एनएचएआई ने ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 के विजेता घोषित किए
एनएचएआई ने तीन पौधारोपण श्रेणियों में ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 के विजेताओं की घोषणा की, जिनका चयन देश भर से आए 86 नामांकनों में से हुआ।

चर्चा में क्यों
3 सितंबर 2026 को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 के विजेताओं की घोषणा की, जिनका चयन तीन श्रेणियों में आए 86 नामांकनों से हुआ।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने 3 सितंबर 2026 को ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 के विजेताओं की घोषणा की। ये पुरस्कार राष्ट्रीय राजमार्गों पर सर्वोत्तम हरित तथा पौधारोपण प्रबंधन प्रथाओं को मान्यता देते हैं। एनएचएआई ने इनकी शुरुआत 2025 में की थी, जैसा ग्रीन हाईवेज पॉलिसी, 2015 में तय था।
तीन श्रेणियां
- सड़क के किनारे पौधारोपण, अर्थात राजमार्ग के किनारे।
- सड़क के बीच पौधारोपण, अर्थात दो कैरिजवे के बीच की पट्टी में।
- भूखंड में पौधारोपण, जिसमें क्लोवर लीव्स, इंटरचेंज, टोल प्लाजा और सर्विस एरिया शामिल हैं।
पहले पुरस्कार किसे मिले
सड़क के किनारे पौधारोपण में पहला पुरस्कार आंध्र प्रदेश में एनएच 16 पर चिलकलूरिपेट बाईपास के छह लेन विस्तार को मिला, जो विजयवाड़ा क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत है। सड़क के बीच पौधारोपण में पहला पुरस्कार एनएच 163 के हैदराबाद-यादगिरी खंड के चार लेन विस्तार को मिला, जो हैदराबाद क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत है। भूखंड में पौधारोपण में पहला पुरस्कार एनएच 44 पर जामठा क्लोवर लीफ और ऑक्सीजन बर्ड पार्क को मिला, जो नागपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत है। गुजरात में वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे का हिस्सा आठ लेन वाला वडोदरा-किम एक्सप्रेसवे तीन में से दो श्रेणियों में दूसरा पुरस्कार जीता। लखनऊ-अयोध्या रोड और लखनऊ आउटर रिंग रोड के जंक्शन पर मियावाकी पौधारोपण को भूखंड श्रेणी में तीसरा पुरस्कार मिला।
प्रविष्टियों का मूल्यांकन कैसे हुआ
| प्राप्त नामांकन | 86 |
| सड़क के किनारे पौधारोपण | 27 |
| सड़क के बीच पौधारोपण | 36 |
| भूखंड में पौधारोपण | 23 |
| अंतिम मूल्यांकन के लिए शॉर्टलिस्ट | 15, प्रत्येक श्रेणी में पांच |
| पुरस्कारों की शुरुआत | 2025 |
| संबंधित नीति | ग्रीन हाईवेज पॉलिसी, 2015 |
नामांकन एनएचएआई के ऑनलाइन पोर्टल से मंगाए गए थे। क्षेत्रीय कार्यालय, रियायत धारक, ठेकेदार, सरकारी एजेंसियां, गैर-सरकारी संगठन और राजमार्ग पौधारोपण परियोजनाओं से जुड़ी निजी एजेंसियां सभी आवेदन कर सकती थीं। हर प्रविष्टि के साथ जियो-टैग तस्वीरें, ड्रोन वीडियो, साइट के अनुसार पौधारोपण योजना और पौधों के जीवित रहने की दर का डेटा देना जरूरी था। मूल्यांकन में पौधों के जीवित रहने की दर को सबसे अधिक महत्व दिया गया। अन्य मापदंड थे साइट की पौधारोपण कार्य योजना, पौधारोपण कार्य का समय, गड्ढों का आकार, रोपण सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षा उपाय, अनुमोदित डिजाइन के अनुसार कार्य, प्रजातियों की विविधता और मूल प्रजातियों का उपयोग। गुणवत्ता, स्थिरता, प्रभावशीलता और किसी प्रथा को नेटवर्क में अन्यत्र दोहराने की संभावना पर विशेष ध्यान दिया गया।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पुरस्कार देने वाली संस्था | भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) |
|---|---|
| पुरस्कार | ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 |
| श्रेणियां | सड़क के किनारे, सड़क के बीच, भूखंड में पौधारोपण |
| प्राप्त नामांकन | 86 |
| श्रेणीवार नामांकन | 27 किनारे, 36 बीच, 23 भूखंड |
| शॉर्टलिस्ट | 15, प्रत्येक श्रेणी में पांच |
| सर्वाधिक महत्व | पौधों के जीवित रहने की दर |
| पुरस्कारों की शुरुआत | 2025 |
| संबंधित नीति | ग्रीन हाईवेज पॉलिसी, 2015 |
| किनारे श्रेणी का पहला पुरस्कार | एनएच 16 पर चिलकलूरिपेट बाईपास, आंध्र प्रदेश |
| भूखंड श्रेणी का पहला पुरस्कार | एनएच 44 पर जामठा क्लोवर लीफ, ऑक्सीजन बर्ड पार्क, नागपुर |
परीक्षा की दृष्टि से
पुरस्कार देने वाली संस्था (एनएचएआई), तीनों श्रेणियां, नामांकनों की संख्या (86) तथा 27, 36 और 23 का विभाजन, शॉर्टलिस्ट किए गए 15 नामांकन, मूल्यांकन में जीवित रहने की दर का सर्वाधिक महत्व, और पुरस्कारों की शुरुआत 2025 में ग्रीन हाईवेज पॉलिसी, 2015 के तहत होना याद रखें।
अभ्यास प्रश्न
ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 के लिए एनएचएआई को कितने नामांकन प्राप्त हुए?
- A.56
- B.86
- C.115
- D.150
उत्तर देखें
विज्ञप्ति इस प्रतिक्रिया को उत्साहजनक बताती है और देश भर से प्राप्त नामांकनों की संख्या यही देती है। श्रेणीवार विभाजन भी साथ याद रखना चाहिए, क्योंकि प्रश्न इनमें से किसी एक पर भी बन सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 की प्रविष्टियों के मूल्यांकन में किस मापदंड को सबसे अधिक महत्व दिया गया?
- A.लगाई गई प्रजातियों की विविधता
- B.खोदे गए गड्ढों का आकार
- C.पौधों के जीवित रहने की दर
- D.राजमार्ग खंड की कुल लंबाई
उत्तर देखें
विज्ञप्ति के अनुसार मूल्यांकन एक व्यापक आकलन ढांचे के तहत हुआ, जिसमें जीवित रहने की दर को सबसे अधिक महत्व मिला।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एनएचएआई ने ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स की शुरुआत किस नीति के तहत की थी?
- A.राष्ट्रीय राजमार्ग विकास नीति, 2011
- B.ग्रीन हाईवेज पॉलिसी, 2015
- C.राष्ट्रीय हरित कॉरिडोर नीति, 2018
- D.भारतमाला पौधारोपण नीति, 2022
उत्तर देखें
विज्ञप्ति बताती है कि एनएचएआई ने इन पुरस्कारों की शुरुआत 2025 में की थी, जैसा उस नीति में तय किया गया था, और ये पुरस्कार राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विकास के साथ पर्यावरण की स्थिरता जोड़ने की प्राधिकरण की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026 के लिए एनएचएआई को कितने नामांकन मिले?
देश भर से 86 नामांकन मिले, जिनमें सड़क के किनारे पौधारोपण के लिए 27, सड़क के बीच पौधारोपण के लिए 36 और भूखंड में पौधारोपण के लिए 23 थे। स्क्रीनिंग के बाद 15 नामांकन चुने गए, प्रत्येक श्रेणी में पांच।
प्रविष्टियों के मूल्यांकन में किस मापदंड को सबसे अधिक महत्व मिला?
पौधों के जीवित रहने की दर को। अन्य मापदंडों में साइट की पौधारोपण योजना, कार्य का समय, गड्ढों का आकार, रोपण सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षा उपाय, प्रजातियों की विविधता और मूल प्रजातियों का उपयोग शामिल थे।
ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स कब शुरू हुए?
एनएचएआई ने इनकी शुरुआत 2025 में की, जैसा ग्रीन हाईवेज पॉलिसी, 2015 में तय था। ये राष्ट्रीय राजमार्गों पर लैंडस्केपिंग और पौधारोपण प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रथाओं को मान्यता देते हैं।
भूखंड में पौधारोपण श्रेणी का पहला पुरस्कार किस परियोजना को मिला?
एनएच 44 पर जामठा क्लोवर लीफ और ऑक्सीजन बर्ड पार्क को, जो एनएचएआई के नागपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत है।
स्रोत
- एनएचएआई ने 'ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026' के विजेताओं की घोषणा की (नए टैब में खुलेगा) — Press Information Bureau
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