भारत में बौद्ध स्तूपों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.अशोक ने स्तूप पूजा को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- B.ये बुद्ध और अन्य भिक्षुओं के अवशेषों के भंडार थे।
- C.ये ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित थे।
- D.ये व्यापार मार्गों के निकट स्थित थे।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, ये ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित थे। स्तूप प्रायः नगरों के पास और व्यापार मार्गों पर बनाए गए, जहाँ व्यापारी और नगरवासी आकर उन्हें दान दे सकते थे।
स्तूप एक अर्धगोलाकार टीला है जो बुद्ध या पूज्य भिक्षुओं के अवशेषों के ऊपर बनाया जाता है। बुद्ध के निधन के बाद उनके अवशेष आठ स्तूपों में बाँटे गए थे और परंपरा के अनुसार अशोक ने उन्हें अपने साम्राज्य में हजारों नए स्तूपों में बँटवाया। साँची, भरहुत और अमरावती जैसे बड़े स्तूप व्यस्त मार्गों और नगरों के निकट थे। इनके अभिलेखों में व्यापारियों, श्रेणियों और कारीगरों के दान दर्ज हैं, जो बौद्ध धर्म और व्यापार के गहरे संबंध को दिखाते हैं।
विकल्प A सही कथन है क्योंकि अशोक के संरक्षण से स्तूप पूजा दूर-दूर तक फैली। विकल्प B सही है क्योंकि अवशेष रखना ही स्तूप का मूल उद्देश्य है। विकल्प D सही है क्योंकि साँची जैसे स्थल प्रमुख व्यापार मार्गों पर थे।
परीक्षा टिप: स्तूप यानी अवशेषों का टीला; साँची स्तूप अशोक ने शुरू कराया और शुंग व सातवाहन काल में उसका विस्तार हुआ।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएलिफेंटा द्वीप के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.इसका नाम अंग्रेज़ों ने वहाँ स्थित हाथी की एक विशाल आकृति के कारण रखा था।
- B.इसमें केवल एक बड़ी गुफा है।
- C.यह विष्णुधर्मोत्तर पुराण में वर्णित विष्णु की एक भव्य नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
- D.यह पाशुपत संप्रदाय से जुड़ा है।
उत्तर देखें
एलिफेंटा की गुफाएँ शैव शैलकृत मंदिर हैं और विद्वान इनकी मूर्तिकला को शिव के उपासक पाशुपत संप्रदाय से जोड़ते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'इनवैल्यूएबल ट्रेज़र्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया' टैगलाइन किसके लोगो से संबंधित है?
- A.भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- B.भारत पर्यटन विकास निगम
- C.भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
- D.भारत के भौगोलिक संकेतक (GI)
उत्तर देखें
नवंबर 2018 में वाणिज्य मंत्रालय के औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग ने GI टैग वाले उत्पादों के लिए एक साझा लोगो जारी किया, जिसकी टैगलाइन थी "इनवैल्यूएबल ट्रेज़र्स ऑफ इनक्रेडिबल इंडिया"।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नालायिर दिव्य प्रबंधम के 10वीं शताब्दी के रचयिता कौन था/थे?
- A.आलवार
- B.नयनार
- C.अप्पार
- D.संबंदर
उत्तर देखें
तमिल वैष्णव परंपरा के 4,000 पवित्र पदों का संग्रह नालायिर दिव्य प्रबंधम बारह आलवारों की रचना है, जिसे 10वीं शताब्दी में एक संग्रह के रूप में संकलित किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित पर विचार कीजिए : 1. तुगलकाबाद किला 2. लोधी गार्डन में बड़ा गुंबद 3. कुतुब मीनार 4. फतेहपुर सीकरी उपर्युक्त स्मारकों के निर्माण का सही कालानुक्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.3, 1, 4, 2
- B.3, 1, 2, 4
- C.1, 3, 2, 4
- D.1, 3, 4, 2
उत्तर देखें
सबसे पहले कुतुब मीनार बनी, फिर तुगलकाबाद किला, फिर लोदी काल का बड़ा गुंबद और अंत में मुगल नगर फतेहपुर सीकरी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्माइली संप्रदाय की एक शाखा, खोजाओं द्वारा विकसित साहित्यिक विधा का नाम क्या है?
- A.गिनान
- B.ज़ियारत
- C.राग
- D.शहादा
उत्तर देखें
गिनान खोजा इस्माइलियों के भक्ति गीत हैं, जिन्हें उनके पीरों ने भारतीय भाषाओं में रचा और जो उनके प्रार्थना-स्थलों में गाए जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →