लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के संकल्प की सूचना देने वाला सदस्य उसे किसे संबोधित करेगा?
- A.उपाध्यक्ष, लोकसभा
- B.महासचिव, लोकसभा
- C.प्रधानमंत्री
- D.राष्ट्रपति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, महासचिव, लोकसभा। लोकसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के अनुसार जो सदस्य अध्यक्ष को हटाने का संकल्प लाना चाहता है, उसे इसकी लिखित सूचना महासचिव को देनी होती है।
संविधान के अनुच्छेद 94(ग) के तहत अध्यक्ष को लोकसभा के उस समय के सभी सदस्यों के बहुमत, यानी प्रभावी बहुमत, से पारित संकल्प द्वारा हटाया जा सकता है। ऐसा संकल्प कम से कम 14 दिन की सूचना के बाद ही लाया जा सकता है। जब संकल्प पर चर्चा हो रही हो, अध्यक्ष पीठासीन नहीं हो सकते, पर सदन में बोल सकते हैं और पहली बार में मत दे सकते हैं, मत बराबर होने पर नहीं।
A गलत है क्योंकि उपाध्यक्ष चर्चा के दौरान पीठासीन होते हैं, पर सूचना उन्हें नहीं दी जाती। C गलत है क्योंकि सदन में संकल्पों की सूचना लेने में प्रधानमंत्री की कोई भूमिका नहीं है। D गलत है क्योंकि अध्यक्ष को हटाने में राष्ट्रपति की कोई भूमिका नहीं, यह पूरी तरह लोकसभा का विषय है।
Exam tip: अनुच्छेद 94(ग): महासचिव को 14 दिन की सूचना, प्रभावी बहुमत से अध्यक्ष को हटाना।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसंविधान सभा के अध्यक्ष कौन थे?
- A.बी. आर. अंबेडकर
- B.राजेंद्र प्रसाद
- C.अल्लादि कृष्णस्वामी अय्यर
- D.सर्वपल्ली राधाकृष्णन
उत्तर देखें
डॉ. राजेंद्र प्रसाद 11 दिसंबर 1946 को संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष चुने गए और संविधान अपनाए जाने तक सभा की अध्यक्षता करते रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लोकसभा अध्यक्ष के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. लोकसभा अध्यक्ष का निर्वाचन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराया जाता है 2. पद ग्रहण करने पर अध्यक्ष को शपथ या प्रतिज्ञान लेना आवश्यक नहीं है 3. मत बराबर होने की स्थिति में अध्यक्ष निर्णायक मत का प्रयोग नहीं करता नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 2
- B.1 और 3
- C.केवल 1
- D.2 और 3
उत्तर देखें
अध्यक्ष इस पद के लिए अलग से कोई शपथ नहीं लेते, जबकि कथन 1 और 3 गलत हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.जहाँ दंड या सज़ा सेना न्यायालय (कोर्ट मार्शल) द्वारा दी गई हो, वहाँ राष्ट्रपति को क्षमा प्रदान करने की शक्ति है।
- B.मृत्युदंड के सभी मामलों में राष्ट्रपति क्षमा प्रदान कर सकते हैं।
- C.दया याचिका पर राष्ट्रपति के निर्णय के संबंध में न्यायालय की न्यायिक समीक्षा की शक्ति बहुत सीमित है।
- D.राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति वह शक्ति है जिसका प्रयोग संप्रभु अपने ही न्यायिक आदेश के विरुद्ध कभी नहीं करता।
उत्तर देखें
क्षमादान शक्ति ठीक वही शक्ति है जिससे संप्रभु, राष्ट्रपति के माध्यम से, अपनी ही अदालतों के निर्णय के परिणाम को हटा या नरम कर सकता है, इसलिए यह कहना गलत है कि इसका प्रयोग न्यायिक आदेश के विरुद्ध कभी नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लोक लेखा समिति के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.इसमें लोकसभा के पंद्रह सदस्य और राज्यसभा के सात सदस्य होते हैं
- B.इसमें लोकसभा के बीस सदस्य और राज्यसभा के दस सदस्य होते हैं
- C.लोक लेखा समिति के सदस्यों का कार्यकाल पाँच वर्ष होता है
- D.वित्त मंत्री लोक लेखा समिति के अध्यक्ष होते हैं
उत्तर देखें
लोक लेखा समिति में 22 सदस्य होते हैं: 15 लोकसभा द्वारा और 7 राज्यसभा द्वारा चुने जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 ने किस पुराने कानून का स्थान लिया?
- A.बाल विवाह निरोधक अधिनियम, 1929
- B.हिंदू विवाह अधिनियम, 1955
- C.विशेष विवाह अधिनियम, 1954
- D.दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961
उत्तर देखें
वह कानून केवल बाल विवाह कराने वालों को दंडित करके उसे रोकता था; बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 और आगे जाता है, ऐसे विवाह को उस पक्षकार के विकल्प पर शून्यकरणीय बनाता है जो विवाह के समय बालक था, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों और व्यादेश का प्रावधान करता है, तथा…
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