'प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यह योजना किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में महिलाओं को प्रसवपूर्व देखभाल सेवाओं का न्यूनतम पैकेज और प्रसव के बाद छह महीने की स्वास्थ्य देखभाल सेवा की गारंटी देती है। 2. इस योजना के अंतर्गत कुछ विशेषज्ञताओं के निजी क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवा प्रदाता स्वेच्छा से पास के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएँ दे सकते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2। यह अभियान गर्भावस्था के दौरान प्रसवपूर्व जाँच के लिए है, प्रसव के बाद छह महीने की देखभाल के लिए नहीं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 2016 में PMSMA शुरू किया। इसके तहत दूसरी या तीसरी तिमाही की हर गर्भवती महिला को हर महीने की 9 तारीख को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसवपूर्व देखभाल का निःशुल्क और सुनिश्चित पैकेज मिलता है। उद्देश्य है जोखिम वाली गर्भावस्था को समय पर पहचानना और मातृ एवं शिशु मृत्यु घटाना। कथन 1 गलत है क्योंकि इसमें प्रसव के बाद छह महीने की स्वास्थ्य सेवा जोड़ दी गई है, जो योजना का हिस्सा नहीं है। कथन 2 सही है: स्त्री रोग विशेषज्ञ जैसे निजी डॉक्टरों को उस दिन पास के सरकारी केंद्रों में स्वेच्छा से सेवा देने के लिए आमंत्रित किया जाता है, यही PMSMA की खास बात है। विकल्प A गलत है क्योंकि कथन 1 असत्य है। विकल्प C भी इसी कारण गलत है। विकल्प D गलत है क्योंकि कथन 2 सत्य है। Exam tip: PMSMA यानी हर महीने की 9 तारीख को प्रसवपूर्व जाँच, जिसमें निजी डॉक्टर सरकारी केंद्रों में स्वेच्छा से सेवा देते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम के अनुसार, किसी वस्तु की उपभोग की गई मात्रा बढ़ने पर उस वस्तु की सीमांत उपयोगिता
- A.बढ़ती है
- B.घटती है
- C.स्थिर रहती है
- D.पहले घटती है और फिर बढ़ती है
उत्तर देखें
किसी वस्तु की हर अतिरिक्त इकाई उपभोक्ता को पिछली इकाई से कम अतिरिक्त संतुष्टि देती है, इसलिए उपभोग बढ़ने पर सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर के प्रभाव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माँग, पूर्ति की तुलना में बेलोचदार हो, तो कर आगे उपभोक्ताओं पर खिसका दिया जाता है। 2. यदि पूर्ति, माँग की तुलना में अधिक बेलोचदार हो, तो कर पीछे उत्पादकों पर खिसका दिया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
कर का बोझ बाज़ार के उस पक्ष पर ज़्यादा पड़ता है जो कम लोचदार है, यानी जो आसानी से पीछे नहीं हट सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गरीबी उन्मूलन में सब्सिडी के विकल्प के रूप में UBI का पूरा नाम क्या है?
- A.यूनियन बेसिक इनकम
- B.अनडिफ़ाइंड बेसिक इनकम
- C.अनकंडीशनल बेसिक इनकम
- D.यूनिवर्सल बेसिक इनकम
उत्तर देखें
UBI का विचार यह है कि अनेक अलग-अलग सब्सिडी और कल्याण योजनाओं के स्थान पर हर नागरिक को नियमित रूप से, बिना शर्त, एक तय राशि दी जाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन चौदहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं?
- A.सी. रंगराजन
- B.विजय केलकर
- C.वाई. वी. रेड्डी
- D.राकेश मोहन
उत्तर देखें
2015-2020 की अवधि के लिए 2013 में गठित चौदहवें वित्त आयोग की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाई. वी. रेड्डी ने की थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →GST लागू करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- A.राज्य संविधान में संशोधन के बिना GST लागू करने पर केंद्र से सहमत होने को तैयार नहीं थे।
- B.GST को समवर्ती आधार पर लागू किया जाना था और ऐसी स्थिति के लिए अनुच्छेद 246 अपर्याप्त था।
- C.वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
- D.GST परिषद ने अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
उत्तर देखें
GST एक ही आपूर्ति पर केंद्र और राज्य दोनों मिलकर लगाते हैं, और अलग-अलग सूचियों के ज़रिये कराधान शक्तियां बांटने वाला अनुच्छेद 246 ऐसे समवर्ती कर की अनुमति नहीं देता था।
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