निम्नलिखित में से कौन-सी प्रकाशिक परिघटना यह सिद्ध करती है कि प्रकाश एक अनुप्रस्थ तरंग है?
- A.अपवर्तन
- B.विवर्तन
- C.व्यतिकरण
- D.ध्रुवण
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ध्रुवण
व्याख्या
सही उत्तर है D, ध्रुवण। केवल अनुप्रस्थ तरंग का ही ध्रुवण हो सकता है, इसलिए प्रकाश का ध्रुवण यह सिद्ध करता है कि उसके कंपन गति की दिशा के लंबवत होते हैं। साधारण प्रकाश में विद्युत क्षेत्र किरण के चारों ओर हर तल में कंपन करता है। पोलेरॉइड शीट केवल एक तल के कंपन आगे जाने देती है, और नब्बे डिग्री घुमाई गई दूसरी पोलेरॉइड उस प्रकाश को पूरी तरह रोक देती है। ध्वनि जैसी अनुदैर्ध्य तरंग में कण गति की दिशा में ही कंपन करते हैं, इसलिए उसका कोई ऐसा तल नहीं होता और उसका ध्रुवण कभी नहीं हो सकता। धूप के चश्मे, कैमरे के फिल्टर और एलसीडी स्क्रीन इसी गुण का उपयोग करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सघन माध्यम में प्रवेश करते समय होने वाला अपवर्तन ध्वनि तरंगों में भी होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि किनारे पर तरंग का फैलना यानी विवर्तन सभी तरंगें दिखाती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि व्यतिकरण केवल इतना बताता है कि प्रकाश तरंग है, यह नहीं कि कैसी तरंग है। परीक्षा टिप: व्यतिकरण और विवर्तन से प्रकाश तरंग सिद्ध होता है, ध्रुवण से अनुप्रस्थ तरंग।