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एमओएसपीआई और यूएन विमेन का लैंगिक सांख्यिकी राष्ट्रीय सम्मेलन

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय तथा यूएन विमेन ने 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में लैंगिक आंकड़ों पर एक-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया।

लेखक प्रकाशित · 3 मिनट
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एमओएसपीआई और यूएन विमेन का लैंगिक सांख्यिकी राष्ट्रीय सम्मेलन

चर्चा में क्यों

2 नवंबर 2026 को सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय और यूएन विमेन ने नई दिल्ली में लैंगिक आंकड़ों तथा सांख्यिकी पर एक-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया, जो "भारत में महिलाएं और पुरुष 2025" के निष्कर्षों पर आधारित था।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) और यूएन विमेन ने 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में "लैंगिक आंकड़े और सांख्यिकी: साक्ष्य से नीतिगत अंतर्दृष्टि तक" विषय पर एक-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। इसमें नीति निर्माता, केंद्रीय मंत्रालयों तथा विभागों के अधिकारी, राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, सांख्यिकीविद, शोधकर्ता, शैक्षणिक संस्थान, तकनीकी विशेषज्ञ और संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। दिनभर एक ही व्यावहारिक प्रश्न पर विचार हुआ कि महिलाओं और पुरुषों से जुड़े जो आंकड़े पहले से एकत्र हैं, उन्हें ऐसे निर्णयों में कैसे बदला जाए जो जीवन बदल दें।

सम्मेलन क्यों बुलाया गया

तत्कालिक उद्देश्य एमओएसपीआई के प्रमुख प्रकाशन भारत में महिलाएं और पुरुष 2025 के निष्कर्ष उन अधिकारियों तक पहुंचाना था जो योजनाएं बनाते और चलाते हैं। आयोजकों की तीन अपेक्षाएं थीं। पहली, निष्कर्षों की गहरी समझ और विभिन्न क्षेत्रों में उनके अंतर्संबंध। दूसरी, अलग-अलग काम करने वाले मंत्रालयों तथा हितधारकों के बीच संवाद। तीसरी, ऐसे अवसरों की पहचान जहां लैंगिक आधार पर विभाजित आंकड़ों का विश्लेषणात्मक और नीतिगत उपयोग बढ़ाया जा सके।

प्रमुख वक्ता

  • यूएन विमेन इंडिया की राष्ट्र प्रतिनिधि सुश्री शोको इशिकावा ने स्वागत भाषण दिया और आंकड़े तैयार करने वालों तथा उनका उपयोग करने वालों के बीच की दूरी घटाने पर बल दिया
  • भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत श्री जीन-एरिक पाके ने लैंगिक समानता और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने में ईयू-भारत रणनीतिक साझेदारी की भूमिका रेखांकित की
  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव डॉ. प्रीतम बी. यशवंत ने भी सभा को संबोधित किया
  • एमओएसपीआई के महानिदेशक (केंद्रीय सांख्यिकी) डॉ. दलीप सिंह ने लैंगिक अंतरों की पहचान को साक्ष्य-आधारित नीति की पहली शर्त बताया
  • प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्या डॉ. शमिका रवि ने कल्याणकारी वितरण तथा महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण की प्रगति गिनाई और रोजगार की गुणवत्ता, राज्य-स्तरीय विश्लेषण तथा मजबूत लैंगिक आंकड़ों की मांग रखी

उद्घाटन सत्र का समापन एमओएसपीआई की अतिरिक्त महानिदेशक सुश्री सुप्रिया रॉय के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।

चार तकनीकी सत्र

कार्यक्रम चार विषयगत तकनीकी सत्रों में बांटा गया था। इनमें जीवन चक्र में स्वास्थ्य और उत्तरजीविता; लड़कियों की शिक्षा, अधिगम और संक्रमण; महिलाओं का कार्य, वेतन, औपचारिकता और देखभाल; तथा महिलाओं की आजीविका, उद्यम, कौशल और वित्तीय समावेशन पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य सत्र में मातृ देखभाल तथा आवश्यक सेवाओं की प्रगति सराही गई, लेकिन पोषण और किशोर स्वास्थ्य की चुनौतियां रेखांकित हुईं। शिक्षा सत्र में नामांकन सुधरने के साथ अधिगम परिणामों, एसटीईएम में भागीदारी और रोजगार के रास्तों की कमी बताई गई। कार्य सत्र में महिला श्रमशक्ति की बढ़ती भागीदारी के साथ वेतन असमानता तथा अवैतनिक देखभाल कार्य पर चिंता जताई गई। आजीविका सत्र में उद्यमिता और वित्तीय समावेशन की प्रगति दर्ज हुई तथा ऋण, बाजार, सुरक्षा और स्वायत्तता तक बेहतर पहुंच मांगी गई।

समापन

समापन सत्र में यूएन विमेन इंडिया की कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री सुहेला खान और एमओएसपीआई की महानिदेशक (एनएसएस) सुश्री गीता सिंह राठौर ने स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आर्थिक भागीदारी में बनी लैंगिक असमानताओं की बात उठाई। अंतिम धन्यवाद ज्ञापन अतिरिक्त महानिदेशक सुश्री सुनीता भास्कर ने दिया। चर्चा से प्रकाशन के आगामी संस्करणों, विशेष रूप से 2026 संस्करण के लिए सुझाव भी मिले।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनराष्ट्रीय सम्मेलन — "लैंगिक आंकड़े और सांख्यिकी: साक्ष्य से नीतिगत अंतर्दृष्टि तक"
तिथि और स्थानएक-दिवसीय सम्मेलन, 2 नवंबर 2026, नई दिल्ली
आयोजकसांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) और यूएन विमेन
चर्चित प्रकाशनभारत में महिलाएं और पुरुष 2025, एमओएसपीआई का प्रमुख प्रकाशन
तकनीकी सत्रचार विषयगत सत्र
स्वागत भाषणसुश्री शोको इशिकावा, राष्ट्र प्रतिनिधि, यूएन विमेन इंडिया
यूरोपीय संघश्री जीन-एरिक पाके, भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत
एमओएसपीआई अधिकारीडॉ. दलीप सिंह, महानिदेशक (केंद्रीय सांख्यिकी); सुश्री गीता सिंह राठौर, महानिदेशक (एनएसएस); सुश्री सुप्रिया रॉय और सुश्री सुनीता भास्कर, अतिरिक्त महानिदेशक
आर्थिक सलाहकार परिषदडॉ. शमिका रवि, सदस्या, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद
अगला संस्करणआगामी संस्करणों, विशेष रूप से 2026 संस्करण के लिए सुझाव प्राप्त हुए

परीक्षा की दृष्टि से

सम्मेलन का विषय "लैंगिक आंकड़े और सांख्यिकी: साक्ष्य से नीतिगत अंतर्दृष्टि तक", दोनों आयोजक एमओएसपीआई तथा यूएन विमेन, तिथि 2 नवंबर 2026, स्थान नई दिल्ली, प्रकाशन "भारत में महिलाएं और पुरुष 2025", चार तकनीकी सत्रों की संख्या, तथा शोको इशिकावा, दलीप सिंह, गीता सिंह राठौर और शमिका रवि के नाम याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनआसान

2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में लैंगिक आंकड़ों तथा सांख्यिकी पर राष्ट्रीय सम्मेलन किन दो संस्थाओं ने संयुक्त रूप से आयोजित किया?

  1. A.नीति आयोग और यूनिसेफ
  2. B.सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय और यूएन विमेन
  3. C.महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और यूएनडीपी
  4. D.भारत के महापंजीयक और विश्व बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय और यूएन विमेन

"लैंगिक आंकड़े और सांख्यिकी: साक्ष्य से नीतिगत अंतर्दृष्टि तक" विषय पर यह एक-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन एमओएसपीआई ने यूएन विमेन के सहयोग से आयोजित किया और यह 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में हुआ।

Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

लैंगिक आंकड़ों पर राष्ट्रीय सम्मेलन में एमओएसपीआई के किस प्रकाशन के निष्कर्षों पर चर्चा हुई?

  1. A.आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण वार्षिक रिपोर्ट
  2. B.भारत में महिलाएं और पुरुष 2025
  3. C.राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण
  4. D.लैंगिक बजट विवरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत में महिलाएं और पुरुष 2025

यह सम्मेलन एमओएसपीआई के इसी प्रमुख प्रकाशन के निष्कर्षों पर विचार-विमर्श और उनके प्रसार के लिए बुलाया गया था, ताकि योजनाएं बनाने और चलाने वाले अधिकारी इसके परिणामों को गहराई से पढ़ सकें और विभिन्न क्षेत्रों में उनका उपयोग कर सकें।

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

लैंगिक आंकड़ों पर राष्ट्रीय सम्मेलन में कितने विषयगत तकनीकी सत्र आयोजित किए गए?

  1. A.दो
  2. B.तीन
  3. C.चार
  4. D.छह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चार

सम्मेलन में चार विषयगत तकनीकी सत्र हुए। पहला सत्र जीवन चक्र में स्वास्थ्य और उत्तरजीविता पर था, दूसरा लड़कियों की शिक्षा, अधिगम और संक्रमण पर, तीसरा महिलाओं के कार्य, वेतन, औपचारिकता तथा देखभाल पर, और चौथा महिलाओं की आजीविका, उद्यम, कौशल एवं वित्तीय समावेशन पर।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लैंगिक आंकड़ों पर राष्ट्रीय सम्मेलन किसने आयोजित किया?

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने यूएन विमेन के सहयोग से। यह एक-दिवसीय सम्मेलन 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में हुआ।

सम्मेलन किस प्रकाशन पर आधारित था?

एमओएसपीआई के प्रमुख प्रकाशन "भारत में महिलाएं और पुरुष 2025" पर। सत्रों में इसके निष्कर्षों की समीक्षा हुई और आगामी संस्करणों, विशेष रूप से 2026 संस्करण के लिए सुझाव जुटाए गए।

चार तकनीकी सत्रों में किन विषयों पर चर्चा हुई?

जीवन चक्र में स्वास्थ्य और उत्तरजीविता; लड़कियों की शिक्षा, अधिगम और संक्रमण; महिलाओं का कार्य, वेतन, औपचारिकता तथा देखभाल; और महिलाओं की आजीविका, उद्यम, कौशल एवं वित्तीय समावेशन।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 2 नवंबर 2026

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