निर्वाचन आयोग की ईएलसी 2.0 पहल की टैगलाइन क्या है?
- A.लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें।
- B.मेरा वोट, मेरा अधिकार
- C.कोई मतदाता छूटे नहीं
- D.मतदाता होने पर गर्व
सही उत्तर
A. लोकतंत्र सीखें। लोकतंत्र का नेतृत्व करें।
व्याख्या
सही उत्तर है लोकतंत्र सीखें, लोकतंत्र का नेतृत्व करें। विज्ञप्ति के अनुसार ईएलसी 2.0 इसी टैगलाइन के साथ आता है और इलेक्टरल लिटरेसी क्लब को स्कूलों, कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में सुव्यवस्थित, दृश्यमान और डिजिटल रूप से सक्षम मंच के रूप में नए सिरे से गढ़ता है, जिससे युवा तथा पहली बार मतदान करने वाले मतदाता लोकतंत्र को समझें और उसमें सार्थक भागीदारी करें। यह पहल ईसीआईनेट मंच का लाभ उठाती है, जिस पर रोल से पोल तक चुनाव की हर सेवा मौजूद है, और एक समर्पित ईएलसी पोर्टल से साल भर गतिविधियां चलेंगी। विकल्प B, C और D गलत हैं, क्योंकि इस विज्ञप्ति में इनमें से कोई पंक्ति नहीं आती, हालांकि हर एक मतदाता जागरूकता के नारे जैसी लगती है।
पूरा लेख पढ़ें: अहमदाबाद में ईएलसी पर निर्वाचन आयोग का पांचवां सम्मेलन
अभ्यास प्रश्न
निर्वाचन आयोग ने इलेक्टरल लिटरेसी क्लब और ईसीआईनेट पर अपना पांचवां क्षेत्रीय सम्मेलन किस शहर में किया?
- A.पटना
- B.मडगांव
- C.अहमदाबाद
- D.चेन्नई
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अहमदाबाद
व्याख्या
सही उत्तर है अहमदाबाद। आयोग ने इस श्रृंखला का पांचवां सम्मेलन वहीं किया, और इसमें गुजरात भर के स्कूलों, कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों से आए छात्र और शिक्षक शामिल हुए। इस प्रश्न में विकल्प A, B और D गलत हैं, क्योंकि इनमें से हर शहर इसी श्रृंखला के पहले चार सम्मेलनों में से एक की मेजबानी कर चुका है, यानी बिहार का पटना, उत्तर प्रदेश का लखनऊ, तमिलनाडु का चेन्नई और गोवा का मडगांव। ऐसी श्रृंखलाओं पर प्रश्न आमतौर पर मेजबान शहरों के क्रम पर बनते हैं, इसलिए पहले के चार शहरों को एक समूह की तरह याद रखें और पांचवें को गुजरात से जोड़ लें। यह भी ध्यान रखें कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने उसी दिन राज्य के बूथ स्तर के अधिकारियों से मुलाकात की थी।
निर्वाचन आयोग के अनुसार भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र में कितने विश्वविद्यालय हैं?
- A.लगभग 700
- B.लगभग 1,000
- C.लगभग 1,500
- D.लगभग 70,000
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लगभग 1,500
व्याख्या
सही उत्तर है लगभग 1,500। विज्ञप्ति में उस शैक्षिक नेटवर्क का आकार बताया गया है जहां तक ईएलसी 2.0 पहुंच सकता है, और कहा गया है कि उच्च शिक्षा क्षेत्र में लगभग इतने ही विश्वविद्यालय हैं, साथ में करीब सत्तर हजार शैक्षणिक संस्थान, जिनमें अनुमानित नामांकन 4.33 करोड़ छात्रों का है। विकल्प D जाल है, क्योंकि वह बड़ा आंकड़ा संस्थानों का है, विश्वविद्यालयों का नहीं, और दोनों आंकड़े एक ही वाक्य में आते हैं। विकल्प A और B गलत हैं, क्योंकि विज्ञप्ति में इनमें से कोई आंकड़ा नहीं आता। स्कूल वाला हिस्सा भी साथ याद रखें, यानी लगभग पंद्रह लाख स्कूल, लगभग पच्चीस करोड़ छात्र और एक करोड़ से अधिक शिक्षक। इसी आकार से समझ आता है कि आयोग स्कूल-कॉलेज नेटवर्क को युवा मतदाताओं तक पहुंचने का मुख्य रास्ता क्यों मानता है।
भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों पर राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन की अध्यक्षता किसने की?
- A.शोभा करंदलाजे
- B.मनसुख मांडविया
- C.चंद्र भूषण कुमार
- D.भूपेंद्र यादव
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मनसुख मांडविया
व्याख्या
सही उत्तर मनसुख मांडविया है, जो केंद्रीय श्रम और रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री हैं और जिन्होंने सम्मेलन के पहले दिन की अध्यक्षता की। विकल्प A यानी शोभा करंदलाजे श्रम और रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री हैं और उसी सत्र में मौजूद थीं, पर अध्यक्षता उन्होंने नहीं की, इसलिए यही सबसे नजदीकी भ्रामक विकल्प है। विकल्प C यानी डॉ. चंद्र भूषण कुमार श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव हैं और उन्होंने दूसरे दिन की शुरुआत की, जहां उन्होंने कौशल इकोसिस्टम, श्रमिक की गरिमा, राज्यों और देशों के बीच श्रमिकों की आवाजाही, पेशेगत सेहत तथा कल्याणकारी उपायों में बीमांकिक विश्लेषण के उपयोग की बात रखी। विकल्प D में दूसरा विभाग संभालने वाले मंत्री का नाम है। मंत्री, राज्यमंत्री और सचिव को अलग-अलग याद रखना ही ऐसे प्रश्न का उद्देश्य है।
बीओसीडब्ल्यू सम्मेलन में डिजिटल लेबर चौक से जुड़ा अनुभव किस राज्य ने साझा किया?
- A.उत्तर प्रदेश
- B.बिहार
- C.राजस्थान
- D.असम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. राजस्थान
व्याख्या
सही उत्तर राजस्थान है। नई श्रम संहिताओं के आलोक में बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों की भूमिका और जिम्मेदारियों वाले सत्र में कई राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी पहलें प्रस्तुत कीं। राजस्थान ने डिजिटल लेबर चौक का अनुभव रखा, जो उस पारंपरिक चौक को डिजिटल रूप देता है जहां दिहाड़ी श्रमिक काम की प्रतीक्षा में जुटते हैं, ताकि श्रमिक और नियोक्ता एक-दूसरे तक आसानी से पहुंच सकें। विकल्प A यानी उत्तर प्रदेश ने भवन निर्माण श्रमिकों के कौशल विकास पर अपना काम रखा। विकल्प B यानी बिहार ने श्रम सेवा सुविधा केंद्रों पर प्रकाश डाला। विकल्प D यानी असम ने निर्माण सखी पोर्टल पेश किया। चारों प्रस्तुतियां एक ही सत्र की हैं, इसलिए इन्हें अलग-अलग तथ्य के बजाय एक मिलान सूची की तरह याद करना बेहतर है।
भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों पर राष्ट्रीय सम्मेलन किस शहर में संपन्न हुआ?
- A.नई दिल्ली
- B.मुंबई
- C.पुणे
- D.नागपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मुंबई
व्याख्या
सही उत्तर मुंबई है। दो दिवसीय यह सम्मेलन श्रम और रोजगार मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर आयोजित किया और दूसरे दिन इसी शहर में संपन्न हुआ। इसमें केंद्र सरकार, राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों, बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों और अन्य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधि जुटे, जिन्होंने निर्माण श्रमिकों के कल्याण, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर चर्चा की। विकल्प A यानी नई दिल्ली किसी भी राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए सबसे स्वाभाविक अनुमान है और इसीलिए सबसे बड़ा भ्रम भी। विकल्प C और D महाराष्ट्र के ही अन्य शहर हैं, जो यह परखते हैं कि अभ्यर्थी को केवल राज्य याद है या शहर भी। इसे याद रखने का भरोसेमंद तरीका यह है कि साझेदार राज्य को उसकी राजधानी से जोड़ लें, क्योंकि उसी राज्य की सरकार आयोजन में साझेदार थी।