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राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव 2026 भुवनेश्वर में शुरू हुआ

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भुवनेश्वर में दूसरे राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया, जिसमें 1,200 से अधिक प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव 2026 भुवनेश्वर में शुरू हुआ

चर्चा में क्यों

24 अक्तूबर 2026 को राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव के दूसरे संस्करण का उद्घाटन भुवनेश्वर में आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने 'अर्बन राइजिंग' विषय पर किया।

राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव का दूसरा संस्करण 24 अक्तूबर 2026 को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शुरू हुआ। आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने उद्घाटन सत्र में दीप प्रज्वलित किया। दो दिन का यह आयोजन 24 और 25 अक्तूबर को चलेगा और इसे आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ओडिशा सरकार के सहयोग से करा रहा है। राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान ज्ञान भागीदार है, जबकि हुडको और एनबीसीसी मुख्य प्रायोजक हैं। कॉन्क्लेव का विषय 'अर्बन राइजिंग – रीथिंकिंग अर्बन सिस्टम्स, सॉल्यूशंस एंड डिलीवरी' है और स्थल पर 1,200 से अधिक प्रतिभागी मौजूद हैं, जिनमें शहरी विकास मंत्री, महापौर तथा शहरी स्थानीय निकायों, विकास प्राधिकरणों, शिक्षा जगत और उद्योग के प्रतिनिधि शामिल हैं।

शहरीकरण की रफ्तार

राज्य मंत्री ने बताया कि देश की शहरी आबादी 2011 में लगभग 377 मिलियन थी, जो अब करीब 500 मिलियन हो गई है और 2036 तक 600 मिलियन तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि आजादी की शताब्दी तक लगभग हर दूसरा भारतीय शहर में रहेगा। उनके मुताबिक पीएमएवाई, अमृत, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि, डे-एनयूएलएम और स्मार्ट सिटी मिशन ने शहरी विकास के अगले दौर की नींव रखी है। नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग जैन ने मुख्य भाषण में कहा कि 2047 तक देश की लगभग आधी आबादी शहरी होगी और वह सकल घरेलू उत्पाद का करीब तीन-चौथाई हिस्सा देगी, इसलिए निवेश, संस्थागत प्रतिक्रिया और क्षमता निर्माण जरूरी हैं।

धन और सुधार

शहरी विकास विभाग के सचिव सतेंद्र सिंह ने उपलब्ध धन का ब्योरा दिया, जिसमें 1 लाख करोड़ रुपये का शहरी चुनौती कोष, 5,000 करोड़ रुपये की ऋण भुगतान गारंटी योजना तथा सोलहवें वित्त आयोग की सिफारिश वाला 10,000 करोड़ रुपये का शहरीकरण प्रीमियम अनुदान शामिल है, साथ ही सास्की योजना के तहत सुधार भी गिनाए गए। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य 2036 तक 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था की दिशा में बढ़ रहा है और उन्होंने अमा बस सेवा, इलेक्ट्रिक बसों तथा भुवनेश्वर–कटक–पुरी–पारादीप आर्थिक क्षेत्र का उल्लेख किया। मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि ड्रिंक फ्रॉम टैप पहल अब 11 शहरों में है और पाइप से पेयजल 114 शहरी क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।

विमोचन और सत्र

उद्घाटन कार्यक्रम में हुडको की अर्बन इन्वेस्ट विंडो पत्रिका, सीपीएचईईओ के लिए समर्थ्य मंच, एंकुर हैंडबुक, ओडिशा की नगर नियोजन पुस्तिकाएं, सरकारी तथा निजी स्वामित्व वाले सार्वजनिक स्थलों पर रूपरेखा, पीएमएवाई-शहरी के लाभार्थियों पर ई-पुस्तक मेरा घर मेरा अभिमान, पीएमएवाई-यू 2.0 मोबाइल ऐप, पीएमएवाई-यू पुरस्कार 2027 की मानक संचालन प्रक्रिया, निर्माण एवं विध्वंस कचरे पर परामर्श तथा पर्याप्त आवास पर परिणाम रिपोर्ट जारी की गई। पहले दिन सात विषयगत सत्र हुए, जिनमें पैदल चलने का अधिकार, जल एवं संसाधन दक्षता, किफायती आवास, एकीकृत अवसंरचना वितरण, शहरी सेवा वितरण के नए तरीके, आदर्श भवन उपनियम और आदर्श नगरपालिका कानून पर चर्चा हुई।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनराष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव 2026, दूसरा संस्करण
स्थान और तिथिभुवनेश्वर, ओडिशा; 24 और 25 अक्तूबर 2026
विषयअर्बन राइजिंग – रीथिंकिंग अर्बन सिस्टम्स, सॉल्यूशंस एंड डिलीवरी
उद्घाटनतोखन साहू, आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री
ज्ञान भागीदारराष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान; हुडको और एनबीसीसी मुख्य प्रायोजक
भागीदारी1,200 से अधिक प्रतिभागी, जिनमें मंत्री, महापौर और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि
शहरी आबादी2011 में लगभग 377 मिलियन, अब करीब 500 मिलियन, 2036 तक 600 मिलियन संभावित
कोषशहरी चुनौती कोष 1 लाख करोड़ रुपये; ऋण भुगतान गारंटी योजना 5,000 करोड़ रुपये; शहरीकरण प्रीमियम अनुदान 10,000 करोड़ रुपये

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (दूसरा), मेजबान शहर (भुवनेश्वर), तिथियां, विषय, आयोजक मंत्रालय, ज्ञान भागीदार (एनआईयूए) और प्रायोजक, शहरी आबादी के आंकड़े (2011 में 377 मिलियन, 2036 तक 600 मिलियन) तथा तीन कोष (1 लाख करोड़, 5,000 करोड़ और 10,000 करोड़ रुपये) याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनमध्यम

भुवनेश्वर में हो रहे दूसरे राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव का विषय क्या है?

  1. A.सिटीज ऑफ टुमॉरो
  2. B.अर्बन राइजिंग – रीथिंकिंग अर्बन सिस्टम्स, सॉल्यूशंस एंड डिलीवरी
  3. C.समृद्ध ओडिशा, विकसित भारत
  4. D.एडिक्वेट हाउसिंग फॉर ऑल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अर्बन राइजिंग – रीथिंकिंग अर्बन सिस्टम्स, सॉल्यूशंस एंड डिलीवरी

कॉन्क्लेव का दूसरा संस्करण 24 अक्तूबर 2026 को भुवनेश्वर में इसी विषय पर शुरू हुआ, जिसे आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ओडिशा सरकार के सहयोग से करा रहा है, और इसमें 1,200 से अधिक प्रतिभागी जुटे हैं, जिनमें शहरी विकास मंत्री, महापौर तथा शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव 2026 का ज्ञान भागीदार कौन संस्थान है?

  1. A.राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान
  2. B.शहरी परिवहन संस्थान (भारत)
  3. C.नीति आयोग
  4. D.भारतीय लोक प्रशासन संस्थान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान

सही उत्तर राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान है, जो इस कॉन्क्लेव का ज्ञान भागीदार है, जबकि आवास एवं शहरी विकास निगम तथा राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम मुख्य प्रायोजक हैं।

Q3.शिखर सम्मेलनकठिन

कॉन्क्लेव में बताया गया कि 2036 तक भारत की शहरी आबादी कितनी हो सकती है?

  1. A.लगभग 450 मिलियन
  2. B.लगभग 600 मिलियन
  3. C.लगभग 750 मिलियन
  4. D.लगभग 900 मिलियन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लगभग 600 मिलियन

केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि शहरी आबादी 2011 में करीब 377 मिलियन थी और अब लगभग 500 मिलियन है, तथा 2036 तक यह इसी स्तर तक पहुंच सकती है।

Q4.शिखर सम्मेलनमध्यम

राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव 2026 में उल्लिखित शहरी चुनौती कोष का आकार कितना है?

  1. A.5,000 करोड़ रुपये
  2. B.10,000 करोड़ रुपये
  3. C.1 लाख करोड़ रुपये
  4. D.25,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 लाख करोड़ रुपये

शहरी विकास विभाग के सचिव ने हाल की पहलों और सुधारों में इसी आकार के शहरी चुनौती कोष को गिनाया, साथ ही सास्की योजना के तहत किए जा रहे सुधारों का उल्लेख किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव 2026 कहां हो रहा है और इसका उद्घाटन किसने किया?

ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में, 24 और 25 अक्तूबर 2026 को। दूसरे संस्करण का उद्घाटन आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने किया, जिसे मंत्रालय ओडिशा सरकार के सहयोग से करा रहा है।

दूसरे राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव का विषय क्या है?

'अर्बन राइजिंग – रीथिंकिंग अर्बन सिस्टम्स, सॉल्यूशंस एंड डिलीवरी'। राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान ज्ञान भागीदार है, हुडको तथा एनबीसीसी मुख्य प्रायोजक हैं और 1,200 से अधिक प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं।

कॉन्क्लेव में किन शहरी कोषों का उल्लेख हुआ?

1 लाख करोड़ रुपये का शहरी चुनौती कोष, 5,000 करोड़ रुपये की ऋण भुगतान गारंटी योजना और सोलहवें वित्त आयोग की सिफारिश वाला 10,000 करोड़ रुपये का शहरीकरण प्रीमियम अनुदान, साथ ही सास्की योजना के तहत सुधार।

स्रोत

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