यदि दूध का सीएलआर 28 है, तो दूध का विशिष्ट गुरुत्व कितना होगा?
- A.1.28
- B.0.28
- C.1.028
- D.1.025
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, 1.028 है। संशोधित लैक्टोमीटर पाठ्यांक, जिसे सीएलआर लिखा जाता है, दूध में तैरते लैक्टोमीटर की गर्दन पर पढ़ा गया अंक है, और उससे विशिष्ट गुरुत्व इस सरल संबंध से निकलता है कि एक जोड़ पाठ्यांक को एक हजार से भाग। इसलिए 28 का पाठ्यांक 1.028 विशिष्ट गुरुत्व बताता है, जो भैंस तथा गाय के दूध की सामान्य सीमा में है और परीक्षक को यह बताता है कि दूध में पानी नहीं मिलाया गया।
विकल्प A 1.28 किसी भी दूध के लिए बहुत अधिक है और उसका अर्थ तेज नमक के घोल से भी घना द्रव होगा। विकल्प B 0.28 पानी से हल्का है और दूध के लिए असंभव है, क्योंकि घुले ठोसों के कारण दूध में लैक्टोमीटर पानी से कम डूबता है। विकल्प D 1.025 का अर्थ 25 का पाठ्यांक होगा, 28 का नहीं, और वह उस अभ्यर्थी के लिए है जिसे सूत्र याद है पर गणना नहीं। वसा परीक्षण के साथ लैक्टोमीटर पाठ्यांक दुग्ध संग्रह केंद्र की दूसरी मानक जांच है।
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अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंगर्बर परीक्षण किसका निर्धारण करने के लिए प्रयुक्त होता है?
- A.दूध में प्रोटीन प्रतिशत
- B.दूध में वसा प्रतिशत
- C.दूध की अम्लता
- D.दूध में एसएनएफ प्रतिशत
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गर्बर परीक्षण में मापी हुई मात्रा में दूध को ब्यूटायरोमीटर में गंधकाम्ल तथा एमिल अल्कोहल के साथ मिलाकर अपकेंद्रित्र में घुमाया जाता है; अम्ल वसा के अतिरिक्त सब कुछ पचा देता है और वसा नली की अंकित गर्दन में ऊपर उठकर सीधे प्रतिशत में पढ़ी जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विश्व की सर्वाधिक प्रचलित बारीक ऊन वाली भेड़ नस्ल कौन सी है?
- A.मेरिनो
- B.लिंकन
- C.कोरिडेल
- D.रैम्बुले
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स्पेन मूल की मेरिनो, जो आज बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलिया में पाली जाती है, विश्व की मानक बारीक ऊन भेड़ है, क्योंकि उसका ऊन मुलायम, घना और बहुत कम रेशा व्यास वाला होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के निम्नलिखित गोवंशीय पशुओं में सर्वोत्तम नस्ल कौन सी है?
- A.थारपारकर
- B.अमृत महल
- C.हरियाना
- D.कांकरेज
उत्तर देखें
प्रश्नपत्र में अंकित सही उत्तर D, कांकरेज है। कच्छ तथा बनासकांठा क्षेत्र की कांकरेज भारतीय दोहरे उपयोग वाली गाय नस्लों में सर्वोत्तम मानी जाती है: यह उनमें सबसे बड़ी और भारी है, उसके बैलों की चाल भारतीय भारवाहक पशुओं में सबसे तेज तथा सहनशील है, और गायें भी ठीक मात्रा…
पूरी व्याख्या पढ़ें →किस भैंस नस्ल को हरियाणा का काला सोना कहा जाता है?
- A.नीली रावी
- B.मुर्रा
- C.मेहसाणा
- D.सुरती
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मुर्रा रोहतक, जींद, हिसार और भिवानी की भैंस है, गहरे काले रंग तथा भारी शरीर वाली, जिसके सींग छोटे और कसकर मुड़े होते हैं, और वह भारत की किसी भी अन्य भैंस नस्ल से अधिक तथा अधिक वसा वाला दूध देती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हरियाणा की देशी गाय नस्ल कौन सी है?
- A.साहीवाल
- B.गिर
- C.हरियाना
- D.लाल सिंधी
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यह नस्ल क्षेत्र के नाम से बनी है और राज्य की उत्कृष्ट दोहरे उपयोग वाली गाय है: सफेद या हल्के भूरे रंग की, लंबे सकरे मुख, छोटे कूबड़ और मजबूत पैरों वाली, जो उपयोगी मात्रा में दूध देती है और वे बैल देती है जो एक समय हल तथा गाड़ी…
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