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पीएमएवाई-शहरी 2.0 में स्वीकृत मकान 18.77 लाख हुए

सीएसएमसी की 9वीं बैठक में पीएमएवाई-शहरी 2.0 के तहत 29,000 से अधिक मकान मंजूर हुए, कुल स्वीकृति 18.77 लाख हुई, जिनमें 17.19 लाख मकान महिलाओं को मिले।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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पीएमएवाई-शहरी 2.0 में स्वीकृत मकान 18.77 लाख हुए

चर्चा में क्यों

सचिव सत्येंद्र सिंह की अध्यक्षता में 10 सितंबर 2026 को हुई केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की 9वीं बैठक ने 29,000 से अधिक मकान मंजूर किए और पीएमएवाई-शहरी 2.0 की कुल स्वीकृति 18.77 लाख पर पहुंचा दी।

आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने शहरी गरीबों के लिए और मकान मंजूर किए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी 2.0 के तहत कुल स्वीकृति अब 18.77 लाख मकानों की है। यह निर्णय केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की 9वीं बैठक में लिया गया। शहरी विकास विभाग के सचिव सत्येंद्र सिंह ने 10 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में इसकी अध्यक्षता की।

बैठक में क्या मंजूर हुआ

इस बैठक में 29,000 से अधिक मकान मंजूर किए गए। ये योजना के दो वर्टिकल के तहत आते हैं, यानी लाभार्थी आधारित निर्माण और भागीदारी में किफायती आवास। इन मंजूरियों में छह राज्य शामिल हैं। ये हैं असम, बिहार, गुजरात, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश। सचिव ने बताया कि समिति अब हर महीने के दूसरे सप्ताह में बैठेगी, ताकि प्रगति पर नियमित नजर रहे। राज्यों से कहा गया कि वे हर महीने के अंत तक विधिवत स्वीकृत परियोजनाएं भेजें।

मकान किन्हें मिले

पीएमएवाई-यू 2.0 में कुल स्वीकृत18.77 लाख मकान
महिलाओं को आवंटित17.19 लाख मकान, यानी 92 प्रतिशत
वरिष्ठ नागरिक1.80 लाख मकान
एससी लाभार्थी3.25 लाख मकान
एसटी लाभार्थी1.02 लाख मकान
ओबीसी लाभार्थी8.22 लाख मकान

योजना कैसे चलती है

योजना शहरी ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी परिवारों के लिए है, जिनकी सालाना पारिवारिक आय 9 लाख रुपये तक है। लाभार्थी अपनी जमीन पर खुद पक्का घर बना सकता है। वह योजना के तहत बनी परियोजना में घर खरीद भी सकता है। किफायती किराये का आवास तीसरा रास्ता है। पात्र आवास ऋण पर ब्याज सब्सिडी चौथा है। स्वीकृत मकान घर की महिला के नाम पर या संयुक्त स्वामित्व में रखे जाते हैं।

अब तक का रिकॉर्ड

पीएमएवाई-यू 2.0 मिशन के पहले चरण की प्रगति पर आगे बढ़ता है। पीएमएवाई-यू और पीएमएवाई-यू 2.0 को साथ लें तो 1.25 करोड़ से अधिक मकान मंजूर हुए हैं। इनमें से 1 करोड़ से अधिक मकान पूरे होकर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। दूसरे चरण की संचयी स्वीकृतियां अब 20 लाख के आंकड़े के करीब हैं, और मंत्रालय के अनुसार लक्ष्य वही है कि हर पात्र शहरी परिवार के पास अपना घर हो। महिलाओं के स्वामित्व पर जोर इस योजना का वह हिस्सा है जो परीक्षाओं में सबसे अधिक पूछा जाता है, साथ में आय की सीमा और चारों वर्टिकल के नाम।

महत्वपूर्ण तथ्य

योजनाप्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी 2.0
बैठककेंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) की 9वीं बैठक
अध्यक्षतासत्येंद्र सिंह, सचिव, शहरी विकास विभाग, एमओएचयूए
तिथि और स्थान10 सितंबर 2026, नई दिल्ली
बैठक में मंजूर मकान29,000 से अधिक, बीएलसी और एएचपी वर्टिकल के तहत
शामिल राज्यअसम, बिहार, गुजरात, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश
कुल स्वीकृति18.77 लाख मकान
महिलाओं के मकान17.19 लाख, यानी 92 प्रतिशत
आय सीमासालाना पारिवारिक आय 9 लाख रुपये तक
दोनों चरण मिलाकर1.25 करोड़ से अधिक स्वीकृत, 1 करोड़ से अधिक पूरे

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि सीएसएमसी की 9वीं बैठक की अध्यक्षता शहरी विकास विभाग के सचिव सत्येंद्र सिंह ने की, पीएमएवाई-यू 2.0 की कुल स्वीकृति 18.77 लाख है जिसमें 17.19 लाख यानी 92 प्रतिशत महिलाओं के लिए हैं, दो वर्टिकल बीएलसी और एएचपी, छह राज्य, सालाना 9 लाख रुपये तक की आय सीमा, और मिलाकर 1.25 करोड़ से अधिक मकानों का रिकॉर्ड।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी 2.0 के तहत कुल कितने मकान स्वीकृत हुए हैं?

  1. A.8.22 लाख
  2. B.17.19 लाख
  3. C.18.77 लाख
  4. D.1.25 करोड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 18.77 लाख

व्याख्या

सही उत्तर है 18.77 लाख। आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की नौवीं बैठक के बाद मिशन के दूसरे चरण में स्वीकृत मकानों की कुल संख्या यही है, और संचयी स्वीकृतियां अब बीस लाख के आंकड़े के करीब हैं। विकल्प B सबसे नजदीकी जाल है, क्योंकि वह इन मकानों में से महिलाओं को आवंटित मकानों की संख्या है, जो कुल का बानवे प्रतिशत बैठती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह आंकड़ा ओबीसी लाभार्थियों के लिए स्वीकृत मकानों का है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वह पहले चरण और इस चरण को मिलाकर बना रिकॉर्ड है, जिसमें से एक करोड़ से अधिक मकान पूरे होकर सौंपे भी जा चुके हैं। ऐसे प्रश्नों में पीएमएवाई-यू 2.0 शब्द ध्यान से पढ़ें।

Q2.सरकारी योजनाएंकठिन

केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की 9वीं बैठक की अध्यक्षता किसने की?

  1. A.केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री
  2. B.सत्येंद्र सिंह, सचिव, शहरी विकास विभाग
  3. C.कुमार रविकांत सिंह, मिशन निदेशक, सभी के लिए आवास
  4. D.कैबिनेट सचिव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सत्येंद्र सिंह, सचिव, शहरी विकास विभाग

व्याख्या

सही उत्तर है सत्येंद्र सिंह, सचिव, शहरी विकास विभाग। विज्ञप्ति के अनुसार यह बैठक नई दिल्ली में उनकी अध्यक्षता में हुई, और उन्होंने ही राज्यों को बताया कि समिति हर महीने के दूसरे सप्ताह में बैठेगी तथा उनसे कहा कि विधिवत स्वीकृत परियोजनाएं हर महीने के अंत तक भेजें। विकल्प C गलत है, हालांकि नामित अधिकारी बैठक में मौजूद थे: वे सभी के लिए आवास के संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक हैं, अध्यक्ष नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि इस बैठक की अध्यक्षता करने वाले किसी मंत्री का उल्लेख नहीं है; यह समिति मंत्रालय की एक आधिकारिक संस्था है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में ऐसी कोई भूमिका नहीं आती। स्वीकृति समितियों के प्रश्नों में अध्यक्ष का पद याद रखें।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

पीएमएवाई-शहरी 2.0 में शामिल परिवारों की सालाना पारिवारिक आय की सीमा क्या है?

  1. A.3 लाख रुपये तक
  2. B.6 लाख रुपये तक
  3. C.9 लाख रुपये तक
  4. D.18 लाख रुपये तक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 9 लाख रुपये तक

व्याख्या

सही उत्तर है 9 लाख रुपये तक। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह योजना उन शहरी ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी परिवारों की आवास जरूरतें पूरी करती है जिनकी सालाना पारिवारिक आय इस स्तर तक है, और इससे वे कच्चे, अपर्याप्त या किराये के आवास से पक्के घरों में जा सकते हैं। विकल्प A और B गलत हैं, क्योंकि विज्ञप्ति में इनमें से कोई आंकड़ा आय सीमा के रूप में नहीं दिया गया, भले ही आम चर्चा में निचली आय श्रेणियां ऐसी सीमाओं से जोड़ी जाती हैं। विकल्प D भी गलत है और ऐसी कोई सीमा विज्ञप्ति में नहीं आती। आय सीमा के साथ योजना के चारों रास्ते भी याद रखें, यानी खुद पक्का घर बनाना, योजना की परियोजना में घर खरीदना, किफायती किराये का आवास और आवास ऋण पर ब्याज सब्सिडी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएमएवाई-शहरी 2.0 के तहत कितने मकान स्वीकृत हुए हैं?

कुल 18.77 लाख। 10 सितंबर 2026 को हुई सीएसएमसी की 9वीं बैठक ने 29,000 से अधिक मकान मंजूर कर कुल संख्या इस स्तर पर पहुंचाई।

स्वीकृत मकानों में से कितने महिलाओं को मिले हैं?

17.19 लाख मकान, जो 18.77 लाख स्वीकृत मकानों का 92 प्रतिशत है। योजना के मकान महिला के नाम पर या संयुक्त स्वामित्व में रखे जाते हैं।

ताजा मंजूरियों में कौन से राज्य शामिल हैं?

छह राज्य: असम, बिहार, गुजरात, तेलंगाना, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश। ये मकान लाभार्थी आधारित निर्माण और भागीदारी में किफायती आवास वर्टिकल के तहत हैं।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL