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अनाज भंडारण योजना: जुलाई 2026 तक 313 पैक्स में गोदाम तैयार

विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना के तहत जुलाई 2026 तक 313 पैक्स में गोदाम बन चुके थे, जिनसे देश में 1.80 लाख मीट्रिक टन से अधिक भंडारण क्षमता तैयार हुई।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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अनाज भंडारण योजना: जुलाई 2026 तक 313 पैक्स में गोदाम तैयार

चर्चा में क्यों

पीआईबी की 3 सितंबर 2026 की पृष्ठभूमि रिपोर्ट में सहकारी क्षेत्र की विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना की समीक्षा हुई, जिसमें जुलाई 2026 तक 313 पैक्स में गोदाम पूरे होने और 1.80 लाख मीट्रिक टन से अधिक क्षमता बनने की जानकारी दी गई।

पीआईबी की 3 सितंबर 2026 की पृष्ठभूमि रिपोर्ट में सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना की प्रगति बताई गई। यह योजना 2023 में शुरू हुई थी और प्राथमिक कृषि ऋण समितियों यानी पैक्स के माध्यम से चलती है, जो गांव स्तर की संस्थाएं हैं और ग्रामीण कर्जदारों को अल्पकालिक ऋण देती हैं। इसका उद्देश्य मौजूदा सरकारी योजनाओं को जोड़कर भंडारण, प्रसंस्करण, खरीद और वितरण को बेहतर बनाना है।

भंडारण क्यों जरूरी है

तृतीय अग्रिम अनुमान में 2025-26 का कुल खाद्यान्न उत्पादन 376.563 मिलियन टन आंका गया है। यह पिछले वर्ष के 357.732 मिलियन टन से लगभग 18.8 मिलियन टन अधिक है, अर्थात 5.3 प्रतिशत की वृद्धि। भारत में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 भी चलता है, जिसके दायरे में करीब 80 करोड़ लोग आते हैं। इसलिए सहकारिता मंत्रालय ने अनाज उगने वाली जगह के पास भंडारण पर जोर दिया है, जिससे खरीद केंद्रों के बीच ढुलाई की लागत घटे और अनाज की बर्बादी कम हो।

पायलट से विस्तार तक

योजना की शुरुआत2023; पायलट 31 मई 2023 को
पायलट11 राज्यों में 11 पैक्स, 9,750 मीट्रिक टन क्षमता
चिह्नित पैक्स, जुलाई 20261012
पूर्ण गोदाम, जुलाई 2026313 पैक्स
निर्मित क्षमता1.80 लाख मीट्रिक टन से अधिक
साइलो के आकार50, 100 और 200 मीट्रिक टन
कार्यान्वयन एजेंसीराष्ट्रीय सहकारी विकास निगम

पायलट राज्य थे महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, असम, कर्नाटक और त्रिपुरा।

वित्तीय व्यवस्था

यह योजना चार योजनाओं को जोड़ती है: कृषि अवसंरचना कोष, कृषि विपणन अवसंरचना योजना, कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना। कृषि विपणन अवसंरचना योजना के तहत सब्सिडी 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 33.33 प्रतिशत की गई और मार्जिन मनी की जरूरत घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई। नाबार्ड सब्सिडी पहुंचाता है, जबकि राज्य सहकारी बैंक और जिला केंद्रीय सहकारी बैंक पैक्स को ऋण देते हैं। नाबार्ड की विशेष पुनर्वित्त सुविधा और कृषि अवसंरचना कोष के 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ पैक्स के लिए प्रभावी ब्याज दर घटकर 1 प्रतिशत रह जाती है। भारतीय खाद्य निगम को पात्र गोदामों की सुनिश्चित किराये पर लेने की अनुमति दी गई है।

एक समिति का उदाहरण

महाराष्ट्र के अमरावती की नेरपिंगलाई पैक्स ने इस योजना के तहत 3,000 मीट्रिक टन का गोदाम बनाया, जिसमें कृषि विपणन अवसंरचना और कृषि अवसंरचना कोष योजनाओं से सहायता मिली। वहां करीब 300 किसान लगभग 32,000 बोरी सोयाबीन रखते हैं। समिति ने रखे गए उत्पाद के बदले लगभग 4.50 करोड़ रुपये का अग्रिम दिया है, जिससे किसान मजबूरी में बिक्री से बचते हैं। भंडारण संरचनाओं पर अनुमोदित अनाज भंडारण लोगो और निर्धारित रंग योजना दिखानी जरूरी है, तथा उन्हें भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण के मानकों का पालन करना होता है। पैक्स की पहचान और अनुमोदन जिला सहकारी विकास समितियां करती हैं, पैक्स के पास अपनी जमीन होनी चाहिए, और पट्टे की जमीन पर पट्टा 20 वर्ष से अधिक का होना चाहिए।

महत्वपूर्ण तथ्य

योजनासहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना
शुरुआत2023; पायलट 31 मई 2023 को
माध्यमप्राथमिक कृषि ऋण समितियां (पैक्स)
कार्यान्वयन एजेंसीराष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी)
पायलट11 राज्यों में 11 पैक्स, 9,750 मीट्रिक टन क्षमता
जुलाई 2026 तक चिह्नित पैक्स1012
जुलाई 2026 तक पूर्ण गोदाम313 पैक्स
निर्मित क्षमता1.80 लाख मीट्रिक टन से अधिक
साइलो के आकार50, 100 और 200 मीट्रिक टन
सब्सिडी में बढ़ोतरी25 प्रतिशत से 33.33 प्रतिशत
पैक्स की प्रभावी ब्याज दर1 प्रतिशत
गुणवत्ता मानकभंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण

परीक्षा की दृष्टि से

योजना का आरंभ वर्ष (2023) और पायलट तिथि (31 मई 2023), 9,750 मीट्रिक टन वाला 11 पैक्स का पायलट, जुलाई 2026 के आंकड़े (1012 चिह्नित और 313 पूर्ण), कार्यान्वयन एजेंसी (एनसीडीसी), साइलो के आकार (50, 100 और 200 मीट्रिक टन) तथा 1 प्रतिशत प्रभावी ब्याज दर याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना की कार्यान्वयन एजेंसी कौन है?

  1. A.भारतीय खाद्य निगम
  2. B.राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम
  3. C.नाबार्ड
  4. D.भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम

व्याख्या

सही उत्तर राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम है। पृष्ठभूमि रिपोर्ट इसे योजना की कार्यान्वयन एजेंसी बताती है, जिसे राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर समन्वय से सहयोग मिलता है, अर्थात अंतर-मंत्रालयी समिति, राष्ट्रीय स्तरीय समन्वय समिति तथा राज्य और जिला सहकारी विकास समितियां। बाकी तीनों विकल्प इसी दस्तावेज में दूसरी भूमिकाओं के साथ आते हैं और इसीलिए अच्छे भ्रम बनते हैं। भारतीय खाद्य निगम को योजना के तहत बने पात्र गोदामों को सुनिश्चित किराये पर लेने की अनुमति दी गई है। नाबार्ड कृषि विपणन अवसंरचना योजना के तहत सब्सिडी पहुंचाने वाली एजेंसी है और विशेष पुनर्वित्त सुविधा भी देता है। भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण वे मानक देता है जिनका पालन भंडारण संरचनाओं को करना होता है। छात्रों को हर नाम के साथ उसकी भूमिका याद रखनी चाहिए।

Q2.सरकारी योजनाएंकठिन

जुलाई 2026 तक इस योजना के तहत कितने पैक्स में गोदाम का निर्माण पूरा हो चुका था?

  1. A.11
  2. B.313
  3. C.521
  4. D.1012
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 313

व्याख्या

सही उत्तर 313 है। पृष्ठभूमि रिपोर्ट बताती है कि जुलाई 2026 तक देश भर में इतने पैक्स में गोदाम का निर्माण पूरा हो चुका था, जिससे 1.80 लाख मीट्रिक टन से अधिक भंडारण क्षमता बनी। विकल्प घ सबसे बड़ा जाल है, क्योंकि 1012 भी जुलाई 2026 का ही आंकड़ा है, पर वह योजना के तहत चिह्नित पैक्स या सहकारी समितियों की संख्या है, पूर्ण निर्माण वाली नहीं। विकल्प क पायलट चरण का है, जिसमें 11 राज्यों के 11 पैक्स में गोदाम पूरे हुए थे और 9,750 मीट्रिक टन क्षमता बनी थी, तथा पायलट 31 मई 2023 को शुरू हुआ था। विकल्प ग गढ़ा हुआ है। चिह्नित और पूर्ण के बीच का यह अंतर ठीक वही चीज है जिसे परीक्षक जांचता है, इसलिए तीनों आंकड़े क्रम से याद रखें।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

इस योजना के तहत पैक्स के लिए प्रभावी ऋण ब्याज दर घटकर कितनी रह जाती है?

  1. A.1 प्रतिशत
  2. B.3 प्रतिशत
  3. C.4 प्रतिशत
  4. D.7 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 1 प्रतिशत है। योजना में भाग लेने वाली सहकारी समितियों का वित्तीय बोझ घटाने के लिए नाबार्ड की विशेष पुनर्वित्त सुविधा का उपयोग होता है, और जब इसे कृषि अवसंरचना कोष के तहत मिलने वाले 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ जोड़ा जाता है, तो पैक्स के लिए प्रभावी ऋण ब्याज दर घटकर 1 प्रतिशत रह जाती है। विकल्प ख सबसे मजबूत भ्रम है, क्योंकि 3 प्रतिशत स्वयं ब्याज अनुदान है, वह दर नहीं जो समिति अंत में चुकाती है। विकल्प ग और घ का दस्तावेज में उल्लेख नहीं है। इसके साथ दो और वित्तीय उपाय याद रखने योग्य हैं, क्योंकि कृषि विपणन अवसंरचना योजना की सब्सिडी 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 33.33 प्रतिशत की गई और मार्जिन मनी की जरूरत घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई, तथा गोदाम निर्माण की लागत मानक भी संशोधित हुए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना किन संस्थाओं के माध्यम से लागू होती है?

प्राथमिक कृषि ऋण समितियों यानी पैक्स के माध्यम से, जो गांव स्तर की संस्थाएं हैं और ग्रामीण कर्जदारों को अल्पकालिक ऋण देती हैं। योजना की कार्यान्वयन एजेंसी राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम है।

जुलाई 2026 तक योजना की प्रगति क्या रही?

1012 पैक्स चिह्नित हो चुके थे और 313 पैक्स में गोदाम का निर्माण पूरा हो गया था, जिससे 1.80 लाख मीट्रिक टन से अधिक भंडारण क्षमता बनी। पायलट में 11 राज्यों के 11 पैक्स और 9,750 मीट्रिक टन क्षमता थी।

पैक्स के लिए प्रभावी ब्याज दर 1 प्रतिशत कैसे रह जाती है?

नाबार्ड की विशेष पुनर्वित्त सुविधा वित्तीय बोझ घटाती है और कृषि अवसंरचना कोष के 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ मिलकर पैक्स के लिए प्रभावी ऋण ब्याज दर 1 प्रतिशत रह जाती है।

इस योजना में कौन सी योजनाएं जुड़ती हैं?

कृषि अवसंरचना कोष, कृषि विपणन अवसंरचना योजना, कृषि यंत्रीकरण उप-मिशन और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 3 सितंबर 2026

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