जुलाई 2026 तक इस योजना के तहत कितने पैक्स में गोदाम का निर्माण पूरा हो चुका था?
- A.11
- B.313
- C.521
- D.1012
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर 313 है। पृष्ठभूमि रिपोर्ट बताती है कि जुलाई 2026 तक देश भर में इतने पैक्स में गोदाम का निर्माण पूरा हो चुका था, जिससे 1.80 लाख मीट्रिक टन से अधिक भंडारण क्षमता बनी। विकल्प घ सबसे बड़ा जाल है, क्योंकि 1012 भी जुलाई 2026 का ही आंकड़ा है, पर वह योजना के तहत चिह्नित पैक्स या सहकारी समितियों की संख्या है, पूर्ण निर्माण वाली नहीं। विकल्प क पायलट चरण का है, जिसमें 11 राज्यों के 11 पैक्स में गोदाम पूरे हुए थे और 9,750 मीट्रिक टन क्षमता बनी थी, तथा पायलट 31 मई 2023 को शुरू हुआ था। विकल्प ग गढ़ा हुआ है। चिह्नित और पूर्ण के बीच का यह अंतर ठीक वही चीज है जिसे परीक्षक जांचता है, इसलिए तीनों आंकड़े क्रम से याद रखें।
पूरा लेख पढ़ें: अनाज भंडारण योजना: जुलाई 2026 तक 313 पैक्स में गोदाम तैयार
अभ्यास प्रश्न
सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना की कार्यान्वयन एजेंसी कौन है?
- A.भारतीय खाद्य निगम
- B.राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम
- C.नाबार्ड
- D.भंडारण विकास एवं विनियामक प्राधिकरण
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पृष्ठभूमि रिपोर्ट इसे योजना की कार्यान्वयन एजेंसी बताती है, जिसे राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर समन्वय से सहयोग मिलता है, अर्थात अंतर-मंत्रालयी समिति, राष्ट्रीय स्तरीय समन्वय समिति तथा राज्य और जिला सहकारी विकास समितियां।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस योजना के तहत पैक्स के लिए प्रभावी ऋण ब्याज दर घटकर कितनी रह जाती है?
- A.1 प्रतिशत
- B.3 प्रतिशत
- C.4 प्रतिशत
- D.7 प्रतिशत
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योजना में भाग लेने वाली सहकारी समितियों का वित्तीय बोझ घटाने के लिए नाबार्ड की विशेष पुनर्वित्त सुविधा का उपयोग होता है, और जब इसे कृषि अवसंरचना कोष के तहत मिलने वाले 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान के साथ जोड़ा जाता है, तो पैक्स के लिए प्रभावी ऋण ब्याज दर घटकर…
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
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पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
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विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।
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