस से कहीं बड़ा व हल्का बनाया जा सकता है। इसीलिए बड़ी वेधशालाओं के अधिकांश दूरदर्शी परावर्तक होते हैं। A, गैलीलियन दूरदर्शी, अपवर्तक है जिसमें उत्तल अभिदृश्यक और अवतल नेत्रिका लेंस होते हैं। B, केप्लेरियन दूरदर्शी भी अपवर्तक है, दो उत्तल लेंसों वाला, और उल्टा प्रतिबिंब देता है। D, श्मिट दूरदर्शी में गोलीय दर्पण के साथ काँच की संशोधक प्लेट लगी होती है, इसलिए वह केवल दर्पणों वाला नहीं है। परीक्षा टिप: अपवर्तक = लेंस (गैलीलियो, केप्लर), परावर्तक = दर्पण (न्यूटन), श्मिट = दर्पण + संशोधक लेंस।

Q51.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

निम्नलिखित में से कौन द्वितीय वर्ग के उत्तोलक (Second Class Lever) का उदाहरण है?

  1. A.कैंची
  2. B.बोतल खोलने वाला (bottle opener)
  3. C.क्रिकेट बैट
  4. D.धनुष-बाण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बोतल खोलने वाला (bottle opener)

व्याख्या

सही उत्तर है B, बोतल खोलने वाला (bottle opener)। उत्तोलकों (levers) का वर्ग इस बात से तय होता है कि आलंब (fulcrum), भार और प्रयास कहाँ हैं। द्वितीय वर्ग के उत्तोलक में भार, आलंब और प्रयास के बीच होता है। बोतल ओपनर में सिरे पर ढक्कन का किनारा आलंब है, उठाया जा रहा ढक्कन बीच में भार है, और दूसरे सिरे पर हाथ प्रयास लगाता है, यानी भार बीच में है। ऐसे उत्तोलक हमेशा बल बढ़ाते हैं, क्योंकि प्रयास-भुजा भार-भुजा से लंबी होती है; ठेला (wheelbarrow) और सरौता इसी तरह काम करते हैं। A, कैंची, प्रथम वर्ग का उत्तोलक है, जिसमें कीलक प्रयास और भार के बीच होता है। C, क्रिकेट बैट, तृतीय वर्ग का उत्तोलक है: नीचे वाला हाथ प्रयास लगाता है, जो ऊपर वाले हाथ (आलंब) और गेंद (भार) के बीच है। D, धनुष-बाण, मुड़े हुए धनुष में स्प्रिंग की तरह ऊर्जा जमा करके काम करता है, इसमें भार आलंब और प्रयास के बीच नहीं रखा जाता। परीक्षा टिप: प्रथम वर्ग में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में, तृतीय में प्रयास बीच में।

Q52.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (II) 2023, 3 Sep 2023आसान

गैल्वनीकरण (Galvanization) लोहे को जंग से बचाने की वह विधि है जिसमें उस पर किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?

  1. A.गैलियम
  2. B.एल्युमिनियम
  3. C.जस्ता (Zinc)
  4. D.चाँदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जस्ता (Zinc)

व्याख्या

सही उत्तर है C, जस्ता (Zinc)। लोहे या इस्पात पर जस्ते की पतली परत चढ़ाने की विधि को गैल्वनीकरण कहते हैं, जिससे नीचे का लोहा जंग से बचा रहता है। सक्रियता श्रेणी में जस्ता लोहे से ऊपर है, इसलिए परत खरोंच जाने पर भी पहले जस्ता ही क्षरित होता है और लोहा सुरक्षित रहता है; इसे बलिदानी सुरक्षा (sacrificial protection) कहते हैं। जस्ते की परत प्रायः वस्तु को पिघले जस्ते में डुबाकर या विद्युत-लेपन से चढ़ाई जाती है। गैल्वनीकृत चादरें छत, पानी के पाइप, बाल्टी और बिजली के खंभों में काम आती हैं। A, गैलियम, एक दुर्लभ और कम गलनांक वाली धातु है, जंग रोकने में इसका प्रयोग नहीं होता। B, एल्युमिनियम, अपनी ऑक्साइड परत बनाता है, पर लोहे पर उसकी परत को गैल्वनीकरण नहीं कहते। D, चाँदी, महँगी है और लोहे से कम सक्रिय है, इसलिए बलिदानी सुरक्षा नहीं दे सकती। परीक्षा टिप: गैल्वनीकरण का अर्थ है लोहे पर जस्ते की परत; लोहे पर टिन की परत को टिनिंग कहते हैं।

Q53.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 14 Aug 2023, Shift 2मध्यम

बल की विमाएँ हैं:

  1. A.[M⁰ L³ T⁰]
  2. B.[M L⁻³ T⁰]
  3. C.[M⁰ L T⁻¹]
  4. D.[M L T⁻²]
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. [M L T⁻²]

व्याख्या

सही उत्तर है D, [M L T⁻²]। न्यूटन के दूसरे नियम से बल = द्रव्यमान × त्वरण। द्रव्यमान की विमा [M] है, और त्वरण = वेग ÷ समय, यानी [L T⁻¹] ÷ [T] = [L T⁻²]। गुणा करने पर बल = [M L T⁻²]। इसका SI मात्रक न्यूटन है, 1 N = 1 kg m s⁻², और CGS मात्रक डाइन है, जहाँ 1 N = 10⁵ डाइन। भार, तनाव, प्रणोद और घर्षण सभी बल हैं, इसलिए इन सबका विमीय सूत्र यही होता है, जो परीक्षा में पूछी जाने वाली पसंदीदा चाल है। विकल्प A गलत है क्योंकि [M⁰ L³ T⁰] असल में [L³] है, जो आयतन की विमा है। विकल्प B गलत है क्योंकि [M L⁻³ T⁰] प्रति इकाई आयतन द्रव्यमान, यानी घनत्व है। विकल्प C गलत है क्योंकि [M⁰ L T⁻¹] प्रति इकाई समय लंबाई, यानी चाल या वेग की विमा है। परीक्षा टिप: परिभाषा से बनाएँ: वेग [L T⁻¹], त्वरण [L T⁻²], बल [M L T⁻²], कार्य और ऊर्जा [M L² T⁻²], शक्ति [M L² T⁻³], दाब [M L⁻¹ T⁻²]।

Q54.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug 2023, Shift 2मध्यम

विटामिन B3 की कमी से होने वाला वह कौन-सा पोषण संबंधी रोग है, जिसके लक्षण त्वचा, पाचन तंत्र और तंत्रिका तंत्र में दिखाई देते हैं?

  1. A.एनीमिया
  2. B.पेलाग्रा
  3. C.बेरीबेरी
  4. D.स्कर्वी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पेलाग्रा

व्याख्या

सही उत्तर है B, पेलाग्रा। पेलाग्रा विटामिन B3, यानी नियासिन या निकोटिनिक अम्ल, की कमी से होता है और इसे तीन D से याद रखा जाता है: डर्मेटाइटिस, धूप में खुली त्वचा पर खुरदुरे काले चकत्ते, डायरिया यानी पाचन तंत्र से दस्त, और डिमेंशिया यानी तंत्रिका तंत्र से भ्रम; इलाज न हो तो चौथा D, डेथ यानी मृत्यु, आता है। यह वहाँ आम था जहाँ मक्का मुख्य भोजन था, क्योंकि मक्के का नियासिन बँधा होता है और आसानी से पचता नहीं, और मक्के में ट्रिप्टोफैन भी कम होता है, जिस अमीनो अम्ल से शरीर नियासिन बनाता है। नियासिन मांस, मछली, मूँगफली, साबुत अनाज और दालों में मिलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि एनीमिया लोहे, विटामिन B12 या फोलिक अम्ल की कमी से होता है, B3 से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि बेरीबेरी विटामिन B1, थायमिन, की कमी का रोग है, जो नसों और हृदय पर असर डालता है। विकल्प D गलत है क्योंकि स्कर्वी, जिसमें मसूड़ों से खून आता है, विटामिन C, एस्कॉर्बिक अम्ल, की कमी से होता है। परीक्षा टिप: B1 = बेरीबेरी, B2 = काइलोसिस, B3 = पेलाग्रा, B12 = पर्निशियस एनीमिया, C = स्कर्वी, D = रिकेट्स।

Q55.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 14 Jul 2023, Shift 2मध्यम

आवर्त 2 और समूह 17 में रखे गए तत्व X की परमाणु संख्या क्या होगी?

  1. A.8
  2. B.7
  3. C.10
  4. D.9
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 9

व्याख्या

सही उत्तर है D, 9। आवर्त 2 में लिथियम (3) से नियॉन (10) तक आठ तत्व हैं, और समूह 17 हैलोजन का स्तंभ है, जिसके सदस्यों की बाहरी कक्षा में सात इलेक्ट्रॉन होते हैं। जो तत्व आवर्त 2 और समूह 17 दोनों में है, वह फ्लोरीन है, जिसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 7 और परमाणु संख्या 9 है। इसे रटे बिना भी निकाला जा सकता है: आवर्त 2 का मतलब दो कक्षाएँ, समूह 17 का मतलब सात संयोजी इलेक्ट्रॉन, यानी कुल इलेक्ट्रॉन 2 + 7 = 9, और उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या ही परमाणु संख्या होती है। फ्लोरीन सबसे अधिक विद्युत-ऋणात्मक तत्व और सबसे क्रियाशील अधातु है। A, 8, ऑक्सीजन है, जो आवर्त 2 में तो है पर समूह 16 में, छह संयोजी इलेक्ट्रॉनों के साथ। B, 7, नाइट्रोजन है, आवर्त 2, समूह 15। C, 10, नियॉन है, आवर्त 2, समूह 18, एक उत्कृष्ट गैस जिसकी कक्षा पूरी भरी है। परीक्षा टिप: आवर्त 2 और 3 के लिए परमाणु संख्या = भीतरी कक्षाओं के इलेक्ट्रॉन + समूह का अंतिम अंक; 2 + 7 से फ्लोरीन, 10 + 7 से क्लोरीन (17)।

Q56.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 1st Jan 2022मध्यम

एक चुंबक को दो टुकड़ों में तोड़ा जाता है। यदि इन दोनों टुकड़ों को एक-दूसरे के पास लाया जाए, तो वे

  1. A.एक-दूसरे को आकर्षित करेंगे।
  2. B.एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करेंगे।
  3. C.आकर्षित या प्रतिकर्षित कर सकते हैं।
  4. D.न आकर्षित करेंगे और न प्रतिकर्षित।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. आकर्षित या प्रतिकर्षित कर सकते हैं।

व्याख्या

सही उत्तर है C, आकर्षित या प्रतिकर्षित कर सकते हैं। किसी चुंबक को काटकर अलग-अलग केवल उत्तरी ध्रुव या केवल दक्षिणी ध्रुव नहीं निकाला जा सकता। छड़ चुंबक टूटते ही प्रत्येक टुकड़ा अपने आप में पूरा चुंबक बन जाता है, जिसके एक सिरे पर उत्तरी और दूसरे सिरे पर दक्षिणी ध्रुव होता है, क्योंकि चुंबकत्व पदार्थ के भीतर के सूक्ष्म चुंबकीय क्षेत्रकों से आता है। इसलिए पास लाने पर क्या होगा, यह केवल इस बात पर निर्भर करता है कि कौन-से सिरे आमने-सामने हैं। यदि एक का उत्तरी ध्रुव दूसरे के दक्षिणी ध्रुव के सामने हो तो आकर्षण होगा, और यदि समान ध्रुव सामने हों तो प्रतिकर्षण। A गलत है क्योंकि आकर्षण दो संभावित परिणामों में से एक ही है। B इसी कारण गलत है, प्रतिकर्षण केवल समान ध्रुवों के सामने आने पर होता है। D गलत है क्योंकि दोनों टुकड़े अब भी चुंबक हैं और उनके बीच बल अवश्य लगेगा। परीक्षा टिप: चुंबकीय ध्रुव सदा जोड़े में होते हैं, इसलिए चुंबक का हर टुकड़ा छोटा पूरा चुंबक होता है।

Q57.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · 6th Jan 2022आसान

जब आप अपने मोबाइल फोन की रिंगटोन की प्रबलता बढ़ाते हैं, तो रिंगटोन की आवृत्ति

  1. A.बढ़ जाती है
  2. B.घट जाती है
  3. C.समान रहती है
  4. D.निर्धारित नहीं की जा सकती
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. समान रहती है

व्याख्या

सही उत्तर है C, समान रहती है। प्रबलता और आवृत्ति ध्वनि के दो अलग-अलग गुण हैं। प्रबलता कंपन के आयाम पर निर्भर करती है, यानी कंपन करने वाला भाग अपनी सामान्य स्थिति से कितनी दूर तक जाता है, जबकि आवृत्ति एक सेकंड में होने वाले कंपनों की संख्या है और इसे हर्ट्ज़ में मापा जाता है। आवाज़ तेज़ करने पर स्पीकर हवा को अधिक ज़ोर से धकेलता है, इसलिए आयाम और प्रबलता बढ़ जाती है, लेकिन धुन के स्वर वही रहते हैं, इसलिए आवृत्ति नहीं बदलती। इसी कारण रिंगटोन तेज़ सुनाई देती है, पर उसका तारत्व ऊँचा नहीं होता। A और B गलत हैं क्योंकि आवृत्ति बदलने से तारत्व बदल जाता और तेज़ रिंगटोन कर्कश या भारी सुनाई देती, जो होता नहीं है। D गलत है क्योंकि यह संबंध निश्चित और जाना-पहचाना है, इसलिए निर्णय किया जा सकता है। परीक्षा टिप: आयाम से प्रबलता, आवृत्ति से तारत्व, और हवा में ध्वनि की चाल केवल माध्यम पर निर्भर।

Q58.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 24 Aug 2022, Shift 2आसान

पौधों में कार्बन डाइऑक्साइड अपशिष्ट उत्पाद के रूप में कब बनती है?

  1. A.श्वसन के दौरान
  2. B.श्वसन और प्रकाश संश्लेषण दोनों के दौरान
  3. C.प्रकाश संश्लेषण के दौरान
  4. D.वाष्पोत्सर्जन के दौरान
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. श्वसन के दौरान

व्याख्या

सही उत्तर है A, श्वसन के दौरान। पौधे दिन और रात दोनों समय श्वसन करते हैं, जिसमें ग्लूकोज के विघटन से ऊर्जा मिलती है और कार्बन डाइऑक्साइड अपशिष्ट के रूप में निकलती है। प्रकाश संश्लेषण इसका उलटा है: पौधा कार्बन डाइऑक्साइड और जल लेता है और क्लोरोफिल द्वारा पकड़ी गई सूर्य की ऊर्जा से ग्लूकोज बनाता है, जबकि अपशिष्ट के रूप में ऑक्सीजन छोड़ता है। दिन में प्रकाश संश्लेषण की दर श्वसन से अधिक होती है, इसलिए कुल मिलाकर हरा पौधा ऑक्सीजन देता है; रात में केवल श्वसन चलता है, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है। इन गैसों का आना-जाना पत्तियों के रंध्रों और काष्ठीय तनों के वातरंध्रों से होता है। B गलत है क्योंकि प्रकाश संश्लेषण कार्बन डाइऑक्साइड बनाता नहीं, खर्च करता है। C भी इसी कारण गलत है, क्योंकि प्रकाश संश्लेषण का अपशिष्ट ऑक्सीजन है। D गलत है क्योंकि वाष्पोत्सर्जन में पौधे से जलवाष्प निकलती है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं। परीक्षा टिप: श्वसन - ऑक्सीजन लेता है, कार्बन डाइऑक्साइड देता है; प्रकाश संश्लेषण - कार्बन डाइऑक्साइड लेता है, ऑक्सीजन देता है।

Q59.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 13 Sept 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित स्थितियों में प्रेरित विभवांतर के परिमाण और दिशा पर विचार करें: (a) एक चुंबक अपने उत्तरी ध्रुव को स्थिर कुंडली की ओर करके 1 मी/से की चाल से चलता है। (b) वही चुंबक अपने दक्षिणी ध्रुव को उसी स्थिर कुंडली की ओर करके 1 मी/से की चाल से चलता है। इन दोनों स्थितियों में प्रेरित विभवांतर ______ परिमाण के होते हैं और उनके चिह्न ______ होते हैं।

  1. A.समान, समान
  2. B.समान, विपरीत
  3. C.भिन्न, विपरीत
  4. D.भिन्न, समान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. समान, विपरीत

व्याख्या

सही उत्तर है B, समान, विपरीत। दोनों स्थितियों में वही चुंबक उसी चाल से चल रहा है, इसलिए कुंडली से जुड़े चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर बराबर रहती है और प्रेरित विभवांतर का परिमाण समान होता है। परंतु कुंडली की ओर दूसरा ध्रुव करने पर कुंडली से गुजरने वाले क्षेत्र की दिशा उलट जाती है, इसलिए प्रेरित विभवांतर का चिह्न विपरीत हो जाता है। यह फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण नियम से निकलता है, जिसके अनुसार प्रेरित विद्युतवाहक बल फ्लक्स परिवर्तन की दर के बराबर होता है, और लेंज के नियम से, जो दिशा तय करता है कि प्रेरित धारा उस परिवर्तन का विरोध करे जिससे वह उत्पन्न हुई। A गलत है क्योंकि ध्रुव बदलने पर चिह्न अवश्य बदलेगा। C गलत है क्योंकि चाल और इसलिए फ्लक्स परिवर्तन की दर वही है, अतः परिमाण बराबर रहेंगे। D दोनों बातों में गलत है। परीक्षा टिप: चाल से परिमाण तय होता है और क्षेत्र की दिशा से चिह्न - परिमाण के लिए फैराडे, दिशा के लिए लेंज।

Q60.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किसका हृदय चार कक्षों वाला होता है?

  1. A.मोर
  2. B.समुद्री घोड़ा
  3. C.मेंढक
  4. D.मछली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मोर

व्याख्या

सही उत्तर है A, मोर। मोर एक पक्षी है और सभी पक्षियों का हृदय स्तनधारियों की तरह चार कक्षों वाला होता है — दो अलिंद और दो निलय। चार कक्ष होने से ऑक्सीजन युक्त और ऑक्सीजन रहित रक्त पूरी तरह अलग-अलग बहते हैं, जिससे शरीर को शुद्ध रक्त मिलता है। पक्षियों और स्तनधारियों को इसकी जरूरत इसलिए होती है क्योंकि वे नियततापी होते हैं और शरीर का तापमान स्थिर रखने में बहुत ऊर्जा खर्च करते हैं; उड़ान इस माँग को और बढ़ा देती है। सरीसृपों में केवल मगरमच्छ का हृदय चार कक्षों वाला होता है। B गलत है क्योंकि समुद्री घोड़ा वास्तव में मछली है और उसका हृदय दो कक्षों — एक अलिंद और एक निलय — वाला होता है। C गलत है क्योंकि मेंढक उभयचर है और उसके हृदय में तीन कक्ष होते हैं, दो अलिंद तथा एक निलय, जिसमें दोनों प्रकार का रक्त मिल जाता है। D गलत है, कारण वही जो समुद्री घोड़े के लिए है। परीक्षा टिप: मछली 2 कक्ष, उभयचर और अधिकांश सरीसृप 3, पक्षी और स्तनधारी 4; मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है।