निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. लाल सागर में किसी भी रूप में बहुत कम वर्षण होता है। 2. लाल सागर में किसी भी नदी से पानी नहीं आता। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। लाल सागर गर्म मरुस्थलीय पट्टी में है, यहाँ बहुत कम वर्षा होती है और कोई स्थायी नदी इसमें नहीं गिरती।
लाल सागर उत्तर-पूर्वी अफ्रीका और अरब प्रायद्वीप के बीच हिंद महासागर की एक संकरी शाखा है। यह बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से अदन की खाड़ी से और स्वेज नहर से भूमध्य सागर से जुड़ा है। इसके दोनों ओर सहारा और अरब के मरुस्थल हैं, इसलिए यहाँ औसत वर्षा साल में कुछ ही सेंटीमीटर होती है, जबकि वाष्पीकरण बहुत अधिक है। इसमें कोई सदानीरा नदी नहीं गिरती; केवल कभी-कभार होने वाले तूफानों के बाद वादी कहलाने वाली छोटी मौसमी धाराएँ बहती हैं। अधिक वाष्पीकरण और लगभग शून्य मीठे पानी के कारण यह खुले महासागर से जुड़े सबसे खारे सागरों में है, जिसकी लवणता लगभग 40 भाग प्रति हजार है।
A गलत है क्योंकि कथन 2 भी सत्य है। B गलत है क्योंकि कथन 1 भी सत्य है। D गलत है क्योंकि दोनों कथन सही हैं।
Exam tip: लाल सागर: कोई स्थायी नदी नहीं, कम वर्षा, अधिक वाष्पीकरण, लवणता लगभग 40 भाग प्रति हजार।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस प्रकार के बादल की विशेषता लगातार वर्षण है?
- A.पक्षाभ कपासी (सिरोक्यूम्यूलस)
- B.कपासी (क्यूम्यूलस)
- C.वर्षा स्तरी (निम्बोस्ट्रेटस)
- D.कपासी वर्षी (क्यूम्यूलोनिम्बस)
उत्तर देखें
वर्षा स्तरी बादल एक मोटी, गहरी धूसर परत वाला बादल है जो पूरे आकाश को ढक लेता है और लगातार, एकसमान वर्षा या हिमपात देता है, जो अक्सर कई घंटों तक चलता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दक्षिण भारत के शीतोष्ण वन, जिन्हें 'शोला' कहा जाता है, निम्नलिखित में से किन पहाड़ियों में पाए जाते हैं? 1. अन्नामलाई 2. नीलगिरि 3. पालनी नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 1 और 2
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
शोला कहलाने वाले शीतोष्ण वन तीनों पर्वतमालाओं, नीलगिरि, अन्नामलाई और पालनी पहाड़ियों के ऊँचे भागों में उगते हैं। सुदूर दक्षिण के पश्चिमी घाट में ऊँचाई के साथ तापमान घटता है, इसलिए लगभग 1,500 मीटर से ऊपर उष्णकटिबंधीय वनों की जगह शीतोष्ण प्रकार के छोटे सदाबहार वन ले लेते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वर्षण की संघट्टन-संलयन (कोलिज़न-कोलेसेंस) प्रक्रिया निम्नलिखित में से किस पर लागू होती है?
- A.वे बादल जो हिमांक स्तर से ऊपर नहीं फैलते
- B.वे बादल जो हिमांक स्तर से ऊपर फैलते हैं
- C.सभी प्रकार के बादल
- D.पक्षाभ कपासी (सिरोक्यूम्यूलस) बादल
उत्तर देखें
संघट्टन-संलयन गर्म बादलों में वर्षा बनने की प्रक्रिया है, जिनका ऊपरी भाग उस स्तर से नीचे रहता है जहाँ पानी जमता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →दी गई विशेषताओं के आधार पर अपवाह प्रतिरूप के प्रकार की पहचान कीजिए :
1. यह नदियों और उनकी सहायक नदियों का सबसे सामान्य प्रतिरूप है
2. यह एकसमान शैल प्रकार और नियमित ढाल वाले क्षेत्रों में पाया जाता है
3. मानचित्र या हवाई फ़ोटोग्राफ़ में यह पत्ती की शिराओं जैसा दिखता है — छोटी धाराएँ मुख्य धारा से न्यून कोण पर मिलती हैं
सही उत्तर चुनिए।
- A.द्रुमाकृतिक (डेंड्रिटिक)
- B.अरीय (रेडियल)
- C.जालीनुमा (ट्रेलिस)
- D.अभिकेंद्री (सेंट्रिपेटल)
उत्तर देखें
एकसमान चट्टान और नियमित ढाल वाले क्षेत्र में बना, पेड़ की शाखाओं या पत्ती की शिराओं जैसा प्रतिरूप द्रुमाकृतिक कहलाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) निम्नलिखित में से किस संगठन की अनुसंधान एवं विकास शाखा है?
- A.भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
- B.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
- C.भारतीय रेल
- D.रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन
उत्तर देखें
अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) रेल मंत्रालय की एकमात्र अनुसंधान एवं विकास शाखा है। RDSO का मुख्यालय लखनऊ में है।
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