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पीएम-एजेएवाई: 18,093 गांव आदर्श ग्राम घोषित

पीआईबी ने 28 सितंबर 2026 को पीएम-एजेएवाई का ब्यौरा दिया: अनुसूचित जाति की इस पूर्ण केंद्र पोषित योजना में 18,093 गांव आदर्श ग्राम घोषित हो चुके हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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पीएम-एजेएवाई: 18,093 गांव आदर्श ग्राम घोषित

चर्चा में क्यों

पीआईबी ने 28 सितंबर 2026 को पीएम-एजेएवाई पर पृष्ठभूमि विवरण जारी किया, जिसमें 8 सितंबर 2026 तक 18,093 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किए जाने और राज्यों को 1,730 करोड़ रुपये से अधिक जारी होने के ताजा आंकड़े दिए गए।

पत्र सूचना कार्यालय ने 28 सितंबर 2026 को जारी एक पृष्ठभूमि विवरण में बताया कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) अब कहां तक पहुंची है। यह योजना सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय चलाता है और इसका लक्ष्य अनुसूचित जातियों का सामाजिक-आर्थिक तथा शैक्षिक सशक्तिकरण है। देश की आबादी में अनुसूचित जातियों का हिस्सा 16.6% है। योजना वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू हुई और इसका पूरा खर्च केंद्र उठाता है, यानी यह 100% केंद्र प्रायोजित योजना है; राज्य और केंद्र शासित प्रदेश चाहें तो अपने संसाधन इसमें जोड़ सकते हैं।

तीन पुरानी योजनाओं का विलय

पीएम-एजेएवाई तीन अलग-अलग चल रही योजनाओं को मिलाकर बनाई गई थी — प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई), अनुसूचित जातियों के लिए विशेष केंद्रीय सहायता उप योजना (एससीए टू एससीएसपी) और बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना (बीजेआरसीवाई)। इसके काम तीन घटकों में बंटे हैं — अनुसूचित जाति बहुल गांवों को आदर्श ग्राम बनाना, जिला और राज्य स्तर की परियोजनाओं के लिए अनुदान सहायता, तथा अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के छात्रावासों का निर्माण और मरम्मत।

अब तक की प्रगति

विवरणआंकड़ा
आदर्श ग्राम घटक में शामिल गांव47,243
लाभान्वित नागरिक47.79 लाख से अधिक
पूरे हुए विकास कार्य46,944
तैयार ग्राम विकास योजनाएं27,032
आदर्श ग्राम घोषित (8 सितंबर 2026 तक)18,093

योजना की परिभाषा के अनुसार आदर्श ग्राम वह गांव है जहां हर वर्ग की न्यूनतम आवश्यकताएं पूरी होती हों, मूलभूत सेवाएं सब तक पहुंचती हों और वर्गों के बीच का अंतर कम से कम रह जाए।

पात्रता और धन का बंटवारा

अनुदान सहायता घटक में उन परिवारों को पहले लिया जाता है जिनकी सालाना आय 2.50 लाख रुपये से अधिक न हो। अवसंरचना अनुदान के लिए गांव में अनुसूचित जाति की आबादी 40% या उससे ज्यादा और कुल जनसंख्या 500 या उससे अधिक होनी चाहिए। कुल राशि में से आधी तक चुने हुए आदर्श ग्राम गांवों की कमियां दूर करने पर, 5% तक केंद्र, राज्य और जिला स्तर की तकनीकी सहायता समूह तथा परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों पर और 2% तक केंद्रीय संस्थानों के छात्रावासों पर खर्च होती है। शेष राशि अनुसूचित जाति की जनसंख्या के आधार पर राज्य और जिला परियोजनाओं में बांटी जाती है।

छात्रावास, राशि और मोबाइल ऐप

वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2025-26 तक राज्यों को अनुदान सहायता के रूप में सीधे 1,730 करोड़ रुपये से अधिक दिए गए, जिससे 2.5 लाख से ज्यादा व्यक्तिगत और समूह लाभार्थियों को कौशल तथा आजीविका सहायता मिली। छात्रावासों में सितंबर 2026 तक 785 छात्रावास बनकर तैयार हो गए और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 61.46 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता दो छात्रावासों — एक छात्राओं और एक छात्रों के लिए — को दी गई है, जिनमें 264 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी। कागजी कामकाज से निकलकर वास्तविक समय की डिजिटल प्रक्रिया तक पहुंचने के लिए सरकार ने पीएम-एजेएवाई मोबाइल ऐप और पोर्टल शुरू किया है।

महत्वपूर्ण तथ्य

योजनाप्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई)
शुरुआतवित्त वर्ष 2021-22
वित्तपोषण100% केंद्र प्रायोजित
मंत्रालयसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
विलय हुई योजनाएंपीएमएजीवाई, एससीए टू एससीएसपी और बीजेआरसीवाई
घटकआदर्श ग्राम, अनुदान सहायता, छात्रावास निर्माण और मरम्मत
आदर्श ग्राम घोषित18,093 (8 सितंबर 2026 तक)
जारी अनुदान सहायता1,730 करोड़ रुपये से अधिक (वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26)
तैयार छात्रावास785 (सितंबर 2026)
वित्त वर्ष 2026-27 आवंटन61.46 करोड़ रुपये, दो छात्रावास, 264 विद्यार्थी

परीक्षा की दृष्टि से

योजना का पूरा नाम, शुरुआत का वर्ष (वित्त वर्ष 2021-22), 100% केंद्रीय वित्तपोषण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, विलय हुई तीन योजनाएं, तीन घटक, पात्रता की शर्तें (40% अनुसूचित जाति आबादी, 500 जनसंख्या, 2.50 लाख रुपये आय) और 47,243 गांव, 18,093 आदर्श ग्राम तथा 1,730 करोड़ रुपये के आंकड़े याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-एजेएवाई) को कौन सा मंत्रालय लागू करता है?

  1. A.ग्रामीण विकास मंत्रालय
  2. B.जनजातीय कार्य मंत्रालय
  3. C.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
  4. D.पंचायती राज मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय है। पीएम-एजेएवाई अनुसूचित जातियों के लिए बनी छत्र योजना है और इसे यही मंत्रालय लागू करता है, जिसके पास अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों, वरिष्ठ नागरिकों तथा दिव्यांगजनों के कल्याण का दायित्व है। योजना का पूरा खर्च केंद्र उठाता है, यह वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू हुई और तीन घटकों में काम करती है — आदर्श ग्राम, राज्य तथा जिला परियोजनाओं के लिए अनुदान सहायता और अनुसूचित जाति विद्यार्थियों के छात्रावास। ग्रामीण विकास मंत्रालय गलत विकल्प है, क्योंकि वह ग्रामीण सड़क, रोजगार और आवास कार्यक्रम देखता है, यह योजना नहीं, भले आदर्श ग्राम का काम गांवों में ही होता है। जनजातीय कार्य मंत्रालय भी गलत है, क्योंकि वह अनुसूचित जनजातियों के लिए है, जबकि पीएम-एजेएवाई अनुसूचित जातियों के लिए है, जिनका आबादी में हिस्सा 16.6% है। पंचायती राज मंत्रालय पंचायतों को संस्था के रूप में मजबूत करता है और इस योजना को लागू नहीं करता। यह भी याद रखें कि यह योजना पीएमएजीवाई, एससीए टू एससीएसपी और बीजेआरसीवाई के विलय से बनी है।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

8 सितंबर 2026 तक पीएम-एजेएवाई के अंतर्गत कितने गांव आदर्श ग्राम घोषित किए गए थे?

  1. A.47,243
  2. B.46,944
  3. C.27,032
  4. D.18,093
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 18,093

व्याख्या

सही उत्तर 18,093 है। 28 सितंबर 2026 के पीआईबी पृष्ठभूमि विवरण के अनुसार 8 सितंबर 2026 तक इतने गांव आदर्श ग्राम घोषित किए जा चुके थे, जो अनुसूचित जाति बहुल गांवों में बुनियादी सेवाओं के सुधार की प्रगति दिखाता है। बाकी तीनों विकल्प भी इसी योजना के वास्तविक आंकड़े हैं, इसलिए यह प्रश्न सावधानी मांगता है। 47,243 आदर्श ग्राम घटक में शामिल किए गए गांवों की संख्या है, जिनसे 47.79 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित हुए, न कि घोषित गांवों की संख्या। 46,944 इस घटक के अंतर्गत पूरे हुए विकास कार्यों की गिनती है, जो कार्यों की संख्या है, गांवों की नहीं। 27,032 तैयार की गई ग्राम विकास योजनाओं की संख्या है, जो निर्माण कार्य से पहले का नियोजन चरण है। प्रश्न का उत्तर केवल 18,093 है, और किसी गांव को आदर्श ग्राम तब घोषित किया जाता है जब वहां के निवासियों को योजना में गिनाई गई मूलभूत सेवाएं मिलने लगती हैं।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

पीएम-एजेएवाई में अवसंरचना विकास अनुदान के लिए किसी गांव में अनुसूचित जाति की आबादी कम से कम कितनी होनी चाहिए?

  1. A.25%
  2. B.40%
  3. C.50%
  4. D.60%
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 40%

व्याख्या

सही उत्तर 40% है। पीएम-एजेएवाई के अवसंरचना विकास घटक में कोई गांव अनुदान का पात्र तब होता है जब वहां अनुसूचित जाति की आबादी 40% या उससे अधिक हो और कुल जनसंख्या 500 या उससे ज्यादा हो, यानी हिस्सेदारी और आकार, दोनों शर्तें पूरी होनी चाहिए। 25% गलत है, क्योंकि योजना में ऐसी कोई सीमा नहीं रखी गई; इतनी नीची सीमा रखने पर राशि इतनी बंट जाएगी कि गांव को आदर्श ग्राम बनाना कठिन हो जाए। 50% भी गलत है, हालांकि यह विकल्प भ्रमित करता है क्योंकि घटक का वर्णन अनुसूचित जाति बहुल गांवों के रूप में किया जाता है; लिखित पात्रता 40% है, साधारण बहुमत नहीं। 60% भी गलत है और यह दिशा-निर्देशों में तय सीमा से ऊंचा है। साथ में यह भी याद रखें कि अनुदान सहायता में 2.50 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को प्राथमिकता मिलती है और कुल राशि में 50% तक चुने हुए आदर्श ग्राम गांवों की कमियां दूर करने पर खर्च होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम-एजेएवाई क्या है और इसे कौन लागू करता है?

पीएम-एजेएवाई यानी प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू हुई 100% केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जातियों का सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण है। इसे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय लागू करता है।

अवसंरचना अनुदान के लिए कौन से गांव पात्र हैं?

जिन गांवों में अनुसूचित जाति की आबादी 40% या अधिक हो और कुल जनसंख्या 500 या उससे ज्यादा हो। अनुदान सहायता में 2.50 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले परिवारों को प्राथमिकता मिलती है।

अब तक कितने गांव आदर्श ग्राम घोषित हुए हैं?

8 सितंबर 2026 तक 47,243 गांवों में से 18,093 गांव आदर्श ग्राम घोषित किए गए। इसके साथ 46,944 विकास कार्य पूरे हुए और 27,032 ग्राम विकास योजनाएं तैयार की गईं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL