'फ़र्र-ए-इज़ादी' का विचार, जिस पर मुग़ल राजत्व आधारित था, सबसे पहले निम्नलिखित में से किस सूफ़ी संत ने विकसित किया था?
- A.शिहाबुद्दीन सुहरावर्दी
- B.निज़ामुद्दीन औलिया
- C.इब्न अल-अरबी
- D.बायज़ीद बिस्तामी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, शिहाबुद्दीन सुहरावर्दी। फ़र्र-ए-इज़ादी, यानी ईश्वर से निकलने वाला दैवी प्रकाश, का विचार सबसे पहले बारहवीं शताब्दी के ईरानी सूफ़ी चिंतक शिहाबुद्दीन सुहरावर्दी ने विकसित किया था।
अकबर के दरबारी इतिहासकार अबुल फ़ज़ल ने अकबरनामा और आइन-ए-अकबरी में इसी विचार के सहारे मुग़ल राजत्व को दैवी प्रकाश के पदानुक्रम में सबसे ऊपर रखा। इस विचार के अनुसार ईश्वर का प्रकाश राजा तक पहुँचता था, और राजा अपनी प्रजा के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शन का स्रोत बन जाता था। मुग़ल दरबारी चित्रकार इसे दिखाने के लिए सम्राट के सिर के चारों ओर प्रभामंडल बनाते थे। सुहरावर्दी का प्रकाश-दर्शन, जो प्रकाश को समस्त अस्तित्व का आधार मानता है, अबुल फ़ज़ल के इस सिद्धांत का आधार बना।
विकल्प B गलत है क्योंकि निज़ामुद्दीन औलिया चौदहवीं शताब्दी में दिल्ली के चिश्ती संत थे, जो शासकों से दूरी रखने के लिए जाने जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि इब्न अल-अरबी वहदत-उल-वुजूद, यानी अस्तित्व की एकता, के सिद्धांत के लिए प्रसिद्ध हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि बायज़ीद बिस्तामी आरंभिक फ़ारसी सूफ़ी थे, जो ईश्वर में स्वयं को मिटा देने वाली अपनी भावपूर्ण उक्तियों के लिए जाने जाते हैं।
परीक्षा टिप: फ़र्र-ए-इज़ादी = सुहरावर्दी का विचार, अबुल फ़ज़ल ने अकबर के लिए अपनाया; वहदत-उल-वुजूद = इब्न अल-अरबी।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किसकी/किनकी स्थापना राजा राममोहन राय ने की थी?
1. आत्मीय सभा
2. ब्रह्म समाज
3. प्रार्थना समाज
4. आर्य समाज
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2
- C.केवल 1 और 2
- D.1, 3 और 4
उत्तर देखें
राजा राममोहन राय ने 1815 में आत्मीय सभा और 1828 में ब्रह्म सभा की स्थापना की, जो आगे चलकर ब्रह्म समाज कहलाई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ब्रिटिश भारत के किस राजनेता ने ऐसे पाकिस्तान का विरोध किया था जिसका अर्थ "यहाँ मुस्लिम राज और अन्यत्र हिंदू राज" होता?
- A.खान अब्दुल गफ्फार खान
- B.सिकंदर हयात खान
- C.मौलाना अबुल कलाम आज़ाद
- D.रफ़ी अहमद किदवई
उत्तर देखें
पंजाब के प्रधानमंत्री (प्रीमियर) के रूप में उन्होंने मार्च 1941 में पंजाब विधानसभा में कहा था कि वे ऐसी आज़ादी नहीं चाहते जिसमें "यहाँ मुस्लिम राज और अन्यत्र हिंदू राज" हो, और अगर पाकिस्तान का यही अर्थ है तो उनका उससे कोई लेना-देना नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शिमला को सैनिकों के ठहरने, सीमा की रक्षा करने और अभियान चलाने के रणनीतिक स्थान के रूप में एक पर्वतीय स्थल के तौर पर किस युद्ध के दौरान बसाया गया था?
- A.आंग्ल-मराठा युद्ध
- B.आंग्ल-बर्मा युद्ध
- C.आंग्ल-गोरखा युद्ध
- D.आंग्ल-अफगान युद्ध
उत्तर देखें
1814-16 के आंग्ल-गोरखा युद्ध के दौरान शिमला अंग्रेजों के नियंत्रण में आया और पहाड़ी सीमा पर एक सैनिक चौकी के रूप में विकसित हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1921 में निम्नलिखित में से किस दौरे के दौरान गांधीजी ने गरीबों से जुड़ाव दिखाने के लिए सिर मुंडवाया और लंगोटी पहनना शुरू किया?
- A.अहमदाबाद
- B.चंपारण
- C.चौरी चौरा
- D.दक्षिण भारत
उत्तर देखें
सितंबर 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान दक्षिण भारत की यात्रा करते हुए गांधीजी ने मदुरै में कुर्ता और टोपी छोड़कर साधारण लंगोटी अपना ली।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हर्षचरित में भास्कर नामक शासक द्वारा हर्षवर्धन को भेजे गए विभिन्न उपहारों का उल्लेख है। भास्कर किस वंश से संबंधित था?
- A.मगध का हर्यक वंश
- B.असम का वर्मन वंश
- C.उत्तर भारत का नंद वंश
- D.उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें
भास्करवर्मन कामरूप, यानी प्राचीन असम, का राजा और हर्ष का घनिष्ठ मित्र था। हर्षचरित की रचना सातवीं शताब्दी में कन्नौज के राजा हर्षवर्धन के दरबारी कवि बाणभट्ट ने की थी।
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