राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव 2026 का ज्ञान भागीदार कौन संस्थान है?
- A.राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान
- B.शहरी परिवहन संस्थान (भारत)
- C.नीति आयोग
- D.भारतीय लोक प्रशासन संस्थान
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान है, जो इस कॉन्क्लेव का ज्ञान भागीदार है, जबकि आवास एवं शहरी विकास निगम तथा राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम मुख्य प्रायोजक हैं। विकल्प B यानी शहरी परिवहन संस्थान (भारत) के माध्यम से मंत्रालय शहरी गतिशीलता भारत सम्मेलन कराता है, जो इसी शहर में हुआ अलग आयोजन है, इसलिए यह विकल्प भ्रमित करने वाला है पर गलत है। विकल्प C गलत है, क्योंकि नीति आयोग की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग जैन ने मुख्य भाषण दिया, पर संस्थान ज्ञान भागीदार नहीं था। विकल्प D दूसरा प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान है, जिसकी यहां कोई भूमिका नहीं बताई गई। ध्यान रहे कि ओडिशा की नगर नियोजन पुस्तिकाएं भी इसी संस्थान के सहयोग से तैयार हुई हैं।
पूरा लेख पढ़ें: राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव 2026 भुवनेश्वर में शुरू हुआ
अभ्यास प्रश्न
भुवनेश्वर में हो रहे दूसरे राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव का विषय क्या है?
- A.सिटीज ऑफ टुमॉरो
- B.अर्बन राइजिंग – रीथिंकिंग अर्बन सिस्टम्स, सॉल्यूशंस एंड डिलीवरी
- C.समृद्ध ओडिशा, विकसित भारत
- D.एडिक्वेट हाउसिंग फॉर ऑल
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कॉन्क्लेव का दूसरा संस्करण 24 अक्तूबर 2026 को भुवनेश्वर में इसी विषय पर शुरू हुआ, जिसे आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ओडिशा सरकार के सहयोग से करा रहा है, और इसमें 1,200 से अधिक प्रतिभागी जुटे हैं, जिनमें शहरी विकास मंत्री, महापौर तथा शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कॉन्क्लेव में बताया गया कि 2036 तक भारत की शहरी आबादी कितनी हो सकती है?
- A.लगभग 450 मिलियन
- B.लगभग 600 मिलियन
- C.लगभग 750 मिलियन
- D.लगभग 900 मिलियन
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केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि शहरी आबादी 2011 में करीब 377 मिलियन थी और अब लगभग 500 मिलियन है, तथा 2036 तक यह इसी स्तर तक पहुंच सकती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय शहरी कॉन्क्लेव 2026 में उल्लिखित शहरी चुनौती कोष का आकार कितना है?
- A.5,000 करोड़ रुपये
- B.10,000 करोड़ रुपये
- C.1 लाख करोड़ रुपये
- D.25,000 करोड़ रुपये
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शहरी विकास विभाग के सचिव ने हाल की पहलों और सुधारों में इसी आकार के शहरी चुनौती कोष को गिनाया, साथ ही सास्की योजना के तहत किए जा रहे सुधारों का उल्लेख किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सम्मेलन में बताए आंकड़ों के अनुसार भारत का चालू मेट्रो नेटवर्क कितना है?
- A.26 शहरों में लगभग 1,185 किमी
- B.16 शहरों में लगभग 1,185 किमी
- C.23 शहरों में लगभग 945 किमी
- D.30 शहरों में लगभग 1,450 किमी
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मंत्री ने समापन सत्र में बताया कि चालू मेट्रो नेटवर्क इतना बढ़ चुका है, तथा दिसंबर 2025 से लगभग 174 किमी की नौ मेट्रो परियोजनाएं 59,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत पर मंजूर हुई हैं, जबकि इसी अवधि में लगभग 102 किमी नेटवर्क चालू हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भविष्य की शहरी गतिशीलता के कौन से तीन स्तंभ बताए?
- A.निवेश, नवाचार और कार्यान्वयन
- B.एकीकरण, समावेश और बुद्धिमत्ता
- C.अवसंरचना, उद्योग और संस्थान
- D.सूचना, निरीक्षण और प्रोत्साहन
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एकीकरण का आशय मेट्रो, बस, रेल तथा अन्य सेवाओं के बीच निर्बाध संपर्क और मजबूत फर्स्ट एवं लास्ट माइल जुड़ाव से है।
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