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GK24

श्रम संवाद अभियान: 316 जिलों में श्रम संहिताओं पर जागरूकता

श्रम मंत्रालय का श्रम संवाद 28 सितंबर 2026 को शुरू हुआ 90 दिन का अभियान है, जो 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 316 जिलों तक पहुंच रहा है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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श्रम संवाद अभियान: 316 जिलों में श्रम संहिताओं पर जागरूकता — GK24 title card

चर्चा में क्यों

24 अक्टूबर 2026 को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने लखनऊ में दो दिवसीय राज्य स्तरीय श्रम संवाद कार्यक्रम की जानकारी दी। यह 28 सितंबर 2026 को शुरू हुए 90 दिन के देशव्यापी अभियान का हिस्सा है, जो 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 316 जिलों में चल रहा है।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय नई श्रम संहिताओं, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर देशव्यापी जागरूकता अभियान श्रम संवाद चला रहा है। यह अभियान 28 सितंबर 2026 को शुरू हुआ और 90 दिन तक चलेगा। इसके तहत सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 316 जिलों में जिला स्तर पर संवाद किया जा रहा है, जिसमें औद्योगिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान है। इसका उद्देश्य नियोक्ताओं और अन्य संबंधित पक्षों को संहिताओं के प्रावधानों, उनकी लागू होने की स्थिति और अनुपालन की शर्तों पर स्पष्टता देना है, ताकि जमीनी स्तर पर अमल ठीक से हो।

लखनऊ का कार्यक्रम

इस अभियान के तहत दो दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम लखनऊ, उत्तर प्रदेश में होगा, जिसे मंत्रालय उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित कर रहा है। पहले दिन श्रम सुधारों पर चर्चा होगी, जिसमें सचिव (श्रम एवं रोजगार) मुख्य संबोधन देंगे। सत्रों में अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता, असंगठित तथा गिग एवं प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा और भवन तथा अन्य निर्माण श्रमिकों (बीओसीडब्ल्यू) से जुड़ी पहलें शामिल हैं। उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री एक प्रमुख सत्र को संबोधित करेंगे, जिसके बाद कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने अनुभव रखेंगे।

चार श्रम संहिताएं

दूसरा दिन अमल पर केंद्रित है और इसकी शुरुआत चारों संहिताओं के तहत वैधानिक अनुपालन के ब्यौरे से होगी:

वेतन संहिता2019
औद्योगिक संबंध संहिता2020
सामाजिक सुरक्षा संहिता2020
व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता2020

योजनाएं और डिजिटल मंच

दूसरे दिन प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना पर प्रस्तुतियां होंगी। सत्रों में श्रमिकों के कल्याण के लिए तकनीक के उपयोग पर भी बात होगी, जिसमें ई-श्रम, श्रम सुविधा पोर्टल, समाधान और लेबर स्टैक जैसे मंच तथा राज्य सरकार की बेहतर व्यवस्थाएं और कार्यान्वयन की रणनीतियां शामिल हैं।

बाल और बंधुआ श्रम

दूसरे दिन बाल श्रम रोकने, बच्चों को छुड़ाने और उनके पुनर्वास, जिला स्तर पर निगरानी तथा बाल और बंधुआ श्रम को समाप्त करने की रणनीतियों पर भी चर्चा होगी। दोनों दिन खुली चर्चा के संगठित सत्र रखे गए हैं, जिनमें प्रतिभागी और उद्योग जगत के पक्ष अपनी व्यावहारिक दिक्कतें, अनुपालन से जुड़े प्रश्न और सुझाव रख सकेंगे। दोनों दिन के सत्रों में उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी भी शामिल होंगे।

महत्वपूर्ण तथ्य

अभियानश्रम संवाद
मंत्रालयश्रम एवं रोजगार मंत्रालय
शुरुआत28 सितंबर 2026, देशव्यापी
अवधि90 दिन का जागरूकता अभियान
दायरासभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 316 जिले
राज्य स्तरीय कार्यक्रमलखनऊ, उत्तर प्रदेश में दो दिवसीय कार्यक्रम
श्रम संहिताएंवेतन संहिता (2019), औद्योगिक संबंध संहिता (2020), सामाजिक सुरक्षा संहिता (2020), व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता (2020)
शामिल संस्थाएंईएसआईसी और ईपीएफओ
चर्चा में डिजिटल मंचई-श्रम, श्रम सुविधा पोर्टल, समाधान, लेबर स्टैक
प्रस्तुत योजनाएंप्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना

परीक्षा की दृष्टि से

अभियान (श्रम संवाद), मंत्रालय (श्रम एवं रोजगार), शुरू होने की तारीख (28 सितंबर 2026), अवधि (90 दिन), दायरा (सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 316 जिले), खबर में आया स्थान (लखनऊ, उत्तर प्रदेश) और सबसे अहम, चारों श्रम संहिताएं उनके वर्ष के साथ याद रखें: वेतन संहिता 2019, तथा औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कार्य दशा संहिता, ये तीनों 2020 की।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का श्रम संवाद अभियान कितने जिलों को कवर कर रहा है?

  1. A.216
  2. B.316
  3. C.416
  4. D.516
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 316

श्रम संवाद 90 दिन का जागरूकता अभियान है, जिसके जरिये श्रम एवं रोजगार मंत्रालय सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 316 जिलों में जिला स्तर पर संवाद कर रहा है, और इसमें औद्योगिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

चार श्रम संहिताओं में से कौन सी 2019 की है, जबकि बाकी तीन 2020 की हैं?

  1. A.सामाजिक सुरक्षा संहिता
  2. B.औद्योगिक संबंध संहिता
  3. C.वेतन संहिता
  4. D.व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा संहिता
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वेतन संहिता

बाकी तीनों संहिताएं 2020 की हैं: औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कार्य दशा संहिता।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

श्रम संहिताओं पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय श्रम संवाद कार्यक्रम किस शहर में हो रहा है?

  1. A.कानपुर
  2. B.लखनऊ
  3. C.नोएडा
  4. D.वाराणसी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लखनऊ

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से श्रम संहिताओं, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रम संवाद अभियान क्या है?

यह श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का 90 दिन का देशव्यापी जागरूकता अभियान है, जो 28 सितंबर 2026 को शुरू हुआ। इसका मकसद श्रम सुधारों पर जिला स्तर पर क्षमता निर्माण और जागरूकता है और यह सभी 36 राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के 316 जिलों को कवर करता है।

चार श्रम संहिताएं कौन सी हैं?

वेतन संहिता (2019), औद्योगिक संबंध संहिता (2020), सामाजिक सुरक्षा संहिता (2020) और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कार्य दशा संहिता (2020)। कार्यक्रम में चारों के तहत वैधानिक अनुपालन पर विस्तार से चर्चा होती है।

कार्यक्रम में श्रमिक कल्याण के किन मंचों पर चर्चा होती है?

ई-श्रम, श्रम सुविधा पोर्टल, समाधान और लेबर स्टैक पर। प्रस्तुत योजनाओं में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना शामिल हैं, तथा ईएसआईसी और ईपीएफओ भी अपने अनुभव रखते हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CHSLIBPS