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AATAL: दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण स्रोत विश्लेषण शुरू

डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिल्ली एनसीआर के लिए दुनिया की पहली एकीकृत वायु प्रदूषण विश्लेषण प्रयोगशाला AATAL का उद्घाटन IITM की दिल्ली शाखा में मिशन मौसम के तहत किया।

लेखक प्रकाशित · 3 मिनट
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AATAL: दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण स्रोत विश्लेषण शुरू

चर्चा में क्यों

24 अक्टूबर 2026 को डॉ. जितेंद्र सिंह ने IITM की दिल्ली शाखा में AATAL यानी एकीकृत वायुमंडलीय रसायन एवं एरोसोल विषाक्तता विश्लेषण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया, जो मिशन मौसम के तहत दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण के स्रोतों की वास्तविक समय में पहचान करेगी।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने दिल्ली एनसीआर के लिए AATAL यानी एकीकृत वायुमंडलीय रसायन एवं एरोसोल विषाक्तता विश्लेषण प्रयोगशाला शुरू की है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) की दिल्ली शाखा में इसका उद्घाटन किया और इसे अपनी तरह की दुनिया की पहली एकीकृत सुविधा बताया। यह प्रयोगशाला केवल प्रदूषण का स्तर नहीं बताएगी, बल्कि यह भी बताएगी कि हवा में मौजूद प्रदूषण किन चीजों से बना है, कहां से आ रहा है और स्वास्थ्य पर उसका क्या असर पड़ सकता है। दिल्ली एनसीआर को इसके लिए इसलिए चुना गया कि यहां की हवा को लेकर लोगों में गहरी चिंता है।

प्रयोगशाला क्या करेगी

प्रदूषण का स्तर जान लेने से यह पता नहीं चलता कि उसका कारण कौन सी गतिविधि है। AATAL वास्तविक समय में प्रदूषण के स्रोत अलग-अलग पहचान सकती है, जैसे वाहनों का धुआं, औद्योगिक गतिविधि, पराली और बायोमास जलाना, निर्माण कार्य तथा सड़क की धूल, और आसपास के क्षेत्रों से बहकर आने वाला प्रदूषण। हर स्रोत का हिस्सा अलग से आंका जाता है, इसलिए एजेंसियां देख सकती हैं कि किसी घंटे में हवा किस कारण से खराब हो रही है। उद्घाटन के दौरान स्क्रीन पर दिखा कि उस क्षण परिवहन क्षेत्र दिल्ली के प्रदूषण में लगभग 25 प्रतिशत योगदान दे रहा था और कुल प्रदूषण स्तर करीब 180 था।

रसायन और विषाक्तता की जांच

यहां लगे उपकरण वायुमंडलीय गैसों और एरोसोल की रासायनिक संरचना का विश्लेषण करते हैं, जिसमें सूक्ष्म कण (PM2.5), धातुएं और अन्य विषैले तत्व शामिल हैं। बराबर मात्रा के कण भी स्वास्थ्य पर एक जैसा असर नहीं डालते, इसलिए सांद्रता के साथ-साथ संरचना और संभावित विषाक्तता भी मापी जाएगी। इससे स्वास्थ्य एजेंसियों को यह समझने में मदद मिलेगी कि किस तरह का कण प्रदूषण अधिक नुकसानदेह है।

AIRWISE प्रणाली से जुड़ाव

यह प्रयोगशाला IITM की AIRWISE प्रणाली से जुड़ी है, जो उत्सर्जन के लिए वायु गुणवत्ता चेतावनी और एकीकृत निर्णय सहायता प्रणाली है। AIRWISE अगले 72 घंटे के लिए 400 मीटर के स्थानिक रिजॉल्यूशन पर वायु गुणवत्ता का पूर्वानुमान देती है, जिससे दिल्ली के एक हिस्से और दूसरे हिस्से की स्थिति अलग-अलग आंकी जा सकती है और यह भी बताया जा सकता है कि किसी इलाके की हवा किन स्रोतों से बिगड़ सकती है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह संयुक्त क्षमता वास्तविक समय की जानकारी के साथ आगामी चार दिन का पूर्वानुमान देगी। MAQWS के परियोजना निदेशक डॉ. सचिन घुडे ने इस रिजॉल्यूशन को विदेशी पूर्वानुमान प्रणालियों के समान बताया और कहा कि इसे अन्य शहरों तक बढ़ाया जा सकता है।

किसे मिलेगा लाभ

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और अन्य एजेंसियों को माप पर आधारित प्रमाण मिलेगा, जिससे वे तय कर सकेंगी कि किस क्षेत्र और किस इलाके में पहले कार्रवाई करनी है, और बाद में उसका असर भी आंक सकेंगी। इसमें श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के तहत लिए जाने वाले कदम भी शामिल हैं। यह सुविधा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित मिशन मौसम के तहत बनाई गई है और मंत्री ने इसे पूरी सरकार के साझा दृष्टिकोण का उदाहरण बताया। उद्घाटन के अवसर पर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार, IITM के निदेशक डॉ. ए. सूर्यचंद्र राव और भारत मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. महापात्र उपस्थित रहे।

महत्वपूर्ण तथ्य

सुविधाएकीकृत वायुमंडलीय रसायन एवं एरोसोल विषाक्तता विश्लेषण प्रयोगशाला (AATAL)
उद्घाटनडॉ. जितेंद्र सिंह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
मंत्रालयपृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
स्थानभारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) की दिल्ली शाखा
मिशनमिशन मौसम, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित
जुड़ी प्रणालीAIRWISE, उत्सर्जन के लिए वायु गुणवत्ता चेतावनी एवं एकीकृत निर्णय सहायता प्रणाली
पूर्वानुमान400 मीटर स्थानिक रिजॉल्यूशन पर अगले 72 घंटे के लिए
उद्घाटन पर दिखा आंकड़ापरिवहन से दिल्ली के प्रदूषण में लगभग 25 प्रतिशत योगदान, कुल स्तर करीब 180
लाभ पाने वाली संस्थाएंवायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के तहत कार्रवाई

परीक्षा की दृष्टि से

AATAL का पूरा नाम, संबंधित मंत्रालय (पृथ्वी विज्ञान), मेजबान संस्थान (IITM की दिल्ली शाखा), उद्घाटन करने वाले मंत्री (डॉ. जितेंद्र सिंह), संबंधित मिशन (मिशन मौसम), जुड़ी प्रणाली AIRWISE तथा उसका 400 मीटर रिजॉल्यूशन और 72 घंटे का पूर्वानुमान, और लाभ पाने वाली संस्थाएं CAQM तथा GRAP याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

दिल्ली एनसीआर के लिए शुरू की गई AATAL सुविधा का पूरा नाम क्या है?

  1. A.उन्नत एरोसोल अनुवीक्षण एवं वायुमंडलीय प्रयोगशाला
  2. B.एकीकृत वायुमंडलीय रसायन एवं एरोसोल विषाक्तता विश्लेषण प्रयोगशाला
  3. C.अखिल भारतीय वायु विषाक्तता आकलन प्रयोगशाला
  4. D.वायुमंडलीय विश्लेषण एवं तापीय एरोसोल प्रयोगशाला
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एकीकृत वायुमंडलीय रसायन एवं एरोसोल विषाक्तता विश्लेषण प्रयोगशाला

यही AATAL का पूरा नाम है, जिसका उद्घाटन डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान की दिल्ली शाखा में किया।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

दिल्ली एनसीआर की AATAL वायु प्रदूषण विश्लेषण प्रयोगशाला किस मिशन के तहत स्थापित की गई है?

  1. A.मिशन लाइफ
  2. B.राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम
  3. C.मिशन मौसम
  4. D.मिशन वायु शक्ति
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मिशन मौसम

यह प्रयोगशाला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित मिशन मौसम के तहत स्थापित की गई है, जिसका उद्देश्य वायुमंडलीय प्रदूषण की वैज्ञानिक समझ मजबूत करना और दिल्ली एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए उपयोगी प्रमाण जुटाना है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

AATAL से जुड़ी AIRWISE प्रणाली किस स्थानिक रिजॉल्यूशन पर और कितने समय आगे का वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान देती है?

  1. A.400 मीटर, अगले 72 घंटे के लिए
  2. B.1 किलोमीटर, अगले 48 घंटे के लिए
  3. C.100 मीटर, अगले 24 घंटे के लिए
  4. D.4 किलोमीटर, अगले 96 घंटे के लिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 400 मीटर, अगले 72 घंटे के लिए

AIRWISE यानी उत्सर्जन के लिए वायु गुणवत्ता चेतावनी एवं एकीकृत निर्णय सहायता प्रणाली 400 मीटर के स्थानिक रिजॉल्यूशन पर अगले 72 घंटे का वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान जारी करती है।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

AATAL के उद्घाटन के समय स्क्रीन पर दिल्ली के वायु प्रदूषण में परिवहन का कितना योगदान दिखाया गया?

  1. A.लगभग 10 प्रतिशत
  2. B.लगभग 25 प्रतिशत
  3. C.लगभग 45 प्रतिशत
  4. D.लगभग 60 प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लगभग 25 प्रतिशत

वास्तविक समय में स्रोत पहचान का महत्व समझाते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्क्रीन की ओर संकेत किया, जिस पर उस क्षण दिल्ली के वायु प्रदूषण में परिवहन का योगदान करीब 25 प्रतिशत दिख रहा था, जबकि कुल प्रदूषण स्तर करीब 180 था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AATAL क्या है?

AATAL का पूरा नाम एकीकृत वायुमंडलीय रसायन एवं एरोसोल विषाक्तता विश्लेषण प्रयोगशाला है। यह दिल्ली एनसीआर के लिए IITM की दिल्ली शाखा में शुरू की गई सुविधा है, जो गैसों और एरोसोल की रासायनिक संरचना जांचती है और प्रदूषण के स्रोत वास्तविक समय में पहचानती है।

AATAL किस प्रणाली से जुड़ी है और वह प्रणाली क्या पूर्वानुमान देती है?

यह AIRWISE से जुड़ी है, जो उत्सर्जन के लिए वायु गुणवत्ता चेतावनी और एकीकृत निर्णय सहायता प्रणाली है। AIRWISE दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों के लिए 400 मीटर रिजॉल्यूशन पर अगले 72 घंटे का वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान देती है।

यह प्रयोगशाला किस मिशन के तहत स्थापित की गई है?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित मिशन मौसम के तहत, और इसे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के माध्यम से लागू किया गया है। उद्घाटन डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS