प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी 2.0 के तहत कुल कितने मकान स्वीकृत हुए हैं?
- A.8.22 लाख
- B.17.19 लाख
- C.18.77 लाख
- D.1.25 करोड़
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है 18.77 लाख। आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की नौवीं बैठक के बाद मिशन के दूसरे चरण में स्वीकृत मकानों की कुल संख्या यही है, और संचयी स्वीकृतियां अब बीस लाख के आंकड़े के करीब हैं। विकल्प B सबसे नजदीकी जाल है, क्योंकि वह इन मकानों में से महिलाओं को आवंटित मकानों की संख्या है, जो कुल का बानवे प्रतिशत बैठती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह आंकड़ा ओबीसी लाभार्थियों के लिए स्वीकृत मकानों का है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वह पहले चरण और इस चरण को मिलाकर बना रिकॉर्ड है, जिसमें से एक करोड़ से अधिक मकान पूरे होकर सौंपे भी जा चुके हैं। ऐसे प्रश्नों में पीएमएवाई-यू 2.0 शब्द ध्यान से पढ़ें।
पूरा लेख पढ़ें: पीएमएवाई-शहरी 2.0 में स्वीकृत मकान 18.77 लाख हुए
अभ्यास प्रश्न
केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की 9वीं बैठक की अध्यक्षता किसने की?
- A.केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री
- B.सत्येंद्र सिंह, सचिव, शहरी विकास विभाग
- C.कुमार रविकांत सिंह, मिशन निदेशक, सभी के लिए आवास
- D.कैबिनेट सचिव
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विज्ञप्ति के अनुसार यह बैठक नई दिल्ली में उनकी अध्यक्षता में हुई, और उन्होंने ही राज्यों को बताया कि समिति हर महीने के दूसरे सप्ताह में बैठेगी तथा उनसे कहा कि विधिवत स्वीकृत परियोजनाएं हर महीने के अंत तक भेजें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीएमएवाई-शहरी 2.0 में शामिल परिवारों की सालाना पारिवारिक आय की सीमा क्या है?
- A.3 लाख रुपये तक
- B.6 लाख रुपये तक
- C.9 लाख रुपये तक
- D.18 लाख रुपये तक
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विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह योजना उन शहरी ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी परिवारों की आवास जरूरतें पूरी करती है जिनकी सालाना पारिवारिक आय इस स्तर तक है, और इससे वे कच्चे, अपर्याप्त या किराये के आवास से पक्के घरों में जा सकते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
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विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
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