मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24

आंध्र प्रदेश में 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक, 12 प्रयोगशालाएं शुरू

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने पीएम-अभिम के तहत आंध्र प्रदेश में 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक और 12 एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
Read in English
आंध्र प्रदेश में 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक, 12 प्रयोगशालाएं शुरू

चर्चा में क्यों

12 सितंबर 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की उपस्थिति में आंध्र प्रदेश में पीएम-अभिम के तहत 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक और 12 एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 12 सितंबर 2026 को आंध्र प्रदेश में 10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक और 12 एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू मौजूद रहे। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव भी उपस्थित थे। ये सुविधाएं प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन यानी पीएम-अभिम के तहत बनी हैं।

दोनों सुविधाएं क्या करती हैं

क्रिटिकल केयर ब्लॉक जिला स्तर पर उन्नत आपात और गहन चिकित्सा देता है। एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला जांच और रोग निगरानी की क्षमता देती है। मंत्री ने इन्हें एक ही व्यवस्था के दो पहलू बताया। एक गंभीर रूप से बीमार रोगी की जान बचाता है। दूसरा किसी रोग के खतरे को आपातकाल बनने से पहले पकड़ लेता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 का सबक यही था कि स्वास्थ्य सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है।

योजना के आंकड़े

देश में स्वीकृत क्रिटिकल केयर ब्लॉक631, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में
आंध्र प्रदेश के लिए स्वीकृत राशिपांच वर्ष की योजना अवधि के लिए 1,271.80 करोड़ रुपये
राज्य के क्रिटिकल केयर ब्लॉक24 स्वीकृत, लगभग 606 करोड़ रुपये की लागत
राज्य की प्रयोगशालाएं26 स्वीकृत, 32.50 करोड़ रुपये के साथ; सभी का सिविल कार्य पूरा, 14 पहले से चालू
उस दिन उद्घाटन10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक और 12 प्रयोगशालाएं

व्यापक स्वास्थ्य तस्वीर

राज्य के लिए स्वीकृत राशि चार घटकों पर खर्च होगी। ये हैं क्रिटिकल केयर ब्लॉक, एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं, शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर और ग्रामीण आयुष्मान आरोग्य मंदिर। नड्डा ने इस बदलाव को 2017 की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के ढांचे में रखा, जिसने निवारक, प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक देखभाल को आपस में जोड़ा। उन्होंने कहा कि देश भर में अब 1.75 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य पर जेब से होने वाला खर्च घटकर 43.4 प्रतिशत रह गया है। उन्होंने कहा कि बारह वर्ष में 16 नए एम्स बने और कुल संख्या 23 हो गई। उन्होंने कहा कि टीकाकरण का रिकॉर्ड अब यू-विन के जरिए डिजिटल रूप से दर्ज होता है। उन्होंने मिशन इंद्रधनुष में आंध्र प्रदेश के काम की सराहना की। उन्होंने राज्य के संजीवनी कार्यक्रम की भी तारीफ की, जो घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुंचाता है और 41 स्वास्थ्य मानकों की जांच कराता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

उद्घाटनकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा
तिथि और राज्य12 सितंबर 2026, आंध्र प्रदेश
खुली सुविधाएं10 क्रिटिकल केयर ब्लॉक और 12 एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं
योजनाप्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-अभिम)
अन्य उपस्थितमुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव
देश में स्वीकृत ब्लॉक631, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में
आंध्र प्रदेश के लिए राशिपांच वर्ष की योजना अवधि हेतु 1,271.80 करोड़ रुपये
राज्य के ब्लॉक और प्रयोगशालाएं24 ब्लॉक लगभग 606 करोड़ रुपये; 26 प्रयोगशालाएं 32.50 करोड़ रुपये
चार घटकक्रिटिकल केयर ब्लॉक, एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं, शहरी और ग्रामीण आयुष्मान आरोग्य मंदिर
नीतिगत आधारराष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017
सराहा गया राज्य कार्यक्रमसंजीवनी, 41 स्वास्थ्य मानकों की घर-घर जांच

परीक्षा की दृष्टि से

पीएम-अभिम का पूरा नाम, दोनों सुविधाओं का काम, उद्घाटन की संख्या (10 ब्लॉक और 12 प्रयोगशालाएं), देश में 631 क्रिटिकल केयर ब्लॉक, आंध्र प्रदेश के लिए 1,271.80 करोड़ रुपये और उसके चार घटक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का वर्ष 2017 तथा संजीवनी कार्यक्रम के 41 मानक याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

आंध्र प्रदेश में क्रिटिकल केयर ब्लॉक और एकीकृत जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं किस मिशन के तहत बनी हैं?

  1. A.राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
  2. B.प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन
  3. C.आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन
  4. D.प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन

व्याख्या

सही उत्तर प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन है, जिसे संक्षेप में पीएम-अभिम कहा जाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस मिशन की परिकल्पना कोविड-19 महामारी के बाद हुई, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था भविष्य की महामारियों और जन स्वास्थ्य आपात स्थितियों का सामना कर सके और साथ ही सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं भी बाधित न हों। विकल्प A राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन है, जो स्वास्थ्य सेवाओं का पुराना व्यापक कार्यक्रम है, पर ये ब्लॉक और प्रयोगशालाएं उसके तहत स्वीकृत नहीं हुईं। विकल्प C आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन है, जो डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड और पहचान से जुड़ा है, भौतिक अवसंरचना से नहीं। विकल्प D प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना है, जो इलाज का खर्च उठाती है। अभ्यर्थी आयुष्मान भारत के तीनों अंगों को अलग-अलग याद रखें।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

पीएम-अभिम के तहत भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कितने क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्वीकृत किए हैं?

  1. A.431
  2. B.531
  3. C.631
  4. D.731
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 631

व्याख्या

सही उत्तर 631 है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पीएम-अभिम के तहत भारत सरकार ने इतने क्रिटिकल केयर ब्लॉक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्वीकृत किए हैं, जिससे देश भर में गहन चिकित्सा क्षमता का एक नेटवर्क बन रहा है। उन्होंने इसकी तुलना उस पुरानी सोच से की जिसमें अस्पताल को केवल बिस्तरों की संख्या से आंका जाता था, और कहा कि मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था में गहन चिकित्सा क्षमता, ऑक्सीजन और मेडिकल गैस व्यवस्था, आइसोलेशन सुविधा, प्रशिक्षित कर्मी, प्रयोगशाला क्षमता तथा प्रकोप की शीघ्र पहचान जरूरी है। बाकी विकल्प सही आंकड़े के आसपास के हैं और ऐसे ही भ्रम पैदा करने के लिए रखे जाते हैं। आंध्र प्रदेश के लिए 24 ब्लॉक लगभग 606 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से स्वीकृत हैं, जिनमें से 10 का उद्घाटन इसी दिन हुआ।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने जिस संजीवनी कार्यक्रम की सराहना की, वह किस राज्य का है और कितने स्वास्थ्य मानकों की जांच कराता है?

  1. A.तेलंगाना, 21 मानक
  2. B.आंध्र प्रदेश, 41 मानक
  3. C.ओडिशा, 31 मानक
  4. D.कर्नाटक, 51 मानक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आंध्र प्रदेश, 41 मानक

व्याख्या

सही उत्तर आंध्र प्रदेश, 41 मानक है। राज्य में नई स्वास्थ्य सुविधाओं के उद्घाटन के अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने संजीवनी कार्यक्रम की तारीफ की, जो लोगों के घर तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाता है और इतने स्वास्थ्य मानकों की जांच उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि जांच को समुदाय के नजदीक लाने की राज्य की यह पहल प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने का उपयोगी मॉडल है, और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर इसे अपनाने की संभावना देखने में रुचि जताई। विकल्प A, C और D में पड़ोसी राज्य के साथ अलग संख्या जोड़ दी गई है, और ये उस अभ्यर्थी को फंसा सकते हैं जिसे कार्यक्रम का नाम तो याद है पर राज्य या संख्या नहीं। सुरक्षित तरीका यह है कि संजीवनी को आंध्र प्रदेश से जोड़कर याद रखें, क्योंकि उसी राज्य में उसी दिन ब्लॉक और प्रयोगशालाएं खोली गईं।

Q4.सरकारी योजनाएंकठिन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार भारत में स्वास्थ्य पर जेब से होने वाला खर्च घटकर कितना रह गया है?

  1. A.53.4 प्रतिशत
  2. B.48.2 प्रतिशत
  3. C.43.4 प्रतिशत
  4. D.38.6 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 43.4 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 43.4 प्रतिशत है। मंत्री ने जेब से होने वाले खर्च में आई गिरावट को नागरिकों को मिल रही बढ़ती वित्तीय सुरक्षा का संकेतक बताया और इसे स्वास्थ्य व्यवस्था में आए अन्य बदलावों के साथ रखा। जेब से होने वाला खर्च वह हिस्सा है जो परिवार इलाज के समय सीधे अपनी जेब से चुकाता है, बीमा या सरकारी सहायता से नहीं, इसलिए इसका घटना यह बताता है कि सार्वजनिक योजनाएं अधिक बोझ उठा रही हैं। इसी संबोधन में उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव नब्बे प्रतिशत से ऊपर पहुंच चुके हैं, देश में 1.75 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर काम कर रहे हैं तथा बारह वर्ष में 16 नए एम्स बनने से इनकी कुल संख्या 23 हो गई है। बाकी विकल्प आसपास के प्रतिशत हैं और केवल सही आंकड़ा ही अंक दिलाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम-अभिम का पूरा नाम क्या है?

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन। इसे इस उद्देश्य से बनाया गया कि भविष्य की महामारियों का सामना करते हुए भी सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं चलती रहें।

देश में कितने क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्वीकृत हुए हैं?

631, जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पीएम-अभिम के तहत स्वीकृत हैं। इनमें से 24 आंध्र प्रदेश के लिए लगभग 606 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत हैं।

आंध्र प्रदेश का संजीवनी कार्यक्रम क्या है?

यह राज्य का कार्यक्रम है जो घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुंचाता है और 41 स्वास्थ्य मानकों की जांच उपलब्ध कराता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इसे अध्ययन योग्य मॉडल बताया।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS