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GK24

रक्षा पिछले वर्ष के GK प्रश्न

रक्षा की परीक्षाओं, NDA और CDS, के आधिकारिक पेपरों में पूछे गए सामान्य ज्ञान के प्रश्न, एक जगह। हर प्रश्न के साथ सही उत्तर, व्याख्या और यह जानकारी है कि वह किस परीक्षा में, किस वर्ष और किस शिफ्ट में पूछा गया था।

साल के अनुसार प्रश्न देखने के लिए नीचे वर्ष चुनें, या किसी एक परीक्षा के प्रश्नों के लिए उसका पेज खोलें। एक परीक्षा के पुराने प्रश्न दूसरी परीक्षा में भी दोहराए जाते हैं, इसलिए पूरे रक्षा परिवार के प्रश्न साथ में दोहराना तैयारी का तेज तरीका है।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q81.भूगोलपूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024मध्यम

भारत के निम्नलिखित में से किन राज्यों में सूर्य की किरणें कभी लंबवत नहीं पड़तीं? 1. बिहार 2. छत्तीसगढ़ 3. मणिपुर 4. राजस्थान

  1. A.1 और 2
  2. B.1 और 3
  3. C.2 और 3
  4. D.2 और 4
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1 और 3, यानी बिहार और मणिपुर। सूर्य सिर के ठीक ऊपर, यानी दोपहर में लंबवत किरणें, केवल कर्क रेखा (23.5 डिग्री उत्तर) और मकर रेखा (23.5 डिग्री दक्षिण) के बीच के स्थानों पर ही आती हैं। कर्क रेखा भारत के आठ राज्यों से गुज़रती है: गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिज़ोरम। जो राज्य पूरी तरह इस रेखा के उत्तर में है, वहाँ किरणें कभी लंबवत नहीं पड़तीं। बिहार लगभग 24.3 से 27.5 डिग्री उत्तर और मणिपुर लगभग 23.8 से 25.7 डिग्री उत्तर के बीच है, इसलिए दोनों पूरी तरह कर्क रेखा के उत्तर में हैं और वहाँ सूर्य कभी ठीक ऊपर नहीं आता। A और C गलत हैं क्योंकि उनमें छत्तीसगढ़ है, और D गलत है क्योंकि उसमें राजस्थान है; कर्क रेखा दोनों से होकर जाती है, इसलिए उनके दक्षिणी भागों में 21 जून के आसपास किरणें लंबवत पड़ती हैं। परीक्षा टिप: कर्क रेखा वाले आठ राज्य याद रखें: गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिज़ोरम; बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, मणिपुर और असम इस रेखा के उत्तर में हैं।

Q82.भूगोलपूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024मध्यम

कोरिओलिस प्रभाव सबसे अधिक कहाँ होता है?

  1. A.भूमध्य रेखा पर
  2. B.मकर रेखा और कर्क रेखा पर
  3. C.उत्तरी ध्रुव पर
  4. D.दोनों गोलार्धों में 45 डिग्री अक्षांश पर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उत्तरी ध्रुव पर

व्याख्या

सही उत्तर है C, उत्तरी ध्रुव पर। कोरिओलिस बल पृथ्वी के घूर्णन से उत्पन्न आभासी बल है, जो चलती हवा और जल को उत्तरी गोलार्ध में दाईं ओर और दक्षिणी गोलार्ध में बाईं ओर मोड़ देता है। इसका परिमाण अक्षांश की ज्या (sine) के अनुपात में होता है, इसलिए भूमध्य रेखा पर यह शून्य है, क्योंकि 0 डिग्री की ज्या शून्य है, और ध्रुवों पर सबसे अधिक, क्योंकि 90 डिग्री की ज्या एक है। इसीलिए भूमध्य रेखा के लगभग 5 डिग्री के भीतर उष्णकटिबंधीय चक्रवात नहीं बनते, और निम्न दाब के चारों ओर हवाएँ उत्तरी गोलार्ध में वामावर्त और दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिणावर्त घूमती हैं। इसका वर्णन फ्रांसीसी वैज्ञानिक गैस्पार-गुस्ताव द कोरिओलिस ने 1835 में किया था। A, भूमध्य रेखा पर, यह प्रभाव शून्य है, सबसे बड़ा नहीं। B, कर्क और मकर रेखा पर, 23.5 डिग्री पर, प्रभाव छोटा है। D, 45 डिग्री अक्षांश पर प्रभाव ध्रुवों के मान का लगभग 71 प्रतिशत ही है। परीक्षा टिप: कोरिओलिस बल भूमध्य रेखा पर शून्य, ध्रुवों पर अधिकतम, और गतिशील पिंड की चाल बढ़ने पर बढ़ता है।

Q83.भूगोलपूछा गया: NDA · NDA (II) 2023, 3 Sep 2023आसान

भारत में पश्चिमी विक्षोभ से होने वाली वर्षा से निम्नलिखित में से किस फसल को सामान्यतः लाभ होता है?

  1. A.चावल
  2. B.गेहूँ
  3. C.बाजरा
  4. D.कपास
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गेहूँ

व्याख्या

सही उत्तर है B, गेहूँ। पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर पर बनने वाले निम्न दाब तंत्र हैं जो सर्दियों में उपोष्ण पछुआ जेट स्ट्रीम के साथ पूर्व की ओर आते हैं और दिसंबर से फरवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में हल्की वर्षा तथा हिमालय में हिमपात लाते हैं। गेहूँ मुख्य रबी फसल है, जो अक्टूबर-नवंबर में बोई और मार्च-अप्रैल में काटी जाती है, और इसे बढ़ते समय ठंडा मौसम और थोड़ी वर्षा चाहिए; उत्तर भारत में महावट कहलाने वाली यह सर्दी की बारिश गेहूँ के लिए सोना मानी जाती है क्योंकि इससे एक सिंचाई बच जाती है और दाना बेहतर बनता है। A, चावल, खरीफ फसल है जो दक्षिण-पश्चिम मानसून की भारी वर्षा पर निर्भर है। C, बाजरा, राजस्थान और गुजरात के शुष्क क्षेत्रों का खरीफ मोटा अनाज है, जो मानसूनी वर्षा पर उगता है। D, कपास भी खरीफ फसल है, जो मानसून की शुरुआत में बोई और शरद में चुनी जाती है। परीक्षा टिप: पश्चिमी विक्षोभ = उत्तर-पश्चिम भारत की शीतकालीन वर्षा = रबी फसलों गेहूँ, जौ, चना और सरसों के लिए लाभकारी।

Q84.भूगोलपूछा गया: NDA · NDA (I) 2022, 10 Apr 2022आसान

हिम (snow), स्लीट और ओले (hail) किसके रूप हैं?

  1. A.वर्षण (precipitation)
  2. B.संघनन (condensation)
  3. C.वाष्पोत्सर्जन (transpiration)
  4. D.वाष्पीकरण (evaporation)
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वर्षण (precipitation)

व्याख्या

सही उत्तर है A, वर्षण (precipitation)। बादलों से धरती पर गिरने वाला पानी, चाहे तरल हो या ठोस, वर्षण कहलाता है। तापमान हिमांक से ऊपर हो तो यह वर्षा या फुहार के रूप में गिरता है; हिमांक से नीचे जलवाष्प सीधे बर्फ के रवों में बदलकर हिम (snow) के रूप में गिरती है। स्लीट वह वर्षा है जो गिरते समय ठंडी हवा की परत से गुज़रकर छोटे बर्फ के दानों में जम जाती है, और ओले (hail) गरज वाले ऊँचे कपासी-वर्षी बादलों के भीतर परत-दर-परत बने कठोर बर्फ के गोले हैं। ये तीनों ठोस वर्षण के रूप हैं। B, संघनन, जलवाष्प का छोटी बूँदों या बर्फ के रवों में बदलना है, जिससे बादल, ओस, पाला और कोहरा बनते हैं, पर ये बादलों से गिरते नहीं। C, वाष्पोत्सर्जन, पौधों की पत्तियों से जलवाष्प का निकलना है। D, वाष्पीकरण, तरल पानी का वाष्प बनना है, जल चक्र का पहला चरण। परीक्षा टिप: वर्षा, फुहार, हिम, स्लीट, ओले गिरते हैं = वर्षण; ओस, पाला, कोहरा, कुहासा धरती के पास बनते हैं = संघनन।

Q85.भूगोलपूछा गया: NDA · NDA (I) 2021, 18 Apr 2021आसान

हिमाचल और पंजाब से बहने वाली ब्यास नदी किस नदी में मिलती है?

  1. A.सिंधु
  2. B.सतलुज
  3. C.चिनाब
  4. D.रावी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सतलुज

व्याख्या

सही उत्तर है B, सतलुज। ब्यास नदी हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे के पास ब्यास कुंड से निकलती है, मनाली, कुल्लू और मंडी होते हुए पंजाब में प्रवेश करती है और पंजाब के हरिके में सतलुज से मिल जाती है, जहाँ हरिके बैराज और आर्द्रभूमि है। पंजाब की पाँच नदियों में यही अकेली नदी है जो पूरी तरह भारत के भीतर बहती है। काँगड़ा ज़िले में ब्यास पर बना पोंग बाँध देश के सबसे बड़े मिट्टी के बाँधों में है, और ब्यास-सतलुज लिंक इसका पानी भाखड़ा तंत्र तक पहुँचाता है। प्राचीन काल में ब्यास को विपाशा कहते थे, जिसके पार 326 ईसा पूर्व में सिकंदर की सेना ने आगे बढ़ने से मना कर दिया था। A, सिंधु, को पंजाब की नदियों का मिला-जुला पानी पाकिस्तान में पंजनद से ही मिलता है। C, चिनाब में झेलम और रावी मिलती हैं, ब्यास नहीं। D, रावी, ब्यास के पश्चिम में बहती है और पाकिस्तान में चिनाब से मिलती है। परीक्षा टिप: पंजाब की नदियाँ पूर्व से पश्चिम: सतलुज, ब्यास, रावी, चिनाब, झेलम; ब्यास और सतलुज का संगम हरिके।

Q86.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (I) 2021, 18 Apr 2021आसान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 'पूर्ण स्वराज' यानी पूर्ण स्वतंत्रता की माँग कब और कहाँ की?

  1. A.बंबई, 1885
  2. B.लाहौर, 1929
  3. C.खेड़ा, 1917
  4. D.बंबई, 1942
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लाहौर, 1929

व्याख्या

सही उत्तर है B, लाहौर, 1929। दिसंबर 1929 के लाहौर अधिवेशन में, जिसकी अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित कर औपनिवेशिक स्वराज नहीं, पूर्ण स्वतंत्रता को अपना लक्ष्य घोषित किया। 31 दिसंबर 1929 की आधी रात रावी के तट पर तिरंगा फहराया गया और 26 जनवरी 1930 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया; बाद में यही तिथि 1950 में संविधान लागू करने के लिए चुनी गई, इसीलिए 26 जनवरी गणतंत्र दिवस है। इसी अधिवेशन ने गांधीजी को सविनय अवज्ञा शुरू करने का अधिकार दिया, जो मार्च 1930 में दांडी मार्च से शुरू हुई। A, बंबई, 1885, कांग्रेस का पहला अधिवेशन था, अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी, जिसमें केवल सीमित सुधार माँगे गए। C, खेड़ा, 1917, गलत है: खेड़ा किसान सत्याग्रह 1918 का है और चंपारण 1917 का। D, बंबई, 1942, वह अधिवेशन था जिसमें 8 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित हुआ। परीक्षा टिप: लाहौर 1929, अध्यक्ष नेहरू, पूर्ण स्वराज, पहला स्वतंत्रता दिवस 26 जनवरी 1930।

Q87.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (I) 2024, 21 Apr 2024मध्यम

भारतीय इतिहास में शासकों के नाम और चित्र वाले पहले सिक्के किसने जारी किए?

  1. A.मौर्य
  2. B.पुष्यभूति
  3. C.गुप्त
  4. D.हिंद-यवन (Indo-Greeks)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. हिंद-यवन (Indo-Greeks)

व्याख्या

सही उत्तर है D, हिंद-यवन (Indo-Greeks)। लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से भारत के उत्तर-पश्चिम पर राज करने वाले हिंद-यवन राजा भारतीय इतिहास में पहले थे जिन्होंने सिक्कों पर शासक का नाम और चित्र अंकित किया; एक ओर यूनानी लेख और दूसरी ओर खरोष्ठी लिपि में प्राकृत होती थी। मिनांडर (मिलिंद) के सिक्के सबसे प्रसिद्ध हैं, जो बौद्ध ग्रंथ मिलिंदपन्हो में आते हैं। सिक्कों पर राजा का मुख और नाम रखने की यह परंपरा बाद में कुषाणों और गुप्तों ने अपनाई। तीस से अधिक हिंद-यवन राजाओं के नाम मुख्यतः इन्हीं सिक्कों से पता चलते हैं, जिनमें से अधिकांश के बारे में और कोई स्रोत नहीं है। A, मौर्यों ने आहत (punch-marked) चाँदी के सिक्के चलाए, जिन पर प्रतीक थे, नाम या चित्र नहीं। B, थानेसर और कन्नौज के पुष्यभूति, हर्ष का वंश, बहुत बाद, छठी-सातवीं शताब्दी ई. में आए। C, गुप्तों ने राजा के चित्र वाले सुंदर स्वर्ण दीनार चलाए, पर वे हिंद-यवन और कुषाण उदाहरण के अनुयायी थे। परीक्षा टिप: शासक के नाम और चित्र वाले पहले सिक्के = हिंद-यवन; बड़ी मात्रा में पहले स्वर्ण सिक्के = कुषाण; आहत सिक्के = मौर्य।

Q88.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023आसान

बंगाल के किस गवर्नर-जनरल पर ब्रिटिश संसद में महाभियोग की कार्यवाही चलाई गई?

  1. A.रॉबर्ट क्लाइव
  2. B.हेनरी वैंसिटार्ट
  3. C.वारेन हेस्टिंग्स
  4. D.लॉर्ड कॉर्नवालिस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वारेन हेस्टिंग्स

व्याख्या

सही उत्तर है C, वारेन हेस्टिंग्स। वारेन हेस्टिंग्स 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट के तहत बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल बने और 1773 से 1785 तक पद पर रहे। इंग्लैंड लौटने पर हाउस ऑफ कॉमन्स ने 1787 में उन पर भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोपों में महाभियोग चलाया, जिनमें बनारस के राजा चैत सिंह और अवध की बेगमों के साथ उनका व्यवहार शामिल था। एडमंड बर्क ने अभियोजन का नेतृत्व किया और हाउस ऑफ लॉर्ड्स में मुकदमा 1788 से 1795 तक चला, जिसके अंत में वे सभी आरोपों से बरी हुए। यह ब्रिटिश इतिहास का सबसे प्रसिद्ध महाभियोग है। A, रॉबर्ट क्लाइव, बंगाल के गवर्नर थे, 1773 में संसदीय जाँच का सामना किया पर महाभियोग नहीं चला, और 1774 में उनकी मृत्यु हो गई। B, हेनरी वैंसिटार्ट, 1760 से 1764 तक बंगाल के गवर्नर रहे, उन पर महाभियोग नहीं चला। D, लॉर्ड कॉर्नवालिस, हेस्टिंग्स के उत्तराधिकारी थे और 1793 के स्थायी बंदोबस्त के लिए जाने जाते हैं। परीक्षा टिप: हेस्टिंग्स, बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल, महाभियोग 1787, बरी 1795।

Q89.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023आसान

समुद्रगुप्त की 'प्रयाग प्रशस्ति' की रचना निम्नलिखित में से किसने की?

  1. A.हरिषेण
  2. B.चंद बरदाई
  3. C.विशाखदत्त
  4. D.कालिदास
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हरिषेण

व्याख्या

सही उत्तर है A, हरिषेण। प्रयाग प्रशस्ति, जिसे इलाहाबाद स्तंभ अभिलेख भी कहते हैं, गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त (लगभग 335 से 375 ई.) की संस्कृत में लिखी प्रशंसा है, जिसे उनके दरबारी कवि और मंत्री हरिषेण ने रचा; हरिषेण संधिविग्रहिक (युद्ध और शांति मंत्री) और कुमारामात्य पद पर थे। यह अभिलेख इलाहाबाद किले में रखे अशोक स्तंभ पर खुदा है और उन राजाओं की सूची देता है जिन्हें समुद्रगुप्त ने उत्तर में उखाड़ फेंका और दक्षिण में हराकर छोड़ दिया; इसीलिए इतिहासकार उन्हें भारत का नेपोलियन कहते हैं। चम्पू शैली में लिखी यह प्रशस्ति उन्हें कवि और संगीतज्ञ भी बताती है। B, चंद बरदाई, ने बारहवीं शताब्दी में पृथ्वीराज रासो लिखा। C, विशाखदत्त, ने चंद्रगुप्त मौर्य और चाणक्य पर नाटक मुद्राराक्षस लिखा। D, कालिदास, अभिज्ञानशाकुंतलम् और मेघदूत के कवि, चंद्रगुप्त द्वितीय से जुड़े हैं, इस अभिलेख से नहीं। परीक्षा टिप: हरिषेण, प्रयाग प्रशस्ति, समुद्रगुप्त; रविकीर्ति, ऐहोल अभिलेख, पुलकेशिन द्वितीय।

Q90.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024आसान

तक्षशिला प्राचीन भारत के निम्नलिखित में से किस महाजनपद की राजधानी थी?

  1. A.कुरु
  2. B.काशी
  3. C.गांधार
  4. D.अवंति
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गांधार

व्याख्या

सही उत्तर है C, गांधार। बौद्ध ग्रंथों में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपद गिनाए गए हैं, और उत्तर-पश्चिम में पेशावर व रावलपिंडी क्षेत्र वाले गांधार की राजधानी तक्षशिला थी, जो आज पाकिस्तान में इस्लामाबाद के पास है। तक्षशिला उत्तरापथ व्यापार मार्ग पर थी और विद्या का प्रसिद्ध केंद्र बनी, जिसे परंपरा पाणिनि, चाणक्य और वैद्य जीवक से जोड़ती है। इसके खंडहर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं। बाद में कुषाणों के समय गांधार कला शैली के लिए भी यह क्षेत्र प्रसिद्ध हुआ। A, कुरु, की राजधानी दिल्ली के पास इंद्रप्रस्थ थी और हस्तिनापुर दूसरा केंद्र था। B, काशी, की राजधानी वाराणसी थी। D, अवंति, मालवा में था, जिसकी राजधानी उज्जैन और दक्षिण में महिष्मती थी। परीक्षा टिप: जोड़ों में याद रखें: गांधार-तक्षशिला, अवंति-उज्जैन, कोसल-श्रावस्ती, वत्स-कौशांबी, और मगध-राजगीर, बाद में पाटलिपुत्र।

Q91.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2022, 10 Apr 2022आसान

तारों का टिमटिमाना वायुमंडल में तारों के प्रकाश के किस कारण से होता है?

  1. A.विवर्तन (diffraction)
  2. B.परावर्तन (reflection)
  3. C.अपवर्तन (refraction)
  4. D.प्रकीर्णन (scattering)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अपवर्तन (refraction)

व्याख्या

सही उत्तर है C, अपवर्तन (refraction)। तारे का प्रकाश आँख तक पहुँचने से पहले वायु की कई परतों से गुज़रता है, और इन परतों का तापमान व घनत्व लगातार बदलता रहता है, इसलिए उनका अपवर्तनांक भी बदलता रहता है। प्रकाश हर क्षण थोड़ा अलग मुड़ता है, तारे की आभासी स्थिति थोड़ी खिसकती रहती है और आँख में आने वाले प्रकाश की मात्रा घटती-बढ़ती है। यही झिलमिलाहट (twinkling) है। तारा इतना दूर है कि बिंदु-स्रोत जैसा दिखता है, इसलिए छोटे बदलाव भी आसानी से दिखते हैं। ग्रह पास हैं और छोटी तश्तरी जैसे दिखते हैं; उनके कई बिंदुओं का प्रकाश औसत हो जाता है, इसलिए ग्रह नहीं टिमटिमाते। A, विवर्तन, किनारों के पास प्रकाश का मुड़ना है, यह कारण नहीं है। B, परावर्तन, सतह से प्रकाश को लौटाता है, इससे तारा नहीं झिलमिलाता। D, प्रकीर्णन से आकाश नीला दिखता है, पर झिलमिलाहट नहीं होती। परीक्षा टिप: तारों का टिमटिमाना और जल्दी सूर्योदय वायुमंडलीय अपवर्तन से; नीला आकाश और लाल सूर्यास्त प्रकीर्णन से।

Q92.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

निम्नलिखित में से किस दूरदर्शी (telescope) में केवल दर्पण होते हैं?

  1. A.गैलीलियन दूरदर्शी
  2. B.केप्लेरियन दूरदर्शी
  3. C.न्यूटोनियन दूरदर्शी
  4. D.श्मिट दूरदर्शी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. न्यूटोनियन दूरदर्शी

व्याख्या

सही उत्तर है C, न्यूटोनियन दूरदर्शी। आइज़क न्यूटन ने 1668 में पहला व्यावहारिक परावर्तक दूरदर्शी बनाया। इसमें तारे का प्रकाश नली के नीचे लगे बड़े अवतल दर्पण पर पड़ता है और ऊपर 45 डिग्री पर लगा छोटा समतल दर्पण उसे बगल में लगी नेत्रिका (eyepiece) की ओर मोड़ देता है। अभिदृश्यक लेंस नहीं बल्कि दर्पण होने से इसमें वर्ण विपथन (chromatic aberration), यानी लेंस से बनने वाली रंगीन किनारी, नहीं होती, और दर्पण को लेंस से कहीं बड़ा व हल्का बनाया जा सकता है। इसीलिए बड़ी वेधशालाओं के अधिकांश दूरदर्शी परावर्तक होते हैं। A, गैलीलियन दूरदर्शी, अपवर्तक है जिसमें उत्तल अभिदृश्यक और अवतल नेत्रिका लेंस होते हैं। B, केप्लेरियन दूरदर्शी भी अपवर्तक है, दो उत्तल लेंसों वाला, और उल्टा प्रतिबिंब देता है। D, श्मिट दूरदर्शी में गोलीय दर्पण के साथ काँच की संशोधक प्लेट लगी होती है, इसलिए वह केवल दर्पणों वाला नहीं है। परीक्षा टिप: अपवर्तक = लेंस (गैलीलियो, केप्लर), परावर्तक = दर्पण (न्यूटन), श्मिट = दर्पण + संशोधक लेंस।

Q93.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

निम्नलिखित में से कौन द्वितीय वर्ग के उत्तोलक (Second Class Lever) का उदाहरण है?

  1. A.कैंची
  2. B.बोतल खोलने वाला (bottle opener)
  3. C.क्रिकेट बैट
  4. D.धनुष-बाण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बोतल खोलने वाला (bottle opener)

व्याख्या

सही उत्तर है B, बोतल खोलने वाला (bottle opener)। उत्तोलकों (levers) का वर्ग इस बात से तय होता है कि आलंब (fulcrum), भार और प्रयास कहाँ हैं। द्वितीय वर्ग के उत्तोलक में भार, आलंब और प्रयास के बीच होता है। बोतल ओपनर में सिरे पर ढक्कन का किनारा आलंब है, उठाया जा रहा ढक्कन बीच में भार है, और दूसरे सिरे पर हाथ प्रयास लगाता है, यानी भार बीच में है। ऐसे उत्तोलक हमेशा बल बढ़ाते हैं, क्योंकि प्रयास-भुजा भार-भुजा से लंबी होती है; ठेला (wheelbarrow) और सरौता इसी तरह काम करते हैं। A, कैंची, प्रथम वर्ग का उत्तोलक है, जिसमें कीलक प्रयास और भार के बीच होता है। C, क्रिकेट बैट, तृतीय वर्ग का उत्तोलक है: नीचे वाला हाथ प्रयास लगाता है, जो ऊपर वाले हाथ (आलंब) और गेंद (भार) के बीच है। D, धनुष-बाण, मुड़े हुए धनुष में स्प्रिंग की तरह ऊर्जा जमा करके काम करता है, इसमें भार आलंब और प्रयास के बीच नहीं रखा जाता। परीक्षा टिप: प्रथम वर्ग में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में, तृतीय में प्रयास बीच में।

Q94.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024मध्यम

मानव गुर्दे के नेफ्रॉन का कौन-सा भाग उत्सर्जन के लिए रक्त के निस्यंदन (filtration) का काम करता है?

  1. A.संग्रह नलिका (Collecting duct)
  2. B.वृक्क शिरा (Renal vein)
  3. C.मूत्रवाहिनी (Ureter)
  4. D.बोमन संपुट (Bowman's capsule)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बोमन संपुट (Bowman's capsule)

व्याख्या

सही उत्तर है D, बोमन संपुट (Bowman's capsule)। मनुष्य के हर गुर्दे में लगभग दस लाख नेफ्रॉन होते हैं और हर नेफ्रॉन की शुरुआत प्याले जैसे बोमन संपुट से होती है, जिसके भीतर केशिकाओं का गुच्छा, ग्लोमेरुलस, होता है। रक्त दबाव के साथ ग्लोमेरुलस में आता है और पानी, लवण, ग्लूकोज़, यूरिया जैसे छोटे अणु उसकी दीवार से छनकर संपुट में चले जाते हैं; इसे अति-निस्यंदन (ultrafiltration) कहते हैं, जो मूत्र बनने का पहला चरण है। प्रोटीन और रक्त कोशिकाएँ बड़ी होने से रक्त में ही रह जाती हैं। इसके बाद निस्यंद नलिका में बहता है, जहाँ ग्लूकोज़ और अधिकांश पानी वापस अवशोषित हो जाता है। A, संग्रह नलिका, केवल कई नेफ्रॉनों का मूत्र इकट्ठा कर गुर्दे की श्रोणि तक पहुँचाती है। B, वृक्क शिरा, छना हुआ रक्त गुर्दे से बाहर ले जाती है और नेफ्रॉन का भाग नहीं है। C, मूत्रवाहिनी, गुर्दे से मूत्राशय तक मूत्र ले जाने वाली नली है। परीक्षा टिप: बोमन संपुट + ग्लोमेरुलस = मैल्पीघी काय, नेफ्रॉन का छन्ना।

Q95.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024आसान

मनुष्यों में निम्नलिखित में से कौन-सा रोग विटामिन D की कमी से होता है?

  1. A.बेरीबेरी
  2. B.स्कर्वी
  3. C.रिकेट्स
  4. D.निमोनिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रिकेट्स

व्याख्या

सही उत्तर है C, रिकेट्स। विटामिन D आँत में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण में मदद करता है, इसलिए इसकी कमी में बढ़ते बच्चे की हड्डियाँ कोमल रह जाती हैं और मुड़ जाती हैं; टेढ़ी टाँगें, उभरी छाती और बड़ा माथा दिखता है। इसी रोग को रिकेट्स (सूखा रोग) कहते हैं। वयस्कों में यही कमी ऑस्टियोमलेशिया, यानी बनी हुई हड्डियों का नरम पड़ना, पैदा करती है। विटामिन D को धूप वाला विटामिन कहते हैं क्योंकि त्वचा पर धूप पड़ने से शरीर इसे स्वयं बनाता है; मछली के जिगर का तेल, अंडे की जर्दी और दूध इसके स्रोत हैं। इसका रासायनिक नाम कैल्सिफेरॉल है। A, बेरीबेरी, विटामिन B1 (थायमिन) की कमी से होता है और नसों व हृदय को प्रभावित करता है। B, स्कर्वी, विटामिन C (एस्कॉर्बिक अम्ल) की कमी से होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आता है। D, निमोनिया, फेफड़ों का संक्रमण है, जो जीवाणु या विषाणु से होता है, कमी का रोग नहीं। परीक्षा टिप: जोड़े याद रखें: A रतौंधी, B1 बेरीबेरी, C स्कर्वी, D रिकेट्स, K रक्त का देर से जमना।

Q96.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2024, 21 Apr 2024मध्यम

LIGO प्रयोग ने किस सिद्धांत की एक भविष्यवाणी की पुष्टि की?

  1. A.स्ट्रिंग सिद्धांत
  2. B.विशेष सापेक्षता सिद्धांत
  3. C.क्वांटम यांत्रिकी
  4. D.सामान्य सापेक्षता सिद्धांत
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सामान्य सापेक्षता सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है D, सामान्य सापेक्षता सिद्धांत। अमेरिका की LIGO (लेज़र इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल-वेव ऑब्ज़र्वेटरी) ने सितंबर 2015 में पहली बार गुरुत्वीय तरंगों का पता लगाया (घोषणा फरवरी 2016 में हुई), और इन तरंगों की भविष्यवाणी आइंस्टाइन ने 1916 में सामान्य सापेक्षता सिद्धांत में की थी। सामान्य सापेक्षता गुरुत्व को दिक्-काल (space-time) की वक्रता मानती है और कहती है कि विशाल त्वरित पिंड, जैसे आपस में टकराते दो ब्लैक होल, दिक्-काल में प्रकाश की गति से लहरें भेजते हैं। हैनफोर्ड और लिविंगस्टन के दो डिटेक्टरों ने भुजा की लंबाई में प्रोटॉन से भी छोटा परिवर्तन मापा। भारत महाराष्ट्र के हिंगोली में तीसरा डिटेक्टर LIGO-India बना रहा है। A, स्ट्रिंग सिद्धांत की कोई भविष्यवाणी अब तक किसी प्रयोग से सिद्ध नहीं हुई। B, विशेष सापेक्षता स्थिर चाल वाली गति से जुड़ी है, इसमें गुरुत्व शामिल नहीं। C, क्वांटम यांत्रिकी परमाणुओं और कणों का वर्णन करती है, गुरुत्वीय तरंगों का नहीं। परीक्षा टिप: LIGO = गुरुत्वीय तरंगें = सामान्य सापेक्षता; इसके लिए 2017 का भौतिकी नोबेल वाइस, बैरिश और थॉर्न को मिला।

Q97.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2024, 21 Apr 2024आसान

निम्नलिखित में से किसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया कहा जाता है?

  1. A.मैग्नीशियम बाइकार्बोनेट
  2. B.मैग्नीशियम कार्बोनेट
  3. C.मैग्नीशियम सल्फेट
  4. D.मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर है D, मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड। मिल्क ऑफ मैग्नीशिया पानी में मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, Mg(OH)2, का सफेद निलंबन है और इसके दूध जैसे रूप से ही यह नाम पड़ा। यह एक दुर्बल क्षारक है, इसलिए पेट के अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को उदासीन करने के लिए इसे एंटासिड के रूप में लिया जाता है; अधिक मात्रा में यह रेचक (laxative) का काम करता है। पानी में बहुत कम घुलने के कारण यह पेट को अधिक क्षारीय नहीं बनाता, इसीलिए दवा के रूप में सुरक्षित है। A, मैग्नीशियम बाइकार्बोनेट, केवल विलयन में रहता है, दवा नहीं है। B, मैग्नीशियम कार्बोनेट, चॉक और खिलाड़ियों के हाथ सुखाने वाले पाउडर में प्रयोग होता है, उसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया नहीं कहते। C, मैग्नीशियम सल्फेट, एप्सम साल्ट है, जो नहाने के नमक और विरेचक के रूप में काम आता है। परीक्षा टिप: सामान्य नाम याद रखें: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया = Mg(OH)2, एप्सम साल्ट = MgSO4.7H2O, मिल्क ऑफ लाइम = Ca(OH)2 का निलंबन।

Q98.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (II) 2023, 3 Sep 2023आसान

गैल्वनीकरण (Galvanization) लोहे को जंग से बचाने की वह विधि है जिसमें उस पर किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?

  1. A.गैलियम
  2. B.एल्युमिनियम
  3. C.जस्ता (Zinc)
  4. D.चाँदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जस्ता (Zinc)

व्याख्या

सही उत्तर है C, जस्ता (Zinc)। लोहे या इस्पात पर जस्ते की पतली परत चढ़ाने की विधि को गैल्वनीकरण कहते हैं, जिससे नीचे का लोहा जंग से बचा रहता है। सक्रियता श्रेणी में जस्ता लोहे से ऊपर है, इसलिए परत खरोंच जाने पर भी पहले जस्ता ही क्षरित होता है और लोहा सुरक्षित रहता है; इसे बलिदानी सुरक्षा (sacrificial protection) कहते हैं। जस्ते की परत प्रायः वस्तु को पिघले जस्ते में डुबाकर या विद्युत-लेपन से चढ़ाई जाती है। गैल्वनीकृत चादरें छत, पानी के पाइप, बाल्टी और बिजली के खंभों में काम आती हैं। A, गैलियम, एक दुर्लभ और कम गलनांक वाली धातु है, जंग रोकने में इसका प्रयोग नहीं होता। B, एल्युमिनियम, अपनी ऑक्साइड परत बनाता है, पर लोहे पर उसकी परत को गैल्वनीकरण नहीं कहते। D, चाँदी, महँगी है और लोहे से कम सक्रिय है, इसलिए बलिदानी सुरक्षा नहीं दे सकती। परीक्षा टिप: गैल्वनीकरण का अर्थ है लोहे पर जस्ते की परत; लोहे पर टिन की परत को टिनिंग कहते हैं।

Q99.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: NDA · 14 नवंबर 2021मध्यम

निम्नलिखित में से किसने राज्य के नीति निदेशक तत्वों को भारत के संविधान की अनोखी विशेषता बताया?

  1. A.जवाहरलाल नेहरू
  2. B.राजेंद्र प्रसाद
  3. C.एस.एन. मुखर्जी
  4. D.बी.आर. आंबेडकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बी.आर. आंबेडकर

व्याख्या

सही उत्तर बी.आर. आंबेडकर है। प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. आंबेडकर ने नीति निदेशक तत्वों को संविधान की एक "अनोखी विशेषता" बताया। उन्होंने इनकी तुलना उस अनुदेश पत्र (इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शंस) से भी की जो भारत शासन अधिनियम, 1935 के तहत गवर्नर-जनरल और गवर्नरों को दिया जाता था, एक अंतर के साथ: संविधान के तहत ये निर्देश किसी औपनिवेशिक शक्ति की ओर से नहीं, बल्कि जनता की ओर से सरकार को दिए गए हैं।

जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव रखा और प्रस्तावना को आकार दिया, लेकिन यह वर्णन उनका नहीं है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष थे। एस.एन. मुखर्जी सभा में संविधान के मुख्य प्रारूपकार थे, यानी वह अधिकारी जिन्होंने इसके प्रावधानों को कानूनी भाषा में ढाला, इसलिए वे एक चतुर भ्रामक विकल्प हैं। दूसरे प्रसिद्ध वर्णनों को भी उनके लेखकों के साथ याद रखें: के.टी. शाह ने नीति निदेशक तत्वों को "बैंक की सुविधा पर भुगतान होने वाला चेक" कहा, और टी.टी. कृष्णमाचारी ने इन्हें "भावनाओं का कूड़ादान" कहा।