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GK24
भारतीय इतिहासकठिनपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper I

मुगल बादशाहों की धार्मिक नीतियों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.तीर्थयात्रा कर 1563 में और गैर-मुस्लिम प्रजा पर जज़िया कर 1564 में समाप्त कर दिया गया
  2. B.अकबर ने अपने अधिकारियों को धार्मिक सहिष्णुता की नीति अपनाने के निर्देश दिए
  3. C.सभी मुगल बादशाहों ने उपासना स्थलों के निर्माण और रखरखाव के लिए अनुदान नहीं दिए
  4. D.शाहजहाँ और औरंगज़ेब के शासनकाल में युद्ध के दौरान नष्ट हुए अनेक मंदिरों की मरम्मत के लिए अनुदान जारी किए गए

सही उत्तर

C. सभी मुगल बादशाहों ने उपासना स्थलों के निर्माण और रखरखाव के लिए अनुदान नहीं दिए

व्याख्या

सही उत्तर है C। वास्तव में सभी मुगल बादशाहों ने उपासना स्थलों के निर्माण और रखरखाव के लिए अनुदान दिए, इसलिए यह कहना गलत है कि सबने नहीं दिए।

मुगलों की धार्मिक नीति, विशेषकर अकबर के समय, सुलह-ए-कुल यानी पूर्ण शांति के आदर्श पर टिकी थी। अकबर ने धार्मिक भेदभाव से जुड़े दो करों को हटाया: 1563 में तीर्थयात्रा कर और 1564 में गैर-मुस्लिम प्रजा पर लगने वाला जज़िया। उसने अपने अधिकारियों को प्रशासन में सहिष्णुता की नीति अपनाने के निर्देश दिए। उपासना स्थलों के निर्माण और रखरखाव के लिए भूमि और धन के अनुदान देने की परंपरा सभी मुगल बादशाहों के समय चलती रही। शाहजहाँ और औरंगज़ेब के समय में भी युद्ध में क्षतिग्रस्त हुए कई मंदिरों की मरम्मत के लिए अनुदान दिए गए, हालाँकि औरंगज़ेब ने 1679 में जज़िया फिर से लगा दिया।

A उत्तर नहीं है क्योंकि तीर्थयात्रा कर और जज़िया हटाने की तिथियाँ सही हैं। B उत्तर नहीं है क्योंकि अकबर ने अधिकारियों को सहिष्णुता अपनाने को कहा था। D उत्तर नहीं है क्योंकि शाहजहाँ और औरंगज़ेब के समय ऐसे मरम्मत अनुदान जारी हुए थे।

Exam tip: अकबर ने 1563 में तीर्थयात्रा कर और 1564 में जज़िया हटाया; औरंगज़ेब ने 1679 में जज़िया फिर लगाया।

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Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

वासुदेव बलवंत फड़के इतिहास में किस लिए जाने जाते हैं?

  1. A.उन्होंने 1857 के विद्रोह के दौरान अंग्रेज़ों के विरुद्ध हिंसक संघर्ष का नेतृत्व किया
  2. B.वे गांधीवादी संघर्ष के आलोचक थे
  3. C.उन्होंने 1870 के दशक में अंग्रेज़ों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया
  4. D.वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उग्र नेता थे
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. उन्होंने 1870 के दशक में अंग्रेज़ों के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व किया

फड़के ने 1879 में ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने के लिए महाराष्ट्र में एक सशस्त्र दल खड़ा किया। वासुदेव बलवंत फड़के पुणे में सैन्य वित्त विभाग में लिपिक थे।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

आरंभिक राष्ट्रवादियों ने 1892 के परिषद अधिनियम का विरोध क्यों किया?

  1. A.शाही विधान परिषद के सदस्यों की संख्या बढ़ा दी गई थी
  2. B.प्रांतीय परिषदों के सदस्यों की संख्या बढ़ा दी गई थी
  3. C.परिषदों को वार्षिक बजट पर चर्चा करने का अधिकार दिया गया था
  4. D.इस अधिनियम ने भारतीयों को सार्वजनिक धन पर नियंत्रण नहीं दिया था
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. इस अधिनियम ने भारतीयों को सार्वजनिक धन पर नियंत्रण नहीं दिया था

परिषदें बजट पर चर्चा कर सकती थीं, पर उस पर मतदान या संशोधन नहीं कर सकती थीं। भारतीय परिषद अधिनियम, 1892 ने शाही और प्रांतीय विधान परिषदों में अतिरिक्त सदस्यों की संख्या बढ़ाई और नगरपालिकाओं, जिला बोर्डों और विश्वविद्यालयों जैसी संस्थाओं की सिफ़ारिश से अप्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था शुरू की।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2020, Paper Iमध्यम

सुलह-ए-कुल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. इसका अर्थ 'पूर्ण शांति' है

2. इसमें सभी धर्मों और विचार-संप्रदायों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई थी

3. सुलह-ए-कुल के आदर्श को राज्य की नीतियों के माध्यम से लागू किया गया था

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.1, 2 और 3
  3. C.केवल 3
  4. D.केवल 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1, 2 और 3

सुलह-ए-कुल, अकबर का पूर्ण शांति का आदर्श, हर धर्म को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता देता था और राज्य की नीतियों से व्यवहार में लाया गया।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2019, Paper Iमध्यम

प्रार्थना समाज के बारे में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

1. इसका उद्देश्य हिंदू समाज में सुधार करना था

2. यह महाराष्ट्र में आधारित था

3. यह एकेश्वरवाद में विश्वास करता था

4. इसने ब्रह्म समाज को अत्यधिक प्रभावित किया था

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.1, 2 और 3
  4. D.1 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1, 2 और 3

प्रार्थना समाज महाराष्ट्र की एकेश्वरवादी हिंदू सुधार संस्था थी, पर यह ब्रह्म समाज से प्रभावित थी, उसका उल्टा नहीं। प्रार्थना समाज की स्थापना 1867 में बंबई में आत्माराम पांडुरंग ने की, जब ब्रह्म समाज के केशवचंद्र सेन की यात्रा से वहाँ के सुधारक प्रेरित हुए।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2018, Paper Iमध्यम

जैन धर्म के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

1. जैन धर्म का सबसे महत्वपूर्ण विचार यह है कि सम्पूर्ण विश्व प्राणवान है, यहाँ तक कि पत्थर, चट्टान और जल में भी जीवन है।

2. कर्म के चक्र से स्वयं को मुक्त करने के लिए तपस्या और प्रायश्चित आवश्यक हैं।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

जैन धर्म मानता है कि पूरी प्रकृति में जीवन है, और यह सिखाता है कि आत्मा कठोर आत्म-संयम से ही कर्म से मुक्त होती है।