मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

रोम में कोफो 28 में भारत ने वन बहाली की उपलब्धियां रखीं

रोम में एफएओ वन समिति के 28वें सत्र में भारत ने बताया कि उसका वन एवं वृक्ष आवरण 82.74 मिलियन हेक्टेयर है, जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
रोम में कोफो 28 में भारत ने वन बहाली की उपलब्धियां रखीं

चर्चा में क्यों

28 सितंबर 2026 को भारत ने रोम में एफएओ वन समिति के 28वें सत्र में अपना वक्तव्य दिया, जिसमें वन आवरण, कार्बन सिंक और बहाली के आंकड़ों के साथ अरावली ग्रीन वॉल, मिष्टी तथा एक पेड़ मां के नाम जैसी पहलें प्रस्तुत की गईं।

भारत ने वन और भूदृश्य बहाली से जुड़ा अपना रिकॉर्ड एफएओ वन समिति के 28वें सत्र (कोफो 28) के सामने रखा, जो 28 सितंबर 2026 को रोम में शुरू हुआ और 2 अक्टूबर तक चलेगा। अपने वक्तव्य में भारत ने खाद्य एवं कृषि संगठन द्वारा वन तथा भूदृश्य बहाली पर दिए गए ज़ोर का स्वागत किया और कहा कि सतत वन प्रबंधन ऐसा एकीकृत ढांचा देता है, जिसमें राष्ट्रीय परिस्थितियों और स्थानीय समुदायों की ज़रूरतों का ध्यान रखते हुए भूदृश्य स्तर पर काम किया जा सकता है।

भारत ने कौन से आंकड़े रखे

संकेतकआंकड़ा
वन एवं वृक्ष आवरण82.74 मिलियन हेक्टेयर
भौगोलिक क्षेत्र में हिस्सा25.17%
वन क्षेत्र में वैश्विक स्थाननौवां
वार्षिक शुद्ध वन वृद्धि में स्थानतीसरा
रामसर स्थल101

ये दोनों रैंक एफएओ की वैश्विक वन संसाधन आकलन रिपोर्ट 2025 से ली गई हैं।

कार्बन सिंक और बॉन चैलेंज

भारत ने सत्र को बताया कि वर्ष 2021 तक 2.29 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य का अतिरिक्त कार्बन सिंक तैयार किया जा चुका है, और अब लक्ष्य बढ़ाकर वर्ष 2035 तक 3.5 से 4.0 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य का अतिरिक्त सिंक कर दिया गया है, जिसकी तुलना वर्ष 2005 के स्तर से की जाती है। बॉन चैलेंज के तहत भारत ने वर्ष 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर और वन-विहीन भूमि की बहाली का संकल्प लिया है, जिसमें से 21.76 मिलियन हेक्टेयर पर काम शुरू हो चुका है।

प्रमुख पहलें

अरावली ग्रीन वॉल के तहत लगभग 6.45 मिलियन हेक्टेयर बंजर भूमि बहाली के लिए चिन्हित की गई है। तटीय क्षेत्रों में मिष्टी पहल मैंग्रोव की बहाली कर रही है, जिससे जलवायु के प्रति सहनशीलता बढ़ती है और स्थानीय आजीविका को सहारा मिलता है। भारत ने एक पेड़ मां के नाम पहल भी प्रस्तुत की, जिसे पूरी सरकार और पूरे समाज का प्रयास बताया गया और जिसके तहत 3.5 अरब से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।

भारत ने दुनिया से क्या कहा

वक्तव्य में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को वैश्विक घोषणाओं से आगे बढ़कर उस क्रियान्वयन का साथ देना चाहिए जिसकी अगुवाई देश स्वयं करे, और इसके साथ क्षमता निर्माण, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा ज़मीन पर मापे जा सकने वाले परिणाम भी होने चाहिए। भारत ने विकासशील देशों के लिए प्रभावी और टिकाऊ वित्त पोषण की ज़रूरत रेखांकित की और एफएओ से कहा कि वह जलवायु, जैव विविधता तथा मिश्रित वित्त तक पहुंच बनाने और दीर्घकालिक बहाली कार्यक्रम तैयार करने में सहायता बढ़ाए।

प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र दशक

भारत ने एफएओ के वानिकी कार्य, वैश्विक वन लक्ष्यों तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय वन प्रक्रियाओं के बीच बेहतर तालमेल की मांग की और ज्ञान व व्यावहारिक समाधान साझा करने के लिए दक्षिण-दक्षिण तथा त्रिकोणीय सहयोग बढ़ाने पर बल दिया। उसने यह भी दोहराया कि वह सतत वन प्रबंधन के अनुरूप वनरोपण और पुनर्वनीकरण के प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र दशक 2027-2036 को आकार देने में एफएओ और सदस्य देशों के साथ काम करेगा।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनकोफो 28, एफएओ वन समिति का 28वां सत्र
स्थान और तिथिरोम, 28 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026
वन एवं वृक्ष आवरण82.74 मिलियन हेक्टेयर, भौगोलिक क्षेत्र का 25.17%
वैश्विक स्थानवन क्षेत्र में नौवां, वार्षिक शुद्ध वन वृद्धि में तीसरा
रैंक का स्रोतएफएओ वैश्विक वन संसाधन आकलन 2025
बना कार्बन सिंकवर्ष 2021 तक 2.29 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य
बढ़ाया गया लक्ष्य2005 के स्तर की तुलना में 2035 तक 3.5 से 4.0 अरब टन
बॉन चैलेंज2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर; 21.76 मिलियन हेक्टेयर पर काम शुरू
अरावली ग्रीन वॉललगभग 6.45 मिलियन हेक्टेयर बहाली के लिए चिन्हित
भारत में रामसर स्थल101
एक पेड़ मां के नाम3.5 अरब से अधिक पौधे लगाए गए
प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र दशकवनरोपण और पुनर्वनीकरण, 2027-2036

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि कोफो 28 एफएओ वन समिति का 28वां सत्र है जो रोम में 28 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चला, वन एवं वृक्ष आवरण 82.74 मिलियन हेक्टेयर यानी 25.17%, वैश्विक वन संसाधन आकलन 2025 में नौवां और तीसरा स्थान, कार्बन सिंक के आंकड़े, बॉन चैलेंज की संख्याएं, 101 रामसर स्थल तथा प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र दशक 2027-2036।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणमध्यम

रोम में कोफो 28 में बताया गया भारत का वन एवं वृक्ष आवरण कितना है?

  1. A.72.74 मिलियन हेक्टेयर, क्षेत्र का 21.17%
  2. B.82.74 मिलियन हेक्टेयर, क्षेत्र का 25.17%
  3. C.92.74 मिलियन हेक्टेयर, क्षेत्र का 28.17%
  4. D.80.24 मिलियन हेक्टेयर, क्षेत्र का 24.50%
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 82.74 मिलियन हेक्टेयर, क्षेत्र का 25.17%

व्याख्या

सही उत्तर 82.74 मिलियन हेक्टेयर, क्षेत्र का 25.17% है। भारत ने रोम में एफएओ वन समिति के 28वें सत्र में दिए वक्तव्य में यही दोनों आंकड़े रखे, जब वह अपने वन संसाधनों में हुई लगातार वृद्धि का ब्योरा दे रहा था। उसी वक्तव्य में बताया गया कि एफएओ की वैश्विक वन संसाधन आकलन रिपोर्ट 2025 में भारत वन क्षेत्र में नौवें और वार्षिक शुद्ध वन वृद्धि में तीसरे स्थान पर है, इसलिए आवरण का आंकड़ा और ये दोनों रैंक प्रायः साथ पूछे जाते हैं। विकल्प A, C और D में दिए क्षेत्रफल और प्रतिशत घोषित नहीं किए गए थे। जिस अभ्यर्थी को दोनों में से एक अंक याद है, वह भी इन्हें हटा सकता है, क्योंकि सही विकल्प में दोनों हिस्से मेल खाने चाहिए। इसी सत्र में भारत ने 101 रामसर स्थलों की जानकारी भी दी।

Q2.पर्यावरणमध्यम

बॉन चैलेंज के तहत भारत ने वर्ष 2030 तक कितनी बंजर और वन-विहीन भूमि बहाल करने का संकल्प लिया है?

  1. A.13 मिलियन हेक्टेयर
  2. B.20 मिलियन हेक्टेयर
  3. C.26 मिलियन हेक्टेयर
  4. D.30 मिलियन हेक्टेयर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 26 मिलियन हेक्टेयर

व्याख्या

सही उत्तर 26 मिलियन हेक्टेयर है। भारत ने रोम के इस वानिकी सत्र में यह संकल्प दोहराया और बताया कि इसमें से 21.76 मिलियन हेक्टेयर भूमि बहाली के दायरे में आ चुकी है, जिससे पता चलता है कि संकल्प का कितना हिस्सा पूरा हुआ है। बॉन चैलेंज बंजर और वन-विहीन भूमि की बहाली से जुड़ा वैश्विक प्रयास है, जिसमें देश अपने राष्ट्रीय लक्ष्य लेकर आते हैं। विकल्प A, B और D में दिए आंकड़े घोषित संकल्प नहीं हैं। इसके साथ भारत ने अरावली ग्रीन वॉल का भी उल्लेख किया, जिसके तहत लगभग 6.45 मिलियन हेक्टेयर बंजर भूमि चिन्हित की गई है, और तटीय मैंग्रोव बहाली की मिष्टी पहल का भी। संकल्प और उपलब्धि के इन दोनों अंकों को साथ याद रखना चाहिए।

Q3.पर्यावरणआसान

कोफो 28 में प्रस्तुत भारत की किस पहल के तहत 3.5 अरब से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं?

  1. A.मिष्टी
  2. B.अरावली ग्रीन वॉल
  3. C.एक पेड़ मां के नाम
  4. D.हरित भारत मिशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एक पेड़ मां के नाम

व्याख्या

सही उत्तर एक पेड़ मां के नाम है। भारत ने रोम के सत्र में इसे पूरी सरकार और पूरे समाज के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया और बताया कि इसके तहत 3.5 अरब से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि मिष्टी तटीय क्षेत्रों की वह पहल है जो मैंग्रोव की बहाली करती है, जलवायु सहनशीलता बढ़ाती है और स्थानीय आजीविका को सहारा देती है; उससे इस तरह का पौधारोपण आंकड़ा नहीं जोड़ा गया। विकल्प B गलत है क्योंकि अरावली ग्रीन वॉल भूमि बहाली का कार्यक्रम है, जिसके तहत लगभग 6.45 मिलियन हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, यानी वह क्षेत्रफल का आंकड़ा है न कि पौधों की गिनती। विकल्प D गलत है क्योंकि उस मिशन का नाम इस वक्तव्य में नहीं आया। हर पहल को उसके अपने आंकड़े से जोड़कर याद रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोफो 28 में भारत ने अपना वन एवं वृक्ष आवरण कितना बताया?

82.74 मिलियन हेक्टेयर, जो देश के भौगोलिक क्षेत्र का 25.17% बैठता है। यह आंकड़ा भारत ने रोम में एफएओ वन समिति के 28वें सत्र में दिए वक्तव्य में रखा।

वन क्षेत्र और वन वृद्धि में भारत का स्थान क्या है?

एफएओ की वैश्विक वन संसाधन आकलन रिपोर्ट 2025 के अनुसार भारत वन क्षेत्र में दुनिया में नौवें और वार्षिक शुद्ध वन वृद्धि में तीसरे स्थान पर है।

बॉन चैलेंज के तहत भारत ने कितनी भूमि बहाल की है?

21.76 मिलियन हेक्टेयर भूमि बहाली के दायरे में लाई जा चुकी है, जबकि संकल्प 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर और वन-विहीन भूमि की बहाली का है।

भारत में कितने रामसर स्थल हैं?

101। यह संख्या भारत ने कोफो 28 में आर्द्रभूमि और भूदृश्य बहाली पर अपना काम प्रस्तुत करते हुए बताई।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS