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GK24

रक्षा 2021 पिछले वर्ष के GK प्रश्न

रक्षा 2021 में पूछे गए GK प्रश्न, उत्तर और व्याख्या सहित।

पिछले वर्ष के प्रश्न

Q1.भूगोलपूछा गया: CDS · 7 Feb 2021मध्यम

कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई प्रणाली किस राज्य में बनाई गई है?

  1. A.केरल
  2. B.गुजरात
  3. C.तेलंगाना
  4. D.महाराष्ट्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. तेलंगाना

व्याख्या

सही उत्तर C, तेलंगाना है। कालेश्वरम परियोजना गोदावरी और प्राणहिता के संगम के पास गोदावरी से जल उठाती है और बैराजों, पंप गृहों, सुरंगों तथा नहरों की शृंखला से उसे तेलंगाना के अपेक्षाकृत सूखे जिलों तक पहुँचाती है; इसे एकल भंडारण बांध के स्थान पर बहुस्तरीय उद्वहन सिंचाई योजना कहा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि केरल की सबसे बड़ी सिंचाई और विद्युत परियोजनाएँ पेरियार पर हैं, जैसे इडुक्की चाप बांध। विकल्प B गलत है, क्योंकि गुजरात की प्रमुख परियोजना नर्मदा पर सरदार सरोवर है। विकल्प D गलत है, क्योंकि महाराष्ट्र की सबसे प्रसिद्ध परियोजना कोयना नदी पर कोयना बांध है, जबकि उकाई गुजरात में ताप्ती पर है। इस विषय में राज्य, नदी और संरचना के प्रकार की जोड़ी याद रखें, क्योंकि प्रश्न यही जाँचता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · 14 Nov 2021आसान

विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाने वाली प्रकाश किरण:

  1. A.धीमी होती है और अभिलंब से दूर मुड़ती है
  2. B.धीमी होती है और अभिलंब की ओर मुड़ती है
  3. C.तेज होती है और अभिलंब से दूर मुड़ती है
  4. D.तेज होती है और अभिलंब की ओर मुड़ती है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. धीमी होती है और अभिलंब की ओर मुड़ती है

व्याख्या

सही उत्तर B, वह धीमी होती है और अभिलंब की ओर मुड़ती है है। सघन माध्यम का अपवर्तनांक अधिक होता है, और अपवर्तनांक निर्वात में प्रकाश की चाल में माध्यम की चाल का भाग है, इसलिए उसके भीतर प्रकाश को धीमा चलना ही पड़ता है। जब किरण सतह पर तिरछी पड़ती है तो तरंगाग्र का जो भाग पहले प्रवेश करता है वही पहले धीमा होता है, जिससे किरण अभिलंब की ओर झुक जाती है। वायु से काँच और वायु से जल इसके मानक उदाहरण हैं।

विकल्प A में चाल का परिवर्तन सही है पर मुड़ने की दिशा गलत। विकल्प C उल्टी स्थिति का वर्णन करता है, जब प्रकाश सघन से विरल माध्यम में जाता है। विकल्प D में दोनों बातें गलत हैं। अभिलंब के अनुदिश पड़ने वाली किरण विशेष स्थिति है, जो बिना मुड़े निकल जाती है यद्यपि उसकी चाल तब भी बदलती है।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 7 फरवरी 2021मध्यम

अविश्वास प्रस्ताव किसके विरुद्ध लाया जाता है?

  1. A.किसी एक मंत्री के विरुद्ध।
  2. B.मंत्रिपरिषद के विरुद्ध।
  3. C.प्रधानमंत्री के विरुद्ध।
  4. D.किसी राजनीतिक दल के विरुद्ध।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मंत्रिपरिषद के विरुद्ध।

व्याख्या

सही उत्तर मंत्रिपरिषद के विरुद्ध। है। अविश्वास प्रस्ताव यह जांचता है कि सरकार को अब भी लोकसभा का समर्थन है या नहीं, और चूंकि अनुच्छेद 75(3) के तहत मंत्रिपरिषद उस सदन के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी है, इसलिए यह प्रस्ताव पूरी परिषद के विरुद्ध लाया जाता है, कभी किसी एक मंत्री के विरुद्ध नहीं। यह केवल लोकसभा में लाया जा सकता है, इसे स्वीकार होने के लिए कम से कम 50 सदस्यों का समर्थन चाहिए और इसमें कारण बताना ज़रूरी नहीं। पारित होने पर पूरी परिषद को त्यागपत्र देना होता है।

किसी एक मंत्री को अविश्वास प्रस्ताव से निशाना नहीं बनाया जा सकता; संसद किसी मंत्री की नीति पर अपनी नाराज़गी निंदा प्रस्ताव से जता सकती है, जिसमें कारण बताना ज़रूरी है। प्रधानमंत्री को भी अकेले निशाना नहीं बनाया जाता: प्रस्ताव उस सरकार के विरुद्ध होता है जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री करते हैं। कोई राजनीतिक दल सदन के प्रति उत्तरदायी ही नहीं है। लोकसभा में पहला अविश्वास प्रस्ताव 1963 में जवाहरलाल नेहरू की सरकार के विरुद्ध आचार्य जे.बी. कृपलानी ने रखा था, और वह गिर गया।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (II) 2021, 14 Nov 2021मध्यम

अतिरिक्त वायु की उपस्थिति में प्रबल तापन द्वारा सल्फाइड अयस्कों को ऑक्साइडों में रूपांतरित करने की प्रक्रिया का नाम क्या है?

  1. A.निस्तापन
  2. B.भर्जन (रोस्टिंग)
  3. C.प्रगलन
  4. D.भस्मीकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भर्जन (रोस्टिंग)

व्याख्या

सही उत्तर है B, भर्जन (रोस्टिंग)। भर्जन में सल्फाइड अयस्क को भरपूर हवा में तेज गर्म किया जाता है, जिससे सल्फाइड ऑक्साइड में बदल जाता है और सल्फर, सल्फर डाइऑक्साइड गैस बनकर निकल जाता है। मानक उदाहरण जिंक ब्लेंड है: 2ZnS + 3O2 से 2ZnO + 2SO2 बनता है। ऑक्साइड को कार्बन से धातु में अपचयित करना आसान होता है, इसीलिए जिंक, लेड और कॉपर के अयस्क पहले इस चरण से गुजरते हैं। मुख्य अंतर याद रखें: भर्जन में अधिक हवा और सल्फाइड अयस्क, जबकि निस्तापन में कम या बिना हवा और कार्बोनेट अयस्क। A गलत है, निस्तापन में कैलामाइन जैसे कार्बोनेट अयस्क को सीमित हवा में गर्म करते हैं, जैसे ZnCO3 से ZnO और CO2 बनते हैं। C गलत है, प्रगलन बाद का चरण है, जिसमें भट्टी में अपचायक और गालक (फ्लक्स) के साथ ऑक्साइड को धातु में बदला जाता है। D गलत है, भस्मीकरण कचरे को ऊंचे तापमान पर जलाना है, धातु निष्कर्षण का कोई चरण नहीं। परीक्षा टिप: सल्फाइड अयस्क, भर्जन, अधिक हवा; कार्बोनेट अयस्क, निस्तापन, कम या बिना हवा।

Q5.भूगोलपूछा गया: CDS · CDS (II) 2021, 14 Nov 2021आसान

पर्वतों से आने वाले झरने और नदियाँ चट्टानों और गोलाश्मों (बोल्डर) की भारी सामग्री कहाँ निक्षेप करते हैं?

  1. A.खादर
  2. B.बांगर
  3. C.भाबर
  4. D.तराई
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. भाबर

व्याख्या

सही उत्तर है C, भाबर। हिमालय से निकलकर मैदान में पहुंचते ही नदियों की गति अचानक घटती है और वे सबसे भारी सामग्री, यानी कंकड़ और बोल्डर, सबसे पहले भाबर पट्टी में जमा कर देती हैं। भाबर लगभग 8 से 16 किलोमीटर चौड़ी संकरी पट्टी है, जो शिवालिक की तलहटी में सिंधु से तीस्ता तक फैली है। यहां की जमीन इतनी छिद्रयुक्त है कि ज्यादातर धाराएं जमीन के अंदर चली जाती हैं और गायब सी लगती हैं। इसके दक्षिण में यही पानी फिर ऊपर आता है और नम, दलदली तराई क्षेत्र बनाता है, जो कभी घने जंगलों और वन्यजीवों से भरा था। A गलत है, खादर बाढ़ के मैदानों का नया, महीन जलोढ़ है, जो लगभग हर साल बाढ़ से नया होता है। B गलत है, बांगर बाढ़ स्तर से ऊंचे भाग का पुराना जलोढ़ है, जिसमें कंकड़ नामक चूने की गांठें मिलती हैं। D गलत है, तराई भाबर के नीचे है, जहां गायब धाराएं फिर निकलती हैं और मिट्टी महीन व नम होती है, बोल्डर वाली नहीं। परीक्षा टिप: पहाड़ से नीचे क्रम, भाबर (बोल्डर, धाराएं गायब), तराई (धाराएं वापस, दलदल), फिर बांगर पुराना और खादर नया जलोढ़।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (II) 2021, 14 Nov 2021आसान

निम्नलिखित में से किस प्राचीन भारतीय राजा की प्रयाग प्रशस्ति में भूरि-भूरि प्रशंसा की गई है?

  1. A.अशोक
  2. B.हर्षवर्धन
  3. C.समुद्रगुप्त
  4. D.बिंदुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. समुद्रगुप्त

व्याख्या

सही उत्तर है C, समुद्रगुप्त। प्रयाग प्रशस्ति, जिसे इलाहाबाद स्तंभ लेख भी कहते हैं, उन्हीं की प्रशंसा में लिखी गई लंबी संस्कृत कविता है। इसे उनके दरबारी कवि और मंत्री हरिषेण ने रचा और यह अशोक के एक पुराने स्तंभ पर खुदी है, जो अब इलाहाबाद (प्रयागराज) किले में है। इसमें समुद्रगुप्त द्वारा उत्तर और दक्षिण में हराए गए राजाओं, कर देने वाले सीमावर्ती राज्यों और आटविक राज्यों की सूची है, और उन्हें कवि तथा वीणा वादक बताया गया है, जैसा उनके सिक्कों पर भी दिखता है। उनकी व्यापक विजयों के कारण इतिहासकार वी. ए. स्मिथ ने उन्हें 'भारत का नेपोलियन' कहा। A गलत है, उसी स्तंभ पर अशोक के अपने अभिलेख हैं, उनकी प्रशंसा वाली प्रशस्ति नहीं। B गलत है, हर्षवर्धन की प्रशंसा बाणभट्ट के हर्षचरित में है, इस अभिलेख में नहीं। D गलत है, प्रयाग में अशोक के पिता, मौर्य राजा बिंदुसार की कोई प्रशस्ति नहीं है। परीक्षा टिप: प्रयाग प्रशस्ति, हरिषेण, समुद्रगुप्त; ऐहोल अभिलेख, रविकीर्ति, पुलकेशिन द्वितीय।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS (I) 2021, 7 Feb 2021आसान

संसद के 44वें संशोधन अधिनियम द्वारा निम्नलिखित में से किसे समाप्त किया गया था?

  1. A.शोषण के विरुद्ध अधिकार
  2. B.संवैधानिक उपचारों का अधिकार
  3. C.संपत्ति का अधिकार
  4. D.शिक्षा का अधिकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. संपत्ति का अधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है C, संपत्ति का अधिकार। 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 ने इसे मौलिक अधिकारों की सूची से हटा दिया। 1978 से पहले संपत्ति की रक्षा अनुच्छेद 19(1)(च) और अनुच्छेद 31 करते थे। जनता सरकार ने दोनों को हटाकर भाग XII में नया अनुच्छेद 300क जोड़ा, जिसके अनुसार किसी व्यक्ति को विधि के प्राधिकार के बिना उसकी संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा। इसलिए अब संपत्ति केवल संवैधानिक और कानूनी अधिकार है: इसके लिए अनुच्छेद 226 में हाई कोर्ट जा सकते हैं, पर अनुच्छेद 32 में सीधे सुप्रीम कोर्ट नहीं। A गलत है, अनुच्छेद 23 और 24 का शोषण के विरुद्ध अधिकार आज भी मौलिक अधिकार है। B गलत है, अनुच्छेद 32 का संवैधानिक उपचारों का अधिकार बना हुआ है; अंबेडकर ने इसे संविधान का हृदय और आत्मा कहा था। D गलत है, शिक्षा का अधिकार हटाया नहीं गया, बल्कि 86वें संशोधन, 2002 से अनुच्छेद 21क के रूप में जोड़ा गया। परीक्षा टिप: 44वां संशोधन 1978, संपत्ति अनुच्छेद 19(1)(च) और 31 से निकलकर अनुच्छेद 300क में।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS (II) 2021, 14 Nov 2021मध्यम

भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत पंचायतों में महिलाओं के लिए स्थानों (सीटों) के आरक्षण का उपबंध किया गया है?

  1. A.अनुच्छेद 243 ख
  2. B.अनुच्छेद 243 ग
  3. C.अनुच्छेद 243 घ
  4. D.अनुच्छेद 243 ङ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 243 घ

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 243 घ (243 D)। यही अनुच्छेद पंचायतों में सीटों के आरक्षण से जुड़ा है, जिसमें महिलाओं की सीटें भी शामिल हैं। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 से जोड़ा गया अनुच्छेद 243 घ अनुसूचित जातियों और जनजातियों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में सीटें देता है और कुल सीटों में से कम से कम एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करता है, SC-ST सीटों के भीतर भी। अध्यक्ष के पदों पर भी हर स्तर पर यही एक-तिहाई नियम लागू होता है। बिहार से शुरुआत करके कई राज्यों ने अपने कानून से महिलाओं का हिस्सा 50 प्रतिशत कर दिया है। A गलत है, अनुच्छेद 243 ख गांव, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतों के गठन की बात करता है। B गलत है, अनुच्छेद 243 ग पंचायतों की संरचना बताता है। D गलत है, अनुच्छेद 243 ङ पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष तय करता है। परीक्षा टिप: 243 ख गठन, 243 ग संरचना, 243 घ आरक्षण, 243 ङ पांच साल का कार्यकाल।

Q9.भूगोलपूछा गया: NDA · NDA (I) 2021, 18 Apr 2021आसान

हिमाचल और पंजाब से बहने वाली ब्यास नदी किस नदी में मिलती है?

  1. A.सिंधु
  2. B.सतलुज
  3. C.चिनाब
  4. D.रावी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सतलुज

व्याख्या

सही उत्तर है B, सतलुज। ब्यास नदी हिमाचल प्रदेश में रोहतांग दर्रे के पास ब्यास कुंड से निकलती है, मनाली, कुल्लू और मंडी होते हुए पंजाब में प्रवेश करती है और पंजाब के हरिके में सतलुज से मिल जाती है, जहाँ हरिके बैराज और आर्द्रभूमि है। पंजाब की पाँच नदियों में यही अकेली नदी है जो पूरी तरह भारत के भीतर बहती है। काँगड़ा ज़िले में ब्यास पर बना पोंग बाँध देश के सबसे बड़े मिट्टी के बाँधों में है, और ब्यास-सतलुज लिंक इसका पानी भाखड़ा तंत्र तक पहुँचाता है। प्राचीन काल में ब्यास को विपाशा कहते थे, जिसके पार 326 ईसा पूर्व में सिकंदर की सेना ने आगे बढ़ने से मना कर दिया था। A, सिंधु, को पंजाब की नदियों का मिला-जुला पानी पाकिस्तान में पंजनद से ही मिलता है। C, चिनाब में झेलम और रावी मिलती हैं, ब्यास नहीं। D, रावी, ब्यास के पश्चिम में बहती है और पाकिस्तान में चिनाब से मिलती है। परीक्षा टिप: पंजाब की नदियाँ पूर्व से पश्चिम: सतलुज, ब्यास, रावी, चिनाब, झेलम; ब्यास और सतलुज का संगम हरिके।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: NDA · NDA (I) 2021, 18 Apr 2021आसान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 'पूर्ण स्वराज' यानी पूर्ण स्वतंत्रता की माँग कब और कहाँ की?

  1. A.बंबई, 1885
  2. B.लाहौर, 1929
  3. C.खेड़ा, 1917
  4. D.बंबई, 1942
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लाहौर, 1929

व्याख्या

सही उत्तर है B, लाहौर, 1929। दिसंबर 1929 के लाहौर अधिवेशन में, जिसकी अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने की, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित कर औपनिवेशिक स्वराज नहीं, पूर्ण स्वतंत्रता को अपना लक्ष्य घोषित किया। 31 दिसंबर 1929 की आधी रात रावी के तट पर तिरंगा फहराया गया और 26 जनवरी 1930 को पहला स्वतंत्रता दिवस मनाया गया; बाद में यही तिथि 1950 में संविधान लागू करने के लिए चुनी गई, इसीलिए 26 जनवरी गणतंत्र दिवस है। इसी अधिवेशन ने गांधीजी को सविनय अवज्ञा शुरू करने का अधिकार दिया, जो मार्च 1930 में दांडी मार्च से शुरू हुई। A, बंबई, 1885, कांग्रेस का पहला अधिवेशन था, अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी, जिसमें केवल सीमित सुधार माँगे गए। C, खेड़ा, 1917, गलत है: खेड़ा किसान सत्याग्रह 1918 का है और चंपारण 1917 का। D, बंबई, 1942, वह अधिवेशन था जिसमें 8 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो प्रस्ताव पारित हुआ। परीक्षा टिप: लाहौर 1929, अध्यक्ष नेहरू, पूर्ण स्वराज, पहला स्वतंत्रता दिवस 26 जनवरी 1930।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: NDA · 14 नवंबर 2021मध्यम

निम्नलिखित में से किसने राज्य के नीति निदेशक तत्वों को भारत के संविधान की अनोखी विशेषता बताया?

  1. A.जवाहरलाल नेहरू
  2. B.राजेंद्र प्रसाद
  3. C.एस.एन. मुखर्जी
  4. D.बी.आर. आंबेडकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बी.आर. आंबेडकर

व्याख्या

सही उत्तर बी.आर. आंबेडकर है। प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. आंबेडकर ने नीति निदेशक तत्वों को संविधान की एक "अनोखी विशेषता" बताया। उन्होंने इनकी तुलना उस अनुदेश पत्र (इंस्ट्रूमेंट ऑफ इंस्ट्रक्शंस) से भी की जो भारत शासन अधिनियम, 1935 के तहत गवर्नर-जनरल और गवर्नरों को दिया जाता था, एक अंतर के साथ: संविधान के तहत ये निर्देश किसी औपनिवेशिक शक्ति की ओर से नहीं, बल्कि जनता की ओर से सरकार को दिए गए हैं।

जवाहरलाल नेहरू ने उद्देश्य प्रस्ताव रखा और प्रस्तावना को आकार दिया, लेकिन यह वर्णन उनका नहीं है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष थे। एस.एन. मुखर्जी सभा में संविधान के मुख्य प्रारूपकार थे, यानी वह अधिकारी जिन्होंने इसके प्रावधानों को कानूनी भाषा में ढाला, इसलिए वे एक चतुर भ्रामक विकल्प हैं। दूसरे प्रसिद्ध वर्णनों को भी उनके लेखकों के साथ याद रखें: के.टी. शाह ने नीति निदेशक तत्वों को "बैंक की सुविधा पर भुगतान होने वाला चेक" कहा, और टी.टी. कृष्णमाचारी ने इन्हें "भावनाओं का कूड़ादान" कहा।