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GK24

अहमदाबाद में ईएलसी पर निर्वाचन आयोग का पांचवां सम्मेलन

निर्वाचन आयोग ने अहमदाबाद में इलेक्टरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेट पर पांचवां क्षेत्रीय सम्मेलन किया, जिसमें सीईसी ज्ञानेश कुमार ने ईएलसी 2.0 पर बात रखी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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अहमदाबाद में ईएलसी पर निर्वाचन आयोग का पांचवां सम्मेलन — GK24 title card

चर्चा में क्यों

11 सितंबर 2026 को भारत निर्वाचन आयोग ने अहमदाबाद में इलेक्टरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेट पर अपना पांचवां क्षेत्रीय सम्मेलन किया, जिसमें सीईसी ज्ञानेश कुमार ने ईएलसी 2.0 पहल सामने रखी।

भारत निर्वाचन आयोग ने 11 सितंबर 2026 को अहमदाबाद में इलेक्टरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेट पर अपना पांचवां क्षेत्रीय सम्मेलन किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज के छात्र कल के लोकतंत्र के पथप्रदर्शक हैं। उन्होंने जोड़ा कि देश भर के इलेक्टरल लिटरेसी क्लब दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र की रीढ़ मजबूत करने में मदद करेंगे।

पहले के सम्मेलन कहां हुए

इसी विषय पर इससे पहले चार क्षेत्रीय सम्मेलन हुए थे। ये बिहार के पटना, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, तमिलनाडु के चेन्नई और गोवा के मडगांव में हुए। अहमदाबाद की सभा में गुजरात भर के स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्र तथा शिक्षक शामिल हुए।

ईएलसी 2.0 क्या है

टैगलाइनलोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें।
यह क्या करता हैइलेक्टरल लिटरेसी क्लब को सुव्यवस्थित, दृश्यमान और डिजिटल रूप से सक्षम मंच बनाता है
कहांस्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय
डिजिटल आधारईसीआईनेट मंच, जिस पर रोल से पोल तक हर चुनावी सेवा है
कैसे चलेगासमर्पित ईएलसी पोर्टल से साल भर गतिविधियां, अखिल भारतीय नेटवर्क

नेटवर्क का आकार

आयोग ने बताया कि यह पहल क्यों मायने रखती है। भारत में लगभग 15 लाख स्कूल हैं। इनमें लगभग 25 करोड़ छात्र और एक करोड़ से अधिक शिक्षक हैं। उच्च शिक्षा में लगभग 1,500 विश्वविद्यालय और करीब 70,000 शैक्षणिक संस्थान जुड़ते हैं। इनमें अनुमानित नामांकन 4.33 करोड़ छात्रों का है। इसी नेटवर्क के जरिए ईएलसी 2.0 तथ्यात्मक और अनुभवात्मक चुनावी शिक्षा फैलाना चाहता है और युवा नागरिकों को जागरूक भागीदारी का दूत बनाना चाहता है। क्लब मतदाता पंजीकरण, मतदान, मतगणना और ईसीआईनेट ऐप की जानकारी भी पहुंचाएंगे।

सीईसी ने छात्रों और बीएलओ से क्या कहा

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि युवा मतदाताओं को भारत की चुनाव प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों, पंजीकरण, मतदान तथा मतगणना की प्रक्रिया और आयोग की भूमिका की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में चुनाव संविधान, कानून और आयोग के निर्देशों के अनुसार सख्ती से होते हैं, और हर चरण में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों के समवर्ती ऑडिट के तहत पारदर्शी रूप से कराए जाते हैं। उसी दिन पहले उन्होंने गुजरात के 500 से अधिक बूथ स्तर के अधिकारियों से मुलाकात की और राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के सुचारू निष्पादन के लिए उन्हें बधाई दी। छात्रों और बीएलओ, दोनों ने उनके साथ सवाल-जवाब सत्र में भाग लिया।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनइलेक्टरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेट पर पांचवां क्षेत्रीय सम्मेलन
स्थानअहमदाबाद, गुजरात, 11 सितंबर 2026
संबोधनमुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार
पहले के सम्मेलनपटना, लखनऊ, चेन्नई और मडगांव
पहलईएलसी 2.0, टैगलाइन लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें
डिजिटल मंचईसीआईनेट, जिस पर रोल से पोल तक चुनावी सेवाएं हैं
स्कूल नेटवर्कलगभग 15 लाख स्कूल, लगभग 25 करोड़ छात्र, एक करोड़ से अधिक शिक्षक
उच्च शिक्षालगभग 1,500 विश्वविद्यालय और करीब 70,000 संस्थान, नामांकन 4.33 करोड़
और मुलाकातगुजरात के 500 से अधिक बूथ स्तर के अधिकारी
सराहा गया कार्यगुजरात में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें कि यह इलेक्टरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेट पर पांचवां क्षेत्रीय सम्मेलन था और अहमदाबाद में हुआ, पहले के चार मेजबान शहर पटना, लखनऊ, चेन्नई और मडगांव, सीईसी का नाम, ईएलसी 2.0 की टैगलाइन, रोल से पोल तक सेवाएं देने वाला ईसीआईनेट मंच, और गुजरात के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 500 से अधिक बूथ स्तर के अधिकारियों से मुलाकात।

अभ्यास प्रश्न

Q1.राष्ट्रीयआसान

निर्वाचन आयोग ने इलेक्टरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेट पर अपना पांचवां क्षेत्रीय सम्मेलन किस शहर में किया?

  1. A.पटना
  2. B.मडगांव
  3. C.अहमदाबाद
  4. D.चेन्नई
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अहमदाबाद

व्याख्या

सही उत्तर है अहमदाबाद। आयोग ने इस श्रृंखला का पांचवां सम्मेलन वहीं किया, और इसमें गुजरात भर के स्कूलों, कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों से आए छात्र और शिक्षक शामिल हुए। इस प्रश्न में विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि इनमें से हर शहर इसी श्रृंखला के पहले चार सम्मेलनों में से एक की मेजबानी कर चुका है, यानी बिहार का पटना, उत्तर प्रदेश का लखनऊ, तमिलनाडु का चेन्नई और गोवा का मडगांव। ऐसी श्रृंखलाओं पर प्रश्न आमतौर पर मेजबान शहरों के क्रम पर बनते हैं, इसलिए पहले के चार शहरों को एक समूह की तरह याद रखें और पांचवें को गुजरात से जोड़ लें। यह भी ध्यान रखें कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उसी दिन राज्य के बूथ स्तर के अधिकारियों से मुलाकात की थी।

Q2.राष्ट्रीयमध्यम

निर्वाचन आयोग की ईएलसी 2.0 पहल की टैगलाइन क्या है?

  1. A.लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें।
  2. B.मेरा वोट, मेरा अधिकार
  3. C.कोई मतदाता छूटे नहीं
  4. D.मतदाता होने पर गर्व
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें।

व्याख्या

सही उत्तर है लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें। विज्ञप्ति के अनुसार ईएलसी 2.0 इसी टैगलाइन के साथ आता है और इलेक्टरल लिटरेसी क्लब को स्कूलों, कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में सुव्यवस्थित, दृश्यमान और डिजिटल रूप से सक्षम मंच के रूप में नए सिरे से गढ़ता है, जिससे युवा तथा पहली बार मतदान करने वाले मतदाता लोकतंत्र को समझें और उसमें सार्थक भागीदारी करें। यह पहल ईसीआईनेट मंच का लाभ उठाती है, जिस पर रोल से पोल तक चुनाव की हर सेवा मौजूद है, और एक समर्पित ईएलसी पोर्टल से साल भर गतिविधियां चलेंगी। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि इस विज्ञप्ति में इनमें से कोई पंक्ति नहीं आती, हालांकि हर एक मतदाता जागरूकता के नारे जैसी लगती है।

Q3.राष्ट्रीयकठिन

निर्वाचन आयोग के अनुसार भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र में कितने विश्वविद्यालय हैं?

  1. A.लगभग 700
  2. B.लगभग 1,000
  3. C.लगभग 1,500
  4. D.लगभग 70,000
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लगभग 1,500

व्याख्या

सही उत्तर है लगभग 1,500। विज्ञप्ति में उस शैक्षिक नेटवर्क का आकार बताया गया है जहां तक ईएलसी 2.0 पहुंच सकता है, और कहा गया है कि उच्च शिक्षा क्षेत्र में लगभग इतने ही विश्वविद्यालय हैं, साथ में करीब सत्तर हजार शैक्षणिक संस्थान, जिनमें अनुमानित नामांकन 4.33 करोड़ छात्रों का है। विकल्प D जाल है, क्योंकि वह बड़ा आंकड़ा संस्थानों का है, विश्वविद्यालयों का नहीं, और दोनों आंकड़े एक ही वाक्य में आते हैं। विकल्प A और B गलत हैं, क्योंकि विज्ञप्ति में इनमें से कोई आंकड़ा नहीं आता। स्कूल वाला हिस्सा भी साथ याद रखें, यानी लगभग पंद्रह लाख स्कूल, लगभग पच्चीस करोड़ छात्र और एक करोड़ से अधिक शिक्षक। इसी आकार से समझ आता है कि आयोग स्कूल-कॉलेज नेटवर्क को युवा मतदाताओं तक पहुंचने का मुख्य रास्ता क्यों मानता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इलेक्टरल लिटरेसी क्लब पर पांचवां क्षेत्रीय सम्मेलन कहां हुआ?

गुजरात के अहमदाबाद में, 11 सितंबर 2026 को। इसी विषय पर पहले के चार सम्मेलन पटना, लखनऊ, चेन्नई और मडगांव में हुए थे।

ईएलसी 2.0 की टैगलाइन क्या है?

लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें। ईएलसी 2.0 के तहत इलेक्टरल लिटरेसी क्लब को स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में सुव्यवस्थित, दृश्यमान तथा डिजिटल रूप से सक्षम मंच बनाया जा रहा है।

ईसीआईनेट क्या है?

निर्वाचन आयोग का डिजिटल मंच, जो रोल से पोल तक चुनाव से जुड़ी सभी सेवाएं देता है। ईएलसी 2.0 इसका और एक समर्पित ईएलसी पोर्टल का उपयोग करके साल भर चुनावी जागरूकता की गतिविधियां चलाएगा।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL