संघ के लेखाओं से संबंधित भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के लेखापरीक्षा प्रतिवेदन किसे प्रस्तुत किए जाएँगे?
- A.राष्ट्रपति
- B.लोक सभा अध्यक्ष
- C.प्रधानमंत्री
- D.उपराष्ट्रपति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, राष्ट्रपति। अनुच्छेद 151(1) के अनुसार संघ के लेखाओं से संबंधित CAG के प्रतिवेदन राष्ट्रपति को सौंपे जाते हैं, जो उन्हें संसद के प्रत्येक सदन के सामने रखवाते हैं।
अनुच्छेद 148 के तहत नियुक्त CAG संघ और राज्यों की सभी प्राप्तियों और खर्चों की लेखापरीक्षा करता है। संघ के प्रतिवेदन राष्ट्रपति को जाते हैं, जबकि अनुच्छेद 151(2) के तहत किसी राज्य के लेखाओं के प्रतिवेदन राज्यपाल को जाते हैं, जो उन्हें राज्य विधानमंडल के सामने रखवाते हैं। संसद में इन प्रतिवेदनों की जाँच लोक लेखा समिति करती है, जिसके लिए CAG मित्र, दार्शनिक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है। CAG छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक पद पर रहता है और उसे केवल सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की तरह ही हटाया जा सकता है।
विकल्प B गलत है क्योंकि अध्यक्ष के पास प्रतिवेदन तभी पहुँचते हैं जब राष्ट्रपति उन्हें सदन में रखवाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रधानमंत्री उसी कार्यपालिका के प्रमुख हैं जिसके खर्च की लेखापरीक्षा होती है, इसलिए प्रतिवेदन उन्हें नहीं जाते। विकल्प D गलत है क्योंकि लेखापरीक्षा प्रतिवेदन प्राप्त करने में उपराष्ट्रपति की कोई भूमिका नहीं है।
परीक्षा टिप: अनुच्छेद 151, संघ के प्रतिवेदन राष्ट्रपति को, राज्य के प्रतिवेदन राज्यपाल को।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंराज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.यह विवेकाधीन शक्ति नहीं है।
- B.राज्यपाल किसी भी समय अध्यादेश वापस ले सकता है।
- C.अध्यादेश की शक्ति का प्रयोग तब किया जा सकता है जब विधानमंडल सत्र में न हो।
- D.अध्यादेश जारी करने के लिए मंत्रियों की सहायता और सलाह आवश्यक नहीं है।
उत्तर देखें
राज्यपाल मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद की सहायता और सलाह पर ही अध्यादेश जारी करता है। अनुच्छेद 213 राज्यपाल को अध्यादेश जारी करने की शक्ति देता है और अनुच्छेद 163 कहता है कि जहाँ संविधान विवेक की अनुमति न दे, वहाँ वह मंत्रियों की सलाह पर काम करेगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
- A.यह अधिनियम घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला की रक्षा के लिए सिविल उपचार प्रदान करता है।
- B.इस कानून के तहत केवल महिलाएँ ही शिकायत कर सकती हैं।
- C.राहत केवल पति या उस पुरुष लिव-इन साथी के विरुद्ध माँगी जा सकती है जिसके साथ महिला घरेलू संबंध में रही हो।
- D.इस अधिनियम में केवल पत्नियाँ ही नहीं, बल्कि विवाह जैसे संबंधों में रहने वाली महिलाएँ भी शामिल हैं।
उत्तर देखें
अधिनियम के तहत राहत केवल पति या पुरुष साथी तक सीमित नहीं है; उसके रिश्तेदारों के विरुद्ध भी शिकायत की जा सकती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किसे राज्यों के विधानमंडल का भाग नहीं माना जाता?
- A.राज्यपाल
- B.विधानसभा
- C.विधान परिषद
- D.मुख्यमंत्री
उत्तर देखें
मुख्यमंत्री राज्य मंत्रिपरिषद के प्रमुख हैं, जो कार्यपालिका का अंग है, संविधान में परिभाषित विधानमंडल का नहीं। अनुच्छेद 168 कहता है कि हर राज्य का एक विधानमंडल होगा, जिसमें राज्यपाल और एक या दो सदन होंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल की घोषणा की जा सकती है यदि भारत के किसी भाग की सुरक्षा को खतरा हो 1. युद्ध से 2. बाहरी आक्रमण से 3. सशस्त्र विद्रोह से 4. आंतरिक अशांति से नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.1, 2 और 3
- B.2, 3 और 4
- C.1, 3 और 4
- D.केवल 1 और 2
उत्तर देखें
1978 के 44वें संशोधन के बाद राष्ट्रीय आपातकाल केवल युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के आधार पर ही घोषित किया जा सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्यपाल की अध्यादेश जारी करने की शक्ति के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. यह एक विवेकाधीन शक्ति है। 2. राज्यपाल स्वयं किसी भी समय अध्यादेश वापस लेने में सक्षम नहीं है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह पर अध्यादेश जारी करता है और उसे किसी भी समय वापस ले सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →