अवनालिका (गली) अपरदन किसकी उन्नत अवस्था है?
- A.रिल अपरदन
- B.छींटा (स्प्लैश) अपरदन
- C.परत (शीट) अपरदन
- D.वायु अपरदन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रिल अपरदन
व्याख्या
सही उत्तर है A, रिल अपरदन। जल द्वारा मिट्टी का अपरदन एक निश्चित क्रम में बढ़ता है। पहले वर्षा की बूँदें गिरकर मिट्टी के कणों को ढीला करती हैं – यह छींटा अपरदन है। फिर बहता पानी ऊपरी मिट्टी की एक पतली और समान परत बहा ले जाता है – यह परत अपरदन है। इसके बाद पानी छोटी-छोटी उँगलीनुमा नालियों में बहने लगता है, जिन्हें रिल कहते हैं। जब यही रिल बहते पानी से और गहरी तथा चौड़ी हो जाती हैं कि उन्हें जोतकर पाटा न जा सके, तो वे अवनालिका (गली) बन जाती हैं। इस तरह गली बड़ी हो चुकी रिल है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में चंबल के बीहड़ इसी अपरदन से बने उत्खात भूमि (बैडलैंड) के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। B गलत है क्योंकि छींटा अपरदन पहली अवस्था है। C गलत है क्योंकि परत अपरदन रिल से पहले आता है। D गलत है क्योंकि वायु अपरदन अलग कारक है, जो सूखी ढीली मिट्टी उड़ाता है। परीक्षा टिप: क्रम – छींटा, परत, रिल, अवनालिका।