CBAM (कार्बन सीमा समायोजन तंत्र) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. ये व्यापार नीति के उभरते उपकरण हैं, जो कार्बन-सघन आर्थिक गतिविधि को कम कठोर जलवायु नीति वाले क्षेत्राधिकार से कठोर जलवायु नीति वाले क्षेत्राधिकार में ले जाने की अनुमति देते हैं 2. इनका उद्देश्य जलवायु नीतियों की पर्यावरणीय प्रभावशीलता बढ़ाना है नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2। कार्बन सीमा समायोजन का काम कार्बन-सघन गतिविधियों को सख्त नियमों वाले क्षेत्र से बाहर जाने से रोकना है, उन्हें ले जाने में मदद करना नहीं; और इसका लक्ष्य जलवायु नीति को अधिक असरदार बनाना है।
जब कोई क्षेत्र कार्बन पर ऊँची कीमत लगाता है तो वहाँ के कारखाने ढीले नियमों वाले देशों में जा सकते हैं और वहीं से माल वापस भेज सकते हैं। इससे वैश्विक उत्सर्जन घटता नहीं, इसे कार्बन रिसाव (कार्बन लीकेज) कहते हैं। CBAM स्टील, सीमेंट, एल्युमिनियम और उर्वरक जैसे कार्बन-सघन आयातों पर उतना शुल्क लगाता है जितनी कार्बन कीमत घरेलू उत्पादक देता। यूरोपीय संघ का CBAM इसका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है। बाहर प्रदूषण करने का लाभ खत्म करके यह घरेलू जलवायु नीति की प्रभावशीलता बचाता है, जो कथन 2 कहता है।
A गलत है क्योंकि कथन 1 उद्देश्य को उलट देता है। C गलत है क्योंकि कथन 1 असत्य है। D गलत है क्योंकि कथन 2 सही है।
Exam tip: CBAM = कार्बन रिसाव रोकने के लिए आयात पर कार्बन कीमत।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंहरित अर्थव्यवस्था पर कार्रवाई हेतु भागीदारी (PAGE), जो देशों को अधिक हरित और समावेशी अर्थव्यवस्थाओं की ओर बढ़ने में सहायता करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एक व्यवस्था है, कहां उभरी?
- A.सतत विकास पर पृथ्वी शिखर सम्मेलन 2002, जोहान्सबर्ग
- B.सतत विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन 2012, रियो डी जनेरियो
- C.जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क अभिसमय 2015, पेरिस
- D.विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2016, नई दिल्ली
उत्तर देखें
PAGE की शुरुआत 2013 में जून 2012 के रियो+20 सम्मेलन के आह्वान के सीधे जवाब में हुई। उस सम्मेलन के परिणाम दस्तावेज़ 'द फ्यूचर वी वॉन्ट' ने हरित अर्थव्यवस्था को सतत विकास और गरीबी उन्मूलन का साधन माना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वन्यजीव संरक्षण से संबंधित भारतीय कानूनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. वन्य प्राणी पूरी तरह सरकार की संपत्ति हैं। 2. जब किसी वन्य प्राणी को संरक्षित घोषित कर दिया जाता है, तो वह प्राणी समान संरक्षण का हकदार होता है, चाहे वह संरक्षित क्षेत्रों में पाया जाए या उनके बाहर। 3. किसी संरक्षित वन्य प्राणी के मानव जीवन के लिए खतरा बनने की आशंका उसे पकड़ने या मारने के लिए पर्याप्त आधार है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.1 और 2
- B.केवल 2
- C.1 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत वन्य प्राणी सरकार के हैं और संरक्षित प्राणी हर जगह संरक्षित है, पर केवल खतरे की आशंका उसे मारने का आधार नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नदी तल में भारी मात्रा में बालू खनन के संभावित परिणाम कौन-सा/से है/हैं? 1. नदी की लवणता में कमी 2. भूजल का प्रदूषण 3. जल-स्तर का नीचे जाना नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
भारी बालू खनन से जल-स्तर गिरता है और भूजल प्रदूषण का खतरा बढ़ता है, पर इससे नदी की लवणता कम नहीं होती।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'M-STrIPES' शब्द, जो कभी-कभी समाचारों में दिखता है, किसके संदर्भ में है?
- A.वन्य जीवों का बंदी प्रजनन
- B.बाघ अभयारण्यों का अनुरक्षण
- C.स्वदेशी उपग्रह नौवहन प्रणाली
- D.राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा
उत्तर देखें
M-STrIPES का पूरा नाम है मॉनिटरिंग सिस्टम फ़ॉर टाइगर्स: इंटेंसिव प्रोटेक्शन एंड इकोलॉजिकल स्टेटस। इसे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने भारतीय वन्यजीव संस्थान के तकनीकी सहयोग से लगभग 2010 में बाघ अभयारण्यों के लिए शुरू किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में, 'विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (extended producer responsibility)' को निम्नलिखित में से किसमें एक महत्वपूर्ण विशेषता के रूप में प्रारंभ किया गया था?
- A.जैव-चिकित्सा अपशिष्ट (प्रबंधन और हस्तन) नियम, 1998
- B.पुनर्चक्रित प्लास्टिक (विनिर्माण और उपयोग) नियम, 1999
- C.ई-अपशिष्ट (प्रबंधन और हस्तन) नियम, 2011
- D.खाद्य सुरक्षा और मानक विनियम, 2011
उत्तर देखें
पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत अधिसूचित और मई 2012 से लागू इन नियमों ने विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व, यानी EPR, को अपनी मुख्य विशेषता बनाया।
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