किस प्रकार के मृदा अपरदन में मिट्टी की परत नष्ट होती रहती है पर लंबे समय तक पता नहीं चलता?
- A.अवनालिका अपरदन (गली अपरदन)
- B.नदी तट अपरदन
- C.रिल अपरदन
- D.परत अपरदन (शीट अपरदन)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. परत अपरदन (शीट अपरदन)
व्याख्या
सही उत्तर है D, परत अपरदन। परत अपरदन में पूरी ढलान से ऊपरी मिट्टी की एक पतली और एक समान तह छिलकर बह जाती है। कोई नाली या निशान नहीं बनता, इसलिए वर्षों तक किसान को पता ही नहीं चलता और खेत की उर्वरता चुपचाप घटती रहती है। इसकी शुरुआत वर्षा की बूँदों के प्रहार से होती है, जो खुली सतह को ढीला कर देती हैं, और फिर बहते पानी की उथली चादर सबसे महीन तथा सबसे उपजाऊ कण बहा ले जाती है। संकेत केवल इतने होते हैं कि मिट्टी का रंग फीका पड़ जाता है और कंकड़ तथा जड़ें सतह से ऊपर दिखने लगती हैं। A गलत है क्योंकि अवनालिका अपरदन गहरी और चौड़ी नालियाँ काटता है जो साफ़ दिखती हैं। B गलत है क्योंकि नदी तट अपरदन किनारे को काटता है और धँसती मिट्टी से तुरंत दिख जाता है। C गलत है क्योंकि रिल अपरदन छोटी उँगली जैसी नालियाँ बनाता है, जो उथली होने पर भी दिखाई देती हैं। परीक्षा टिप: दिखने के क्रम से याद रखें — परत, फिर रिल, फिर अवनालिका।